वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. केन्द्रीय प्रवृत्ति का मापक नहीं है -
(a) मध्यमान
(b) मध्यांक
(c) प्रसार
(d) बहुलक
उत्तर: (c) : केन्द्रीय प्रवृत्ति का मापक प्रसार नहीं है क्योंकि केन्द्रीय प्रवृत्ति को सांख्यिकीय माप के रूप में बताया गया है。
प्रश्न 2. थार्नडाइक ने सीखने से सम्बन्धित मुख्य कितने सिद्धान्तों का प्रतिपादन किया है ?
(a) 5
(b) 4
(c) 6
(d) 3
उत्तर: (d) : थार्नडाइक ने सीखने से सम्बन्धित मुख्य तीन सिद्धान्तों का प्रतिपादान किया है
- तत्परता का नियम
- अभ्यास का नियम
- प्रभाव का नियम
प्रश्न 3. नवजात शिशु में हड्डियों की संख्या होती है -
(a) 100
(b) 205
(c) 270
(d) 306
उत्तर: (d) : जन्म के समय नवजात शिशु में 306 हड्डियाँ होती हैं। बाल्यावस्था में हड्डियों की संख्या 270 हो जाती है और किशोरावस्था व प्रौढ़ावस्था में हड्डियों की संख्या 206 होती है。
प्रश्न 4. क्रिया-प्रसूत अधिगम सिद्धान्त के प्रतिपादक है -
(a) टालमैन
(b) स्किनर
(c) कोहलर
(d) हल
उत्तर: (b) : क्रिया प्रसूत अधिगम सिद्धान्त के प्रतिपादक बी.एफ. स्किनर हैं। यह उद्दीपन अनुक्रिया पर आधारित एक नवीन सिद्धांत है। इसमें अनुक्रिया पुनर्बलन से संबंधित होती है。
प्रश्न 5. आपराधिक प्रवृत्ति का सर्वाधिक विकास होता है -
(a) शैशवावस्था
(b) बाल्यावस्था
(c) किशोरावस्था
(d) प्रौढ़ावस्था
उत्तर: (c) : आपराधिक प्रवृत्ति का सर्वाधिक विकास किशोरावस्था में होता है। किशोरावस्था बड़े नाजुक और परिवर्तन का काल होता है। किशोरावस्था में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक परिवर्तन देखने को मिलते हैं。
प्रश्न 6. संज्ञानात्मक क्षमता की कमी से व्यक्तित्व में कठिनाई होती है -
(a) शारीरिक विकास में
(b) बौद्धिक विकास में
(c) व्यावसायिक विकास में
(d) समायोजन में
उत्तर: (b) : संज्ञानात्मक क्षमता की कमी से व्यक्ति के बौद्धिक विकास में कठिनाई होती है। संज्ञानात्मक अक्षमता बहुत व्यापक है। यह कम संज्ञानात्मक क्षमता, अनुकूल व्यवहार, बौद्धिक कार्यात्मक प्रदर्शन या व्यक्ति की अधिगम की क्षमता को प्रभावित कर सकती है。
प्रश्न 7. "किसी दूसरी वस्तु की अपेक्षा एक ही वस्तु पर चेतना का केन्द्रीकरण अवधान है," यह कथन है -
(a) क्रो एण्ड क्रो
(b) वुडवर्थ
(c) डम्बिल
(d) एवरिल
उत्तर: (c) : डम्बिल के अनुसार, "किसी दूसरी वस्तु की अपेक्षा एक ही वस्तु पर चेतना का केन्द्रीकरण अवधान है।"
प्रश्न 8. बुद्धि का विकास लगभग पूर्ण हो जाता है -
(a) शैशवावस्था में
(b) बाल्यावस्था में
(c) किशोरावस्था में
(d) सभी अवस्थाओं में
उत्तर: (c) : किशोरावस्था में बुद्धि का विकास पूर्ण हो जाता है, इसलिए इस अवस्था को बुद्धि में स्थिरता लाने वाली अवस्था भी कहा जाता है。
प्रश्न 9. सीखने को प्रभावित करने वाला सबसे प्रभावपूर्ण कारक है -
(a) प्रेरणा
(b) ध्यान
(c) रूचि
(d) स्मृति
उत्तर: (a) : सीखने को प्रभावित करने वाला सबसे प्रभावपूर्ण कारक प्रेरणा है। सीखने को प्रभावित करने के अन्य कारकों में रूचि, परिपक्वता, तत्परता इच्छा आदि शामिल हैं。
प्रश्न 10. बालक में अभिप्रेरणा उत्पन्न करने का प्रमुख स्त्रोत है -
(a) उद्वीपक
(b) रूचि
(c) आवश्यकता
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) : बालक में अभिप्रेरणा उत्पन्न करने का प्रमुख स्रोत उद्दीपक, रूचि, आवश्यकता आदि है। बालकों में अभिप्रेरणा उनकी सफलता के लिए महत्वपूर्ण है。
प्रश्न 11. आनुवंशिकता का वाहक होता है -
(a) आर.एन.ए.
(b) केन्द्रक
(c) जीन
(d) शिरा
उत्तर: (c) : जीन आनुवंशिकता के वाहक हैं। जीन आनुवंशिक इकाइयाँ हैं जो गुणसूत्रों पर पायी जाती हैं। जीन डीएनए से बने होते है。
प्रश्न 12. व्यक्तित्व मापन की सबसे अच्छी विधि है -
(a) व्यक्तिगत
(b) वस्तुनिष्ठ
(c) प्रक्षेपण
(d) ये सभी
उत्तर: (d) : व्यक्तित्व मापन की सबसे अच्छी विधियाँ निम्न हैं
- (i) व्यक्तित्व विधि
- (ii) वस्तुनिष्ठ विधि
- (iii) प्रक्षेपण विधि
प्रश्न 13. भाटिया बैटरी परीक्षण सम्बन्धित है -
(a) अभिरूचि से
(b) व्यक्तित्व से
(c) बुद्धि से
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (c) : भाटिया बैटरी परीक्षण बुद्धि का एक प्रदर्शन परीक्षण है। जो सी.एम. भाटिया द्वारा 1955 में विकसित किया गया है。
प्रश्न 14. शिक्षा में सृजनात्मकता का प्रयोग किस रूप में होता है
(a) सीखना
(b) तर्क
(c) चिन्तन
(d) कल्पना
उत्तर: (c) : व्यक्ति को प्रचलित ढंग से चिन्तन करने, विचार करने तथा कार्य करने की अमूर्त योग्यता को ही सृजनात्मकता कहते हैं。
प्रश्न 15. पियाजे के अनुसार बालक के संज्ञानात्मक विकास की स्थितियाँ हैं -
(a) दो
(b) चार
(c) छह
(d) आठ
उत्तर: (b) : पियाजे के अनुसार बालक के संज्ञानात्मक विकास की स्थितियाँ चार हैं -
- (i) संवेगात्मक अवस्था
- (ii) पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था
- (iii) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था
- (iv) अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. शिक्षक को बाल मनोविज्ञान का ज्ञान क्यों आवश्यक है?
उत्तर: शिक्षक को बाल मनोविज्ञान का ज्ञान इसलिए आवश्यक है। क्योंकि मनोविज्ञान के अध्ययन से शिक्षक को बाल विकास की विभिन्न अवस्थाओं का ज्ञान हो जाता है, जैसे-शारीरिक, मानसिक सामाजिक आदि। वह इन विशेषताओं को ध्यान में रखकर विभिन्न अवस्थाओं के बालकों के लिए पाठ्य-विषयों और क्रियाओं का चुनाव करने में सफलता प्राप्त करता है。
प्रश्न 17. बाल्यावस्था की प्रमुख दो विशेषताएँ लिखिए ।
उत्तर: बाल्यावस्था की प्रमुख दो विशेषताएँ निम्न हैं -
- (i) शारीरिक व मानसिक स्थिरता- यह अवस्था शैशवावस्था के अस्थिरता से भिन्न होती है। बाल्यावस्था में बालक शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक स्थिर होते हैं। बाल्यावस्था में वे अधिक संतुलित और शांत होते हैं।
- (ii) वास्तविक दुनिया के साथ सम्बन्ध- बाल्यावस्था में बच्चे वास्तविक दुनिया के साथ सम्बन्ध बनाना शुरू करते हैं। वे परिवार, स्कूल और दोस्तों के साथ संबंधों के माध्यम से सामाजिक कौशल सीखते हैं।
प्रश्न 18. बालक में विस्मृति कम करने के दो उपाय बताइये।
उत्तर: बालक में विस्मृति कम करने के दो उपाय निम्न हैं -
- (i) किसी वस्तु को स्मरण करने में पूर्ण ध्यान होना चाहिए।
- (ii) स्मरण के पश्चात विश्राम करना चाहिए।
प्रश्न 19. रूचि का शैक्षिक महत्व लिखिये ।
उत्तर: रूचि का शैक्षिक महत्व निम्न है -
- (i) शिक्षण विधि- सहायक सामग्री विषय-वस्तु को रूचिकर सरल, स्पष्ट बोधगम्य बनाने में मदद करती है।
- (ii) पाठ्य क्रम- पाठ्यक्रम का स्तर छात्रों के मानसिक स्तर एवं प्राकृतिक रूचि व दैनिक जीवन से सम्बन्धित होना चाहिए।
- (iii) स्नेहपूर्ण वातावरण- कक्षा एवं विद्यालय का वातावरण हमेशा प्रेम पूर्वक व सहानुभूति पूर्ण होना चाहिए।
- (iv) अभिप्रेरणा
- (v) कक्षा का भौतिक वातावरण
प्रश्न 20. अधिगम स्थानान्तरण सम्प्रत्यय को स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर: सीखने का स्थानान्तरण तब होता है जब लोग सीखी गई जानकारी और कौशल को किसी नई स्थिति या सन्दर्भ में लागू करते हैं अर्थात् सीखी गयी क्रिया या विषय का अन्य परिस्थितियों में उपयोग करना。
प्रश्न 21. व्यक्तित्व विकास में शिक्षा किस प्रकार प्रभावी है ?
उत्तर: शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह ज्ञान, कौशल और मूल्यों का विकास करके बेहतर बनाती है。
प्रश्न 22. बुद्धि की कोई एक परिभाषा बताइए ।
उत्तर: थार्नडाइक के अनुसार, "वास्तविक परिस्थिति के अनुसार अपेक्षित प्रतिक्रिया की योग्यता ही बुद्धि है।" टरमैन के अनुसार, "अमूर्त वस्तुओं के विषय में सोचने की योग्यता ही बुद्धि है।"
प्रश्न 23. शैशवावस्था की प्रमुख दो विशेषताएँ लिखिए
उत्तर: शैशवावस्था की प्रमुख दो विशेषताएँ निम्न है-
- (i) शारीरिक विकास में तीव्रता- शिशु का विकास प्रथम तीन वर्षों में बहुत तीव्र गति से होता है।
- (ii) सीखने में तीव्रता- शिशु के सीखने की प्रक्रिया में बहुत तीव्रता होती है। शिशु बताई गई बातों को बहुत जल्दी सीख लेता है।
प्रश्न 24. समायोजन क्या है ?
उत्तर: समायोजन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें हम अपनी आवश्यकताओं, इच्छाओं और लक्ष्यों को बदलती हुई परिस्थितियों के अनुकूल बनाते हैं। यह एक सतत् प्रक्रिया है, जो जीवन भर चलती रहती है。
प्रश्न 25. व्यक्तित्व की कोई एक परिभाषा लिखिए ।
उत्तर: वुडवर्थ के अनुसार, "व्यक्तित्व व्यवहार की एक समग्र विशेषता है।" ड्रेवर के अनुसार, "व्यक्तित्व शब्द का प्रयोग व्यक्ति के शारीरिक मानसिक, नैतिक व सामाजिक गुणों व गत्यात्मक संगठन के आधार पर किया जाता है जिसे मनुष्य अन्य मनुष्यों के साथ सामाजिक जीवन के आदान प्रदान में व्यक्त करता है।"
प्रश्न 26. अधिगम का अर्थ स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर: प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में नए अनुभवों को एकत्र करता है। ये नवीन अनुभव, व्यक्ति के व्यवहार में वृद्धि तथा संशोधन करते हैं, इसलिए यह अनुभव तथा इनका उपयोग ही सीखना या अधिगम कहलाता है。
प्रश्न 27. कल्पना से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: रायबर्न के अनुसार, "कल्पना वह शक्ति है, जिसके द्वारा हम अपने प्रतिमाओं का नए प्रकार से प्रयोग करते हैं। यह हमको अपने पिछले अनुभव को किसी ऐसे वस्तु का निर्माण करने में सहायता करती है। जो पहले कभी नहीं थी।"
प्रश्न 28. सन्तुलन को कोई एक उदाहरण देकर समझाइए
उत्तर: सन्तुलन कार्य प्रदर्शन के दौरान शरीर की नियंत्रित स्थिति को बनाए रखने की क्षमता है। सभी परिवेशों और कार्यों में प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए, हमें स्थिर और गतिशील दोनों गतिविधियों के दौरान नियंत्रित स्थिति बनाए रखने की क्षमता की आवश्यकता होती है。
प्रश्न 29. अधिगमान्तरण क्या है ?
उत्तर: अधिगमान्तरण- जब पूर्व सीखे गये ज्ञान का नवीन सीखे जाने वाले ज्ञान पर प्रभाव पड़ता है, तो उसे सीखने का स्थानान्तरण कहते हैं। कोलेसनिक के अनुसार- "शिक्षा के स्थानांतरण से आशय एक परिस्थिति में प्राप्त ज्ञान, आदत, निपुणता, अभियोग्यता का दूसरी परिस्थिति में प्रयोग करना है।"
प्रश्न 30. शैशवावस्था में शिक्षा का स्वरूप कैसा होना चाहिए ?
उत्तर: शिक्षा को सीखने का आदर्शकाल शैशवावस्था को माना गया है। इस अवस्था में बच्चा सक्रियता से सीखना आरम्भ करता है। शिशु देश के भावी नागरिक होते हैं, इसलिए इस अवस्था में ऐसी शिक्षा होनी चाहिए, जिससे शिशु का सर्वांगीण विकास हो सके。
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. शिक्षा में वैयक्तिक भिन्नता के प्रभाव की विवेचना कीजिए ।
उत्तर: वैयक्तिक भिन्नता का अर्थ- जब दो बालक विभिन्न समानताएँ रखते हुए भी आपस में भिन्न व्यवहार करते हैं, तो इसे वैयक्तिक भिन्नता कहा जाता है। शिक्षा द्वारा व्यक्तित्व के निर्माण के लिए बालक के शारीरिक, मानसिक, नैतिक, आध्यात्मिक एवं संवेगात्मक आदि पक्षों का विकास किया जाता है। शिक्षा वैयक्तिकता का पूर्ण विकास है, जिससे व्यक्ति अपनी पूर्ण योग्यता के अनुसार मानव जीवन को योग्य बना सके। वैयक्तिक भिन्नता मानव के विविध प्रकार के विकास का आधार होती है। व्यक्तिगत भिन्नता के अन्तर्गत रूपरंग नाक-नक्शा, शरीर रचना, विशिष्ट योग्यतायें बुद्धि, रूचि, स्वभाव, उपलब्धि आदि की भिन्नता से व्यक्ति के समग्र रूप की पहचान की जाती है。
प्रश्न 32. किशोरवस्था में शिक्षा का स्वरूप कैसा होना चाहिए ?
उत्तर: किशोरावस्था को परिवर्तनों का काल माना जाता है किशोरावस्था में बालक दूसरों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए हमेशा असाधारण कार्य करने का प्रयत्न करता है। किशोरावस्था में तीव्र शारीरिक विकास होने के कारण स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी देना अत्यन्त आवश्यक है-
किशोरावस्था में शिक्षा के स्वरूप को निम्न प्रकार से दर्शाया गया है-
- (i) शारीरिक विकास के लिए शिक्षा
- (ii) धार्मिक और नैतिक शिक्षा
- (iii) आत्मनिर्भरता की शिक्षा
- (iv) व्यक्तित्व भिन्नता के आधार पर शिक्षा
- (v) संवेगात्मक विकास के लिए शिक्षा
- (vi) रचनात्मक विकास के लिए शिक्षा
- (vii) उचित दिशा निर्देशन
- (viii) सकारात्मक व्यवहार की शिक्षा
किशोरावस्था जीवन का सबसे कठिन एवं नाजुक काल है। इस अवस्था में बालक का झुकाव जिस ओर हो जाता है उसी दिशा में वह जीवन में आगे बढ़ता है। इस अवस्था में वह धार्मिक या अधार्मिक, देश-प्रेमी या देश-द्रोही, कर्मण्य या अकर्मण्य कुछ भी बन सकता है। इस अवस्था की गरिमा से अपने ध्यान को एक क्षण के लिए भी विचलित न करके शिक्षकों एवं अभिभावकों को उनकी शिक्षा का सुनियोजन एवं संचालन करना परम कर्तव्य होना चाहिए。
प्रश्न 33. अवधान व अभिरूचि एक सिक्के के दो पहलू हैं, स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: रॉस के अनुसार, "अवधान तथा रूचि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।" इसे निम्न प्रकार से समझा जा सकता है-
- (1) अवधान अभिरूचि पर निर्भर है- अभिरूचि अवधान का संचालन करती है। अभिरूचि के बिना अवधान की क्रिया नहीं हो सकती। व्यक्ति उन्हीं वस्तुओं पर अवधान देता है, जिसमें उसकी अभिरूचि होती है। अतः अभिरूचि अवधान के रूप में प्रकट होती है। जैसे-बालक पढ़ने के समय खेल पर अवधान नहीं देते पर अवधान रूचि के रूप में छिपा रहता है।
- (2) अभिरूचि अवधान पर निर्भर है- कुछ मनोवैज्ञानिकों का विचार है कि अभिरूचि अवधान पर आधारित होती है अर्थात जब तक व्यक्ति किसी वस्तु पर ठीक से ध्यान नहीं देता, उसकी रूचि उसमें नहीं हो सकती। जैसे-प्रायः बालकों को गणित विषय बहुत कठिन लगता है, किन्तु यदि वे ध्यानपूर्वक गणित पढ़ना आरम्भ कर दे तो उनकी अभिरूचि उत्पन्न हो जायेगी।
अभिरूचि और अवधान एक सिक्के के दो पक्ष के समान हैं, उपर्युक्त दोनों मतों के अनुसार यह स्पष्ट होता है कि अवधान और अभिरूचि एक-दूसरे पर आधारित हैं。
प्रश्न 34. स्मृति के प्रभावी कारकों का उल्लेख कीजिए
उत्तर: स्मृति को अनेक तत्व प्रभावित करते हैं, जिसमें से निम्नलिखित मुख्य हैं-
- अधिगम सामग्री की स्पष्टता, सरलता तथा सार्थकता भी स्मरण को महत्वपूर्ण ढंग से प्रभावित करती है। निरर्थक सामग्री की अपेक्षा सार्थक सामग्री बच्चे को जल्द याद हो जाती है।
- शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य- स्वस्थ बच्चों की अपेक्षा अस्वस्थ बच्चों की स्मृति कमजोर होती है। इस प्रकार जो बच्चे भय, चिन्ता एवं अन्य मानसिक विकारों से ग्रस्त होते हैं, उनकी स्मृति अच्छी नहीं होती है। इसके विपरीत यदि बच्चों में मानसिक ताजगी है, तत्परता है, तो निश्चित रूप से स्मृति प्रक्रिया शीघ्र, सहज, होगी।
- प्रेरणा- अभिप्रेरित व्यक्ति जल्दी सीखते हैं एवं सीखी हुई सामग्री को लम्बे समय तक धारण करते हैं।
- रूचि- जिस विषय वस्तु में बच्चों की रूचि होती है, उसे वे जल्दी सीखता है। अरूचिकर वस्तुएँ विस्मृत होने लगती हैं, इसलिए कक्षा शिक्षण में रूचि पैदा करना आवश्यक है।
प्रश्न 35. प्रक्षेपी परीक्षण से आप क्या समझते हैं ? किन्ही दो प्रक्षेपी परीक्षण का नाम बताइए
उत्तर: प्रक्षेपी परीक्षण- प्रक्षेपी परीक्षण एक प्रकार का मनोवैज्ञानिक परीक्षण है, जिसमें व्यक्तित्व का परीक्षण किया जाता है। इसमें विषयों के अस्पष्ट चित्र दिखाए जाते हैं और उनकी व्याख्या करने के लिए कहा जाता है।
प्रक्षेपी परीक्षण के प्रकार-
- (1) प्रारंभिक अन्तर्बोध परीक्षण (Thematic Apperception Test)- इस परीक्षण का प्रतिपादन मोर्गन एवं मुरे ने किया था। इसमें कुल 31 कार्ड होते हैं जिसमें से 30 पर चित्र बने होते हैं जबकि एक कार्ड ब्लैंक (Blank) होता है। इसमें 10 पुरूषों के लिए तथा 10 महिलाओं के लिए जबकि 10 दोनों के लिए होता है। यह एक सामूहिक व अशाब्दिक परीक्षण है। इसमें समय का कोई बंधन नहीं होता है। किसी व्यक्ति पर अधिकतम 20 कार्ड का उपयोग किया जाता है। यह 14 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों के लिए होता है।
- (2) रोर्शा स्याही धब्बा परीक्षण- यह सिद्धान्त स्विटजरलैण्ड के मनोवैज्ञानिक हरमन रोर्शा द्वारा दिया गया था। इसका विषय अचेतन प्रेरणा था। इस टेस्ट में कुल 10 कार्ड प्रयोग किया गया। इसमें प्रत्येक कार्ड पर स्याही का धब्बा होता है। परीक्षण में एक कार्ड देकर उसकी आकृति के बारे में पूछा जाता था।
प्रश्न 36. सीखने के वक्र से आप क्या समझते हैं ? इनके विभिन्न प्रकारों का उल्लेख कीजिए ।
उत्तर: सीखने के वक्र (Learning Curve)- अधिगम के वक्र सीखने की मात्रा, गति, उन्नति अवनति को दर्शाते हैं। स्किनर के अनुसार अधिगम का वक्र किसी दी हुई क्रिया में उन्नति या अवनति का कागज पर विवरण है।
अधिगम वक्र के प्रकार-
- (1) सरल रेखीय/समान निष्पादन वक्र- इसमें सीखने की प्रगति को लगातार बढ़ते हुए दिखाया जाता है।
- (2) ह्रास निष्पादन/उन्नतोदर-ऋणात्मक/Convex वक्र- इसमें प्रारम्भ में गति तीव्र तथा बाद में मंद होती है। सबसे लोकप्रिय वक्र यही है।
- (3) धनात्मक/वर्धमान/नतोदर/Concave वक्र- इसमें प्रारम्भ में गति धीमी तथा बाद में तीव्र होती है। गणित तथा विज्ञान विषय के वक्र यही होते हैं।
- (4) मिश्रित/अवग्रहास/S-type वक्र- यह वक्र दर्शाता है कि सीखने की गति शुरूआत में धीमी होती है, फिर तेजी से बढ़ती है और अंत में धीमी हो जाती है।
प्रश्न 37. बाल विकास का क्षेत्र स्पष्ट कीजिए
उत्तर: बाल विकास का क्षेत्र (Scope of Child Development)- बाल विकास का क्षेत्र वर्तमान समय में व्यापक तथ्यों को समाहित किए हुए है। इसके अन्तर्गत बालक के सम्पूर्ण विकास पर विचार किया जाता है। बाल विकास के क्षेत्र को निम्नलिखित रूप में स्पष्ट किया जा सकता है-
- (1) शारीरिक विकास (Physical Development)- बाल विकास का सम्बन्ध बालक के शारीरिक विकास से होता है। इसके अन्तर्गत बच्चे की ऊँचाई, वजन और शरीर का आकार बढ़ना इसमें शामिल है।
- (2) मानसिक विकास (Mental Development)- बालकों के मानसिक विकास का अध्ययन करना भी बाल विकास के क्षेत्र के अन्तर्गत आता है। इसके अन्तर्गत बालकों में सोचने, सीखने, समझने और समस्याओं को हल करने की क्षमता का विकास होता है।
- (3) संवेगात्मक विकास (Emotional Development)- बालकों के विभिन्न संवेगों सम्बन्धी गतिविधियों का अध्ययन भी बाल विकास की परिधि में आता है। बाल विकास के अन्तर्गत बालकों के विभिन्न संवेगों का अध्ययन किया जाता है।
- (4) सामाजिक विकास (Social Development)- बालकों का सामाजिक विकास के अन्तर्गत सामाजिक कौशल, दूसरों के साथ बातचीत करने और संबंध बनाने की क्षमताओं का विकास होता है इसमें आत्म-सम्मान, अपनी क्षमताओं और मूल्यों के बारे में सकारात्मक भावना उत्पन्न होती है।
- (5) भाषा विकास (Language Development)- बालक के भाषायी विकास का अध्ययन भी बाल विकास के अन्तर्गत आता है। बालक अपनी आयु के अनुसार विभिन्न प्रकार की ध्वनियाँ एवं शब्दों का उच्चारण करता है।
प्रश्न 38. तर्क और चिन्तन को स्पष्ट कीजिए
उत्तर: तर्क (Argument)- तर्क एक अभिव्यक्त प्रकटीकरण है, जिसका समस्या समाधान के व्यवहार से होता है। तर्क के द्वारा समस्या के प्रति रूचि जाग्रत होती है। वुडवर्थ के अनुसार- "तर्क में (तथ्यों एवं सिद्धान्तों) जो स्मृति या वर्तमान निरीक्षण द्वारा प्राप्त होते हैं को परस्पर मिलाया जाता है फिर उस मिश्रण के परीक्षण में से निष्कर्ष निकाला जाता है।"
चिन्तन- चिन्तन एक मानसिक प्रक्रिया है और ज्ञानात्मक व्यवहार का जटिल रूप है। यह शिक्षण, स्मरण, कल्पना आदि मानसिक क्षमताओं से जुड़ा रहता है। गैरेट के अनुसार- "चिन्तन एक प्रकार का अव्यक्त एवं अदृश्य व्यवहार होता है जिसमें सामान्य रूप से प्रतीकों (बिम्बों, विचारों प्रत्यय) का प्रयोग होता है।" रास के अनुसार- "चिन्तन मानसिक क्रिया का भावनात्मक पक्ष या मनोवैज्ञानिक वस्तुओं से संबंधित मानसिक क्रिया है।"
प्रश्न 39. व्यक्तित्व की व्याख्या कीजिए । व्यक्तित्व मापन आप किस प्रकार करेंगे ?
उत्तर: व्यक्तित्व शब्द अंग्रेजी भाषा के Personality (पर्सनेलिटी) का हिन्दी अर्थ है। यह शब्द लैटिन भाषा के पर्सोना (Persona) से लिया गया है, जिसका अर्थ है-मुखौटा, नकाब, नकली चेहरा। आलपोर्ट के अनुसार, "व्यक्तित्व व्यक्ति के भीतर उन मनोदैहिक गुणों का गत्यात्मक संगठन है, जो परिवेश के प्रति होने वाले अपूर्व अभियोजनों का निर्णय करते हैं।"
व्यक्तित्व का मूल्यांकन एक कठिन समस्या है। व्यक्तित्व को अनेक गुणों या लक्षणों का संगठन माना जाता है। जिसके लिए किसी एक विधि को प्रमाणित नहीं माना जा सकता। विभिन्न मनोवैज्ञानिकों ने व्यक्तित्व के परीक्षण/मूल्यांकन या मापन की विभिन्न विधियों का निर्माण किया है। जो निम्नलिखित है-
- (1) वैयक्तिक विधियाँ
- (2) वस्तुनिष्ठ विधियाँ
- (3) मनोविश्लेषण विधियाँ तथा
- (4) प्रक्षेपण विधियाँ
प्रश्न 40. सीखने की प्रभावशाली विधियों का उल्लेख कीजिए
उत्तर: अधिगम की प्रभावशाली विधियाँ (Effective Methods of Learning)- किसी नये पाठ या नई क्रिया को सीखने के लिए विभिन्न विधियों का प्रयोग किया जाता है अधिगम की प्रभावशाली विधियाँ निम्नलिखित हैं-
- (1) करके सीखना (Learning by Doing)- इस विधि में छात्र के द्वारा प्रत्येक कार्य में प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया जाता है। बच्चे जिस कार्य को स्वयं करते हैं, उसे जल्दी सीखते हैं।
- (2) अनुकरण द्वारा सीखना (Learning by Imitation)- अनुकरण द्वारा सीखने की प्रक्रिया शैशवावस्था से ही प्रारम्भ हो जाती है। विद्यालय में बच्चे शिक्षक द्वारा की जाने वाली क्रियाओं का अनुकरण करके सीखते हैं।
- (3) निरीक्षण करके सीखना (Learning by Observation)- बच्चे जिस वस्तु का निरीक्षण करते हैं, उसके बारे में वे जल्दी और स्थायी रूप से सीख जाते हैं।
- (4) परीक्षण करके सीखना (Learning by Testing)- इसके अन्तर्गत छात्र अपनी आवश्यकता के अनुरूप सामग्री का परीक्षण करते हैं तथा ज्ञान प्राप्त करते हैं।