Home
App Install Updates
Home PYQs Semester 3 शैक्षिक मूल्यांकन, क्रियात्मक शोध एवं नवाचार 2024
PYQ 2024 • शैक्षिक मूल्यांकन, क्रियात्मक शोध एवं नवाचार

शैक्षिक मूल्यांकन, क्रियात्मक शोध एवं नवाचार Previous Year Paper 2024

UP DELED Semester 3 शैक्षिक मूल्यांकन, क्रियात्मक शोध एवं नवाचार Previous Year Question Paper 2024 with solution.

Section 1 बहुविकल्पीय प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1. मूल्यांकन प्रक्रिया का केन्द्र-बिन्दु होता है—

(a) शिक्षक

(b) विद्यालय

(c) विद्यार्थी

(d) प्रधानाचार्य

उत्तर: (c) : मूल्यांकन प्रक्रिया का केन्द्र-बिन्दु विद्यार्थी होता है, क्योंकि उसके अधिगम, उपलब्धि एवं व्यवहार-परिवर्तन का आकलन किया जाता है।

प्रश्न 2. रचनात्मक मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(a) अगली कक्षा के लिए चयन

(b) छात्रों की सीखने की क्षमता को बढ़ाना

(c) कक्षा में सहयोग देने के गुण को बढ़ाना

(d) सीखने में आने वाली कठिनाइयों को समझना

उत्तर: (b) : रचनात्मक मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थी को नियमित प्रतिपुष्टि देकर उसके अधिगम में सुधार करना तथा सीखने की क्षमता को बढ़ाना है।

प्रश्न 3. मूल्यांकन मापन से अलग है। कैसे?

(a) मात्रात्मक निर्णय की प्रक्रिया

(b) निर्णय लेने की व्यापक प्रक्रिया

(c) गुणात्मक निर्णय की प्रक्रिया

(d) उपर्युक्त किन्हीं दोनों के आधार पर निर्णय लेना

उत्तर: (b) : मापन किसी गुण को मुख्यतः संख्यात्मक रूप में व्यक्त करता है, जबकि मूल्यांकन मात्रात्मक एवं गुणात्मक सूचनाओं के आधार पर निर्णय लेने की व्यापक प्रक्रिया है।

प्रश्न 4. मापन का सामान्य सिद्धान्त सम्बन्धित है—

(a) गणित से

(b) विज्ञान से

(c) भूगोल से

(d) अर्थशास्त्र से

उत्तर: (a) : मापन में किसी गुण को निर्धारित नियमों के अनुसार संख्यात्मक रूप दिया जाता है, इसलिए इसका सामान्य सिद्धान्त गणित से सम्बन्धित है।

प्रश्न 5. निम्नलिखित में कौन एक प्रभावी मूल्यांकन प्रणाली की विशेषता नहीं है?

(a) विश्वसनीयता

(b) लचीलापन

(c) वैधता

(d) जटिलता

उत्तर: (d) : जटिलता प्रभावी मूल्यांकन प्रणाली की विशेषता नहीं है। मूल्यांकन प्रणाली वैध, विश्वसनीय, व्यावहारिक एवं यथासम्भव सरल होनी चाहिए।

प्रश्न 6. "विज्ञान का आरम्भ अवलोकन से होता है तथा इसकी अन्तिम पुष्टि के लिए अवलोकन में ही लौटना पड़ता है।" अवलोकन की यह परिभाषा किसकी है?

(a) प्रो. एस. के. दुबे की

(b) गुड तथा हैट की

(c) क्रो एवं क्रो की

(d) मैकॉबी एवं मैकॉबी की

उत्तर: (b) : अवलोकन सम्बन्धी यह कथन गुड तथा हैट (Goode and Hatt) का है।

प्रश्न 7. सार्थक ज्ञान के लिए निदान एवं उपचार का मार्ग प्रशस्त करता है—

(a) समग्र मूल्यांकन

(b) मापन

(c) सतत मूल्यांकन

(d) व्यापक मूल्यांकन

उत्तर: (c) : सतत मूल्यांकन द्वारा विद्यार्थी की प्रगति एवं कठिनाइयों की नियमित जानकारी मिलती है, जिससे समय पर निदान और उपचारात्मक शिक्षण सम्भव होता है।

प्रश्न 8. विद्यार्थियों के सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE) पर प्रभावी जोर दिया गया—

(a) राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 में

(b) प्रथम राष्ट्रीय शिक्षा नीति में

(c) मुदालियर आयोग की सिफारिश में

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (a) : विद्यार्थियों के सतत एवं समग्र मूल्यांकन पर विशेष बल राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 में दिया गया।

प्रश्न 9. बौद्धिक योग्यता में बोध का अंग नहीं है—

(a) अनुवाद

(b) विवेचना

(c) वाग्विस्तार

(d) अनुप्रयोग

उत्तर: (d) : बोध के अन्तर्गत अनुवाद, विवेचना/व्याख्या तथा विस्तार आते हैं। अनुप्रयोग ज्ञानात्मक क्षेत्र का बोध से अगला स्वतंत्र स्तर है।

प्रश्न 10. बच्चों के सीखने की प्रगति के वर्णन-अभिलेख किस पर आधारित हैं—

(a) मौखिक तकनीक

(b) परियोजना तकनीक

(c) अवलोकन तकनीक

(d) अभिक्रम तकनीक

उत्तर: (c) : बच्चों के व्यवहार एवं सीखने की प्रगति से सम्बन्धित वर्णनात्मक अभिलेख मुख्यतः अवलोकन तकनीक पर आधारित होते हैं।

प्रश्न 11. क्रियात्मक शोध का अन्तिम चरण होता है—

(a) निष्कर्ष

(b) प्रदत्त विश्लेषण

(c) परिकल्पना निर्माण

(d) सांख्यिकीय विश्लेषण

उत्तर: (a) : प्राप्त तथ्यों के विश्लेषण एवं व्याख्या के पश्चात निष्कर्ष निकाला जाता है।

प्रश्न 12. क्रियात्मक अनुसंधान का प्रमुख उद्देश्य है—

(a) क्रियाविधि

(b) नैदानिक

(c) विवरणात्मक

(d) रूपान्तरकारी

उत्तर: (d) : क्रियात्मक अनुसंधान का प्रमुख उद्देश्य रूपान्तरकारी है, क्योंकि इसका लक्ष्य वास्तविक कार्य-परिस्थितियों में सुधार एवं सकारात्मक परिवर्तन लाना होता है।

प्रश्न 13. सामुदायिक सहभागिता में नवाचार है—

(a) एन.सी.सी.

(b) स्काउटिंग

(c) रेडक्रॉस संस्था

(d) उपर्युक्त सभी

उत्तर: (d) : एन.सी.सी., स्काउटिंग तथा रेडक्रॉस जैसी गतिविधियाँ सेवा, सहयोग, अनुशासन एवं सामुदायिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करती हैं।

प्रश्न 14. शिक्षा के क्षेत्र में क्रियात्मक शोध के प्रवर्तक माने जाते हैं—

(a) एस. एस. स्टीवेन्स

(b) जी. सी. हेल्मस्टेडर

(c) स्टीफन एम. कोरे

(d) ब्रेडफील्ड

उत्तर: (c) : शिक्षा के क्षेत्र में क्रियात्मक शोध के प्रयोग एवं विकास में स्टीफन एम. कोरे (Stephen M. Corey) का प्रमुख योगदान रहा है।

प्रश्न 15. एक विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा विद्यार्थियों की विभिन्न संवेगात्मक समस्याओं के कारणों की पहचान व उन्हें दूर करने हेतु कौन-सा अनुसंधान किया जाता है?

(a) क्रियात्मक अनुसंधान

(b) गुणात्मक अनुसंधान

(c) ऐतिहासिक अनुसंधान

(d) वर्णनात्मक अनुसंधान

उत्तर: (a) : विद्यालय की वास्तविक एवं स्थानीय समस्या के कारणों की पहचान करके उसका व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए क्रियात्मक अनुसंधान किया जाता है।

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 16. सामुदायिक सहभागिता के सन्दर्भ में शिक्षक का क्या दायित्व होता है?

उत्तर: शिक्षक का दायित्व विद्यालय, अभिभावकों एवं समुदाय के बीच सहयोग स्थापित करना तथा सामुदायिक संसाधनों को विद्यार्थियों के विकास में उपयोग करना है।

प्रश्न 17. ब्लू-प्रिन्ट क्या है?

उत्तर: प्रश्नपत्र में उद्देश्य, विषय-वस्तु, प्रश्न-प्रकार एवं अंकभार का नियोजित वितरण दर्शाने वाली रूपरेखा ब्लू-प्रिन्ट कहलाती है।

प्रश्न 18. क्रियात्मक शोध की एक परिभाषा लिखिए।

उत्तर: अपने कार्यक्षेत्र की किसी तात्कालिक एवं व्यावहारिक समस्या के वैज्ञानिक समाधान एवं कार्य में सुधार हेतु किया गया अनुसंधान क्रियात्मक शोध कहलाता है।

प्रश्न 19. परिकल्पना क्या है?

उत्तर: किसी शोध-समस्या के सम्भावित समाधान के सम्बन्ध में प्रस्तुत परीक्षणयोग्य अनुमान को परिकल्पना कहते हैं।

प्रश्न 20. क्रियात्मक शोध के चरण क्या हैं?

उत्तर: प्रमुख चरण हैं—समस्या की पहचान, कारणों का विश्लेषण, क्रियात्मक परिकल्पना, कार्ययोजना, तथ्य-संकलन एवं विश्लेषण तथा निष्कर्ष

प्रश्न 21. उत्तम परीक्षण के दो गुण बताइए।

उत्तर: उत्तम परीक्षण के दो प्रमुख गुण हैं—वैधता तथा विश्वसनीयता

प्रश्न 22. मौखिक अभिव्यक्ति के साधन कौन-कौन से हैं?

उत्तर: मौखिक अभिव्यक्ति के प्रमुख साधन हैं—वार्तालाप, कहानी-कथन, भाषण, वाद-विवाद, कविता-पाठ तथा समाचार-वाचन

प्रश्न 23. सतत मूल्यांकन के दो महत्व बताइए।

उत्तर: इससे विद्यार्थी की निरन्तर प्रगति एवं कठिनाइयों की पहचान होती है तथा समय पर प्रतिपुष्टि एवं सुधारात्मक सहायता दी जा सकती है।

प्रश्न 24. मूल्यांकन के प्रकार बताइए।

उत्तर: मूल्यांकन के दो प्रमुख प्रकार हैं—रचनात्मक मूल्यांकन तथा योगात्मक (आकलित) मूल्यांकन

प्रश्न 25. मापन एवं मूल्यांकन के दो अन्तर बताइए।

उत्तर: मापन मुख्यतः मात्रात्मक एवं संख्यात्मक होता है, जबकि मूल्यांकन मात्रात्मक एवं गुणात्मक दोनों होता है और मूल्य-निर्णय करता है।

प्रश्न 26. प्रश्न निर्माण के सोपान कौन-कौन से हैं?

उत्तर: प्रमुख सोपान हैं—योजना निर्माण, ब्लू-प्रिन्ट तैयार करना, प्रश्नों की रचना एवं सम्पादन तथा अंक-निर्धारण

प्रश्न 27. साक्षात्कार से आपका क्या तात्पर्य है?

उत्तर: किसी निश्चित उद्देश्य से शोधकर्ता एवं उत्तरदाता के बीच प्रत्यक्ष मौखिक वार्ता द्वारा सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया साक्षात्कार कहलाती है।

प्रश्न 28. मांसपेशीय एवं आंगिक गतिविधियाँ मूल्यांकन के किस पक्ष से सम्बन्धित होती हैं?

उत्तर: मांसपेशीय एवं आंगिक गतिविधियाँ क्रियात्मक अथवा मनोगत्यात्मक पक्ष से सम्बन्धित होती हैं।

प्रश्न 29. शिक्षण प्रक्रिया की दृष्टि से संज्ञानात्मक पक्ष के स्तर कौन-कौन से हैं?

उत्तर: इसके छह स्तर हैं—ज्ञान, बोध, अनुप्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण तथा मूल्यांकन

प्रश्न 30. रचनात्मक मूल्यांकन किसे कहते हैं?

उत्तर: शिक्षण-अधिगम के दौरान विद्यार्थी की प्रगति जानकर प्रतिपुष्टि एवं सुधार के लिए किया जाने वाला मूल्यांकन रचनात्मक मूल्यांकन कहलाता है।

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 31. मूल्यांकन के भावात्मक पक्ष से सम्बन्धित उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।

उत्तर: भावात्मक पक्ष का सम्बन्ध विद्यार्थी की रुचि, अभिवृत्ति, मूल्य, भावना एवं आदर्शों के विकास से होता है। इसके पाँच क्रमिक स्तर हैं—

  1. ग्रहण करना— किसी उद्दीपन, विचार या घटना के प्रति जागरूक होकर ध्यान देना।
  2. अनुक्रिया करना— उद्दीपन के प्रति सक्रिय प्रतिक्रिया एवं सहभागिता करना।
  3. मूल्य ग्रहण करना— किसी विचार, व्यवहार अथवा वस्तु के मूल्य को स्वीकार करना और उसके प्रति प्रतिबद्धता विकसित करना।
  4. संगठन— विभिन्न मूल्यों को व्यवस्थित करके उनमें प्राथमिकता एवं सामंजस्य स्थापित करना।
  5. मूल्य द्वारा विशिष्टीकरण— स्वीकृत मूल्य व्यक्ति के चरित्र एवं व्यवहार का स्थायी अंग बन जाते हैं।

प्रश्न 32. मूल्यांकन की आवश्यकता को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: मूल्यांकन शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का अभिन्न अंग है। इसकी प्रमुख आवश्यकताएँ हैं—

  • शैक्षिक उद्देश्यों की प्राप्ति का स्तर ज्ञात करना।
  • विद्यार्थियों की उपलब्धियों, क्षमताओं एवं प्रगति की जानकारी प्राप्त करना।
  • अधिगम-कठिनाइयों एवं कमजोरियों की पहचान करना।
  • शिक्षण-विधियों एवं शिक्षण-सामग्री की प्रभावशीलता जानना।
  • उपचारात्मक शिक्षण एवं आवश्यक सुधार की योजना बनाना।
  • विद्यार्थियों को उचित प्रतिपुष्टि एवं मार्गदर्शन प्रदान करना।

प्रश्न 33. शैक्षिक नवाचार के उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: शैक्षिक नवाचार का उद्देश्य शिक्षा-व्यवस्था एवं शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, उपयोगी और समयानुकूल बनाना है। इसके प्रमुख उद्देश्य हैं—

  • शिक्षण-अधिगम को सरल, रुचिकर एवं प्रभावी बनाना।
  • विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता एवं सृजनात्मकता बढ़ाना।
  • नवीन शिक्षण-विधियों एवं तकनीकों का उपयोग करना।
  • विद्यार्थियों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण प्रदान करना।
  • विद्यालयी एवं शैक्षिक समस्याओं के नवीन समाधान खोजना।
  • शैक्षिक गुणवत्ता एवं अधिगम-उपलब्धि में सुधार करना।

प्रश्न 34. पाठ्य-सहगामी क्रियाकलापों के लाभ का वर्णन कीजिए।

उत्तर: पाठ्य-सहगामी क्रियाकलाप शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायता करते हैं। इनके प्रमुख लाभ हैं—

  • शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं भावात्मक विकास होता है।
  • नेतृत्व, सहयोग एवं अनुशासन की भावना विकसित होती है।
  • विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभाओं एवं रुचियों को अभिव्यक्ति का अवसर मिलता है।
  • आत्मविश्वास एवं मौखिक अभिव्यक्ति का विकास होता है।
  • व्यावहारिक एवं सामाजिक अनुभव प्राप्त होते हैं।
  • विद्यालय एवं समुदाय के बीच सम्बन्ध मजबूत होते हैं।

प्रश्न 35. अवलोकन प्रविधि की सीमाएँ क्या हैं?

उत्तर: अवलोकन प्रत्यक्ष व्यवहार के अध्ययन की उपयोगी प्रविधि है, किन्तु इसकी कुछ सीमाएँ हैं—

  • अवलोकन में पर्याप्त समय एवं श्रम लगता है।
  • सभी व्यवहारों या घटनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन सम्भव नहीं होता।
  • अवलोकनकर्ता के व्यक्तिगत पक्षपात का प्रभाव पड़ सकता है।
  • व्यक्ति यह जानकर अपना व्यवहार बदल सकता है कि उसका अवलोकन हो रहा है।
  • आन्तरिक विचारों एवं भावनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन नहीं किया जा सकता।
  • अव्यवस्थित अवलोकन से प्राप्त निष्कर्षों की विश्वसनीयता कम हो सकती है।

प्रश्न 36. उपचारात्मक शिक्षण किसके लिए आवश्यक है और क्यों?

उत्तर: उपचारात्मक शिक्षण उन विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है जिनमें निदानात्मक परीक्षण द्वारा विशिष्ट अधिगम-कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ अथवा कमजोरियाँ पाई जाती हैं।

इसका उद्देश्य कठिनाइयों के कारणों को ध्यान में रखकर पुनः शिक्षण, अतिरिक्त अभ्यास, व्यक्तिगत सहायता एवं उपयुक्त शिक्षण-विधियों द्वारा कमियों को दूर करना और विद्यार्थी को अपेक्षित अधिगम-स्तर तक पहुँचाना है।

प्रश्न 37. क्रियात्मक शोध के बारे में बताइए।

उत्तर: शिक्षक, प्रधानाचार्य अथवा अन्य कार्यकर्ता द्वारा अपने कार्यक्षेत्र में उत्पन्न किसी तात्कालिक एवं व्यावहारिक समस्या का वैज्ञानिक ढंग से अध्ययन करके उसका समाधान खोजने तथा कार्यप्रणाली में सुधार करने के लिए किया गया अनुसंधान क्रियात्मक शोध कहलाता है।

इसका क्षेत्र स्थानीय एवं सीमित होता है। इसमें समस्या से जुड़ा व्यक्ति स्वयं शोध करता है तथा प्राप्त परिणामों का उपयोग भी उसी कार्य-परिस्थिति में करता है। इसका उद्देश्य व्यापक सिद्धान्त निर्माण के बजाय व्यावहारिक सुधार एवं सकारात्मक परिवर्तन लाना है।

प्रश्न 38. शैक्षिक नवाचार के महत्व को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: समाज, विज्ञान, तकनीक एवं विद्यार्थियों की आवश्यकताएँ निरन्तर बदलती रहती हैं। इसलिए शिक्षा को प्रभावी एवं समयानुकूल बनाए रखने के लिए शैक्षिक नवाचार आवश्यक है।

  • शिक्षण-अधिगम को अधिक रुचिकर एवं प्रभावी बनाता है।
  • विद्यार्थियों में सक्रियता, सृजनात्मकता एवं समस्या-समाधान क्षमता विकसित करता है।
  • नई तकनीकों एवं शिक्षण-विधियों के प्रयोग को प्रोत्साहित करता है।
  • विद्यार्थियों की व्यक्तिगत भिन्नताओं के अनुरूप शिक्षण में सहायता करता है।
  • विद्यालय की व्यावहारिक समस्याओं के नवीन समाधान प्रदान करता है।
  • शिक्षा की गुणवत्ता एवं उपयोगिता में वृद्धि करता है।

प्रश्न 39. शिक्षण-अधिगम एवं मूल्यांकन के सम्बन्ध पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: शिक्षण, अधिगम एवं मूल्यांकन परस्पर सम्बन्धित प्रक्रियाएँ हैं। शिक्षण द्वारा विद्यार्थियों को अधिगम-अनुभव प्रदान किए जाते हैं और मूल्यांकन द्वारा यह ज्ञात किया जाता है कि निर्धारित शैक्षिक उद्देश्यों की प्राप्ति किस सीमा तक हुई है।

मूल्यांकन से विद्यार्थी की उपलब्धियों एवं कठिनाइयों की जानकारी मिलती है। प्राप्त प्रतिपुष्टि के आधार पर शिक्षक अपनी शिक्षण-विधि, सामग्री तथा गतिविधियों में आवश्यक सुधार करता है। इस प्रकार मूल्यांकन शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को दिशा देने और प्रभावी बनाने का माध्यम है।

प्रश्न 40. प्रश्नों के प्रकारों का वर्णन कीजिए।

उत्तर: लिखित परीक्षा में प्रश्नों को उत्तर की प्रकृति एवं विस्तार के आधार पर मुख्यतः चार प्रकारों में रखा जाता है—

  1. वस्तुनिष्ठ प्रश्न— जिनके उत्तर निश्चित होते हैं; जैसे बहुविकल्पीय, सत्य-असत्य, मिलान एवं रिक्त स्थान पूर्ति।
  2. अति लघु उत्तरीय प्रश्न— जिनका उत्तर बहुत कम शब्दों अथवा एक-दो वाक्यों में दिया जाता है।
  3. लघु उत्तरीय प्रश्न— जिनमें सीमित शब्दों में किसी तथ्य या विचार को स्पष्ट करना होता है।
  4. दीर्घ उत्तरीय अथवा निबन्धात्मक प्रश्न— जिनमें उत्तर को विस्तारपूर्वक, क्रमबद्ध एवं तर्कपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया जाता है।
UP DELED Study App

Semester 3 की Complete तैयारी

  • Official Syllabus
  • Comprehensive Notes
  • Quick Revision Notes
  • Visual Revision Notes
  • Audio Revision
  • Solved MCQs
  • MCQ Tests
  • 2015–2025 Previous Year Papers
  • Repeated Exam Questions
  • 10 Model Papers
App में पढ़ाई शुरू करें

Question Paper PDF

इस प्रश्न पत्र की PDF डाउनलोड करें।

PDF Download

शैक्षिक मूल्यांकन, क्रियात्मक शोध एवं नवाचार Previous Year Paper 2024

Solved question paper PDF download.

Complete 10 Years Solved PYQ Collection

2015 से 2025 तक के solved previous year papers, महत्वपूर्ण प्रश्न, उत्तर एवं PDF resources एक ही package में प्राप्त करें और अपनी UP DELED परीक्षा की तैयारी को मजबूत बनाएं।

PDF Store Join Telegram