वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. ब्लैक बोर्ड किस उपकरण की श्रेणी में है-
(a) कठोर
(b) मृदु
(c) दोनों
(d) कोई नहीं
उत्तर: (a) : ब्लैक बोर्ड कठोर उपकरण की श्रेणी में आता है। यह शिक्षण-अधिगम में प्रयुक्त स्थायी एवं कठोर दृश्य सहायक सामग्री है।
प्रश्न 2. प्रतिभाशाली बालकों की इन्द्रियाँ कैसी होती हैं-
(a) अविकसित
(b) सामान्य
(c) तीव्र
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (c) : पारम्परिक शैक्षिक वर्णन के अनुसार प्रतिभाशाली बालकों में तीव्र निरीक्षण एवं संवेदनशीलता पाई जाती है। अतः दिए गए विकल्पों में तीव्र सही उत्तर है।
प्रश्न 3. परामर्श के प्रमुख उद्देश्य हैं-
(a) आत्म-ज्ञान
(b) सामाजिक सामंजस्य
(c) आत्म-स्वीकृति
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d) : परामर्श व्यक्ति में आत्म-ज्ञान, आत्म-स्वीकृति तथा उचित सामाजिक समायोजन विकसित करने में सहायता करता है। अतः सही उत्तर उपरोक्त सभी है।
प्रश्न 4. दृष्टिबाधितों की शिक्षा का प्रावधान है-
(a) विशिष्ट शिक्षा में
(b) समन्वित शिक्षा में
(c) मुख्य धारा में
(d) उपरोक्त सभी में
उत्तर: (d) : दृष्टिबाधित बच्चों के लिए आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार विशिष्ट शिक्षा, समन्वित शिक्षा तथा सामान्य/मुख्यधारा की समावेशी शिक्षा की व्यवस्थाएँ की गई हैं। अतः सही उत्तर उपरोक्त सभी है।
प्रश्न 5. ब्रेल लिपि के आयताकार सेल में कितने उभरे हुए बिन्दु होते हैं-
(a) चार
(b) पाँच
(c) छः
(d) सात
उत्तर: (c) : मानक ब्रेल सेल में छः उभरे हुए बिन्दु होते हैं, जो तीन-तीन बिन्दुओं के दो स्तम्भों में व्यवस्थित होते हैं।
प्रश्न 6. श्रवण बाधित के वर्गीकरण का आधार होता है-
(a) डेसिबल अंक
(b) बुद्धिलब्धि
(c) शैक्षिक उपलब्धि
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (a) : श्रवण हानि की तीव्रता का वर्गीकरण मुख्यतः डेसिबल (dB) में मापी गई श्रवण-सीमा के आधार पर किया जाता है।
प्रश्न 7. एल्फ्रेड बिने ने पहला बुद्धि परीक्षण किया था-
(a) 1901
(b) 1879
(c) 1905
(d) 1911
उत्तर: (c) : अल्फ्रेड बिने और थियोडोर साइमन ने 1905 में प्रथम व्यावहारिक बुद्धि परीक्षण विकसित किया था।
प्रश्न 8. निम्न में से कौन प्रैक्टिकल रिकार्ड के पद नहीं हैं-
(a) कहानी
(b) निष्कर्ष
(c) गणना
(d) उद्देश्य
उत्तर: (a) : प्रायोगिक अभिलेख में उद्देश्य, प्रक्रिया/अवलोकन, गणना और निष्कर्ष जैसे पद हो सकते हैं। कहानी प्रैक्टिकल रिकॉर्ड का सामान्य पद नहीं है।
प्रश्न 9. प्रथम मनोवैज्ञानिक प्रयोगशाला की स्थापना की थी-
(a) सिगमंड फ्रायड
(b) वुण्ट
(c) थार्नडाइक
(d) पॉवलव
उत्तर: (b) : विल्हेम वुण्ट ने 1879 ई. में जर्मनी के लाइपज़िग विश्वविद्यालय में प्रथम प्रयोगात्मक मनोविज्ञान प्रयोगशाला स्थापित की थी।
प्रश्न 10. सही दृष्टि कहलाती है-
(a) 6/6
(b) 6/9
(c) 6/12
(d) 6/18
उत्तर: (a) : स्नेलन दृष्टि परीक्षण में 6/6 दृष्टि को सामान्य दृष्टि-तीक्ष्णता माना जाता है।
प्रश्न 11. मनोविज्ञान केन्द्र का प्रमुख कार्य है-
(a) निर्देशन
(b) प्रशिक्षण
(c) शोधकार्य
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d) : मनोविज्ञान केन्द्र के कार्यों में निर्देशन एवं परामर्श, प्रशिक्षण तथा मनोवैज्ञानिक शोध सम्मिलित हैं। अतः सही उत्तर उपरोक्त सभी है।
प्रश्न 12. हकलाने के कारण हैं-
(a) वंशानुक्रम
(b) वातावरण
(c) उपरोक्त दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (c) : दिए गए विकल्पों में उपरोक्त दोनों अपेक्षित उत्तर है। हकलाने में आनुवंशिक एवं तंत्रिका-विकासात्मक कारकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जबकि वातावरण, तनाव और बोलने की परिस्थितियाँ इसके लक्षणों की तीव्रता को प्रभावित कर सकती हैं।
प्रश्न 13. शिक्षा प्रक्रिया में अनुकूलन की आवश्यकता नहीं होती है-
(a) श्रवण बाधितों के लिए
(b) अस्थिबाधितों के लिए
(c) प्रतिभाशाली बालकों के लिए
(d) दृष्टिबाधितों के लिए
उत्तर: (c) : इस प्रश्न में अनुकूलन से आशय मुख्यतः दिव्यांगता से सम्बन्धित भौतिक एवं सहायक अनुकूलन से है, इसलिए दिए गए विकल्पों में प्रतिभाशाली बालक अपेक्षित उत्तर है। प्रतिभाशाली बच्चों को भी शैक्षिक दृष्टि से समृद्धिकरण, गतिवर्द्धन एवं पाठ्यक्रमीय अनुकूलन की आवश्यकता हो सकती है।
प्रश्न 14. विशिष्ट बालकों की शिक्षा के लिए चलाए जाते हैं-
(a) विशिष्ट कार्यक्रम
(b) संवर्धन कार्यक्रम
(c) उपचारी कार्यक्रम
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d) : विशिष्ट बालकों की विभिन्न आवश्यकताओं के अनुसार विशिष्ट कार्यक्रम, संवर्धन कार्यक्रम तथा उपचारात्मक कार्यक्रम चलाए जा सकते हैं। अतः सही उत्तर उपरोक्त सभी है।
प्रश्न 15. भारतीय पुनर्वास परिषद् अधिनियम कब पारित हुआ था-
(a) 1991
(b) 1992
(c) 1993
(d) 1994
उत्तर: (b) : भारतीय पुनर्वास परिषद् अधिनियम, 1992 संसद द्वारा पारित किया गया। भारतीय पुनर्वास परिषद् 1986 में एक पंजीकृत सोसायटी के रूप में स्थापित हुई थी और 22 जून 1993 से सांविधिक निकाय बनी।
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अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. परामर्शदाता के दो गुण बताइये।
उत्तर: परामर्शदाता के दो प्रमुख गुण हैं—(1) सहानुभूति तथा (2) सक्रिय श्रवण।
प्रश्न 17. पिछड़े बालकों की दो विशेषताएँ बताइये।
उत्तर: (1) उनकी सीखने की गति अपेक्षाकृत धीमी हो सकती है। (2) उनकी शैक्षिक उपलब्धि अपेक्षित कक्षा-स्तर से कम रह सकती है।
प्रश्न 18. निर्देशन के दो उपकरण बताइए।
उत्तर: निर्देशन के दो प्रमुख उपकरण हैं—(1) मनोवैज्ञानिक परीक्षण तथा (2) साक्षात्कार।
प्रश्न 19. डायट की स्थापना के दो उद्देश्य बताइये।
उत्तर:
- प्रारम्भिक स्तर के शिक्षकों को सेवापूर्व एवं सेवाकालीन प्रशिक्षण प्रदान करना।
- जिला स्तर पर विद्यालयों और शिक्षकों को अकादमिक, प्रशिक्षण एवं संसाधन सहायता प्रदान करना।
प्रश्न 20. डायट के कोई दो विभागों के नाम लिखिए।
उत्तर: DIET के दो प्रमुख विभाग हैं—(1) सेवापूर्व शिक्षक शिक्षा विभाग (PSTE) तथा (2) जिला संसाधन इकाई (DRU)।
प्रश्न 21. पर्यवेक्षण के कोई दो प्रकार लिखिए।
उत्तर: पर्यवेक्षण के दो प्रकार हैं—(1) नियंत्रणात्मक पर्यवेक्षण तथा (2) निरीक्षणात्मक पर्यवेक्षण।
प्रश्न 22. शारीरिक दक्षता से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: दैनिक एवं शारीरिक कार्यों को कुशलतापूर्वक तथा अत्यधिक थकान के बिना करने की क्षमता को शारीरिक दक्षता कहते हैं।
प्रश्न 23. निर्देशन शब्द से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: व्यक्ति को अपनी योग्यताओं, रुचियों, क्षमताओं एवं परिस्थितियों को समझकर उचित निर्णय लेने और समायोजन करने में दी जाने वाली सहायता को निर्देशन कहते हैं।
प्रश्न 24. श्रवण विकृति से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: ध्वनियों को आंशिक या पूर्ण रूप से सुनने अथवा समझने की क्षमता में कमी को श्रवण विकृति या श्रवण बाधिता कहते हैं।
प्रश्न 25. निदान शब्द से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: शिक्षा के सन्दर्भ में विद्यार्थी की अधिगम सम्बन्धी कठिनाई तथा उसके कारणों की व्यवस्थित पहचान करने की प्रक्रिया को निदान कहते हैं।
प्रश्न 26. अपवंचित बालक पिछड़े बालक से कैसे भिन्न है?
उत्तर: अपवंचित बालक सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक अथवा शैक्षिक अवसरों एवं सुविधाओं की कमी के कारण विकास के अवसरों से वंचित रहता है; जबकि पिछड़ा बालक मुख्यतः अपनी आयु या कक्षा के अपेक्षित शैक्षिक उपलब्धि स्तर से पीछे रहता है।
प्रश्न 27. हकलाने से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: बोलते समय ध्वनियों या शब्दों की अनैच्छिक पुनरावृत्ति, ध्वनि को लम्बा खींचना अथवा अचानक रुक जाना हकलाना कहलाता है। यह वाणी-प्रवाह सम्बन्धी विकार है।
प्रश्न 28. टी.एल.एम. से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: T.L.M. का पूरा नाम Teaching Learning Material (शिक्षण-अधिगम सामग्री) है। यह ऐसी सामग्री है जो शिक्षण को सरल, रोचक, स्पष्ट एवं प्रभावी बनाने में सहायता करती है।
प्रश्न 29. बुद्धिलब्धि के सन्दर्भ में वास्तविक आयु क्या है?
उत्तर: व्यक्ति की जन्मतिथि से परीक्षण की तिथि तक की वास्तविक आयु को वास्तविक या कालानुक्रमिक आयु (Chronological Age) कहते हैं।
IQ = (मानसिक आयु / वास्तविक आयु) × 100
प्रश्न 30. परामर्श में सहयोग देने वाली संस्थाओं के नाम बताइये।
उत्तर: परामर्श में सहयोग देने वाली प्रमुख संस्थाएँ हैं—मनोविज्ञानशाला, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज; मण्डलीय मनोविज्ञान केन्द्र; जिला चिकित्सालय तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET)।
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लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. एक अच्छे परामर्शदाता के चार कार्य लिखिए।
उत्तर: एक अच्छे परामर्शदाता के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं-
- समस्या को समझना: परामर्शार्थी की बात सक्रिय रूप से सुनकर उसकी समस्या, भावनाओं और परिस्थितियों को समझना।
- आत्मबोध विकसित करना: व्यक्ति को अपनी क्षमताओं, सीमाओं, भावनाओं एवं व्यवहार को समझने में सहायता देना।
- निर्णय एवं समस्या-समाधान में सहायता: उपलब्ध विकल्पों पर विचार कर व्यक्ति को स्वयं उचित निर्णय लेने में समर्थ बनाना।
- अनुवर्ती सहायता: निर्धारित योजना की प्रगति का मूल्यांकन करना और आवश्यकता के अनुसार आगे सहयोग प्रदान करना।
प्रश्न 32. समुदाय के साथ उपयोग सम्बन्धी कार्य बताइये।
उत्तर: विद्यालय एवं शिक्षा व्यवस्था को समुदाय के साथ सहयोगात्मक सम्बन्ध स्थापित करके बच्चों के विकास के लिए स्थानीय संसाधनों का उपयोग करना चाहिए। प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं-
- शैक्षिक जागरूकता: नामांकन, नियमित उपस्थिति एवं शिक्षा के महत्व के प्रति समुदाय को जागरूक करना।
- अभिभावक सहभागिता: माता-पिता को विद्यालय की गतिविधियों एवं बच्चे की प्रगति से जोड़ना।
- स्थानीय संसाधनों का उपयोग: समुदाय के जानकार व्यक्तियों, संस्थाओं एवं उपलब्ध संसाधनों को शिक्षण से जोड़ना।
- वंचित बच्चों की पहचान: विद्यालय से बाहर, कार्यशील या सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित बच्चों को शिक्षा से जोड़ना।
- स्वास्थ्य एवं स्वच्छता: स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण और सामाजिक जागरूकता सम्बन्धी कार्यक्रम आयोजित करना।
प्रश्न 33. निर्देशन एवं परामर्श में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
| आधार | निर्देशन | परामर्श |
|---|---|---|
| स्वरूप | यह व्यापक सहायता-प्रक्रिया है। | यह अपेक्षाकृत गहन एवं व्यक्तिगत सहायता-प्रक्रिया है। |
| उद्देश्य | उचित चयन, निर्णय और समायोजन में सहायता देना। | व्यक्ति को अपनी समस्या समझकर स्वयं समाधान तक पहुँचने में सहायता देना। |
| क्षेत्र | शैक्षिक, व्यावसायिक और वैयक्तिक सभी क्षेत्रों में दिया जा सकता है। | मुख्यतः वैयक्तिक, संवेगात्मक एवं विशिष्ट समस्याओं पर अधिक केन्द्रित होता है। |
| रूप | व्यक्तिगत तथा सामूहिक दोनों हो सकता है। | मुख्यतः व्यक्तिगत अन्तःक्रिया पर आधारित है, यद्यपि समूह परामर्श भी सम्भव है। |
| विशेषज्ञता | शिक्षक एवं निर्देशन-कर्मी भी अनेक निर्देशन सेवाएँ दे सकते हैं। | गंभीर समस्याओं के लिए प्रशिक्षित परामर्शदाता की आवश्यकता होती है। |
प्रश्न 34. मानसिक मंदता से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: पारम्परिक पाठ्यक्रम में प्रयुक्त मानसिक मंदता को आधुनिक शब्दावली में बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability) कहा जाता है। यह ऐसी विकासात्मक अवस्था है जिसमें बौद्धिक कार्यक्षमता के साथ-साथ दैनिक जीवन से सम्बन्धित अनुकूलन कौशलों में भी महत्वपूर्ण कठिनाई होती है और यह विकासकाल में प्रकट होती है।
इसके सम्भावित कारणों में शामिल हैं-
- आनुवंशिक या गुणसूत्रीय स्थितियाँ।
- गर्भावस्था के दौरान संक्रमण अथवा हानिकारक प्रभाव।
- जन्म के समय उत्पन्न गंभीर जटिलताएँ।
- मस्तिष्क में चोट या संक्रमण।
- गंभीर कुपोषण अथवा अन्य प्रतिकूल जैविक परिस्थितियाँ।
पहचान केवल IQ के आधार पर नहीं, बल्कि बौद्धिक कार्यक्षमता और अनुकूलन व्यवहार दोनों के मूल्यांकन से की जाती है।
प्रश्न 35. वाद-विवाद विधि से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: वाद-विवाद विधि ऐसी शिक्षण-विधि है जिसमें किसी विषय या समस्या के पक्ष और विपक्ष में विद्यार्थी तर्क प्रस्तुत करते हैं। इससे वे तथ्यों का अध्ययन, तार्किक विश्लेषण तथा अपने विचारों की स्पष्ट अभिव्यक्ति करना सीखते हैं।
वाद-विवाद विधि के प्रमुख लाभ-
- तार्किक एवं आलोचनात्मक चिंतन का विकास।
- विचारों को क्रमबद्ध ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता।
- मौखिक अभिव्यक्ति एवं सार्वजनिक वक्तृत्व कौशल का विकास।
- दूसरों के मत को सुनने और सम्मान करने की प्रवृत्ति।
- आत्मविश्वास एवं सक्रिय सहभागिता में वृद्धि।
प्रश्न 36. अपवंचन क्या है?
उत्तर: अपवंचन वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति या बालक आवश्यक सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, पारिवारिक अथवा शैक्षिक अवसरों, साधनों और उद्दीपनों से पर्याप्त रूप से वंचित रहता है, जिससे उसके समुचित विकास में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
अपवंचन गरीबी, सामाजिक बहिष्करण, शिक्षा के अवसरों की कमी, प्रतिकूल पारिवारिक परिस्थितियों अथवा सांस्कृतिक संसाधनों के अभाव के कारण हो सकता है। यह आवश्यक नहीं है कि बालक की मूल क्षमता कम हो; अनुकूल अवसर मिलने पर उसकी उपलब्धि में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है।
प्रश्न 37. सृजनात्मकता के प्रमुख तत्व बताइये।
उत्तर: सृजनात्मक चिंतन के प्रमुख तत्व निम्नलिखित हैं-
- प्रवाह (Fluency): किसी समस्या के लिए अधिक संख्या में विचार या समाधान प्रस्तुत करने की क्षमता।
- लचीलापन (Flexibility): विभिन्न दृष्टिकोणों से सोचने और विचार की दिशा बदलने की क्षमता।
- मौलिकता (Originality): नवीन, असामान्य एवं मौलिक विचार प्रस्तुत करने की क्षमता।
- विस्तार (Elaboration): किसी विचार में आवश्यक विवरण जोड़कर उसे विकसित करने की क्षमता।
प्रश्न 38. अधिगम अक्षमता वाले बालकों के दो प्रकार बताइये।
उत्तर: अधिगम अक्षमता के दो प्रमुख प्रकार हैं-
- डिस्लेक्सिया: पढ़ने तथा लिखित शब्दों को पहचानने में विशिष्ट कठिनाई।
- डिसग्राफिया: लेखन, अक्षर-निर्माण तथा लिखित अभिव्यक्ति में विशिष्ट कठिनाई।
इसके अतिरिक्त डिस्कैल्कुलिया गणित सम्बन्धी विशिष्ट अधिगम अक्षमता है।
प्रश्न 39. मंदबुद्धि बालकों की पहचान बताइये।
उत्तर: पारम्परिक रूप से मंदबुद्धि कहे जाने वाले बच्चों के लिए आधुनिक शब्द बौद्धिक अक्षमता वाले बालक है। इनकी पहचान निम्न संकेतों से की जा सकती है-
- बैठने, चलने, बोलने जैसी विकासात्मक उपलब्धियों में उल्लेखनीय विलम्ब।
- नई अवधारणाओं को समझने एवं समस्या-समाधान में लगातार कठिनाई।
- भाषा एवं संचार-कौशल का अपेक्षाकृत धीमा विकास।
- विद्यालयी अधिगम में लगातार अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता।
- स्व-देखभाल, सामाजिक व्यवहार तथा दैनिक जीवन के अनुकूलन कौशलों में कठिनाई।
अन्तिम पहचान केवल किसी एक लक्षण या IQ के आधार पर नहीं की जाती। इसके लिए बौद्धिक क्षमता, अनुकूलन व्यवहार तथा विकासात्मक इतिहास का विशेषज्ञ मूल्यांकन आवश्यक है।
प्रश्न 40. निरीक्षण प्रणाली में सुधार के कोई दो सुझाव लिखिए।
उत्तर:
- निरीक्षण को सुधारात्मक एवं सहयोगात्मक बनाया जाए: निरीक्षक केवल त्रुटियाँ खोजने के बजाय शिक्षकों एवं विद्यालय को व्यावहारिक सुझाव, मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता प्रदान करे।
- नियमित अनुवर्ती कार्य किया जाए: निरीक्षण के बाद दिए गए सुझावों के क्रियान्वयन एवं सुधार की प्रगति की पुनः समीक्षा की जाए।
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