Home
App Install Updates
Home PYQs Semester 1 बाल विकास एवं सीखने की प्रक्रिया 2020
PYQ 2020 • बाल विकास एवं सीखने की प्रक्रिया

बाल विकास एवं सीखने की प्रक्रिया Previous Year Paper 2020

UP DELED Semester 1 बाल विकास एवं सीखने की प्रक्रिया Previous Year Question Paper 2020 with solution.

Section 1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. अधिगम, धारण, पुनःस्मरण तथा पहचान प्रक्रियाएँ आती हैं—

(a) स्मृति के अन्तर्गत

(b) तर्क के अन्तर्गत

(c) कल्पना के अन्तर्गत

(d) प्रेरक के अन्तर्गत

उत्तर: (a) स्मृति के अन्तर्गत।

व्याख्या : अधिगम, धारण, पुनःस्मरण तथा पहचान स्मृति की प्रमुख प्रक्रियाएँ हैं। इनके माध्यम से सीखी हुई सामग्री को ग्रहण, सुरक्षित तथा आवश्यकता के समय पुनः प्रस्तुत किया जाता है।

प्रश्न 2. वे प्रेरक जिन्हें व्यक्ति अपने प्रयासों से प्राप्त करता है, कहलाते हैं—

(a) स्मृति

(b) अर्जित प्रेरक

(c) तत्परता

(d) अधिगम

उत्तर: (b) अर्जित प्रेरक।

व्याख्या : जो प्रेरक जन्मजात न होकर अनुभव, शिक्षा और सामाजिक-सांस्कृतिक वातावरण से विकसित होते हैं, उन्हें अर्जित प्रेरक कहते हैं। जैसे—प्रतिष्ठा, उपलब्धि और सामाजिक स्वीकृति।

प्रश्न 3. कोहलर का वह सिद्धान्त जिसके अन्तर्गत व्यक्ति सम्पूर्ण परिस्थिति के प्रत्यक्षीकरण के आधार पर सीखता है—

(a) भूल व सुधार का सिद्धान्त

(b) सूझ का सिद्धान्त

(c) अनुकरण का सिद्धान्त

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (b) सूझ का सिद्धान्त।

व्याख्या : कोहलर के अन्तर्दृष्टि या सूझ के सिद्धान्त में व्यक्ति समस्या की सम्पूर्ण परिस्थिति और उसके विभिन्न अंगों के सम्बन्ध को समझकर समाधान प्राप्त करता है।

प्रश्न 4. जब बालक सीखने को तत्पर होता है, तब वह चीजों को जल्दी सीखता है। यह किस मनोवैज्ञानिक के सीखने के नियम के अन्तर्गत आता है—

(a) वुडवर्थ

(b) मरे एवं मॉर्गन

(c) स्टैनले हॉल

(d) थार्नडाइक

उत्तर: (d) थार्नडाइक।

व्याख्या : यह थार्नडाइक के तत्परता के नियम से सम्बन्धित है। जब बालक किसी कार्य को सीखने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार होता है, तब अधिगम अधिक प्रभावी होता है।

प्रश्न 5. अधिगम वक्र दर्शाती है—

(a) केवल सीखने की मात्रा को

(b) शिक्षण करने की दिशा को

(c) सीखने की मात्रा तथा समय के सम्बन्ध को

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (c) सीखने की मात्रा तथा समय के सम्बन्ध को।

व्याख्या : सीखने की मात्रा तथा उसमें लगने वाले समय या अभ्यास के बीच सम्बन्ध को ग्राफ पर प्रदर्शित करने वाली रेखा अधिगम वक्र कहलाती है।

प्रश्न 6. वह प्राप्तांक जो किसी प्रदत्त/समूह को दो बराबर भागों में बाँटता है, कहलाता है—

(a) माध्य

(b) बहुलक

(c) माध्यिका

(d) समान्तर माध्य

उत्तर: (c) माध्यिका।

व्याख्या : क्रमबद्ध अंक-वितरण को दो बराबर भागों में विभाजित करने वाले मध्य मान को माध्यिका या मध्यांक कहते हैं।

प्रश्न 7. एक ऐसा उत्पादक चिन्तन, जिसमें किसी समस्या के समाधान के लिए गत अनुभवों को नए ढंग से संगठित किया जाता है, कहलाता है—

(a) तर्क

(b) कल्पना

(c) स्मृति

(d) चिन्तन

उत्तर: (a) तर्क।

व्याख्या : समस्या के समाधान के लिए पूर्व अनुभवों, ज्ञान और तथ्यों को नए ढंग से संगठित करके उचित निष्कर्ष तक पहुँचने की मानसिक प्रक्रिया को तर्क कहते हैं।

प्रश्न 8. किस मनोवैज्ञानिक ने व्यक्तित्व के मापन के लिए 16 P.F. परीक्षण प्रस्तुत किया?

(a) कार्ल युंग

(b) जूलियन रोटर

(c) गॉर्डन ऑलपोर्ट

(d) रेमण्ड कैटेल

उत्तर: (d) रेमण्ड कैटेल।

व्याख्या : 16 P.F. अर्थात् Sixteen Personality Factor Questionnaire का विकास रेमण्ड बी. कैटेल ने किया। इसके द्वारा व्यक्तित्व के 16 प्रमुख कारकों का अध्ययन किया जाता है।

प्रश्न 9. प्रक्षेपी परीक्षण निम्न में से किसके बारे में जानकारी प्रदान करता है?

(a) रोजगार अभिक्षमता

(b) पारिवारिक परिस्थितियाँ

(c) बुद्धि-लब्धि

(d) अचेतन क्रियाएँ

उत्तर: (d) अचेतन क्रियाएँ।

व्याख्या : प्रक्षेपी परीक्षणों के माध्यम से व्यक्ति की छिपी इच्छाओं, भावनाओं, संघर्षों तथा अचेतन व्यक्तित्वगत विशेषताओं का अध्ययन किया जाता है।

प्रश्न 10. व्यक्तित्व परीक्षण के रोर्शाक स्याही-धब्बा परीक्षण में प्रयुक्त होने वाले कार्डों की संख्या है—

(a) 10

(b) 15

(c) 20

(d) 25

उत्तर: (a) 10।

व्याख्या : रोर्शाक स्याही-धब्बा परीक्षण में कुल 10 कार्ड प्रयुक्त होते हैं। व्यक्ति द्वारा इन अस्पष्ट आकृतियों की व्याख्या के आधार पर उसके व्यक्तित्व का अध्ययन किया जाता है।

प्रश्न 11. सिगमण्ड फ्रायड द्वारा प्रतिपादित सिद्धान्त कहा जाता है—

(a) सीखने का सिद्धान्त

(b) मनोविश्लेषणात्मक सिद्धान्त

(c) सामाजिक संरचना का सिद्धान्त

(d) गत्यात्मकता का सिद्धान्त

उत्तर: (b) मनोविश्लेषणात्मक सिद्धान्त।

व्याख्या : सिगमण्ड फ्रायड ने व्यक्तित्व का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धान्त प्रस्तुत किया। उनके व्यक्तित्व सिद्धान्त में इदम्, अहम् और पराहम् को महत्त्वपूर्ण माना गया है।

प्रश्न 12. परियोजना विधि किसके द्वारा प्रतिपादित की गई—

(a) जॉन ड्यूई

(b) गाँधी

(c) कार्ल युंग

(d) किलपैट्रिक

उत्तर: (d) किलपैट्रिक।

व्याख्या : परियोजना विधि का प्रतिपादन डब्ल्यू. एच. किलपैट्रिक ने किया। इसमें विद्यार्थी उद्देश्यपूर्ण कार्य को स्वयं करके तथा वास्तविक अनुभव प्राप्त करके सीखता है।

प्रश्न 13. एकल बुद्धि सिद्धान्त किस मनोवैज्ञानिक द्वारा प्रतिपादित किया गया है—

(a) बिने

(b) थार्नडाइक

(c) फ्रीमैन

(d) उपरोक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (a) बिने।

व्याख्या : अल्फ्रेड बिने के बुद्धि सम्बन्धी विचार को एक-कारक या एकल बुद्धि सिद्धान्त कहा जाता है। इसमें बुद्धि को समस्याओं के समाधान में प्रयुक्त होने वाली समग्र मानसिक क्षमता माना गया।

प्रश्न 14. ज्ञान को ग्रहण करने एवं अनुप्रयोग करने की क्षमता कहलाती है—

(a) व्यक्तित्व

(b) बुद्धि

(c) अभिक्षमता

(d) अभिवृत्ति

उत्तर: (b) बुद्धि।

व्याख्या : ज्ञान को ग्रहण करने, समझने, तर्क करने तथा आवश्यकता के अनुसार उसका उचित प्रयोग करने की मानसिक क्षमता को बुद्धि कहते हैं।

प्रश्न 15. वह परीक्षण जो अभिरुचि का मापन करता है—

(a) भाटिया बैटरी परीक्षण

(b) स्टैनफोर्ड-बिने परीक्षण

(c) कुडर प्राथमिकता प्रपत्र

(d) टी.ए.टी.

उत्तर: (c) कुडर प्राथमिकता प्रपत्र।

व्याख्या : कुडर प्राथमिकता प्रपत्र का प्रयोग व्यक्ति की विभिन्न क्षेत्रों में अभिरुचियों और व्यावसायिक प्राथमिकताओं के मापन के लिए किया जाता है।

Advertisement

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 16. ब्रिजेज ने किसके अन्तर्गत विकासात्मक सिद्धान्त का प्रतिपादन किया?

उत्तर: कैथरीन ब्रिजेज ने संवेगात्मक विकास के अन्तर्गत विकासात्मक या विभेदीकरण सिद्धान्त प्रस्तुत किया।

प्रश्न 17. भाषा विकास की प्रारम्भिक अवस्था बताइए।

उत्तर: भाषा विकास की प्रारम्भिक अवस्था क्रन्दन या रुदन है; इसके बाद कूजन एवं बलबलाना विकसित होता है।

प्रश्न 18. जीन पियाजे द्वारा विभाजित उन दो उप-क्रियाओं को बताइए, जो बालक के संज्ञानात्मक विकास के अन्तर्गत आती हैं।

उत्तर: पियाजे के अनुसार अनुकूलन की दो उप-क्रियाएँ हैं—आत्मसातीकरण (Assimilation) तथा समायोजन (Accommodation)

प्रश्न 19. गिलफोर्ड ने किन तीन विभागों में मानसिक योग्यता को विभाजित किया है?

उत्तर: गिलफोर्ड ने मानसिक योग्यताओं को तीन आयामों—संक्रियाएँ, विषय-वस्तु और उत्पाद—में वर्गीकृत किया।

प्रश्न 20. युंग ने सामाजिक अन्तर्क्रिया के आधार पर व्यक्तित्व को किन-किन भागों में वर्गीकृत किया है?

उत्तर: प्रचलित शैक्षिक वर्गीकरण में अन्तर्मुखी, बहिर्मुखी और उभयमुखी व्यक्तित्व बताए जाते हैं; युंग ने मुख्यतः अन्तर्मुखता और बहिर्मुखता पर बल दिया।

प्रश्न 21. तर्क के अन्तर्गत होने वाली प्रक्रिया को लिखिए।

उत्तर: तर्क में तथ्यों एवं पूर्व अनुभवों को क्रमबद्ध करके उनके बीच सम्बन्ध स्थापित किया जाता है और उचित निष्कर्ष या समाधान प्राप्त किया जाता है।

प्रश्न 22. अनुकरण किसे कहते हैं?

उत्तर: दूसरे व्यक्ति के व्यवहार या क्रिया को देखकर उसी प्रकार करने और सीखने की प्रक्रिया को अनुकरण कहते हैं।

प्रश्न 23. बालक में पाए जाने वाले जन्मजात अभिप्रेरक कौन-कौन से होते हैं?

उत्तर: प्रमुख जन्मजात या जैविक अभिप्रेरक हैं—भूख, प्यास, नींद तथा काम-प्रेरणा

प्रश्न 24. स्मृति के अन्तर्गत होने वाली समस्त प्रक्रियाओं के नाम बताइए।

उत्तर: स्मृति की चार प्रमुख प्रक्रियाएँ हैं—अधिगम, धारण, पुनःस्मरण और पहचान

प्रश्न 25. बहुलक किसे कहते हैं?

उत्तर: किसी आँकड़ा-समूह में जिस मान की आवृत्ति सबसे अधिक होती है, उसे बहुलक या बहुलांक कहते हैं।

प्रश्न 26. अर्जित प्रेरक किसे कहते हैं?

उत्तर: सामाजिक वातावरण, शिक्षा और अनुभव के माध्यम से विकसित होने वाले प्रेरकों को अर्जित प्रेरक कहते हैं।

प्रश्न 27. बुद्धि-लब्धि मापन का सूत्र बताइए।

उत्तर:

IQ = (मानसिक आयु / वास्तविक आयु) × 100

प्रश्न 28. बाल विकास की कौन-कौन सी अवस्थाएँ हैं?

उत्तर: बाल विकास की तीन प्रमुख अवस्थाएँ हैं—शैशवावस्था, बाल्यावस्था और किशोरावस्था

प्रश्न 29. अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक बताइए।

उत्तर: अधिगम को स्वास्थ्य, परिपक्वता, पूर्वज्ञान, रुचि, अभिप्रेरणा, अभ्यास, विषय-वस्तु, शिक्षण-विधि और वातावरण प्रभावित करते हैं।

प्रश्न 30. अभिप्रेरणा की विधियाँ बताइए।

उत्तर: रुचि उत्पन्न करना, स्पष्ट लक्ष्य देना, प्रशंसा एवं पुरस्कार, सफलता का ज्ञान, स्वस्थ प्रतियोगिता तथा गतिविधि आधारित शिक्षण अभिप्रेरणा की प्रमुख विधियाँ हैं।

Advertisement

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 31. बाल विकास से आप क्या समझते हैं? बाल विकास के क्षेत्र बताइए।

उत्तर: बालक में आयु के साथ होने वाले क्रमबद्ध शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक और व्यवहारगत परिवर्तनों के अध्ययन को बाल विकास कहते हैं। विकास केवल शरीर की वृद्धि तक सीमित नहीं होता, बल्कि बालक के सम्पूर्ण व्यक्तित्व में होने वाले गुणात्मक एवं मात्रात्मक परिवर्तनों को सम्मिलित करता है।

बाल विकास के प्रमुख क्षेत्र-

  • शारीरिक एवं गामक विकास : शरीर, मांसपेशियों तथा क्रियात्मक कौशलों का विकास।
  • मानसिक एवं संज्ञानात्मक विकास : बुद्धि, स्मृति, चिन्तन, तर्क और समस्या-समाधान का विकास।
  • भाषा विकास : सुनने, बोलने, शब्द-भण्डार और वाक्य-निर्माण की क्षमता का विकास।
  • संवेगात्मक विकास : संवेगों की अभिव्यक्ति और उन पर नियंत्रण का विकास।
  • सामाजिक विकास : परिवार, साथियों और समाज के साथ उचित सम्बन्ध स्थापित करने की क्षमता।
  • व्यक्तित्व विकास : स्वभाव, रुचि, अभिवृत्ति, आत्मविश्वास तथा व्यवहारगत विशेषताओं का विकास।

प्रश्न 32. अधिगम का अर्थ बताइए। अधिगम की प्रभावशाली विधियों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: अनुभव, अभ्यास और प्रशिक्षण के फलस्वरूप व्यवहार या व्यवहार-क्षमता में होने वाले अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन को अधिगम कहते हैं। अधिगम व्यक्ति के ज्ञान, कौशल, आदत और व्यवहार में परिवर्तन लाता है।

अधिगम की प्रभावशाली विधियाँ-

  • करके सीखना : बालक स्वयं कार्य और गतिविधि करके सीखता है।
  • अनुकरण द्वारा सीखना : दूसरे के व्यवहार या कार्य को देखकर उसका अनुकरण करना।
  • निरीक्षण द्वारा सीखना : वस्तुओं एवं घटनाओं का ध्यानपूर्वक निरीक्षण करके ज्ञान प्राप्त करना।
  • प्रयोग द्वारा सीखना : स्वयं प्रयोग करके निष्कर्ष प्राप्त करना।
  • प्रयत्न एवं भूल द्वारा सीखना : अनेक प्रयासों में सफल प्रतिक्रिया को ग्रहण करना।
  • परियोजना विधि : उद्देश्यपूर्ण एवं व्यावहारिक कार्य करके सीखना।
  • सामूहिक कार्य : सहयोग एवं विचार-विनिमय के माध्यम से सीखना।

प्रश्न 33. कक्षा में बच्चों को सीखने-सिखाने के सन्दर्भ में थार्नडाइक के सीखने के नियम के महत्त्व पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: थार्नडाइक ने अधिगम के तीन मुख्य नियम—तत्परता, अभ्यास और प्रभाव का नियम—बताए। इनका कक्षा शिक्षण में विशेष महत्त्व है।

  • तत्परता का नियम : शिक्षक को नया पाठ आरम्भ करने से पहले विद्यार्थियों में रुचि और मानसिक तैयारी उत्पन्न करनी चाहिए।
  • अभ्यास का नियम : सीखी हुई सामग्री का उचित अभ्यास और पुनरावृत्ति करानी चाहिए।
  • प्रभाव का नियम : सफल एवं संतोषजनक प्रतिक्रियाओं पर प्रशंसा और सकारात्मक पुनर्बलन देना चाहिए।

इन नियमों के प्रयोग से विद्यार्थी सक्रिय होकर सीखते हैं और अधिगम अधिक प्रभावी तथा स्थायी बनता है।

प्रश्न 34. पावलॉव के सम्बद्ध प्रतिक्रिया सिद्धान्त को समझाइए।

उत्तर: इवान पावलॉव ने कुत्ते पर प्रयोग करके शास्त्रीय अनुबंधन या सम्बद्ध प्रतिक्रिया सिद्धान्त को स्पष्ट किया। इस सिद्धान्त के अनुसार बार-बार दो उद्दीपकों को साथ प्रस्तुत करने से उनके बीच साहचर्य स्थापित हो सकता है।

भोजन देखकर कुत्ते के मुँह में स्वाभाविक रूप से लार आती थी। पावलॉव ने भोजन देने से पहले बार-बार घण्टी बजाई। कुछ समय बाद केवल घण्टी की आवाज पर भी कुत्ते के मुँह में लार आने लगी।

  • अनुबंधन से पहले : भोजन (UCS) → लार (UCR)
  • अनुबंधन के दौरान : घण्टी + भोजन → लार
  • अनुबंधन के बाद : घण्टी (CS) → लार (CR)

इस प्रकार घण्टी अनुबन्धित उद्दीपक तथा घण्टी के कारण होने वाला लार-स्राव अनुबन्धित अनुक्रिया बन गया।

प्रश्न 35. विस्मरण का क्या अर्थ है तथा इसके कार्यों पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: पूर्व में सीखी एवं धारण की गई सामग्री को आवश्यकता के समय पुनः स्मरण करने में असफल होने की स्थिति को विस्मरण या विस्मृति कहते हैं। विस्मरण पूर्ण अथवा आंशिक हो सकता है।

विस्मरण की उपयोगिता या कार्य-

  • अनुपयोगी एवं अप्रासंगिक सूचनाओं के मानसिक भार को कम करने में सहायता करता है।
  • दुःखद एवं अप्रिय अनुभवों के प्रभाव को समय के साथ कम कर सकता है।
  • उपयोगी और वर्तमान जानकारी पर ध्यान केन्द्रित करने में सहायता करता है।
  • नई परिस्थितियों के अनुरूप मानसिक समायोजन में सहायक हो सकता है।
  • अनावश्यक विवरणों की अपेक्षा महत्त्वपूर्ण अनुभवों को प्राथमिकता देने में सहायता मिलती है।

प्रश्न 36. सीखने के वक्र को रेखांकित कीजिए तथा इसके शैक्षिक महत्त्व पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: सीखने की मात्रा और समय अथवा अभ्यास के बीच सम्बन्ध को ग्राफ के रूप में प्रदर्शित करने वाली रेखा को अधिगम वक्र कहते हैं। इससे सीखने की प्रगति और गति का अध्ययन किया जाता है।

अधिगम या सीखने के वक्र का चित्र
सीखने की मात्रा तथा समय या अभ्यास के सम्बन्ध को दर्शाता अधिगम वक्र

अधिगम वक्र का शैक्षिक महत्त्व-

  • विद्यार्थी की सीखने की प्रगति का ज्ञान होता है।
  • सीखने की गति में वृद्धि या कमी का पता चलता है।
  • अधिगम-पठार की पहचान की जा सकती है।
  • विद्यार्थियों की प्रगति की तुलना करने में सहायता मिलती है।
  • शिक्षक को अभ्यास, विश्राम तथा शिक्षण-विधि में आवश्यक परिवर्तन करने में सहायता मिलती है।
  • विद्यार्थी को उसकी प्रगति का ज्ञान देकर अभिप्रेरित किया जा सकता है।

प्रश्न 37. बच्चों में सीखने के प्रति रुचि उत्पन्न करने की विधियाँ लिखिए।

उत्तर: अधिगम को प्रभावी बनाने के लिए बालक में विषय के प्रति रुचि उत्पन्न करना आवश्यक है। रुचि होने पर ध्यान अधिक सहजता से केन्द्रित होता है और विद्यार्थी सीखने में सक्रिय भाग लेता है।

रुचि उत्पन्न करने की प्रमुख विधियाँ-

  • नए ज्ञान को बालक के पूर्व ज्ञान एवं दैनिक जीवन से जोड़ना।
  • चित्र, मॉडल और श्रव्य-दृश्य सामग्री का प्रयोग करना।
  • खेल एवं गतिविधि आधारित शिक्षण करना।
  • बालकों को स्वयं प्रयोग और कार्य करने के अवसर देना।
  • प्रश्नोत्तर, कहानी और उदाहरणों का प्रयोग करना।
  • उचित प्रशंसा और प्रोत्साहन देना।
  • पाठ में नवीनता और विविधता बनाए रखना।
  • बालक की आयु, रुचि और वैयक्तिक भिन्नताओं का ध्यान रखना।

प्रश्न 38. अधिगम स्थानान्तरण कितने प्रकार का होता है? इसके शैक्षिक महत्त्व पर चर्चा कीजिए।

उत्तर: पहले सीखे गए ज्ञान, कौशल या अनुभव का नई परिस्थिति में होने वाले अधिगम पर प्रभाव पड़ना अधिगम स्थानान्तरण कहलाता है।

अधिगम स्थानान्तरण के तीन प्रमुख प्रकार-

  • सकारात्मक स्थानान्तरण : पूर्व अधिगम नए अधिगम में सहायता करता है। जैसे—साइकिल चलाना सीखने से मोटरसाइकिल सीखने में सहायता।
  • नकारात्मक स्थानान्तरण : पूर्व अधिगम नए अधिगम में बाधा उत्पन्न करता है।
  • शून्य स्थानान्तरण : पूर्व अधिगम का नए अधिगम पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता।

शैक्षिक महत्त्व-

  • पूर्व ज्ञान को नई विषय-वस्तु से जोड़ने में सहायता करता है।
  • सीखे हुए सिद्धान्तों का व्यावहारिक जीवन में प्रयोग सम्भव होता है।
  • नए कौशल सीखना सरल और शीघ्र हो सकता है।
  • विभिन्न विषयों के बीच सम्बन्ध स्थापित किया जा सकता है।
  • शिक्षक को सकारात्मक स्थानान्तरण बढ़ाने वाली परिस्थितियाँ उत्पन्न करनी चाहिए।

प्रश्न 39. व्यक्तित्व को परिभाषित करें एवं व्यक्तित्व के वर्गीकरण को लिखिए।

उत्तर: व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक तथा व्यवहारगत विशेषताओं के संगठित एवं विशिष्ट स्वरूप को व्यक्तित्व कहते हैं। यह व्यक्ति के सम्पूर्ण व्यवहार और वातावरण के प्रति उसके समायोजन को व्यक्त करता है।

सामाजिक अन्तर्क्रिया के आधार पर प्रचलित व्यक्तित्व-वर्गीकरण-

  • अन्तर्मुखी व्यक्तित्व : ऐसा व्यक्ति अपने विचारों और आन्तरिक अनुभवों की ओर अधिक केन्द्रित रहता है।
  • बहिर्मुखी व्यक्तित्व : ऐसा व्यक्ति सामाजिक सम्बन्धों और बाहरी गतिविधियों में अधिक रुचि रखता है।
  • उभयमुखी व्यक्तित्व : इसमें अन्तर्मुखी और बहिर्मुखी दोनों प्रकार की विशेषताएँ परिस्थिति के अनुसार पाई जाती हैं।

कार्ल युंग ने मूल रूप से अन्तर्मुखता और बहिर्मुखता को दो प्रमुख व्यक्तित्व-अभिविन्यासों के रूप में स्पष्ट किया था।

प्रश्न 40. सांख्यिकी का अर्थ एवं महत्त्व बताइए।

उत्तर: आँकड़ों के संग्रह, वर्गीकरण, प्रस्तुतीकरण, विश्लेषण और व्याख्या से सम्बन्धित विज्ञान को सांख्यिकी कहते हैं। शिक्षा एवं मनोविज्ञान में विभिन्न प्रकार के प्राप्तांकों एवं परीक्षण-परिणामों के अध्ययन में इसका विशेष महत्त्व है।

सांख्यिकी का शैक्षिक महत्त्व-

  • विद्यार्थियों के प्राप्तांकों को व्यवस्थित एवं सरल रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
  • माध्य, माध्यिका और बहुलक द्वारा समूह का प्रतिनिधि मान ज्ञात किया जाता है।
  • विद्यार्थियों और समूहों की उपलब्धियों की तुलना की जा सकती है।
  • परीक्षा और मूल्यांकन के परिणामों का विश्लेषण किया जाता है।
  • तालिका, ग्राफ और आरेखों द्वारा आँकड़ों को स्पष्ट किया जा सकता है।
  • बुद्धि, अभिरुचि, उपलब्धि एवं अन्य मनोवैज्ञानिक मापों की व्याख्या में सहायता मिलती है।
  • शैक्षिक अनुसंधान एवं निर्णय लेने में सांख्यिकी उपयोगी होती है।
UP DELED Study App

Semester 1 की Complete तैयारी

  • Official Syllabus
  • Comprehensive Notes
  • Quick Revision Notes
  • Visual Revision Notes
  • Audio Revision
  • Solved MCQs
  • MCQ Tests
  • 2015–2025 Previous Year Papers
  • Repeated Exam Questions
  • 10 Model Papers
App में पढ़ाई शुरू करें

Question Paper PDF

इस प्रश्न पत्र की PDF डाउनलोड करें।

PDF Download

बाल विकास एवं सीखने की प्रक्रिया Previous Year Paper 2020

Solved question paper PDF download.

Complete 10 Years Solved PYQ Collection

2015 से 2025 तक के solved previous year papers, महत्वपूर्ण प्रश्न, उत्तर एवं PDF resources एक ही package में प्राप्त करें और अपनी UP DELED परीक्षा की तैयारी को मजबूत बनाएं।

PDF Store Join Telegram