बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. "मूल्यांकन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा शिक्षक एवं छात्र यह निर्णय करते हैं कि शिक्षण लक्ष्यों को प्राप्त किया जा रहा है या नहीं।" यह परिभाषा किसकी है?
(a) टी. एच. ग्रीन
(b) ली
(c) क्रॉनबैक
(d) क्विलिन तथा हन्ना
उत्तर: (c) : यह परिभाषा क्रॉनबैक की है। उनके अनुसार मूल्यांकन के माध्यम से शिक्षक एवं विद्यार्थी यह निर्णय करते हैं कि निर्धारित शिक्षण-लक्ष्य किस सीमा तक प्राप्त हो रहे हैं।
प्रश्न 2. मूल्यांकन प्रक्रिया के सोपान हैं—
(a) शिक्षण-उद्देश्य
(b) सीखने से उत्पन्न अनुभव
(c) व्यवहार-परिवर्तन
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) : मूल्यांकन प्रक्रिया में शिक्षण-उद्देश्य, अधिगम-अनुभव तथा व्यवहार-परिवर्तन तीनों परस्पर सम्बन्धित होते हैं।
प्रश्न 3. प्रायोगिक मूल्यांकन होता है—
(a) इतिहास और नागरिक शास्त्र में
(b) विज्ञान, भूगोल और कृषि में
(c) दर्शनशास्त्र में
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (b) : विज्ञान, भूगोल एवं कृषि जैसे विषयों में व्यावहारिक कौशल एवं कार्य-निष्पादन की जाँच के लिए प्रायोगिक मूल्यांकन किया जाता है।
प्रश्न 4. उपचारात्मक शिक्षण में प्रमुख रूप से चयन किया जाता है—
(a) शिक्षण-विधियों एवं युक्तियों का
(b) पाठ्यक्रम का
(c) मूल्यांकन प्रणाली का
(d) मूल्यांकन उपकरणों का
उत्तर: (a) : निदान द्वारा ज्ञात कठिनाइयों को दूर करने के लिए विद्यार्थी की आवश्यकता के अनुरूप उपयुक्त शिक्षण-विधियों एवं युक्तियों का चयन किया जाता है।
प्रश्न 5. "बचाव निदान का उच्चतम स्तर है।" यह कथन है—
(a) टी. पी. नन का
(b) फ्रॉबेल का
(c) स्किनर का
(d) रॉस का
उत्तर: (a) : "बचाव निदान का उच्चतम स्तर है" यह कथन टी. पी. नन का है।
प्रश्न 6. क्रियात्मक शोध का मूल आधार होता है—
(a) समस्या का तुरन्त हल
(b) समस्या भी हमारी, हल भी हमारा
(c) विद्यालय की आधारशिला
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (b) : क्रियात्मक शोध का मूल आधार है—"समस्या भी हमारी, हल भी हमारा।" इसमें कार्यकर्ता स्वयं अपने कार्यक्षेत्र की समस्या का समाधान खोजता है।
प्रश्न 7. शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में नवाचार है—
(a) अभिक्रमित अनुदेशन
(b) टोली शिक्षण
(c) खुली कक्षा
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) : अभिक्रमित अनुदेशन, टोली शिक्षण एवं खुली कक्षा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में नवाचार के उदाहरण हैं।
प्रश्न 8. प्रार्थना स्थल की गतिविधियों में मुख्य नवाचार है—
(a) ड्रम
(b) संगीत
(c) (a) एवं (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (c) : प्रार्थना-स्थल की गतिविधियों में ड्रम एवं संगीत दोनों का अभिनव प्रयोग किया जा सकता है।
प्रश्न 9. रेडक्रॉस सोसाइटी का उद्देश्य नहीं है—
(a) सेवा करना
(b) स्वास्थ्य में वृद्धि
(c) मातृत्व का विकास
(d) परीक्षाओं की तैयारी करना
उत्तर: (d) : परीक्षाओं की तैयारी कराना रेडक्रॉस सोसाइटी का उद्देश्य नहीं है। इसका सम्बन्ध मानवीय सेवा, स्वास्थ्य एवं कल्याणकारी गतिविधियों से है।
प्रश्न 10. मूल्यांकन प्रक्रिया का केन्द्र-बिन्दु होता है—
(a) विद्यार्थी
(b) अध्यापक
(c) विद्यालय
(d) प्रधानाचार्य
उत्तर: (a) : मूल्यांकन प्रक्रिया का केन्द्र-बिन्दु विद्यार्थी होता है, क्योंकि उसके अधिगम, उपलब्धि एवं व्यवहार-परिवर्तन का आकलन किया जाता है।
प्रश्न 11. ब्लू-प्रिन्ट क्या है?
(a) शिक्षण की आधारशिला
(b) प्रश्नपत्र की आधारशिला
(c) विद्यालय की आधारशिला
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (b) : ब्लू-प्रिन्ट प्रश्नपत्र की आधारशिला है। इसमें उद्देश्यों, विषय-वस्तु, प्रश्न-प्रकार एवं अंकभार का संतुलित वितरण निर्धारित किया जाता है।
प्रश्न 12. सामुदायिक सहभागिता में नवाचार है—
(a) एन.सी.सी.
(b) स्काउटिंग
(c) रेडक्रॉस संस्था
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) : एन.सी.सी., स्काउटिंग तथा रेडक्रॉस जैसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों में सेवा, सहयोग एवं सामुदायिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करती हैं।
प्रश्न 13. ब्लूम टैक्सोनॉमी विकसित की गई—
(a) 1957 में
(b) 1958 में
(c) 1956 में
(d) 1960 में
उत्तर: (c) : ब्लूम की शैक्षिक उद्देश्यों की ज्ञानात्मक वर्गीकरण-पद्धति 1956 में प्रकाशित हुई।
प्रश्न 14. मापन का सामान्य सिद्धान्त सम्बन्धित है—
(a) गणित से
(b) विज्ञान से
(c) सामाजिक विज्ञान से
(d) अर्थशास्त्र से
उत्तर: (a) : मापन में गुणों को निर्धारित नियमों के अनुसार संख्यात्मक रूप दिया जाता है, इसलिए इसका सामान्य सिद्धान्त गणित से सम्बन्धित है।
प्रश्न 15. मूल्यांकन होता है—
(a) मात्रात्मक
(b) गुणात्मक
(c) मात्रात्मक एवं गुणात्मक दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (c) : मूल्यांकन में मात्रात्मक एवं गुणात्मक दोनों प्रकार की सूचनाओं का उपयोग करके मूल्य-निर्णय किया जाता है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. विश्वसनीयता को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: समान परिस्थितियों में परीक्षण को बार-बार प्रयोग करने पर परिणामों में स्थिरता एवं संगति प्राप्त होना उसकी विश्वसनीयता कहलाती है।
प्रश्न 17. क्रियात्मक शोध को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: अपने कार्यक्षेत्र की तात्कालिक एवं व्यावहारिक समस्या के समाधान तथा कार्य में सुधार हेतु किया गया अनुसंधान क्रियात्मक शोध कहलाता है।
प्रश्न 18. परीक्षण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: किसी व्यक्ति के ज्ञान, योग्यता, कौशल अथवा उपलब्धि का मापन करने हेतु प्रयुक्त प्रश्नों या कार्यों के व्यवस्थित समूह को परीक्षण कहते हैं।
प्रश्न 19. मापन के चार स्तरों के नाम लिखिए।
उत्तर: मापन के चार स्तर हैं—नामिक, क्रमिक, अन्तराल तथा अनुपात स्तर।
प्रश्न 20. NCERT के अनुसार मूल्यांकन की परिभाषा लिखिए।
उत्तर: NCERT के अनुसार मूल्यांकन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा यह ज्ञात किया जाता है कि शैक्षिक उद्देश्य किस सीमा तक प्राप्त हुए और अधिगम-अनुभव कितने प्रभावशाली रहे।
प्रश्न 21. निर्माणात्मक एवं योगात्मक मूल्यांकन के दो अन्तर लिखिए।
उत्तर: निर्माणात्मक मूल्यांकन शिक्षण के दौरान सुधार एवं प्रतिपुष्टि हेतु होता है, जबकि योगात्मक मूल्यांकन शिक्षण के अन्त में अन्तिम उपलब्धि जानने हेतु किया जाता है।
प्रश्न 22. दक्षता आधारित मूल्यांकन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: निर्धारित ज्ञान, कौशल एवं अधिगम-दक्षताओं की वास्तविक प्राप्ति का आकलन करने वाली प्रक्रिया दक्षता आधारित मूल्यांकन कहलाती है।
प्रश्न 23. ब्लूम के अनुसार मूल्यांकन के उद्देश्यों का वर्गीकरण कीजिए।
उत्तर: शैक्षिक उद्देश्यों को तीन प्रमुख क्षेत्रों—ज्ञानात्मक, भावात्मक तथा मनोगत्यात्मक/क्रियात्मक—में वर्गीकृत किया जाता है।
प्रश्न 24. साक्षात्कार से क्या आशय है?
उत्तर: किसी निश्चित उद्देश्य से दो या अधिक व्यक्तियों के बीच होने वाली प्रत्यक्ष मौखिक वार्ता द्वारा सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया साक्षात्कार कहलाती है।
प्रश्न 25. उत्तम परीक्षण किसे कहते हैं? इसकी दो विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: निर्धारित उद्देश्य का सही मापन करने वाला परीक्षण उत्तम परीक्षण कहलाता है। इसकी दो प्रमुख विशेषताएँ हैं—वैधता एवं विश्वसनीयता।
प्रश्न 26. क्रियात्मक शोध के प्रमुख उपकरणों के नाम लिखिए।
उत्तर: प्रमुख उपकरण हैं—अवलोकन, साक्षात्कार, प्रश्नावली, परीक्षण, जाँच-सूची तथा रेटिंग स्केल।
प्रश्न 27. शिक्षा में नवाचार से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने हेतु शिक्षण-अधिगम में किए गए नवीन, उपयोगी एवं उद्देश्यपूर्ण परिवर्तन शैक्षिक नवाचार कहलाते हैं।
प्रश्न 28. सामुदायिक सहभागिता से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: विद्यालय के शैक्षिक विकास में अभिभावकों एवं स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी और सहयोग सामुदायिक सहभागिता कहलाता है।
प्रश्न 29. सतत एवं व्यापक मूल्यांकन से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: पूरे सत्र में विद्यार्थी की शैक्षिक एवं सहशैक्षिक प्रगति तथा व्यक्तित्व के विभिन्न पक्षों का निरन्तर और समग्र आकलन सतत एवं व्यापक मूल्यांकन कहलाता है।
प्रश्न 30. मापन और परीक्षण में कोई एक अन्तर बताइए।
उत्तर: परीक्षण एक उपकरण है जिसके द्वारा जानकारी प्राप्त की जाती है, जबकि मापन एक प्रक्रिया है जिसमें प्राप्त निष्पादन को संख्यात्मक रूप दिया जाता है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. उपचारात्मक शिक्षण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: निदानात्मक परीक्षण द्वारा विद्यार्थियों की अधिगम-कठिनाइयों, त्रुटियों एवं कमजोरियों की पहचान करने के बाद उन्हें दूर करने के लिए दिया जाने वाला विशेष शिक्षण उपचारात्मक शिक्षण कहलाता है।
इसमें विद्यार्थी की आवश्यकता के अनुसार पुनः शिक्षण, अतिरिक्त अभ्यास, सरल उदाहरण, व्यक्तिगत सहायता तथा उपयुक्त शिक्षण-विधियों का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 32. निदानात्मक परीक्षण से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: विद्यार्थी के अधिगम में उपस्थित विशिष्ट कठिनाइयों, त्रुटियों और उनके कारणों की पहचान करने के लिए तैयार किया गया परीक्षण निदानात्मक परीक्षण कहलाता है।
इसके परिणामों के आधार पर शिक्षक उचित उपचारात्मक शिक्षण की योजना बनाता है। उपलब्धि परीक्षण जहाँ यह बताता है कि विद्यार्थी ने कितना सीखा, वहीं निदानात्मक परीक्षण यह बताता है कि कठिनाई कहाँ और क्यों है।
प्रश्न 33. क्रियात्मक शोध की उपयोगिता बताइए।
उत्तर: क्रियात्मक शोध विद्यालय एवं कक्षा की वास्तविक समस्याओं का वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक समाधान खोजने में उपयोगी है। इसकी प्रमुख उपयोगिताएँ हैं—
- स्थानीय एवं तात्कालिक समस्याओं का समाधान करता है।
- शिक्षण-विधियों एवं कार्यप्रणाली में सुधार लाता है।
- विद्यार्थियों की अधिगम-कठिनाइयों के समाधान में सहायता करता है।
- शिक्षक में आत्ममूल्यांकन एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करता है।
- विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक होता है।
प्रश्न 34. शोध या अनुसंधान से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: किसी समस्या, तथ्य या घटना का वैज्ञानिक, व्यवस्थित, वस्तुनिष्ठ एवं क्रमबद्ध अध्ययन करके सत्यापन अथवा नवीन ज्ञान प्राप्त करने की प्रक्रिया अनुसंधान कहलाती है।
अनुसंधान में समस्या का निर्धारण, तथ्य-संग्रह, विश्लेषण, व्याख्या तथा निष्कर्ष जैसे व्यवस्थित चरण अपनाए जाते हैं। इसका उद्देश्य केवल सूचना एकत्र करना नहीं, बल्कि विश्वसनीय ज्ञान प्राप्त करना है।
प्रश्न 35. अभिलेख लेखन का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: विद्यार्थी के व्यवहार, प्रगति, उपलब्धियों, गतिविधियों तथा अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं को व्यवस्थित, क्रमबद्ध और स्थायी रूप से दर्ज करने की प्रक्रिया अभिलेख लेखन कहलाती है।
अभिलेखों से विद्यार्थी की समयानुसार प्रगति की तुलना की जा सकती है तथा शिक्षक को मूल्यांकन, निर्देशन और आवश्यक सुधारात्मक कार्य के लिए उपयोगी जानकारी प्राप्त होती है।
प्रश्न 36. अच्छे प्रश्नों की विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: अच्छे प्रश्नों में निम्नलिखित विशेषताएँ होनी चाहिए—
- प्रश्न की भाषा स्पष्ट, सरल एवं संक्षिप्त हो।
- प्रश्न निर्धारित शिक्षण-उद्देश्य एवं विषय-वस्तु से सम्बन्धित हो।
- प्रश्न विद्यार्थी की आयु एवं मानसिक स्तर के अनुरूप हो।
- प्रश्न का आशय स्पष्ट हो और उसमें अनावश्यक अस्पष्टता न हो।
- उचित प्रश्न विद्यार्थियों को स्मरण के साथ चिन्तन एवं अनुप्रयोग के लिए भी प्रेरित करें।
- संकेतात्मक अथवा उत्तर सुझाने वाली भाषा से बचना चाहिए।
प्रश्न 37. मौखिक परीक्षण क्या है? इसके दोषों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: जिस परीक्षण में परीक्षक प्रश्न मौखिक रूप से पूछता है और विद्यार्थी उनका उत्तर मौखिक रूप से देता है, उसे मौखिक परीक्षण कहते हैं। इससे ज्ञान, समझ, तत्परता तथा अभिव्यक्ति का प्रत्यक्ष आकलन किया जा सकता है।
मौखिक परीक्षण के प्रमुख दोष—
- परीक्षक के व्यक्तिगत पक्षपात की सम्भावना रहती है।
- अधिक विद्यार्थियों की परीक्षा लेने में अधिक समय लगता है।
- सभी विद्यार्थियों को समान कठिनाई के प्रश्न देना कठिन होता है।
- उत्तर का स्थायी लिखित अभिलेख सामान्यतः उपलब्ध नहीं रहता।
- घबराहट के कारण विद्यार्थी वास्तविक योग्यता से कम प्रदर्शन कर सकता है।
प्रश्न 38. बालक के ज्ञानात्मक पक्ष का वर्गीकरण ब्लूम ने किस प्रकार किया है? समझाइए।
उत्तर: ब्लूम ने ज्ञानात्मक पक्ष को सरल से जटिल क्रम में निम्न छह स्तरों में वर्गीकृत किया—
- ज्ञान— तथ्यों, नियमों तथा सूचनाओं का स्मरण करना।
- बोध— प्राप्त ज्ञान का अर्थ समझना और उसकी व्याख्या करना।
- अनुप्रयोग— अर्जित ज्ञान का नई परिस्थिति में प्रयोग करना।
- विश्लेषण— विषय-वस्तु को भागों में विभाजित करके उनके सम्बन्धों को समझना।
- संश्लेषण— विभिन्न तत्वों को जोड़कर नवीन रूप या विचार का निर्माण करना।
- मूल्यांकन— निर्धारित कसौटियों के आधार पर किसी विचार या कार्य के सम्बन्ध में निर्णय करना।
ये स्तर विद्यार्थी के ज्ञानात्मक विकास को सरल मानसिक क्रियाओं से उच्चतर बौद्धिक क्षमताओं की ओर ले जाते हैं।
प्रश्न 39. शैक्षिक मापन एवं मूल्यांकन की अवधारणा पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: शैक्षिक मापन वह प्रक्रिया है जिसमें विद्यार्थी की उपलब्धि, योग्यता अथवा किसी अन्य शैक्षिक विशेषता को निर्धारित नियमों के अनुसार संख्यात्मक रूप में व्यक्त किया जाता है। जैसे—किसी विद्यार्थी का गणित में 80 अंक प्राप्त करना।
शैक्षिक मूल्यांकन मापन तथा अन्य गुणात्मक सूचनाओं के आधार पर यह निर्णय करने की व्यापक प्रक्रिया है कि निर्धारित शैक्षिक उद्देश्य किस सीमा तक प्राप्त हुए हैं।
इस प्रकार मापन मुख्यतः मात्रात्मक है, जबकि मूल्यांकन में मात्रात्मक एवं गुणात्मक दोनों सूचनाओं के साथ मूल्य-निर्णय भी सम्मिलित होता है। इसलिए मापन मूल्यांकन का एक अंग है।
प्रश्न 40. प्राथमिक स्तर की गतिविधियों में नवाचार बताइए।
उत्तर: प्राथमिक स्तर पर नवाचार का उद्देश्य शिक्षण को बालकेन्द्रित, गतिविधि-आधारित एवं रुचिकर बनाना है। इसके प्रमुख उदाहरण हैं—
- खेल आधारित शिक्षण— खेलों के माध्यम से भाषा, गणित एवं अन्य संकल्पनाओं का अधिगम।
- समूह कार्य— बच्चों को छोटे समूहों में मिलकर कार्य एवं समस्या-समाधान के अवसर देना।
- कहानी, गीत एवं संगीत— भाषा, मूल्य एवं विषय-वस्तु को रोचक ढंग से प्रस्तुत करना।
- गतिविधि एवं परियोजना आधारित अधिगम— करके सीखने और वास्तविक अनुभवों को बढ़ावा देना।
- स्थानीय सामग्री का प्रयोग— आसपास उपलब्ध वस्तुओं एवं परिवेश को शिक्षण-सामग्री के रूप में उपयोग करना।
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