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PYQ 2022 • शैक्षिक मूल्यांकन, क्रियात्मक शोध एवं नवाचार

शैक्षिक मूल्यांकन, क्रियात्मक शोध एवं नवाचार Previous Year Paper 2022

UP DELED Semester 3 शैक्षिक मूल्यांकन, क्रियात्मक शोध एवं नवाचार Previous Year Question Paper 2022 with solution.

Section 1 बहुविकल्पीय प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1. "मूल्यांकन एक निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है।" यह कथन किसका है?

(a) कोठारी आयोग

(b) U.G.C.

(c) N.C.E.R.T.

(d) मुदालियर आयोग

उत्तर: (a) : कोठारी आयोग ने मूल्यांकन को निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया तथा शिक्षा-प्रक्रिया का अभिन्न अंग माना है।

प्रश्न 2. शैक्षिक उद्देश्यों के प्रमुख आधार हैं—

(a) बालक

(b) समाज

(c) विषय-वस्तु

(d) उपर्युक्त सभी

उत्तर: (d) : शैक्षिक उद्देश्यों के निर्धारण में बालक, समाज तथा विषय-वस्तु तीनों का ध्यान रखा जाता है।

प्रश्न 3. बौद्धिक योग्यता में बोध का अंग नहीं है—

(a) अनुवाद

(b) विवेचना

(c) बहिर्वेशन

(d) अनुप्रयोग

उत्तर: (d) : बोध के अन्तर्गत अनुवाद, व्याख्या/विवेचना तथा बहिर्वेशन आते हैं। अनुप्रयोग ज्ञानात्मक क्षेत्र का बोध से अगला स्वतंत्र स्तर है।

प्रश्न 4. रीता ने गणित में 50 अंक प्राप्त किए हैं। 50 अंक प्राप्त करना है—

(a) मापन

(b) मूल्यांकन

(c) परीक्षण

(d) उपलब्धि

उत्तर: (a) : उपलब्धि को 50 अंक के रूप में संख्यात्मक रूप से व्यक्त करना मापन है।

प्रश्न 5. क्रियात्मक शोध का अन्तिम चरण होता है—

(a) निष्कर्ष

(b) प्रदत्त विश्लेषण

(c) परिकल्पना निर्माण

(d) सांख्यिकीय विश्लेषण

उत्तर: (a) : तथ्यों के विश्लेषण एवं व्याख्या के बाद निष्कर्ष प्राप्त किया जाता है।

प्रश्न 6. शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में नवाचार है—

(a) अभिक्रमित अनुदेशन

(b) टोली अनुदेशन

(c) खुली कक्षा

(d) उपर्युक्त सभी

उत्तर: (d) : अभिक्रमित अनुदेशन, टोली अनुदेशन तथा खुली कक्षा शिक्षण-अधिगम में नवाचार के उदाहरण हैं।

प्रश्न 7. "बचाव निदान का उच्चतम स्तर है।" यह कथन है—

(a) टी. पी. नन का

(b) क्रो एवं क्रो का

(c) रे का

(d) रॉस का

उत्तर: (a) : "बचाव निदान का उच्चतम स्तर है" यह कथन टी. पी. नन का है।

प्रश्न 8. उत्तम परीक्षण की विशेषता नहीं है—

(a) वैधता

(b) विश्वसनीयता

(c) वस्तुनिष्ठता

(d) कठोरता

उत्तर: (d) : कठोरता उत्तम परीक्षण की विशेषता नहीं है। वैधता, विश्वसनीयता और वस्तुनिष्ठता इसके प्रमुख गुण हैं।

प्रश्न 9. ब्लू-प्रिन्ट है—

(a) प्रश्न-पत्र की आधारशिला

(b) शिक्षण की आधारशिला

(c) विद्यालय की आधारशिला

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (a) : ब्लू-प्रिन्ट प्रश्न-पत्र निर्माण की आधारशिला है। इसमें उद्देश्यों, विषय-वस्तु, प्रश्न-प्रकार एवं अंकभार का वितरण निर्धारित किया जाता है।

प्रश्न 10. ज्ञान, बोध व अनुप्रयोग का सम्बन्ध मूल्यांकन के किस पक्ष से है?

(a) संज्ञानात्मक पक्ष

(b) भावात्मक पक्ष

(c) कौशलात्मक पक्ष

(d) नैतिक पक्ष

उत्तर: (a) : ज्ञान, बोध तथा अनुप्रयोग संज्ञानात्मक अथवा ज्ञानात्मक पक्ष से सम्बन्धित हैं।

प्रश्न 11. ब्लूम टैक्सोनॉमी विकसित हुई—

(a) 1957

(b) 1958

(c) 1956

(d) 1955

उत्तर: (c) : ब्लूम की शैक्षिक उद्देश्यों की ज्ञानात्मक वर्गीकरण-पद्धति 1956 में प्रकाशित हुई।

प्रश्न 12. "मापन किन्हीं निश्चित स्वीकृत नियमों के अनुसार वस्तुओं को अंक प्रदान करने की प्रक्रिया है।" यह कथन किसका है?

(a) हेल्मस्टेडर

(b) एस. एस. स्टीवेन्स

(c) रसेल

(d) वुण्ट

उत्तर: (b) : मापन की यह प्रसिद्ध परिभाषा एस. एस. स्टीवेन्स (S. S. Stevens) की है।

प्रश्न 13. मूल्यांकन प्रक्रिया को सामान्यतः कितने भागों में बाँटा जाता है?

(a) 2

(b) 4

(c) 5

(d) 6

उत्तर: (b) : मूल्यांकन प्रक्रिया को सामान्यतः चार भागों में बाँटा जाता है।

प्रश्न 14. शैक्षिक नवाचार से तात्पर्य है—

(a) अधिगम प्रक्रिया में नवाचार

(b) शिक्षण विधि में नवाचार

(c) उपर्युक्त दोनों

(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (c) : शैक्षिक नवाचार में अधिगम प्रक्रिया तथा शिक्षण-विधि दोनों में नवीन एवं उपयोगी परिवर्तन सम्मिलित होते हैं।

प्रश्न 15. मूल्यांकन अनुरूप है—

(a) उद्देश्यों के

(b) प्रविधि के

(c) विधि के

(d) सिद्धान्तों के

उत्तर: (a) : मूल्यांकन निर्धारित शैक्षिक उद्देश्यों के अनुरूप होना चाहिए, ताकि उद्देश्य-प्राप्ति की सही जाँच की जा सके।

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Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 16. निदानात्मक परीक्षण के प्रमुख उद्देश्य क्या हैं?

उत्तर: निदानात्मक परीक्षण का उद्देश्य विद्यार्थी की विशिष्ट अधिगम-कठिनाइयों, त्रुटियों तथा उनके कारणों की पहचान करना है।

प्रश्न 17. उपचारात्मक शिक्षण के दो उद्देश्य बताइए।

उत्तर: इसके दो प्रमुख उद्देश्य हैं—अधिगम-कठिनाइयों एवं त्रुटियों को दूर करना तथा विद्यार्थी को अपेक्षित अधिगम-स्तर तक पहुँचाना

प्रश्न 18. क्रियात्मक शोध की दो विशेषताएँ बताइए।

उत्तर: क्रियात्मक शोध तात्कालिक एवं व्यावहारिक समस्या के समाधान से सम्बन्धित होता है तथा इसका अध्ययन स्थानीय कार्यक्षेत्र में किया जाता है।

प्रश्न 19. परिकल्पना क्या है?

उत्तर: किसी समस्या के सम्भावित समाधान के सम्बन्ध में प्रस्तुत परीक्षणयोग्य अनुमान को परिकल्पना कहते हैं।

प्रश्न 20. न्यादर्श से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: सम्पूर्ण जनसंख्या अथवा समष्टि में से अध्ययन हेतु चुने गए प्रतिनिधि छोटे भाग को न्यादर्श (Sample) कहते हैं।

प्रश्न 21. मूल्यांकन की दो विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर: मूल्यांकन उद्देश्यपरक एवं सतत प्रक्रिया है तथा इसमें गुणात्मक और मात्रात्मक दोनों प्रकार की सूचनाओं का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 22. मापन के प्रकार बताइए।

उत्तर: मापन के चार प्रमुख स्तर हैं—नामिक, क्रमिक, अन्तराल तथा अनुपात स्तर

प्रश्न 23. सतत मूल्यांकन के दो महत्व लिखिए।

उत्तर: इससे विद्यार्थी की निरन्तर प्रगति एवं कठिनाइयों की जानकारी मिलती है तथा शिक्षक को समय पर सुधारात्मक सहायता देने का अवसर मिलता है।

प्रश्न 24. शैक्षिक नवाचारों के उद्देश्य बताइए।

उत्तर: शैक्षिक नवाचार का उद्देश्य शिक्षण-अधिगम को अधिक प्रभावी, रुचिकर, उपयोगी तथा विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना है।

प्रश्न 25. गणितीय कौशल को संक्षेप में बताइए।

उत्तर: संख्या, गणना, गणितीय क्रियाओं तथा समस्या-समाधान को शुद्ध एवं कुशलतापूर्वक करने की क्षमता गणितीय कौशल कहलाती है।

प्रश्न 26. भाषायी कौशल से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: भाषा को प्रभावी ढंग से सुनने, बोलने, पढ़ने और लिखने की दक्षताओं को भाषायी कौशल कहते हैं।

प्रश्न 27. परीक्षण और मापन की किन्हीं दो समानताओं को बताइए।

उत्तर: दोनों का प्रयोग व्यक्ति की योग्यता एवं उपलब्धि जानने में होता है और दोनों मूल्यांकन प्रक्रिया के महत्वपूर्ण अंग हैं।

प्रश्न 28. शैक्षिक शोध का अर्थ बताइए।

उत्तर: शिक्षा से सम्बन्धित समस्याओं एवं तथ्यों का वैज्ञानिक, व्यवस्थित और वस्तुनिष्ठ अध्ययन शैक्षिक शोध कहलाता है।

प्रश्न 29. लिखित परीक्षा की दो उपयोगिताएँ लिखिए।

उत्तर: लिखित परीक्षा द्वारा एक साथ अनेक विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया जा सकता है तथा उत्तरों का स्थायी अभिलेख उपलब्ध रहता है।

प्रश्न 30. मौखिक परीक्षा के गुण एवं दोष लिखिए।

उत्तर: इसमें ज्ञान एवं मौखिक अभिव्यक्ति की तत्काल जाँच सम्भव है, परन्तु इसमें पक्षपात की सम्भावना और अधिक समय लगने की समस्या होती है।

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Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 31. दक्षता आधारित मूल्यांकन से क्या आशय है?

उत्तर: विद्यार्थी द्वारा निर्धारित अधिगम-दक्षताओं, ज्ञान एवं कौशलों की वास्तविक प्राप्ति का आकलन करने वाली प्रक्रिया को दक्षता आधारित मूल्यांकन कहते हैं।

इसमें केवल प्राप्त अंकों पर बल न देकर यह देखा जाता है कि विद्यार्थी निर्धारित कार्य या अधिगम-परिणाम को किस स्तर तक सफलतापूर्वक कर सकता है। इसके आधार पर उसकी उपलब्धियों एवं कठिनाइयों की पहचान करके आवश्यक सुधार किया जाता है।

प्रश्न 32. शिक्षण-अधिगम का मूल्यांकन से क्या सम्बन्ध है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: शिक्षण, अधिगम और मूल्यांकन एक-दूसरे से घनिष्ठ रूप से सम्बन्धित हैं। शिक्षण द्वारा विद्यार्थियों को अधिगम-अनुभव प्रदान किए जाते हैं और मूल्यांकन से यह ज्ञात किया जाता है कि निर्धारित शैक्षिक उद्देश्यों की प्राप्ति किस सीमा तक हुई है।

मूल्यांकन से विद्यार्थी की उपलब्धियों एवं कठिनाइयों की जानकारी मिलती है। इसके आधार पर शिक्षक अपनी शिक्षण-विधियों, शिक्षण-सामग्री तथा उपचारात्मक कार्यों में आवश्यक सुधार कर सकता है।

प्रश्न 33. शैक्षिक अनुसंधान के चरणों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: शैक्षिक अनुसंधान के प्रमुख चरण निम्नलिखित हैं—

  1. समस्या का चयन एवं निर्धारण
  2. सम्बन्धित साहित्य का अध्ययन
  3. उद्देश्यों एवं परिकल्पना का निर्माण
  4. अनुसंधान-विधि, न्यादर्श एवं उपकरणों का चयन
  5. तथ्यों एवं आँकड़ों का संकलन
  6. आँकड़ों का विश्लेषण एवं व्याख्या
  7. निष्कर्ष, सुझाव एवं शोध-प्रतिवेदन तैयार करना

प्रश्न 34. निदानात्मक एवं उपलब्धि परीक्षण में क्या अन्तर है?

उत्तर:

निदानात्मक परीक्षण उपलब्धि परीक्षण
विद्यार्थी की विशिष्ट अधिगम-कठिनाइयों एवं त्रुटियों की पहचान करता है। विद्यार्थी द्वारा अर्जित ज्ञान एवं उपलब्धि के स्तर का मापन करता है।
इसका उद्देश्य कठिनाई के कारणों का निदान करना है। इसका उद्देश्य यह जानना है कि विद्यार्थी ने कितना सीखा है।
इसके परिणाम के आधार पर उपचारात्मक शिक्षण दिया जाता है। इसके परिणाम का उपयोग ग्रेड, प्रगति एवं उपलब्धि जानने में किया जाता है।
यह किसी विशिष्ट कमजोरी पर अधिक केन्द्रित होता है। यह प्रायः पाठ्यक्रम के अपेक्षाकृत व्यापक भाग को मापता है।

प्रश्न 35. उत्तम परीक्षण की किन्हीं आठ विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर: उत्तम परीक्षण की आठ प्रमुख विशेषताएँ हैं—

  1. उद्देश्यपूर्णता
  2. व्यापकता
  3. वैधता
  4. विश्वसनीयता
  5. वस्तुनिष्ठता
  6. विभेदकता
  7. व्यावहारिकता एवं सुगमता
  8. मितव्ययिता

प्रश्न 36. शैक्षिक नवाचार की अवधारणा को समझाइए।

उत्तर: शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से शिक्षण-अधिगम, मूल्यांकन, पाठ्यक्रम अथवा विद्यालयी व्यवस्था में किए गए नवीन, उपयोगी एवं उद्देश्यपूर्ण परिवर्तन शैक्षिक नवाचार कहलाते हैं।

नवाचार केवल किसी नई वस्तु या तकनीक के प्रयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने वाला नया विचार, विधि या प्रक्रिया भी नवाचार हो सकता है। गतिविधि आधारित शिक्षण, परियोजना कार्य तथा उपयुक्त तकनीकी साधनों का प्रयोग इसके उदाहरण हैं।

प्रश्न 37. प्रेक्षण की किन्हीं दो विधियों के बारे में बताइए।

उत्तर: प्रेक्षण की प्रमुख विधियों में सहभागी तथा असहभागी प्रेक्षण सम्मिलित हैं—

  • सहभागी प्रेक्षण— इसमें प्रेक्षक अध्ययन किए जाने वाले समूह की गतिविधियों में स्वयं भाग लेते हुए उसके व्यवहार का निरीक्षण करता है।
  • असहभागी प्रेक्षण— इसमें प्रेक्षक समूह की गतिविधियों में भाग लिए बिना बाहर से उसके व्यवहार का व्यवस्थित निरीक्षण करता है।

प्रश्न 38. प्रश्नों का निर्माण करते समय किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है?

उत्तर: प्रश्नों का निर्माण करते समय निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए—

  • प्रश्न स्पष्ट, सरल एवं अर्थपूर्ण हों।
  • भाषा विद्यार्थियों की आयु एवं स्तर के अनुरूप हो।
  • प्रश्न निर्धारित शैक्षिक उद्देश्यों एवं पाठ्यवस्तु से सम्बन्धित हों।
  • अस्पष्ट, भ्रमपूर्ण एवं अनावश्यक रूप से कठिन भाषा से बचा जाए।
  • विभिन्न कठिनाई-स्तरों के प्रश्नों का उचित संतुलन रखा जाए।
  • ज्ञान, बोध, अनुप्रयोग एवं कौशल जैसे विभिन्न उद्देश्यों को उचित स्थान दिया जाए।

प्रश्न 39. मूल्यांकन की आवश्यकता एवं महत्व बताइए।

उत्तर: शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया की प्रभावशीलता एवं विद्यार्थियों की प्रगति जानने के लिए मूल्यांकन आवश्यक है। इसका महत्व निम्नलिखित है—

  • शैक्षिक उद्देश्यों की प्राप्ति का स्तर ज्ञात होता है।
  • विद्यार्थियों की उपलब्धियों, क्षमताओं एवं कठिनाइयों की पहचान होती है।
  • शिक्षण-विधियों एवं शिक्षण-सामग्री में सुधार करने में सहायता मिलती है।
  • उपचारात्मक शिक्षण की आवश्यकता ज्ञात होती है।
  • विद्यार्थियों को उचित प्रतिपुष्टि एवं मार्गदर्शन मिलता है।
  • पदोन्नति, वर्गीकरण तथा अन्य शैक्षिक निर्णय लेने में सहायता मिलती है।

प्रश्न 40. संज्ञानात्मक मूल्यांकन से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: विद्यार्थी की ज्ञान सम्बन्धी एवं बौद्धिक क्षमताओं की प्राप्ति का आकलन संज्ञानात्मक मूल्यांकन कहलाता है। इसमें स्मरण मात्र नहीं, बल्कि समझ, अनुप्रयोग, विश्लेषण तथा उच्चतर मानसिक क्षमताओं का भी मूल्यांकन किया जाता है।

ब्लूम के मूल ज्ञानात्मक वर्गीकरण में ज्ञान, बोध, अनुप्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण तथा मूल्यांकन छह स्तर हैं। इन स्तरों के अनुरूप प्रश्न एवं कार्य देकर विद्यार्थी के ज्ञानात्मक विकास का आकलन किया जाता है।

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