बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. आगरा का ताजमहल किसने बनवाया था? यह किस प्रकार का प्रश्न है?
(a) स्मृति सम्बन्धी
(b) तर्क सम्बन्धी
(c) पूरक प्रश्न
(d) विचारोत्तेजक
उत्तर: (a) : इसमें विद्यार्थी से पहले से सीखे हुए तथ्य का पुनःस्मरण अपेक्षित है, इसलिए यह स्मृति सम्बन्धी प्रश्न है।
प्रश्न 2. ब्लूम के अनुसार ज्ञानात्मक पक्ष के कितने सोपानों की चर्चा की गई है?
(a) तीन
(b) दो
(c) पाँच
(d) छः
उत्तर: (d) : ब्लूम के मूल ज्ञानात्मक वर्गीकरण में छः स्तर—ज्ञान, बोध, अनुप्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण तथा मूल्यांकन हैं।
प्रश्न 3. निम्नलिखित में कौन-सा वस्तुनिष्ठ प्रकार का प्रश्न है?
(a) निबन्ध लेखन
(b) दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
(c) बहुविकल्पीय प्रश्न
(d) अति लघु उत्तरीय प्रश्न
उत्तर: (c) : बहुविकल्पीय प्रश्न वस्तुनिष्ठ प्रश्न का एक प्रमुख प्रकार है।
प्रश्न 4. चर के प्रकार हैं—
(a) सतत्
(b) असतत्
(c) दोनों
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (c) : चर मुख्यतः सतत् तथा असतत् दोनों प्रकार के होते हैं। सतत् चर किसी सीमा में अनेक मान ग्रहण कर सकता है, जबकि असतत् चर पृथक-पृथक निश्चित मान ग्रहण करता है।
प्रश्न 5. शैक्षिक नवाचार का तात्पर्य है—
(a) अधिगम प्रक्रिया में नवाचार
(b) शिक्षण विधि में नवाचार
(c) उपर्युक्त दोनों
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (c) : शैक्षिक नवाचार में शिक्षण एवं अधिगम दोनों प्रक्रियाओं में नवीन एवं उपयोगी परिवर्तन सम्मिलित होते हैं।
प्रश्न 6. मूल्यांकन के अन्तर्गत है—
(a) शिक्षक का मूल्यांकन
(b) संस्थागत मूल्यांकन
(c) शिक्षार्थी का मूल्यांकन
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) : शैक्षिक मूल्यांकन के अन्तर्गत शिक्षक, शिक्षार्थी तथा संस्था सभी का मूल्यांकन सम्मिलित हो सकता है।
प्रश्न 7. शैक्षिक शोध के प्रकार हैं—
(a) तीन
(b) पाँच
(c) छः
(d) आठ
उत्तर: (a) : उद्देश्य के आधार पर शैक्षिक शोध के तीन प्रमुख प्रकार हैं—मौलिक शोध, अनुप्रयुक्त शोध तथा क्रियात्मक शोध।
प्रश्न 8. परीक्षण के गुणों में निम्न में से कौन नहीं है?
(a) वैधता
(b) विश्वसनीयता
(c) जागरूकता
(d) (a) व (b) दोनों
उत्तर: (c) : जागरूकता उत्तम परीक्षण का गुण नहीं है। वैधता और विश्वसनीयता उत्तम परीक्षण के प्रमुख गुण हैं।
प्रश्न 9. व्यापक मूल्यांकन का आशय होता है—
(a) व्यक्ति के सभी पक्षों के मूल्यांकन से
(b) नैतिक पक्ष के मूल्यांकन से
(c) सामाजिक पक्ष के मूल्यांकन से
(d) बौद्धिक मूल्यांकन से
उत्तर: (a) : व्यापक मूल्यांकन में विद्यार्थी के संज्ञानात्मक, भावात्मक, कौशलात्मक एवं व्यवहारात्मक पक्षों का समग्र मूल्यांकन किया जाता है।
प्रश्न 10. संचयी आलेख पत्र के प्रकार हैं—
(a) पैकेट या परत
(b) एक पत्र लेखा
(c) संकलित परत
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) : संचयी आलेख पत्र के प्रमुख प्रकार एक पत्र लेखा, पैकेट या परत तथा संकलित परत हैं।
प्रश्न 11. निम्नलिखित में से कौन-सी क्रिया पाठ्य-सहगामी क्रिया से सम्बन्धित नहीं है?
(a) कृषि कार्य
(b) भ्रमण
(c) विज्ञान क्लब
(d) पर्यटन
उत्तर: (a) : दिए गए विकल्पों में कृषि कार्य को पाठ्य-सहगामी क्रिया से सम्बन्धित नहीं माना गया है।
प्रश्न 12. क्रियात्मक शोध का सम्पादन कितने चरणों में होता है?
(a) 4
(b) 9
(c) 6
(d) 8
उत्तर: (d) : इस वर्गीकरण के अनुसार क्रियात्मक शोध का सम्पादन आठ चरणों में किया जाता है।
प्रश्न 13. अनुसंधान के कार्य हैं—
(a) सिद्धान्त का निर्माण करना
(b) सिद्धान्तों का अनुप्रयोग करना
(c) नवाचार करना
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) : अनुसंधान द्वारा सिद्धान्तों का निर्माण, सिद्धान्तों का अनुप्रयोग तथा नवाचार किया जाता है।
प्रश्न 14. क्रियात्मक शोध का मूल आधार होता है—
(a) समस्या का हल
(b) समस्या का तार्किक हल
(c) समस्या का गहन विश्लेषण
(d) समस्या हमारी और हल भी हमारा
उत्तर: (d) : क्रियात्मक शोध का मूल आधार है—"समस्या हमारी और हल भी हमारा।"
प्रश्न 15. निम्नलिखित में से किसके द्वारा यह पता चलता है कि बच्चे ने अभी तक कितना ज्ञान व कौशल अर्जित किया है?
(a) नियन्त्रक
(b) संकेतक
(c) मापक
(d) ऐन्द्रक
उत्तर: (b) : संकेतक यह बताते हैं कि विद्यार्थी ने कितना ज्ञान एवं कौशल अर्जित किया है तथा उसकी प्रगति किस दिशा में हो रही है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. मूल्यांकन की प्रविधियों के दो प्रकार बताइए।
उत्तर: मूल्यांकन की दो प्रमुख प्रविधियाँ हैं—परिमाणात्मक प्रविधि तथा गुणात्मक प्रविधि।
प्रश्न 17. एक अच्छे परीक्षण के दो गुण बताइए।
उत्तर: अच्छे परीक्षण के दो प्रमुख गुण हैं—वैधता तथा विश्वसनीयता।
प्रश्न 18. समाजमिति विधि का विकास किसने किया?
उत्तर: समाजमिति (Sociometry) विधि का विकास जे. एल. मोरेनो (Jacob L. Moreno) ने किया।
प्रश्न 19. शिक्षण प्रक्रिया का विश्लेषण कितनी अवस्थाओं में किया जाता है?
उत्तर: शिक्षण प्रक्रिया का विश्लेषण तीन अवस्थाओं—पूर्वक्रिया, अन्तःक्रिया तथा पश्चक्रिया में किया जाता है।
प्रश्न 20. विद्यालय में क्लब का उद्देश्य बताइए।
उत्तर: विद्यालयी क्लब का उद्देश्य विद्यार्थियों की रुचि, प्रतिभा, सृजनात्मकता, सहयोग एवं नेतृत्व क्षमता का विकास करना है।
प्रश्न 21. मूल्यांकन प्रक्रिया में अनुप्रयोग का अर्थ बताइए।
उत्तर: अर्जित ज्ञान, नियम या सिद्धान्त का नई परिस्थिति में प्रयोग करना अनुप्रयोग कहलाता है।
प्रश्न 22. क्रियात्मक अनुसंधान क्यों आवश्यक है? कोई एक कारण लिखिए।
उत्तर: कार्यक्षेत्र की तात्कालिक समस्या का वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक समाधान प्राप्त करने के लिए क्रियात्मक अनुसंधान आवश्यक है।
प्रश्न 23. मूल्यांकन के संज्ञानात्मक पक्ष से सम्बन्धित कोई एक बिन्दु का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: ज्ञान मूल्यांकन के संज्ञानात्मक पक्ष का एक प्रमुख स्तर है।
प्रश्न 24. मूल्यांकन एवं मापन में कोई एक अन्तर लिखिए।
उत्तर: मापन किसी गुण को संख्यात्मक रूप देता है, जबकि मूल्यांकन प्राप्त सूचनाओं के आधार पर मूल्य-निर्णय करता है।
प्रश्न 25. परीक्षण किसे कहते हैं?
उत्तर: किसी व्यक्ति के ज्ञान, योग्यता या उपलब्धि के मापन हेतु प्रयुक्त प्रश्नों अथवा कार्यों के व्यवस्थित समूह को परीक्षण कहते हैं।
प्रश्न 26. मौखिक परीक्षा के गुण एवं दोष बताइए।
उत्तर: मौखिक परीक्षा में तत्काल प्रतिक्रिया एवं मौखिक अभिव्यक्ति की जाँच सम्भव है, किन्तु इसमें पक्षपात की सम्भावना रहती है।
प्रश्न 27. दक्षता आधारित मूल्यांकन क्या है?
उत्तर: निर्धारित अधिगम-दक्षताओं एवं कौशलों की प्राप्ति का आकलन करने वाली प्रक्रिया दक्षता आधारित मूल्यांकन कहलाती है।
प्रश्न 28. परीक्षण निर्माण के अन्तिम चरण को संक्षेप में बताइए।
उत्तर: अन्तिम चरण में परीक्षण का मूल्यांकन एवं अन्तिमीकरण किया जाता है तथा उसकी वैधता, विश्वसनीयता और उपयुक्तता सुनिश्चित की जाती है।
प्रश्न 29. शिक्षण-अधिगम सुधार हेतु स्थानीय समुदाय की भूमिका बताइए।
उत्तर: स्थानीय समुदाय स्थानीय ज्ञान, संसाधन, विशेषज्ञता एवं सहयोग प्रदान करके शिक्षण-अधिगम को अधिक प्रभावी बनाता है।
प्रश्न 30. शैक्षिक प्रशासन में मूल्यांकन का महत्व बताइए।
उत्तर: मूल्यांकन से प्रशासन को योजना, निर्णय एवं शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार हेतु आवश्यक सूचनाएँ प्राप्त होती हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. अच्छे परीक्षण के गुणों को लिखिए।
उत्तर: उत्तम परीक्षण वह है जो निर्धारित उद्देश्य के अनुसार विद्यार्थी की योग्यता या उपलब्धि का सही एवं विश्वसनीय मापन करे। इसके प्रमुख गुण हैं—
- वैधता— परीक्षण उसी गुण का मापन करे जिसके लिए बनाया गया है।
- विश्वसनीयता— समान परिस्थितियों में पुनः प्रयोग पर लगभग समान परिणाम प्राप्त हों।
- वस्तुनिष्ठता— फलांकन परीक्षक की व्यक्तिगत धारणा से प्रभावित न हो।
- व्यापकता— पाठ्यवस्तु एवं उद्देश्यों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व हो।
- व्यावहारिकता— परीक्षण का संचालन एवं अंकन सरल हो।
- विभेदकता— विभिन्न योग्यता-स्तर के विद्यार्थियों में अन्तर कर सके।
प्रश्न 32. अवलोकन विधि के अनुप्रयोग लिखिए।
उत्तर: अवलोकन में विद्यार्थी के व्यवहार या क्रिया का प्रत्यक्ष एवं योजनाबद्ध निरीक्षण किया जाता है। इसके प्रमुख अनुप्रयोग हैं—
- विद्यार्थियों के वास्तविक व्यवहार का अध्ययन।
- रुचि, अभिवृत्ति एवं सामाजिक व्यवहार का मूल्यांकन।
- कक्षा में सहभागिता एवं प्रतिक्रियाओं का अध्ययन।
- व्यवहारगत एवं अधिगम सम्बन्धी समस्याओं की पहचान।
- क्रियात्मक शोध के लिए प्रत्यक्ष तथ्य एकत्र करना।
प्रश्न 33. योजना निर्माण के चरणों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: प्रश्नपत्र निर्माण में योजना बनाते समय निम्नलिखित बातों का निर्धारण किया जाता है—
- शिक्षण-उद्देश्यों का निर्धारण— किन उद्देश्यों की जाँच करनी है, यह तय करना।
- विषय-वस्तु का चयन— पाठ्यक्रम की इकाइयों एवं उप-इकाइयों का निर्धारण करना।
- अंकभार निर्धारित करना— उद्देश्यों एवं विषय-वस्तु को उचित अंक प्रदान करना।
- प्रश्नों के प्रकार निर्धारित करना— वस्तुनिष्ठ, अति लघु, लघु तथा दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों का अनुपात तय करना।
- समय एवं कठिनाई-स्तर— परीक्षा की अवधि तथा सरल, औसत एवं कठिन प्रश्नों का संतुलन निर्धारित करना।
- ब्लू प्रिन्ट तैयार करना— सभी निर्धारित पक्षों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करना।
प्रश्न 34. शैक्षिक अनुसंधान के चरणों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: शैक्षिक अनुसंधान के प्रमुख चरण निम्नलिखित हैं—
- समस्या का चयन एवं निर्धारण
- सम्बन्धित साहित्य का अध्ययन
- उद्देश्यों एवं परिकल्पना का निर्माण
- अनुसंधान विधि, न्यादर्श एवं उपकरणों का चयन
- तथ्यों एवं आँकड़ों का संकलन
- आँकड़ों का विश्लेषण एवं व्याख्या
- निष्कर्ष, सुझाव एवं शोध-प्रतिवेदन तैयार करना
प्रश्न 35. सामूहिक सहभागिता के लक्षणों को समझाइए।
उत्तर: सामूहिक सहभागिता में समूह के सभी सदस्य किसी सामान्य उद्देश्य की प्राप्ति के लिए सक्रिय रूप से मिलकर कार्य करते हैं। इसके प्रमुख लक्षण हैं—
- सामान्य उद्देश्य— समूह के सदस्यों का लक्ष्य समान होता है।
- सक्रिय सहभागिता— प्रत्येक सदस्य कार्य में भाग लेता है।
- सहयोग एवं समन्वय— सदस्य परस्पर सहयोग से कार्य करते हैं।
- उत्तरदायित्व का विभाजन— कार्य एवं जिम्मेदारियाँ सदस्यों में बाँटी जाती हैं।
- परस्पर सम्मान— सदस्यों के विचारों एवं योगदान का सम्मान किया जाता है।
- सामूहिक निर्णय— आवश्यक निर्णय चर्चा एवं सहमति से लिए जाते हैं।
प्रश्न 36. शिक्षण-अधिगम में मूल्यांकन के अर्थ को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: शिक्षण-अधिगम में मूल्यांकन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा यह ज्ञात किया जाता है कि निर्धारित शैक्षिक उद्देश्यों की प्राप्ति किस सीमा तक हुई है तथा विद्यार्थी के ज्ञान, कौशल, अभिवृत्ति एवं व्यवहार में कितना परिवर्तन आया है।
इसके परिणामों के आधार पर शिक्षक विद्यार्थियों की उपलब्धियों और कठिनाइयों को पहचानकर शिक्षण-विधि, सामग्री तथा उपचारात्मक कार्य में आवश्यक सुधार करता है।
प्रश्न 37. एनेक्डोटल रिकॉर्ड्स (उपाख्यानात्मक अभिलेख) क्या हैं? संक्षेप में बताइए।
उत्तर: उपाख्यानात्मक अभिलेख विद्यार्थी के किसी महत्वपूर्ण, विशिष्ट एवं प्रत्यक्ष रूप से देखे गए व्यवहार या घटना का संक्षिप्त और वस्तुनिष्ठ लिखित विवरण है।
इसके माध्यम से विद्यार्थी की रुचि, सामाजिक व्यवहार, व्यक्तित्व, समस्याओं तथा व्यवहार में होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन किया जाता है।
प्रश्न 38. क्रियात्मक अनुसंधान एवं परम्परागत अनुसंधान में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
| क्रियात्मक अनुसंधान | परम्परागत अनुसंधान |
|---|---|
| स्थानीय एवं तात्कालिक समस्या के समाधान पर केन्द्रित होता है। | व्यापक ज्ञान एवं सिद्धान्त विकसित करने पर केन्द्रित होता है। |
| कार्यकर्ता स्वयं अपने कार्यक्षेत्र में शोध करता है। | सामान्यतः प्रशिक्षित शोधकर्ता द्वारा किया जाता है। |
| मुख्य उद्देश्य कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार करना है। | मुख्य उद्देश्य नया ज्ञान अथवा सामान्य निष्कर्ष प्राप्त करना है। |
| शोध-रूपरेखा अपेक्षाकृत लचीली होती है। | शोध-रूपरेखा अधिक औपचारिक एवं नियंत्रित होती है। |
| निष्कर्ष मुख्यतः स्थानीय परिस्थिति पर लागू होते हैं। | निष्कर्षों के व्यापक सामान्यीकरण पर बल दिया जाता है। |
प्रश्न 39. शैक्षिक नवाचार की आवश्यकता एवं महत्व को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: शिक्षा, समाज, विज्ञान एवं तकनीक में निरन्तर परिवर्तन के कारण शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में नवीन एवं उपयोगी परिवर्तन आवश्यक हैं। इन्हीं उद्देश्यपूर्ण परिवर्तनों को शैक्षिक नवाचार कहते हैं।
- शिक्षण को सरल, रुचिकर एवं प्रभावी बनाता है।
- विद्यार्थियों की सक्रियता एवं सृजनात्मकता बढ़ाता है।
- नई शिक्षण-विधियों एवं तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देता है।
- स्थानीय एवं विद्यालयी समस्याओं के नवीन समाधान खोजने में सहायक है।
- विद्यार्थियों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण सम्भव बनाता है।
- शैक्षिक गुणवत्ता एवं उपलब्धि में सुधार करता है।
प्रश्न 40. पाठ्य-सहगामी क्रियाओं में प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों की भूमिका को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: पाठ्य-सहगामी क्रियाएँ विद्यार्थियों के शारीरिक, सामाजिक, नैतिक, सांस्कृतिक एवं सृजनात्मक विकास में सहायक होती हैं। इनके सफल संचालन में प्रधानाचार्य और शिक्षक दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
प्रधानाचार्य की भूमिका—
- गतिविधियों की योजना एवं समय-सारिणी तैयार कराना।
- आवश्यक संसाधन एवं आर्थिक व्यवस्था उपलब्ध कराना।
- शिक्षकों एवं समितियों के कार्यों में समन्वय स्थापित करना।
- गतिविधियों के संचालन एवं परिणामों की समीक्षा करना।
शिक्षक की भूमिका—
- विद्यार्थियों की रुचि एवं योग्यता के अनुसार गतिविधियों का चयन कराना।
- विद्यार्थियों को सहभागिता के लिए प्रेरित एवं प्रशिक्षित करना।
- गतिविधियों का मार्गदर्शन एवं संचालन करना।
- विद्यार्थियों की सहभागिता एवं प्रगति का मूल्यांकन करना।
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