बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. मूल्यांकन प्रक्रिया के सोपान हैं—
(a) शिक्षण-उद्देश्य
(b) अधिगम अनुभव
(c) व्यवहार-परिवर्तन
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) : मूल्यांकन प्रक्रिया में शिक्षण-उद्देश्य, अधिगम अनुभव तथा व्यवहार-परिवर्तन तीनों परस्पर सम्बन्धित होते हैं।
प्रश्न 2. मूल्यांकन की शैक्षिक आवश्यकता किसे होती है?
(a) छात्र को
(b) शिक्षक को
(c) अभिभावक और समाज को
(d) सभी को
उत्तर: (d) : मूल्यांकन की आवश्यकता विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक तथा समाज सभी को होती है।
प्रश्न 3. सामान्य रूप से मूल्यांकन के कितने पक्ष होते हैं?
(a) 5
(b) 2
(c) 6
(d) 4
उत्तर: (b) : सामान्य रूप से मूल्यांकन के दो पक्ष—परिमाणात्मक तथा गुणात्मक माने जाते हैं।
प्रश्न 4. मूल्यांकन प्रक्रिया का केन्द्र-बिन्दु होता है—
(a) विद्यार्थी
(b) अध्यापक
(c) विद्यालय
(d) प्रधानाचार्य
उत्तर: (a) : मूल्यांकन प्रक्रिया का प्रमुख केन्द्र-बिन्दु विद्यार्थी होता है, क्योंकि उसके अधिगम एवं विकास का आकलन किया जाता है।
प्रश्न 5. सतत मूल्यांकन से तात्पर्य होता है—
(a) सत्र में दो बार परीक्षा लेना
(b) सत्र में तीन बार परीक्षा लेना
(c) सुविधानुसार परीक्षा लेना
(d) सत्र प्रारम्भ से सत्रान्त तक विद्यार्थी की योग्यता का आकलन करना
उत्तर: (d) : सतत मूल्यांकन में सत्र के प्रारम्भ से अन्त तक विद्यार्थी की प्रगति एवं उपलब्धियों का निरन्तर आकलन किया जाता है।
प्रश्न 6. शैक्षिक शोध को सामान्यतः कितने वर्गों में बाँटा जाता है?
(a) 7
(b) 6
(c) 3
(d) 5
उत्तर: (c) : उद्देश्य के आधार पर शैक्षिक शोध को सामान्यतः तीन वर्गों—मौलिक शोध, अनुप्रयुक्त शोध तथा क्रियात्मक शोध में बाँटा जाता है।
प्रश्न 7. शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में नवाचार है—
(a) अभिक्रमित अनुदेशन
(b) टोली शिक्षण
(c) खुली कक्षा
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) : अभिक्रमित अनुदेशन, टोली शिक्षण तथा खुली कक्षा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में नवाचार के उदाहरण हैं।
प्रश्न 8. निम्न में से कौन-सा ब्लूम के ज्ञानात्मक क्षेत्र के अन्तर्गत नहीं आता है?
(a) विश्लेषण
(b) संश्लेषण
(c) मूल्यांकन
(d) मूल्य आँकना
उत्तर: (d) : मूल्य आँकना भावात्मक क्षेत्र का स्तर है, जबकि विश्लेषण, संश्लेषण तथा मूल्यांकन ज्ञानात्मक क्षेत्र के स्तर हैं।
प्रश्न 9. ब्लू प्रिन्ट है—
(a) प्रश्नपत्र की आधारशिला
(b) शिक्षण की आधारशिला
(c) विद्यालय की आधारशिला
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (a) : ब्लू प्रिन्ट प्रश्नपत्र की आधारशिला है। इसके द्वारा उद्देश्यों, विषय-वस्तु, प्रश्न-प्रकारों और अंकों का संतुलित वितरण किया जाता है।
प्रश्न 10. क्रियात्मक शोध का मूल आधार होता है—
(a) समस्या का तुरन्त हल
(b) समस्या भी हमारी, हल भी हमारा
(c) सिद्धान्त का निर्माण करना
(d) बड़ी से बड़ी समस्या का हल
उत्तर: (b) : क्रियात्मक शोध का मूल आधार है—“समस्या भी हमारी, हल भी हमारा।”
प्रश्न 11. किसी समस्या का प्रस्तावित उत्तर कहलाता है—
(a) व्यतिकरण
(b) समीक्षा
(c) प्रत्ययन
(d) परिकल्पना / उपकल्पना
उत्तर: (d) : किसी समस्या के सम्भावित एवं परीक्षणयोग्य समाधान को परिकल्पना अथवा उपकल्पना कहते हैं।
प्रश्न 12. क्रियात्मक शोध का अन्तिम चरण होता है—
(a) निष्कर्ष
(b) प्रदत्त विश्लेषण
(c) परिकल्पना निर्माण
(d) सांख्यिकीय विश्लेषण
उत्तर: (a) : प्राप्त तथ्यों के विश्लेषण एवं व्याख्या के पश्चात निष्कर्ष निकाला जाता है, जो क्रियात्मक शोध का अन्तिम चरण है।
प्रश्न 13. “दिल्ली का लाल किला किसने बनवाया था?” यह किस प्रकार का प्रश्न है?
(a) स्मृति सम्बन्धी
(b) विचारोत्तेजक
(c) तर्क सम्बन्धी
(d) विकासात्मक
उत्तर: (a) : इसमें विद्यार्थी से पहले से सीखे हुए तथ्य का पुनःस्मरण अपेक्षित है, इसलिए यह स्मृति सम्बन्धी प्रश्न है।
प्रश्न 14. सामुदायिक सहभागिता में नवाचार है—
(a) एन.सी.सी. (N.C.C.)
(b) स्काउटिंग
(c) रेडक्रॉस संस्था
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) : एन.सी.सी., स्काउटिंग तथा रेडक्रॉस जैसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों में सेवा, सहयोग और सामुदायिक उत्तरदायित्व विकसित करती हैं।
प्रश्न 15. निम्नलिखित में कौन वस्तुनिष्ठ प्रकार का प्रश्न नहीं है?
(a) बहुविकल्पीय प्रश्न
(b) एकान्तर पद
(c) लघु उत्तरीय प्रश्न
(d) मिलान पद
उत्तर: (c) : लघु उत्तरीय प्रश्न वस्तुनिष्ठ प्रश्न का प्रकार नहीं है।
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अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. मापन प्रतीक से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: किसी गुण या घटना की मात्रा अथवा स्थिति को व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त संख्या या चिह्न को मापन प्रतीक कहते हैं।
प्रश्न 17. व्यापक मूल्यांकन का अर्थ लिखिए।
उत्तर: विद्यार्थी के संज्ञानात्मक, भावात्मक, कौशलात्मक एवं व्यवहारात्मक पक्षों का समग्र मूल्यांकन व्यापक मूल्यांकन कहलाता है।
प्रश्न 18. परीक्षण में वैधता से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: वैधता का अर्थ है कि परीक्षण उसी गुण या योग्यता का मापन करे, जिसके लिए उसका निर्माण किया गया है।
प्रश्न 19. शिक्षा में नवाचार का अर्थ बताइए।
उत्तर: शिक्षण-अधिगम को अधिक प्रभावी बनाने हेतु किए गए नवीन, उपयोगी एवं उद्देश्यपूर्ण परिवर्तन शैक्षिक नवाचार कहलाते हैं।
प्रश्न 20. शैक्षिक शोध क्या है?
उत्तर: शिक्षा से सम्बन्धित समस्याओं, तथ्यों एवं प्रक्रियाओं का वैज्ञानिक, व्यवस्थित एवं क्रमबद्ध अध्ययन शैक्षिक शोध कहलाता है।
प्रश्न 21. क्रियात्मक शोध का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: कार्यकर्ता द्वारा अपने कार्यक्षेत्र की तात्कालिक समस्या के समाधान एवं कार्य में सुधार हेतु किया गया शोध क्रियात्मक शोध कहलाता है।
प्रश्न 22. क्रियात्मक शोध के दो प्रमुख उपकरण लिखिए।
उत्तर: क्रियात्मक शोध के दो प्रमुख उपकरण हैं—प्रश्नावली तथा साक्षात्कार।
प्रश्न 23. परिकल्पना क्या है?
उत्तर: किसी समस्या के सम्भावित समाधान के सम्बन्ध में प्रस्तुत परीक्षणयोग्य अनुमान को परिकल्पना कहते हैं।
प्रश्न 24. लिखित परीक्षा की उपयोगिता लिखिए।
उत्तर: लिखित परीक्षा द्वारा एक साथ अनेक विद्यार्थियों की उपलब्धि का व्यवस्थित मूल्यांकन किया जा सकता है तथा उत्तरों का स्थायी अभिलेख भी प्राप्त होता है।
प्रश्न 25. सामाजिक कौशल मूल्यांकन के उपकरण कौन-कौन से हैं?
उत्तर: सामाजिक कौशल के मूल्यांकन हेतु अवलोकन, जाँच-सूची, क्रम-निर्धारण मापनी तथा समाजमितीय मापनी का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 26. सामाजिक दृष्टिकोण से मूल्यांकन की आवश्यकता क्यों है? लिखिए।
उत्तर: विद्यार्थी में सहयोग, सामाजिक समायोजन, उत्तरदायित्व और समाजीकरण जैसे गुणों के विकास का आकलन करने के लिए मूल्यांकन आवश्यक है।
प्रश्न 27. मांसपेशियों एवं आंगिक गतिविधियों का मूल्यांकन किस पक्ष से सम्बन्धित होता है?
उत्तर: मांसपेशियों एवं आंगिक गतिविधियों का मूल्यांकन क्रियात्मक अथवा कौशलात्मक पक्ष से सम्बन्धित होता है।
प्रश्न 28. मौखिक अभिव्यक्ति के साधन कौन-कौन से हैं?
उत्तर: मौखिक अभिव्यक्ति के प्रमुख साधन हैं—वार्तालाप, कहानी-कथन, घटना-वर्णन, भाषण तथा वाद-विवाद।
प्रश्न 29. उपचारात्मक शिक्षण की दो विधियाँ लिखिए।
उत्तर: उपचारात्मक शिक्षण की प्रमुख विधियाँ हैं—व्यक्तिगत उपचारात्मक शिक्षण तथा समूह आधारित उपचारात्मक शिक्षण।
प्रश्न 30. शिक्षा में क्रियात्मक शोध की आवश्यकता बताइए।
उत्तर: कक्षा एवं विद्यालय की वास्तविक समस्याओं का वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक समाधान खोजकर शिक्षण में सुधार करने के लिए क्रियात्मक शोध आवश्यक है।
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लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. प्रश्नों के प्रकार को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: लिखित परीक्षा में प्रश्नों को उनके उत्तर की प्रकृति के आधार पर मुख्यतः निम्न प्रकारों में रखा जाता है—
- वस्तुनिष्ठ प्रश्न— इनके उत्तर निश्चित होते हैं; जैसे बहुविकल्पीय, सत्य-असत्य और मिलान प्रश्न।
- अति लघु उत्तरीय प्रश्न— इनका उत्तर एक-दो वाक्यों अथवा बहुत कम शब्दों में दिया जाता है।
- लघु उत्तरीय प्रश्न— इनमें सीमित शब्दों में तथ्य एवं विचार स्पष्ट करने होते हैं।
- दीर्घ उत्तरीय अथवा निबन्धात्मक प्रश्न— इनमें उत्तर का विस्तृत एवं व्यवस्थित वर्णन अपेक्षित होता है।
प्रश्न 32. मूल्यांकन के क्रियात्मक पक्ष को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: मूल्यांकन का क्रियात्मक अथवा कौशलात्मक पक्ष विद्यार्थी की शारीरिक, मनोचालक एवं व्यावहारिक दक्षताओं से सम्बन्धित होता है। इसमें यह देखा जाता है कि विद्यार्थी सीखे हुए ज्ञान को किसी कार्य में कितनी कुशलता से प्रयोग करता है।
इसके मूल्यांकन के लिए प्रत्यक्ष कार्य, प्रयोग, मॉडल-निर्माण, चित्रांकन, मानचित्र-कार्य, हस्तकला तथा अन्य व्यावहारिक गतिविधियों का प्रयोग किया जा सकता है।
उदाहरण— विज्ञान में प्रयोग करना, भूगोल में मानचित्र बनाना अथवा कला में मॉडल तैयार करना क्रियात्मक पक्ष के अन्तर्गत आता है।
प्रश्न 33. शैक्षिक नवाचार का महत्व बताइए।
उत्तर: शैक्षिक नवाचार द्वारा प्रचलित शिक्षण-व्यवस्था में नवीन एवं उपयोगी परिवर्तन करके शिक्षण-अधिगम को अधिक प्रभावी बनाया जाता है।
- शिक्षण को सरल, रुचिकर एवं प्रभावशाली बनाता है।
- विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता एवं सृजनात्मकता बढ़ाता है।
- नई शिक्षण-विधियों एवं तकनीकों के प्रयोग को प्रोत्साहित करता है।
- स्थानीय एवं शैक्षिक समस्याओं के समाधान में सहायता करता है।
- विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहायक होता है।
प्रश्न 34. क्रियात्मक शोध के चरणों को लिखिए।
उत्तर: क्रियात्मक शोध के प्रमुख चरण निम्नलिखित हैं—
- समस्या की पहचान— कार्यक्षेत्र की वास्तविक एवं समाधानयोग्य समस्या का चयन करना।
- समस्या के कारणों का विश्लेषण— समस्या उत्पन्न होने के सम्भावित कारणों को निर्धारित करना।
- क्रियात्मक परिकल्पना का निर्माण— समस्या के सम्भावित समाधान के सम्बन्ध में परीक्षणयोग्य अनुमान बनाना।
- कार्ययोजना का निर्माण— आवश्यक उपकरण, समय, प्रतिदर्श तथा तथ्य-संग्रह की विधि निर्धारित करना।
- योजना का क्रियान्वयन एवं तथ्य-संकलन— निर्धारित कार्ययोजना को लागू करके आवश्यक आँकड़े एकत्र करना।
- तथ्यों का विश्लेषण— प्राप्त आँकड़ों का व्यवस्थित विश्लेषण एवं व्याख्या करना।
- निष्कर्ष— परिणामों के आधार पर परिकल्पना की उपयोगिता ज्ञात कर निष्कर्ष निकालना।
प्रश्न 35. परीक्षण एवं मापन में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
| परीक्षण | मापन |
|---|---|
| परीक्षण किसी गुण, योग्यता या उपलब्धि की जाँच का उपकरण है। | मापन किसी गुण की मात्रा को संख्या में व्यक्त करने की प्रक्रिया है। |
| इसमें प्रश्नों अथवा कार्यों का व्यवस्थित समूह प्रस्तुत किया जाता है। | इसमें प्राप्त निष्पादन को निर्धारित नियमों के अनुसार अंक या संख्या दी जाती है। |
| परीक्षण मापन हेतु आवश्यक सूचनाएँ प्रदान करता है। | मापन उन सूचनाओं को परिमाणात्मक रूप प्रदान करता है। |
| यह मुख्यतः साधन है। | इसका क्षेत्र परीक्षण से व्यापक है। |
प्रश्न 36. सेमेस्टर पद्धति से क्या आशय है?
उत्तर: जिस व्यवस्था में शैक्षिक वर्ष को सामान्यतः दो निश्चित शैक्षिक अवधियों या सेमेस्टरों में विभाजित करके प्रत्येक अवधि में निर्धारित पाठ्यक्रम का शिक्षण एवं उसके अन्त में मूल्यांकन किया जाता है, उसे सेमेस्टर पद्धति कहते हैं।
इस पद्धति में पाठ्यक्रम का भार छोटे भागों में विभाजित हो जाता है तथा विद्यार्थी की उपलब्धि का समय-समय पर आकलन सम्भव होता है।
प्रश्न 37. सतत एवं वार्षिक मूल्यांकन में पुनर्बलन से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: मूल्यांकन से प्राप्त परिणामों के आधार पर विद्यार्थी के उचित अधिगम एवं व्यवहार को प्रशंसा, प्रोत्साहन, प्रतिपुष्टि अथवा अन्य उपयुक्त साधनों द्वारा दृढ़ करने की प्रक्रिया पुनर्बलन कहलाती है।
सतत मूल्यांकन में पुनर्बलन नियमित एवं तत्काल दिया जा सकता है, जिससे विद्यार्थी अपनी त्रुटियों में समय रहते सुधार करता है। वार्षिक मूल्यांकन में पुनर्बलन सत्रान्त परिणामों के आधार पर आगे के अध्ययन एवं सुधार के लिए प्रेरणा प्रदान करता है।
प्रश्न 38. एक उत्तम परीक्षण की विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: उत्तम परीक्षण की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—
- उद्देश्यपूर्णता— परीक्षण निर्धारित उद्देश्य की पूर्ति करे।
- व्यापकता— पाठ्यवस्तु का पर्याप्त प्रतिनिधित्व हो।
- मितव्ययिता— समय एवं धन की दृष्टि से सुविधाजनक हो।
- सुगमता— प्रशासन, अंकन एवं व्याख्या सरल हो।
- वैधता— उसी गुण का मापन करे जिसके लिए बनाया गया हो।
- विश्वसनीयता— समान परिस्थितियों में लगभग समान परिणाम दे।
- वस्तुनिष्ठता— परिणाम परीक्षक के व्यक्तिगत प्रभाव से मुक्त हों।
- विभेदकता— विभिन्न योग्यता-स्तर के विद्यार्थियों में अन्तर कर सके।
- मानक— प्राप्त अंकों की व्याख्या के लिए उपयुक्त मानक उपलब्ध हों।
प्रश्न 39. प्रार्थना स्थल की गतिविधियों में नवाचार बताइए।
उत्तर: प्रार्थना स्थल को केवल दैनिक प्रार्थना तक सीमित न रखकर विभिन्न शैक्षिक एवं सृजनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा सकता है। जैसे—
- ड्रम एवं संगीत के साथ सामूहिक प्रार्थना।
- विद्यार्थियों द्वारा प्रार्थना-सभा का संचालन।
- दैनिक सुविचार एवं प्रेरक प्रसंग का प्रस्तुतीकरण।
- मुख्य समाचार एवं सामान्य ज्ञान के प्रश्न प्रस्तुत करना।
- स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं नैतिक मूल्यों से सम्बन्धित संदेश देना।
प्रश्न 40. रचनात्मक मूल्यांकन एवं आकलित मूल्यांकन की तुलना कीजिए।
उत्तर:
| रचनात्मक मूल्यांकन | आकलित मूल्यांकन |
|---|---|
| यह शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान किया जाता है। | यह पाठ्यक्रम, कार्यक्रम अथवा सत्र की समाप्ति पर किया जाता है। |
| इसका उद्देश्य कमियों की पहचान करके तत्काल सुधार करना है। | इसका उद्देश्य समग्र उपलब्धि एवं उपयोगिता के सम्बन्ध में अन्तिम निर्णय लेना है। |
| यह शिक्षक एवं विद्यार्थी को नियमित प्रतिपुष्टि देता है। | यह अन्तिम उपलब्धि अथवा परिणाम की जानकारी देता है। |
| यह अल्पकालीन सुधारात्मक निर्णयों में सहायक है। | यह पदोन्नति तथा दीर्घकालीन निर्णयों में सहायक है। |
| उदाहरण—कक्षा-परीक्षण, अभ्यास-कार्य एवं इकाई-परीक्षण। | उदाहरण—सत्रान्त अथवा पाठ्यक्रम-समाप्ति मूल्यांकन। |
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