वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. 'मेघदूत' किस रचनाकार की कृति है?
(a) माघ
(b) भारवि
(c) कालिदास
(d) भास।
उत्तर: (c) : 'मेघदूत' कालिदास जी की रचना है। यह संस्कृत भाषा में लिखी गई एक प्रसिद्ध प्रेम कविता है। इसमें एक यक्ष अपने प्रियतमा को संदेश भेजने के लिए एक मेघ को दूत बनाता है।
माध संस्कृत के सुप्रसिद्ध कवि थे। उन्होंने शिशुपाल वध की एकमात्र रचना 'किरातार्जुनीयम्' महाकाव्य है।
भास संस्कृत साहित्य के प्रसिद्ध नाटककार थे। उन्होंने प्रतिमा, अभिषेक, मध्यम, व्यायोम, दूतघटोत्कच कर्णभार आदि रचनाएँ लिखी।
प्रश्न 2. सूर्योदय में कौन-सी सन्धि है ?
(a) गुण
(b) दीर्घ
(c) अनुस्वार
(d) वृद्धि।
उत्तर: (a): 'सुर्योदय' में गुण संधि है। गुण संधि में यदि अ/आ के बाद इ/ई आए 'ए'; 'उ/ऊ' आए तो 'ओ' और 'ऋ' आए तो 'अर' हो जाता है।
उदाहरण:
सूर्योदय = सूर्य + उदय
ज्ञानोपदेश = ज्ञान + उपदेश
देवर्षि = देव + ऋर्षि
प्रश्न 3. कौन-सा शब्द अव्ययीभाव समास का उदाहरण है ?
(a) सज्जन
(b) प्रत्येक
(c) गजारूढ़
(d) द्विपाद।
उत्तर: (b) : अव्ययीभाव समास जिस समास का पूर्वपद प्रधान तथा अव्यय हो जाए, उसे अव्ययी भाव समास कहते हैं।
उदाहरण:
यथा समय - समय के अनुसार (अव्ययीभाव समास)
प्रत्येक - प्रति एक/हर एक (अव्ययीभाव समास)
प्रश्न 4. अशुद्ध शब्द की पहचान कीजिए
(a) प्रभू
(b) प्रणाम
(c) प्रतिष्ठा
(d) प्रकाण्ड।
उत्तर: (a) : उपर्युक्त शब्दों में 'प्रभू' अशुद्ध शब्द है, जबकि प्रणाम, प्रतिष्ठा और प्रकाण्ड शुद्ध शब्द है।
प्रश्न 5. शुद्ध वर्तनी वाले शब्द का चयन कीजिए
(a) आर्शीवाद
(b) आर्शिवाद
(c) आशिर्वाद
(d) आशीर्वाद
उत्तर: (d): उपर्युक्त विकल्पों में से शुद्ध वर्तनी वाला शब्द 'आशीर्वाद' है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. 'हिमालय से गंगा निकलती है' यह वाक्य किस कारक का है?
उत्तर: अपादान कारक
संज्ञा के जिस रूप से एक वस्तु का दूसरी से अलग होना पाया जाए वहाँ अपादान कारक होता है।
उदाहरण-
हिमालय से गंगा निकलती है।
पेड़ से पत्ते गिरते हैं।
प्रश्न 7. पुष्प शब्द के चार पर्यायवाची शब्द लिखिए।
उत्तर: पुष्प के पर्यायवाची शब्द सुमन, फूल, मंजरी, कुसुम, प्रसून आदि।
प्रश्न 8. संन्धि, सुगम, सूक्ष्म एवं स्वतंत्र शब्दों के विलोम शब्द लिखिए
उत्तर:
- संधि - विच्छेद
- सुगम - दुर्गम
- सूक्ष्म - स्थूल
- स्वतंत्र - परतन्त्र
प्रश्न 9. नयन एवं नायक शब्दों का सन्धि-विच्छेद कीजिए।
उत्तर: अयादि संधि यदि ए, ऐ, ओ और औ के बाद भिन्न स्वर आये तो 'ए' का अय 'ऐ' का आय, 'ओ' का अव और 'औं' का आव हो जाता है।
उदाहरण:
नयन = ने + अन
नायक = नै + अक
प्रश्न 10. सम् उपसर्ग लगाकर चार-चार शब्द कीजिए।
उत्तर: उपसर्ग - शब्द रचना के लिए शब्दों के पूर्व जोड़े जाने वाले अक्षर, अक्षर समूह अथवा शब्द खण्ड 'उपसर्ग' कहलाते हैं।
जैसे: अभि + आस = अभ्यास, निः + भय = निर्भय
सम् उपसर्ग से बनने वाले चार शब्द: संकल्प, संयोग, संरक्षण, संतोष आदि है।
प्रश्न 11. शब्द किसे कहते है? लिखिए।
उत्तर: शब्द एक या एक से अधिक अक्षरों से बनी हुई सार्थक ध्वनि एवं ध्वनि समूहों को 'शब्द' कहते हैं। जैसे रात, अध्याय, चमकना बजाना आदि।
शब्दों का वर्गीकरण:
| उत्पत्ति के आधर पर | रचना के आधर पर | प्रयोग के आधार पर | व्याकरणिक प्रकार | अर्थ के आधार पर |
|---|---|---|---|---|
| तत्सम | रूढ़ | विकारी | संज्ञा | एकाथी |
| तद्भव | यौगिक | अविकारी | सर्वनाम | अनेकार्थी |
| देशज | यांगरूढ़ | क्रिया | विलोम | |
| विदेशी | विशेषण | पर्यायवाची | ||
| संकर | क्रिया विशेषण | |||
| संबंधबोधक | ||||
| समुच्चय बोधक | ||||
| विस्मयादि बोधक |
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. सम्बन्ध कारक किसे कहते है? उदारण भी लिखिए।
उत्तर: संबंधकारक - संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से किन्ही अन्य शब्दों या वाक्यों के साथ संबंध का बोध हो, ऐसे संज्ञा या सर्वनाम शब्दों को संबंध कारक कहते हैं। इसकी विभक्ति का, की, के हैं।
जैसे:
श्याम की साइकिल
गीता का भाई
सेब के पेड़ आदि।
प्रश्न 13. भाषा शिक्षण में अशुद्ध उच्चारण के क्या कारण है।
उत्तर: भाषा शिक्षण में अशुद्ध उच्चारण के निम्नलिखित कारण है:
वर्णों का अशुद्ध उच्चारण वर्णों के उच्चारण में स्थान, प्रयत्न तथा स्वरूप में तालमेल की कमी होने से ऐसा होता है।
- स्वरों और व्यंजनों का उचित तालमेल न होना भी एक कारण है।
- अनुस्वार और विसर्ग का सही ढंग से उच्चारण न कर पाना।
- बलाघात तथा अनुतान का सही उपयोग न करना भी अशुद्ध उच्चारण का एक प्रमुख कारण है।
- संगम, गति तथा विराम का उचित प्रयोग न करना
- उच्चारण में अस्थिरता तथा क्षेत्रीय भिन्नता।
प्रश्न 14. कक्षा शिक्षण में मौन वाचन के क्या-क्या लाभ है?
उत्तर: कक्षा शिक्षण में मौन वाचन से लाभ:
मौन वाचन में अर्थ ग्रहण शीघ्र होता है। मौन वाचन में नेत्र और मस्तिष्क सक्रिय रहते हैं। छात्रों को थकान से बचाता है। मौन वाचन में निपुणता का आना व्यक्ति के विचारों की प्रौढ़ता का द्योतक है और भाषायी दक्षता पर अधिकार का सूचक है। मौन वाचन में समय की भी बचत होती है। मौन वाचन द्वारा एक छात्र दूसरे छात्र के वाचन में बाधा उत्पन्न नहीं करता। सामूहिक वाचन के लिए मौन वाचन सर्वोत्तम है। मौन वाचन के समय छात्र चिंतन भी करता है। मौन वाचन के अवसर पर अध्यापक को छात्रों के पठन का निरीक्षण करना चाहिए
प्रश्न 15. उच्च प्राथमिक स्तर के बालकों को शैक्षिक भ्रमण हेतु ले जाने वाले स्थलों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: उच्च प्राथमिक स्तर के बालकों को शैक्षिक भ्रमण हेतु ले जाने वाले स्थलों के संदर्भ में निम्न बातें अनिवार्य है
- राष्ट्रीय संग्रहालय, राष्ट्रीय, प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, शिल्प कला संग्रहालय आदि।
- भ्रमण का उद्देश्य संग्रहालयों में उपलब्ध संसाधनों का अध्ययन करना।
- ऐतिहासिक इमारतों से जुड़े स्थलों पर जाना।
- भौगोलिक या पर्यावरणीय रूप से नई तथा कौतूहल भरे स्थानों पर जाना।
- ऐसे स्थलों पर जाना जहाँ पर पुस्तकालय हो।
प्रश्न 16. भाषा शिक्षण में कविता पढाते समय किन तथ्यों पर ध्यान देना चाहिए।
उत्तर: कविता हिन्दी साहित्य की एक विधा है जिसकी शैली पद्यात्मक होती है कविता किसी कवि के सौन्दर्यानुभूति की अभिव्यक्ति है कवि की आकांक्षाओं अपेक्षाओं की अभिव्यक्ति है। भाषा शिक्षा में कविता पढ़ाते समय निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए -
- संबंधित कवि को छात्रों से परिचित कराना।
- कविता की भाषा को सरल तथा बोधगम्य बनाना।
- कविता को छात्रों के जीवन से जोड़ना।
- कविता के माध्यम से छात्रों मे प्रेरणा भरना।
प्रश्न 17. कक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने पर पिता को खुशी प्रकट करते हुए पत्र लिखिए।
उत्तर:
पिता जी को पत्र
आदरणीय पिताजी,
सादर प्रणाम।
मैं सकुशल हूँ। आपकी और माँ की कुशलता के लिए भगवान से प्रार्थना करता हूँ। मेरे विद्यालय का वार्षिक परीक्षा फल 10 मार्च को आया। जिसमें मैं अपनी कक्षा में प्रथम आया हूँ। मुझे अपनी सफलता पर प्रसन्नता हो रही है, जिसे मैं आप लोगों के साथ बाँटना चाहता हूँ।
अपनी और माँ की कुशलता का समाचार शीघ्र दीजिएगा।
आपका आज्ञाकारी पुत्र
अन्नु कुमार
प्रश्न 18. दिये गये अपठित अनुच्छेद का अर्थ एवं शीर्षक लिखिए-
"शिशु तेरी अनुपम छवि निहार,
मिल जाता हमकों स्वर्ग द्वार।
उपवन में है गुलाब सुन्दर,
पर माँ की गोद में इनसे बढ़कर।
तेरी छवि है अपार झलमल,
पर ये सब लगते धुंधले,
तेरे दाँतों की द्युति निहार।"
उत्तर:
अर्थ- माँ अपने बालक की सुन्दरता देखकर स्वर्ग का अनुभव करती है। माँ कहती है कि इस सृष्टि में हजारों फूल खिले हैं, जो एक से बढ़कर एक सुन्दर फूल है पर माँ का सुन्दर फूल तो उसका बालक होता है। माँ के लिए अपने बालक की सुन्दरता दुनिया के किसी भी सुन्दर फूल से अधिक है अगर माँ को तीनों लोगों का सुख भी मिले तो वह अपने बालक पर न्यौछावर कर देगी माँ के लिए अपने बालक के चेहरे की चमक दुनिया की किसी भी चमक से अधिक होती है। माँ के लिए सारी दुनियाँ उसका बालक होता है।
शीर्षक - माँ की ममता