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शिक्षण अधिगम के सिद्धान्त Previous Year Paper 2024

UP DELED Semester 1 शिक्षण अधिगम के सिद्धान्त Previous Year Question Paper 2024 with solution.

Section 1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. "शिक्षण पुनर्बलन की आवश्यकताओं का क्रम है।" किसका कथन है-

(a) बी.एफ.स्किनर

(b) रायबर्न

(c) क्लार्क

(d) रस्क

उत्तर: (a) : बी.एफ.स्किनर ने शिक्षण का अर्थ स्पष्ट करते हुए लिखा है, "शिक्षण पुनर्बलन की आवश्यकताओं का क्रम है।"

प्रश्न 2. "शिक्षण का प्रमुख कार्य, विचारों तथ्यों एवं सूचनाओं को शिक्षार्थियों तक पहुँचाना है" किसका कथन है-

(a) ब्रूनर

(b) हरबर्ट

(c) फ्रोबेल

(d) बी.एस.ब्लूम

उत्तर: (c) : "शिक्षण का प्रमुख कार्य, विचारों तथ्यों एवं सूचनाओं को शिक्षार्थियों तक पहुँचाना है" यह कथन फ्रोबेल का है。

प्रश्न 3. शिक्षण अधिगम सिद्धांत किसके लिए वैज्ञानिक आधार प्रस्तुत करते हैं-

(a) शिक्षण के नियोजन

(b) शिक्षण की व्यवस्था

(c) शिक्षण का मूल्यांकन

(d) उपर्युक्त सभी

उत्तर: (d) : शिक्षण अधिगत सिद्धांत, शिक्षण के नियोजन, शिक्षण की व्यवस्था और शिक्षण के मूल्यांकन सभी के लिए वैज्ञानिक आधार प्रस्तुत करते है。

प्रश्न 4. शिक्षण में उदाहरण के आधार पर छात्र आसानी से समझ जाते हैं-

(a) संकल्पनाओं को

(b) कठिन तथ्यों को

(c) अमूर्त भावों को

(d) उपर्युक्त सभी

उत्तर: (d) : शिक्षण में उदाहरण के आधार पर छात्र, संकल्पनाओं को, कठिन तथ्यों को, अमूर्त भावों को अर्थात उपर्युक्त सभी को आसानी से समझ जाते है。

प्रश्न 5. प्रश्नोत्तर शिक्षण विधि किसके समय से चली आने वाली एक प्राचीन पद्वति है-

(a) सुकरात

(b) जॉन डी.वी.

(c) रूसो

(d) स्मिथ

उत्तर: (a) : प्रश्नोत्तर शिक्षण विधि सुकरात के समय से चली आने वाली एक प्राचीन पद्धति है। इस विधि को सोकरेटिक मेथड भी कहा जाता है。

प्रश्न 6. प्रश्न कौशल के घटक हैं-

(a) प्रश्नों की संरचना

(b) प्रस्तुतीकरण

(c) वितरण

(d) उपर्युक्त सभी

उत्तर: (d) : प्रश्न कौशल के उपर्युक्त सभी घटक है。

प्रश्न 7. "अनुभव के द्वारा व्यवहार में होने वाले परिवर्तन को सीखना कहते हैं।" परिभाषा है-

(a) कोहलर

(b) गेट्स

(c) पावलव

(d) ब्रूनर

उत्तर: (b) : गेट्स महोदय के अनुसार, "अनुभव के द्वारा व्यवहार में होने वाले परिवर्तन को सीखना कहते हैं।"

प्रश्न 8. कक्षा में सम्प्रेषण का प्रारूप होता है-

(a) शाब्दिक सम्प्रेषण

(b) अशाब्दिक सम्प्रेषण

(c) शाब्दिक एवं अशाब्दिक सम्प्रेषण

(d) लिखित सम्प्रेषण

उत्तर: (c) : कक्षा के कमरों में अध्यापक और विद्यार्थियों के बीच जो संप्रेषण होता है उसे शाब्दिक एवं अशाब्दिक संप्रेषण कहत हैं。

प्रश्न 9. "ज्ञात से अज्ञात की ओर" सूत्र की ओर सबसे पहले किसने ध्यान आकर्षित किया-

(a) स्पेन्सर

(b) हरबर्ट

(c) ड्यूवी

(d) प्लेटो

उत्तर: (a) : "ज्ञात से अज्ञात की ओर" सूत्र का सम्बन्ध संश्लेषण विधि से है। हरबर्ट स्पेन्सर नामक शिक्षाशास्त्री ने इस विधि पर सर्वप्रथम ध्यान आकर्षित किया。

प्रश्न 10. विद्यालय पर्यटन सर्वप्रथम किस शिक्षा शास्त्री की देन है-

(a) प्रो. राय

(b) रेमण्ड

(c) प्लेटो

(d) पी.एन. रॉय

उत्तर: (c) : विद्यालय पर्यटन सर्वप्रथम प्लेटों नामक शिक्षा शास्त्री की देन है。

प्रश्न 11. शिक्षण प्रक्रिया को कौशल के रूप में किस संस्था ने सर्वप्रथम अध्ययन किया-

(a) स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय

(b) जे.एन.यू.

(c) फोर्ट विलियम कॉलेज

(d) एन.सी.ई.आर.टी.

उत्तर: (a) : शिक्षण प्रक्रिया को कौशल के रूप में स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय ने सर्वप्रथम अध्ययन किया。

प्रश्न 12. जब छात्र टॉक (Talk) और चॉक से नहीं समझते हैं, तो शिक्षक प्रयोग करता है-

(a) शिक्षण विधि

(b) सहायक सामग्री

(c) श्याम पट्ट

(d) मौखिक कार्य

उत्तर: (b) : जब छात्र टॉक (Talk) और चॉक से नहीं समझते हैं, तो शिक्षक 'शिक्षण सहायक सामग्री' (T.L.M.) का प्रयोग करता है。

प्रश्न 13. छात्रों में क्रियाशीलता का आन्दोलन सर्वप्रथम किसने किया-

(a) रूसो

(b) फिलपेट्रिक

(c) फ्राबेल

(d) माण्टेसरी

उत्तर: (c) : छात्रों में क्रियाशीलता का आन्दोलन सर्वप्रथम फ्राबेल ने किया。

प्रश्न 14. शिक्षण अधिगम सामग्री का कक्षा में प्रयोग करना चाहिए-

(a) अधिक से अधिक

(b) कम से कम

(c) आवश्यकतानुसार

(d) कभी - कभी

उत्तर: (c) : शिक्षण अधिगम सामग्री का प्रयोग कक्षा में आवश्यकतानुसार करना चाहिए。

प्रश्न 15. "रुचि एक ऐसी प्रेरक शक्ति है, जो हमें किसी व्यक्ति वस्तु अथवा क्रिया के प्रति ध्यान देने हेतु प्रेरित करती है।" किसका कथन है-

(a) ड्रेवर

(b) क्रो एण्ड क्रो

(c) बी.एस.ब्लूम

(d) हरबर्ट

उत्तर: (b) : क्रो एण्ड क्रो के अनुसार "रुचि एक ऐसी प्रेरक शक्ति है, जो हमें किसी व्यक्ति वस्तु अथवा क्रिया के प्रति ध्यान देने हेतु प्रेरित करती है।"

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 16. अशाब्दिक सम्प्रेषण क्या है?

उत्तर: अशाब्दिक सम्प्रेषण वह है जिसमें भाषा का प्रयोग नहीं किया जाता। इसमें वाणी, संकेतों से, आँखों से, मुँह से हाव-भावों से एवं स्पर्श-सम्पर्क आदि से संप्रेषण किया जाता है。

प्रश्न 17. लघु क्षेत्रीय पर्यटन से क्या अभिप्राय है?

उत्तर: लघु क्षेत्रीय पर्यटन, जिसे ग्रामीण पर्यटन या कम आबादी वाले क्षेत्रों में पर्यटन भी कहा जाता है, का अर्थ है कम अबादी वाले गैर-शहरी स्थानों की यात्रा करना。

प्रश्न 18. बाल केन्द्रित शिक्षण की विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर: बाल केन्द्रित शिक्षण का केन्द्र बिन्दु बालक होता है। बाल केन्द्रित शिक्षण के अन्तर्गत बालक की रूचियों, क्षमताओं और प्रवृतियों को ध्यान में रखकर शिक्षण प्रदान किया जाता है。

प्रश्न 19. दृष्टांत कौशल क्या है?

उत्तर: दृष्टांत कौशल के अन्तर्गत शिक्षण के उपकरणों के मध्य उदाहरण का अर्थ, प्रकाश डालना और अध्यापन में उदाहरण का तात्पर्य बालकों को ज्ञान का स्पष्टीकरण कराने तथा भावों को आत्मसात् करने से है。

प्रश्न 20. श्यामपट्ट कौशल के घटकों का नाम लिखिए।

उत्तर: श्यामपट्ट कौशल के मुख्य तीन घटक है- (i) लिखावट की सुस्पष्टता (ii) श्यामपट्ट की स्वच्छता (iii) श्यामपट्ट कार्य का औचित्य。

प्रश्न 21. अपेक्षित अधिगम स्तर का शाब्दिक अर्थ बताइए।

उत्तर: अपेक्षित अधिगम स्तर की रचना तीन शब्दों से हुई है- अपेक्षित अधिगम और स्तर। अपेक्षित शब्द का अर्थ होता है ज्ञात करना। अधिगम शब्द का अर्थ होता है सीखना अर्थात सीखने को जीवनोपयोगी दक्षताओं में परिवर्तन करना भी अधिगम कहलाता है। स्तर शब्द का आशय उपलब्धि के स्तरों से लगाया जाता है。

प्रश्न 22. मिनी टूल किट के कुछ उपकरण बताइए।

उत्तर: मिनी टूल किट उन वस्तुओं में से एक है जिन्हें ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड योजना के तहत प्राथमिक स्तर पर आवश्यक सुविधाओं के रूप में सूचीबद्ध किया गया है。

प्रश्न 23. पुनर्बलन कितने प्रकार का होता है?

उत्तर: पुनर्बलन दो प्रकार का होता है। (i) घनात्मक पुनर्बलन (ii) ऋणात्मक पुनर्बलन。

प्रश्न 24. फ्रोबेल के अनुसार शिक्षण सूत्र क्या है?

उत्तर: किंडरगार्टेन विधि का प्रतिपादन जर्मनी के प्रसिद्ध शिक्षाशास्त्री फ्राबेल के द्वारा किया गया है। किंडरगार्टेन का शाब्दिक अर्थ 'उद्यान' है इसमें खेल गीतों तथा उपहारों के द्वारा शिक्षा दी जाती है。

प्रश्न 25. क्रियात्मक परक शिक्षण किस सिद्धांत पर आधारित है?

उत्तर: क्रियात्मक परक शिक्षण कक्षा शिक्षण का एक भाग है। यह इस समझ को आगे बढ़ाने में मदद करता है कि शिक्षण व्यक्तिगत ज्ञान, परीक्षण और त्रुटि, अभ्यास पर परावर्तन, और स्कूल प्रणाली के भीतर सहकर्मियों, छात्रों और अन्य हितधारकों के साथ अन्तःक्रिया या संवाद से प्रभावित होता है。

प्रश्न 26. किन्दी दो नवीन शिक्षण विधियों का नाम बताइए।

उत्तर: शिक्षण की दो नवीन विधियों का नाम- (i) शिक्षण केन्द्रित शिक्षण (ii) दक्षता आधारित शिक्षण。

प्रश्न 27. शिक्षण अधिगम सामग्री के निर्माण में क्या सावधानी रखनी चाहिए।

उत्तर: शिक्षण अधिगम सामग्री छात्रों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। (i) लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए (ii) विषयवस्तु की प्रासंगिकता (iii) सामग्री की गुणवत्ता (iv) सामग्री की मात्रा (v) सामग्री का उपयोग आदि。

प्रश्न 28. सूक्ष्म शिक्षण की परिभाषा लिखिए।

उत्तर: बी. एम. शोरे के अनुसार, "सूक्ष्म शिक्षण कम समय, कम छात्रों तथा कम क्रियाओं वाली प्रविधि है।"

प्रश्न 29. शैक्षिक उद्देश्यों को प्रमुखतः किन तीन पक्षों में बांटा जाता है।

उत्तर: सर्वप्रथम शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य शिक्षाविद् बी.एस. ब्लूम ने किया था। ब्लूम ने शैक्षिक उद्देश्यों को प्रमुखतः तीन पक्ष, ज्ञानात्मक पक्ष, भावात्मक पक्ष और क्रियात्मक पक्ष में बांटा है。

प्रश्न 30. न्यूनतम अधिगम स्तर की आवश्यकता के लिए जिम्मेदार किन्दी दो कारणों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: न्यूनतम अधिगम स्तर यह सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित किए जाते है कि सभी छात्रों को एक निश्चित स्तर की शिक्षा प्राप्त हो। इसके आवश्यकता के लिए जिम्मेदार दो कारण निम्नवत् है- (i) शैक्षिक आवश्यकताएँ (ii) राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय मानकों की पूर्ति。

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 31. सूक्ष्म शिक्षण सोपान क्या है?

उत्तर: सूक्ष्म शिक्षण प्रक्रिया सामान्यतः निम्न सोपानों में की जाती है-

  • (i) प्रथम सोपान - पाठ योजना निर्माण
  • (ii) द्वितीय सोपान - कक्षा शिक्षण
  • (iii) तृतीय सोपान - प्रतिपुष्टि
  • (iv) चतुर्थ सोपान - पुनः पाठ योजना
  • (v) पंचम सोपान - पुनर्शिक्षण
  • (vi) षष्ठ्म सोपान - पुनः प्रतिपुष्टि

प्रश्न 32. श्रव्य दृश्य सामग्री कैसी होनी चाहिए।

उत्तर: श्रव्य दृश्य सामग्री शिक्षा के विभिन्न प्रकरणों को रोचक, स्पष्ट तथा सजीव बनाती है। इसमें "ज्ञानेन्द्रियाँ प्रभावित होकर पढाये गये पाठ को स्थायी बनाने में सहायता प्रदान करती है।" श्रव्य-दृश्य सामग्री के प्रयोग से शिक्षण आनन्ददायक हो जाता है और छात्रों के मन पर स्थायी प्रभाव छोड़ जाता है。

प्रश्न 33. शैक्षिक दूरदर्शन कार्यक्रम की आधारभूत प्रक्रिया बताइए।

उत्तर: दूरदर्शन संप्रेषण संचार क्रिया का एक शक्तिशाली माध्यम है। जो शिक्षा प्राप्ति में छात्रों के श्रवण तथा दृष्टि संबंधी इन्द्रियों के प्रयोग पर बल देता है यह उपकरण हमें इस योग्य बनाता है कि सुदूर से बोला जाने वाला या लिखा हुआ प्रत्येक शब्द चित्र, दृश्य, आवाज और घटने वाली घटनाओं को तत्काल ही प्रेषित किया जा सके。

प्रश्न 34. निदानात्मक शिक्षण के प्रमुख साधनों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: निदानात्मक परीक्षण वह साधन है, जो शैक्षिक वैज्ञानिकों के द्वारा विद्यार्थियों की कठिनाईयों को ज्ञात करने और यथासम्भव उन कठिनाइयों के कारणों को व्यक्त करने के लिए किया गया है。

क्रो व क्रो निदात्मक परीक्षणों का निर्माण विद्यार्थियों की अधिगम संबंधी विशिष्ट कठिनाईयों का ज्ञान प्राप्त करने या निदान प्राप्त करने के लिए किया जाता है। निदानात्मक परीक्षण के प्रमुख साधन निम्न लिखित है-

  • (i) शिक्षार्थियों के पठन का निरन्तर निरीक्षण
  • (ii) रूचि-अभिज्ञापन प्रश्नावली का प्रयोग
  • (iii) पठन के समय आँखों की गति का निरीक्षण
  • (iv) शिक्षक निर्मित पठन-परीक्षण

प्रश्न 35. किसी एक शिक्षण प्रविधि को विस्तार से समझाइए।

उत्तर: प्रश्नोत्तर प्रविधि- यह प्रविधि शिक्षण क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इस प्रविधि का जन्मदाता प्रसिद्ध विद्वान सुकरात था। अतः इस प्रविधि को सोकरेटिक मेथड भी कहा जाता है। इस प्रविधि में अध्यापक विद्यार्थियों से प्रश्न पूछकर अपने पाठ का विकास करता है। वह पूर्व ज्ञान से सम्बन्धित प्रश्न पूछता है तथा शिक्षण बिन्दुओं के साथ भी प्रश्न पूछता हुआ आगे बढ़ता है। इस प्रविधि में प्रश्नों एवं उत्तरों की प्रधानता होने के कारण ही इसे प्रश्नोत्तर प्रविधि भी कहा जाता है。

प्रश्न 36. उपचारात्मक शिक्षण किसे कहते हैं? इस शिक्षण में प्रयुक्त होने वाली विधियों को भी समझाइए।

उत्तर: शिक्षाशास्त्र में उपचार शब्द औषधि शास्त्र से ग्रहण किया गया है, उपचारात्मक शिक्षण का क्षेत्र विस्तृत है। आधारभूत विषयों में समफलता प्राप्त न कर सकने के कारण विद्यार्थी के सामने अधिगम संबंधी अनेक कठिनाईयाँ आती है। इसलिए उपचारात्मक शिक्षा में आधारभूत विषयों को स्थान दिया जाता है。

उपचारात्मक शिक्षण प्रदान करने की विधियाँ-

  • (i) छोटे-छोटे समूहों में विद्यार्थियों को बांटकर उनकी समस्या के आधार पर शिक्षण व्यवस्था करना।
  • (ii) प्रति विद्यार्थी सम्बन्धी दोषों को व्यक्तिशः ज्ञात करके उनके निवारण के उपाय के लिए कथन
  • (iii) विद्यार्थियों का त्रुटि संशोधन।

प्रश्न 37. छात्र सहभागिता कौशल से आप क्या समझते हैं? कक्षा-कक्ष में छात्र सहभागिता की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: अध्ययन-अध्यापन संस्थितियों में शिक्षक के साथ-साथ विद्यार्थियों की मानसिक, बौद्धिक तथा क्रियात्मक सक्रियता ही छात्र सहभागिता कौशल है। अतः कह सकते है कि मन, बुद्धि तथा तथा क्रियाओं की दृष्टि से छात्र सहभागिता, अधिगम का एक आवश्यक अंग है。

कक्षा-कक्ष में छात्र सहभागिता की आवश्यकता-

  • (i) वास्तविक समय की जानकारी का लाभ उठाए
  • (ii) सक्रिय शिक्षण
  • (iii) छात्रों की प्रेरणा पर ध्यान दें
  • (iv) छात्र की आवाज
  • (v) छात्र की पसंद
  • (vi) विभेदीकरण आदि

प्रश्न 38. सम्प्रेषण प्रक्रिया में किन तत्वों का होना आवश्यक है? संक्षेप में बताइए।

उत्तर: सम्प्रेषण दो शब्दों से मिलकर बना है- सम्+ प्रेषण अर्थात् समान रूप से भेजा गया। सम्प्रेषण को अंग्रेजी में कम्यूनीकेशन कहते है। संप्रेषण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति अपने ज्ञान, हाव-भाव, मुख-मुद्रा तथा विचारों आदि का परस्पर आदान-प्रदान करते है तथा इस प्रकार से प्राप्त विचारों अथवा संदेशों को समान तथा सही अर्थों में समझने और प्रेषण करने में उपयोग करते है。

अतः सम्प्रेषण में निम्नलिखित तत्व का होना आवश्यक है-

  • (i) सम्प्रेषण सन्दर्भ
  • (ii) संदेश का स्रोत
  • (iii) संदेश
  • (iv) माध्यम
  • (v) संकेत या प्रतीक
  • (vi) एनकोडिंग
  • (vii) डिकोडिंग
  • (viii) पृष्ठ पोषण
  • (ix) संदेश ग्रहणकर्ता

प्रश्न 39. शिक्षण अधिगम सामग्री के रख-रखाव में बरती जाने वाली सावधानियों को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: शिक्षण अधिगम सामग्री पर ही उसकी सफलता एवं असफलता निर्भर करती है। अतः निर्माण से पूर्व उन समस्त तथ्यों पर विचार करना आवश्यक है जो कि इसको सर्वोत्तम उद्देश्यपूर्ण एवं श्रेष्ठ सामग्री के रूप में विकसित करते है। इसलिए शिक्षण अधिगम सामग्री के निर्माण से पूर्व निम्नलिखित सावधानियों को ध्यान में रखना चाहिए-

  • (i) उद्देश्य की पूर्ति, कक्षा-कक्ष के अनुसार आकार, छात्रों के स्तरानुकूल, प्रमुख बिन्दुओं का प्रदर्शन, रोचक एवं आकर्षक, प्रभावशाली, अल्प लागत, रंगों का उचित प्रयोग, विषय की स्पष्टता, सृजनातमकता पूर्व, अनुपयोगी पदार्थ का प्रयोग आदि।

प्रश्न 40. शिक्षण सिद्धान्त के प्रमुख आधारों का वर्णन कीजिए।

उत्तर: शिक्षण सिद्धांत के प्रमुख आधार निम्नलिखित है-

  • (i) शिक्षा के उद्देश्य - यह प्रथम आधार है। यह तय करना आवश्यक है कि शिक्षा का मुख्य उद्देश्य क्या है।
  • (ii) छात्रों की आवश्यकताएँ - दूसरा आधार छात्रों की आवश्यकताएँ है, जैसे व्यक्तिगत आवश्यकता, रूचियाँ और क्षमताओं को ध्यान में रखना चाहिए।
  • (iii) शिक्षण विधियाँ - शिक्षकों को विभिन्न शिक्षण विधियों का चयन करना चाहिए जो छात्रों की आवश्यकताओं को पूरा करती है।
  • (iv) शिक्षण सामग्री - शिक्षण सामग्री ऐसी होनी चाहिए जो शिक्षा के उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद करें।
  • (v) मूल्यांकन - शिक्षकों को छात्रों की प्रगति का मूल्यांकन करना चाहिए और शिक्षण विधियों को सुधारने के लिए आवश्यक बदलाव करना चाहिए।

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