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Semester 2 • Subject-wise Syllabus

UP DELED Semester 2 Syllabus

UP DELED Semester 2 के सभी subjects का subject-wise syllabus एक जगह देखें। हर विषय के topics के साथ Notes, MCQ Tests और Previous Year Papers से अपनी तैयारी बेहतर बनाएं।

Semester Overview

07
Subjects
Subject-wise
Syllabus
Hindi
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Subject 01

वर्तमान भारतीय समाज और प्रारम्भिक शिक्षा

मापन एवं मूल्यांकन

1) शैक्षिक मापन एवं मूल्यांकन की अवधारणा।

i) शैक्षिक मापन का अर्थ

ii) मूल्यांकन की संकल्पना

iii) मूल्यांकन के उद्देश्य

iv) मूल्यांकन के क्षेत्र

2) मूल्यांकन की आवश्यकता एवं महत्व।

i) मूल्यांकन की प्रशासनिक आवश्यकता

ii) मूल्यांकन की शैक्षिक आवश्यकता

iii) मूल्यांकन की शैक्षिक अनुसंधान में आवश्यकता

iv) सामाजिक दृष्टिकोण से मूल्यांकन की आवश्यकता

3) मापन एवं मूल्यांकन में अन्तर।
परीक्षण एवं मापन में अन्तर

4) सतत एवं व्यापक मूल्यांकन की अवधारणा एवं महत्व।

i) दक्षता आधारित मूल्यांकन

ii) व्यापक मूल्यांकन

iii) सतत मूल्यांकन एवं महत्व

iv) सतत मूल्यांकन की कार्यप्रणाली एवं सोपान

v) सतत मूल्यांकन का क्षेत्र।

vi) सतत मूल्यांकन की कार्य-प्रणाली एवं सोपान

5) मूल्यांकन के पक्ष।

i) संज्ञानात्मक (Cognitive)
ज्ञान, बोध, अनुप्रयोग या व्यवहारिकता, विश्लेषण, संश्लेषण एवं मूल्यांकन

ii) भावात्मक (Affective)
ग्रहण करना या ध्यान देना, अनुक्रिया करना, मूल्य आंकना, संगठन, मूल्य द्वारा विशिष्टीकरण

iii) कौशलात्मक (Conative) एवं व्यवहारात्मक (Behavior overall activity)
सामाजिक कौशल
यान्त्रिक कौशल, गणितीय कौशल, भाषायी कौशल, उत्तेजना, क्रियान्वयन, नियंत्रण, समायोजन, स्वभावीकरण

6) मूल्यांकन के प्रकार–

i) मौखिक परीक्षा

ii) लिखित परीक्षा साक्षात्कार / निरीक्षण / अवलोकन / प्रायोगिक

iii) रचनात्मक मूल्यांकन (Formulative Evaluation)

iv) आंकलित मूल्यांकन (Summative Evaluation)

7) उत्तम परीक्षण / मूल्यांकन की विशेषताएँ, शिक्षण अधिगम और मूल्यांकन का सम्बन्ध।

8) प्रश्न-पत्र निर्माण प्रक्रिया

i) योजना निर्माण, ब्लूप्रिन्ट, सम्पादन तथा अंक निर्धारण।

ii) प्रश्नों के प्रकार (वस्तुनिष्ठ, अतिलघुउत्तरीय, लघुउत्तरीय, दीर्घउत्तरीय)

iii) शैक्षिक उद्देश्यों के अनुसार प्रश्नों के पक्ष (ज्ञान, बोध, अनुप्रयोग, कौशल)

9) मूल्यांकन अभिलेखीकरण (संज्ञानात्मक तथा संज्ञान सहगामी पक्ष) सतत, मासिक, अर्द्धवार्षिक एवं वार्षिक मूल्यांकन, पुनर्बलन।

10) निदानात्मक परीक्षण एवं उपचारात्मक शिक्षण।

11) क्रियात्मक शोध।

i) शोध का अर्थ, प्रकार, उद्देश्य, आवश्यकता एवं महत्व।

ii) क्रियात्मक शोध के क्षेत्र।

iii) क्रियात्मक शोध के चरण एवं प्रारूप निर्माण।

iv) क्रियात्मक शोध उपकरण निर्माण।

v) क्रियात्मक शोध का सम्पादन / अभिलेखीकरण।

12) शैक्षिक नवाचार

i) शिक्षा में नवाचार का अर्थ, आवश्यकता एवं महत्व।

ii) शैक्षिक नवाचार के क्षेत्र शिक्षण अधिगम से सुधार हेतु स्थानीय समुदाय / परिवेश के संसाधनों की पहचान और उनका उपयोग कर मूल्यांकन, प्रार्थना स्थल की गतिविधि, पाठ्य सहगामी, क्रियाकलाप, सामुदायिक सहभागिता, विद्यालय प्रबन्ध, विषयगत कक्षा-शिक्षण समसामयिक दृष्टान्त, लैब एरिया।

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Subject 02

प्रारम्भिक शिक्षा के नवीन प्रयास

समावेशी शिक्षा

खण्ड ‘अ’–विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे

1) शैक्षिक समावेशन से अभिप्राय, पहचान, प्रकार, निराकरण। यथा: अपवंचित वर्ग, भाषा, धर्म, जाति, क्षेत्र, वर्ण, लिंग, शारीरिक दक्षता (दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित एवं वाक्/अस्थिबाधित), मानसिक दक्षता।

2) समावेशन के लिए आवश्यक उपकरण, सामग्री, विधियाँ, टी.एल.एम. एवं अभिवृत्तियाँ (Attitude)।

3) समावेशित बच्चों का अधिगम जाँचने हेतु आवश्यक टूल्स एवं तकनीकी।

4) समावेशित बच्चों के लिए विशेष शिक्षण विधियाँ। यथा–ब्रेललिपि आदि।

खण्ड ‘ब’–निर्देशन एवं परामर्श

1) समावेशी बच्चों हेतु निर्देशन एवं परामर्श : अर्थ, उद्देश्य, प्रकार, विधियाँ, आवश्यकता एवं क्षेत्र (Scope)

2) परामर्श में सहयोग देने वाले विभाग/संस्थाएँ

i) मनोविज्ञानशाला, उ.प्र., इलाहाबाद,

ii) मण्डलीय मनोविज्ञान केन्द्र (मण्डल स्तर पर),

iii) जिला चिकित्सालय,

iv) जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षित डायट मेण्टर,

v) पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण तन्त्र,

vi) समुदाय एवं विद्यालय की सहयोगी समितियाँ,

vii) सरकारी एवं गैर सरकारी संगठन।

3) बाल-अधिगम में निर्देशन एवं परामर्श का महत्व।

Subject 03

विज्ञान

विज्ञान

1) दैनिक जीवन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (परिवहन, चिकित्सा, जनसंचार, मनोरंजन, उद्योग, कृषि, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन, आधुनिक ईंधन, दूरस्थ शिक्षा)। मानव समाज को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से लाभ व हानियाँ।

2) दाब तथा वैज्ञानिक यंत्र।

3) जीव जन्तुओं के बाह्य एवं आंतरिक अंगों के कार्यों में विविधता।

4) सूक्ष्म जीवों की दुनिया-संरचना तथा उपयोगिता, सूक्ष्म जीव-दोस्त या दुश्मन। भोज्य पदार्थों का परिरक्षण।

5) प्राकृतिक सम्पदा का संरक्षण एवं ब्रह्माण्ड जीवों का विलुप्तीकरण।

6) कार्बन एवं उसके यौगिक।

7) असंक्रामक रोग/अनियमित जीवन शैली से उत्पन्न रोग (मधुमेह, उच्चरक्तचाप, दिल की बीमारियाँ) कारण, निदान व उपचार।

8) पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन, जलीय पौधों एवं जानवरों का प्राकृतिक वास, मरुद्भिद पौधों एवं जानवरों का प्राकृतिक वास। पर्यावरण असंतुलन में मानव का हस्तक्षेप, वन्यजीव जन्तुओं का संरक्षण कार्यक्रम, ग्रीन हाउस गैसीय प्रभाव, ओजोन-क्षरण, धरती का बढ़ता तापमान।

9) ऊष्मा, प्रकाश एवं ध्वनि-ऊष्मा का मापन, संचरण व संवहन। प्रकाश-स्रोत एवं संचरण, प्रकाश का परावर्तन व अपवर्तन, गोलीय, अवतल व उत्तल दर्पण द्वारा प्रतिबिम्ब का बनना। ध्वनि-संचरण, आवृत्ति व आवर्तकाल।

Subject 04

गणित

गणित

1) अनुपात, समानुपात, अनुलोम एवं प्रतिलोम समानुपात का अर्थ।

2) समानुपाती राशियों में बाह्य पदों एवं मध्य पदों के गुणनफल में सम्बन्ध।

3) घातांक की अवधारणा।

4) पूर्णांक तथा परिमेय संख्याओं को (धनात्मक आधार पर) घातांक रूप में लिखना।

5) सरल व चक्रवृद्धि ब्याज की संकल्पना।

6) सरल ब्याज, सूत्र तथा चक्रवृद्धि मिश्रधन का सूत्र एवं अनुप्रयोग।

7) बैंक की जानकारी, बैंक में खाता खोलना तथा खातों के प्रकार।

8) लघुगुणक की जानकारी, घातांक से लघुगुणक तथा इसका विलोम।

9) शेयर, लाभांश।

10) समुच्चय की संकल्पना, लिखने की विधियाँ, समुच्चय के प्रकार (सीमित, असीमित, एकल, रिक्त), समुच्चयों का संघ, अन्तर तथा सर्वनिष्ठ समुच्चय ज्ञात करना।

11) चार राशियों का गुणनखण्ड, दो वर्गों के अन्तर के रूप के व्यंजकों का गुणनखण्ड, द्विघातीय त्रिपदीय व्यंजकों का गुणनखण्ड।

12) बीजगणितीय व्यंजको में एकपदीय तथा द्विपदीय व्यंजकों से भाग।

13) अवर्गीकृत आँकड़ों के माध्य।

14) आयतन एवं धारिता की संकल्पना तथा इकाइयाँ।

15) घन, घनाभ की अवधारणा तथा इनका आयतन एवं सम्पूर्ण पृष्ठ।

16) वृत्तखण्ड एवं त्रिज्याखण्ड की अवधारणा।

17) वृत्तखण्ड का कोण।

18) वृत्त के चाप द्वारा वृत्त के केन्द्र तथा परिधि पर बने कोणों का सम्बन्ध एवं इनका पारस्परिक सम्बन्ध।

19) वृत्त की छेदक रेखा, स्पर्श रेखा तथा स्पर्श बिन्दु की अवधारणा।

20) वृत्त पर दिये हुये बिन्दु से स्पर्श रेखा खींचना।

Subject 05

सामाजिक अध्ययन

सामाजिक अध्ययन

1) भारत में मुगल साम्राज्य– बाबर, हुमायूँ व उसकी स्वदेश को पुनः वापसी– शेरशाह का उदय, अकबर, जहाँगीर, औरंगजेब व मुगल साम्राज्य का पतन।

2) मुगलों का प्रशासनिक सामाजिक, सांस्कृतिक, कलात्मक एवं आर्थिक क्षेत्र में योगदान।

3) मराठा शक्ति का अभ्युदय– शिवाजी, अठारहवीं शताब्दी में भारत की स्थिति।

4) भारत में यूरोपीय शक्तियों का प्रवेश एवं ईस्ट इंडिया की स्थापना, पुर्तगाल, डच, अंग्रेज, फ्रांसीसी।

5) भारत की सत्ता के लिए यूरोपीय शक्तियों में संघर्ष– प्रथम, द्वितीय व तृतीय कर्नाटक युद्ध, डुप्ले की नीति, प्लासी का युद्ध, बक्सर का युद्ध, इलाहाबाद की संधि।

6) भारत में अंग्रेजी साम्राज्य की स्थापना– राबर्ट क्लाइव, वारेन हेस्टिंग्स, लार्ड कार्नवालिस, लार्ड वेलेजली, लार्ड विलियम बैंटिक, लार्ड डलहौजी।

7) जीव मण्डल–प्राकृतिक प्रदेश एवं जनजीवन (शीत कटिबन्धीय प्रदेश, उष्ण कटिबन्धीय प्रदेश, शीतोष्ण कटिबन्धीय प्रदेश जलवायु, वनस्पति, जीवजन्तु, मानव जीवन), उद्योग धंधे।

8) भूखण्डों का विभाजन– एशिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, अफ्रीका, आस्ट्रेलिया तथा अंटार्कटिका– सामान्य परिचय, जनसंख्या का विस्तार एवं घटक।

9) विश्व में– प्राकृतिक संसाधन, यातायात तथा संचार के साधन, खनिज सम्पदा।

10) मनुष्य की आवश्यकता तथा उसकी पूर्ति हेतु प्रयत्न की दिशा में प्राकृतिक सम्पदा का उपयोग एवं संरक्षण।

11) हमारा भारत– प्राकृतिक एवं राजनैतिक इकाइयाँ, हमारी प्राकृतिक सम्पदा और उनका सदुपयोग।

12) हमारी खनिज सम्पदा, शक्ति के साधन, कृषि और सिंचाई, आयात-निर्यात।

13) सरकार के अंग– शक्ति का पृथक्करण, शक्तियों का बंटवारा–केन्द्र सूची, राज्य सूची, समवर्ती सूची के प्रमुख विषय।

14) संसद–

i) लोकसभा–सदस्यों की योग्यताएँ, कार्यकाल, पदाधिकारी, अधिवेशन व कार्य।

ii) राज्यसभा–सदस्यों की योग्यताएँ, कार्यकाल, पदाधिकारी, अधिवेशन व कार्य।

iii) राष्ट्रपति–चुनाव, कार्यकाल, महाभियोग, शक्तियाँ, मंत्रिमंडल।

iv) कानून बनाने की प्रक्रिया–साधारण बहुमत, विशेष बहुमत।

15) कार्यपालिका–प्रधानमंत्री व मंत्रिपरिषद–चुनाव कार्य, संसद का मंत्रिपरिषद पर नियंत्रण।

16) न्यायपालिका–न्यायालय के प्रकार

i) जनपद स्तरीय न्यायालय

ii) उच्च न्यायालय

iii) उच्चतम न्यायालय

17) न्यायाधीशों की योग्यताएँ, कार्यकाल

i) उच्चतम न्यायालय के अधिकार

ii) लोक अदालत

iii) जनहित वाद

18) भारतीय वित्त व्यवस्था व बजट–कर व उसके प्रकार, केन्द्र व राज्यों के मध्य करों का बंटवारा, केन्द्र सरकार की आय-व्यय के स्रोत, राज्य सरकार की आय-व्यय की मदें, सरकार द्वारा शिक्षा के दृष्टिकोण से बजट–2013–14 में रखे गए बिन्दु।

19) पंचवर्षीय योजना–क्या, पिछली 11वीं पंचवर्षीय योजनाओं के मुख्य बिन्दु, वर्तमान में 12वीं पंचवर्षीय योजना–विशेषकर शिक्षा के दृष्टिकोण से।

20) भारतीय आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था– बैंक व उनके प्रकार भारतीय रिजर्व बैंक, स्टेट बैंक, भूमि विकास बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, नाबार्ड, ई-बैंकिंग का राष्ट्रीयकरण व निजीकरण, आधुनिक अर्थव्यवस्था में बैंकों का महत्व।

Subject 06

हिंदी

हिन्दी

1) पाठ्यपुस्तक में आये प्रमुख कवियों और लेखकों का सामान्य परिचय।

2) श्रुत सामग्री में प्रयुक्त शब्दों, मुहावरों, लोकोक्तियों का प्रसंगानुकूल प्रयोग।

3) राष्ट्रीय पर्वों, मेला, त्योहार जैसे विषयों पर अपने शब्दों में गद्य अथवा पद्य में स्वतंत्र लेखन।

4) कर्ता कर्म के अनुसार क्रिया में परिवर्तन, तत्सम, तद्भव देशज रूपों का परिचय, सरल संयुक्त व मिश्रित वाक्य, वाक्यांश के लिए एक शब्द का प्रयोग।

5) पाठ्यपुस्तक के अतिरिक्त अन्य पाठ्यपुस्तक को पढ़कर समझना।

6) औपचारिक एवं अनौपचारिक परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त भाषा का प्रयोग करना।

7) अधिगम प्रतिफल का मूल्यांकन, शिक्षण प्रक्रिया एवं बच्चों के क्रियाकलापों के साथ, प्रथम दो कक्षाओं में मौखिक और प्रेक्षणात्मक मूल्यांकन तथा कक्षा-3 से आगे की कक्षाओं में अन्य तकनीकों के पूरकरूप में लिखित परीक्षा का संचालन।

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