बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. 'एमील' पुस्तक के लेखक हैं-
(a) काण्ट
(b) प्लेटो
(c) रुसो
(d) अरस्तू
उत्तर: (c) : 'एमील' पुस्तक के लेखक रूसो हैं। रूसो की यह बहुत प्रसिद्ध पुस्तक है।
प्रश्न 2. आदर्शवादी शिक्षा शास्त्री नहीं हैं-
(a) प्लेटो
(b) रवीन्द्रनाथ टैगोर
(c) महात्मा गांधी
(d) मारिया माँण्टेसरी
उत्तर: (d) : आदर्शवादी शिक्षा-शास्त्री प्लेटो, सुकरात, डेकाटर्टी, रविन्द्र नाथ टैगोर, रोलिंग तथा महात्मा गांधी आदि हैं, परन्तु मारिया माण्टेसरी आदर्शवादी शिक्षा शास्त्री नहीं हैं।
प्रश्न 3. "शिक्षा विकास है एवं विकास करना तथा अभिवृद्धि करना ही जीवन है।" यह कथन है-
(a) जॉन डी. वी. का
(b) प्लेटो का
(c) काण्ट का
(d) अरस्तू का
उत्तर: (a) : जॉन डी.वी. के अनुसार, "शिक्षा विकास है एवं विकास करना तथा अभिवृद्धि करना ही जीवन है।"
प्रश्न 4. शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रवज्या संस्कार होता था-
(a) गुरुकुल शिक्षा पद्धति में
(b) बौद्ध कालीन शिक्षा पद्धति में
(c) मुगल कालीन शिक्षा पद्धति में
(d) वैदिक कालीन शिक्षा पद्धति में
उत्तर: (b) : शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रवज्या संस्कार बौद्ध-कालीन शिक्षा पद्धति में होता था। यह संस्कार बालक की शिक्षा प्रारम्भ करने के अवसर पर आयोजित किया जाता था।
प्रश्न 5. वैदिक कालीन शिक्षा के पाठ्यक्रम में 'अपराध विद्या' के अन्तर्गत नहीं पढ़ाया जाता था-
(a) इतिहास
(b) भूगर्भ शास्त्र
(c) नीति शास्त्र
(d) अर्थ शास्त्र
उत्तर: (c) : वैदिक कालीन शिक्षा के पाठ्य-क्रम में 'अपराध विद्या' के अन्तर्गत इतिहास, ज्योतिष, गणित, जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, भूगर्भ शास्त्र, अर्थशास्त्र तथा तर्क शास्त्र का अध्ययन कराया जाता था।
प्रश्न 6. वर्धा में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन आयोजित हुआ था-
(a) 1937 में
(b) 1986 में
(c) 1938 में
(d) 1940 में
उत्तर: (a) : वर्धा में 22 और 23 अक्टूबर 1937 को एक अखिल भारतीय राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसे वर्धा शैक्षिक सम्मेलन कहा गया।
प्रश्न 7. मुगलकाल में उच्च शिक्षा के केन्द्र थे-
(a) मकतब
(b) मदरसे
(c) दरगाहें
(d) खानकाहें
उत्तर: (b) : मुगल काल में प्राथमिक शिक्षा 'मकतब' में दी जाती थी तथा उच्च शिक्षा मदरसों में दी जाती थी।
प्रश्न 8. 'बाल देवो भव' यह शैक्षिक विचारधारा किसकी थी?
(a) फ्रोबेल की
(b) रुसो की
(c) गिजुभाई बधेका की
(d) जॉन डी. वी. की
उत्तर: (c) : 'बाल देवो भव' यह शैक्षिक विचारधारा गिजुभाई बधेका की थी। गिजुभाई बालक को देवता मानते थे तथा उनके अनुसार "बालक की आत्मा स्वतन्त्र है।"
प्रश्न 9. विश्व पृथ्वी दिवस कब मनाया जाता है?
(a) 22 अप्रैल
(b) 8 जून
(c) 17 फरवरी
(d) 11 फरवरी
उत्तर: (a) : विश्व पृथ्वी दिवस प्रत्येक वर्ष 22 अप्रैल को मनाया जाता है।
प्रश्न 10. 'युगधर्म' कहा जाता है-
(a) परिवर्तनमान मूल्यों को
(b) शाश्वतमूल्यों को
(c) (a) एवं (b) दोनों को
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (a) : युगधर्म परिवर्तनमान मूल्यों को कहा जाता है।
प्रश्न 11. 'दिवास्वप्न' पुस्तक के लेखक हैं-
(a) गिजूभाई बधेका
(b) स्वामी विवेकानंद
(c) महात्मा गाँधी
(d) सर्वपल्ली राधाकृष्णन
उत्तर: (a) : दिवास्वप्न पुस्तक के लेखक गिजुभाई बधेका जी थे। जोकि गुजराती भाषा के लेखक और महान शिक्षा शास्त्री थे।
प्रश्न 12. संविधान में किस भाषा को 'राजभाषा' का दर्जा मिला है-
(a) हिन्दी
(b) उर्दू
(c) अंग्रेजी
(d) फारसी
उत्तर: (a) : संविधान में हिन्दी भाषा को 14 सितम्बर 1949 को राजभाषा का दर्जा मिला था। इसलिए प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है।
प्रश्न 13. 'दूरवर्ती शिक्षा' को कहते हैं-
(a) पत्राचार-शिक्षा
(b) दूरस्थ शिक्षा
(c) स्वतन्त्र अध्ययन
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) : 'दूरवर्ती शिक्षा' को दूरस्थ शिक्षा अथवा पत्राचार शिक्षा कहते हैं। यह शिक्षा स्वतन्त्र रूप से दी जाती है, जिसकी वजह से इसे स्वतन्त्र अध्ययन भी कहा जाता है।
प्रश्न 14. शिक्षा एक द्विमुखी प्रक्रिया है-
(a) जॉन डी. वी.
(b) एडम्स
(c) फ्रोबेल
(d) सुकरात
उत्तर: (b) : जॉन एडम्स के अनुसार, "शिक्षा एक द्विमुखी प्रक्रिया है।"
प्रश्न 15. "लोकतंत्र जनता के लिए, जनता के द्वारा, जनता की शासन व्यवस्था है", कहा-
(a) अब्राहम लिंकन ने
(b) सीले ने
(c) बायडबोड ने
(d) महात्मा गाँधी ने
उत्तर: (a) : अब्राहम लिंकन के अनुसार, "लोकतन्त्र जनता के लिए, जनता के द्वारा, जनता की शासन व्यवस्था है।"
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. वैदिक कालीन शिक्षा के अनुसार 'उपनयन' का शाब्दिक अर्थ है-
उत्तर: वैदिक कालीन शिक्षा के अनुसार, 'उपनयन' का शाब्दिक अर्थ है 'नैकट्य प्रदान करना।' अर्थात इसके द्वारा वेदाध्ययन का इच्छुक व्यक्ति वेद-शास्त्रों में पारंगत गुरु/आचार्य की शरण में जाकर एक विशेष अनुष्ठान के माध्यम से वेदाध्ययन की दीक्षा प्राप्त करता था। इसे यज्ञोपवीत या अनेक संस्कार भी कहा जाता है।
प्रश्न 17. पर्यावरण संरक्षण के दो उपाय बताइए।
उत्तर: बाहरी बाढ़ की रोकने के लिए तूफानी जल के प्रवाह की कर्म करक मिट्टी के कटाव और बाढ़ के खतरों को कम करता है।
प्रश्न 18. शैक्षिक अवसरों की समानता के लिए कौन-कौन बिन्दु आवश्यक हैं?
उत्तर: शैक्षिक अवसरों की समानता के लिए निम्नलिखित बिन्दु आवश्यक हैं।
- (1) शिक्षार्थियों को किताबें और वर्दी प्रदान करना।
- (2) उनकी क्षमता के अनुसार शिक्षार्थियों को संसाधन उपलब्ध कराना।
प्रश्न 19. बाल श्रमिक बनने के मुख्य कारण क्या हैं?
उत्तर: बाल मजदूरी अथवा बाल श्रमिक बनने का सबसे बड़ा कारण गरीबी है तथा वयस्कों एवं किशोरों के लिए अच्छे कार्य करने के अवसरों की कमी है।
प्रश्न 20. फ्रॉबेल की शिक्षण पद्धति स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: फ्रॉबेल पहला शिक्षाशास्त्री था, जिसकी शिक्षण पद्धति में खेल द्वारा शिक्षा देने की बात कही गई थी। फ्रॉबेल के अनुसार बालक की आत्म-क्रिया खेल द्वारा विकसित होती है।
प्रश्न 21. प्लेटो द्वारा स्थापित संस्था का नाम बताइए।
उत्तर: प्लेटो द्वारा स्थापित संस्था का नाम प्लेटोनिस्ट स्कूल आफ थिंक और अकादमी था जिसे दर्शन विद्यापीठ के नाम से भी जाना जाता है जो यूरोपीय महाद्वीप पर उच्च शिक्षा की पहली संस्था थी।
प्रश्न 22. प्रयोजनवाद के किन्हीं दो गुण एवं दोषों का उल्लेख करिए।
उत्तर: प्रयोजनवाद के दो गुण एवं दोष निम्नलिखित हैं।
गुण-
- (1) प्रयोजनवाद ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रियाशीलता को विशेष प्रोत्साहन दिया था, जिससे शिक्षा में विचारों की अपेक्षा क्रिया को अधिक महत्व दिया जाता था।
- (2) प्रयोजनवाद ने विद्यालय को एक नया रूप प्रदान करने का प्रयास किया है।
दोष-
- (1) प्रयोजनवाद के अनुसार शिक्षा का कोई निर्धारित एवं निहित उद्देश्य नहीं है।
- (2) प्रयोजनवाद में सांस्कृतिक आदर्शों की भी अवहेलना की गई है। तथा समुचित महत्व नहीं दिया गया है।
प्रश्न 23. विद्यालयों में पर्यावरण शिक्षा किस प्रकार दी जा सकती है?
उत्तर:
- (1) विद्यालय में विद्यार्थियों को समय-समय पर संतुलित भोजन, स्वच्छता एवं प्राकृतिक वातावरण के महत्व व उपयोगिता के बारे में बताना चाहिए
- (2) विद्यालय पुस्तकालय में पर्यावरण शिक्षा का साहित्य प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होना चाहिए।
प्रश्न 24. बुनियादी शिक्षा का प्रारम्भ किसने किया ?
उत्तर: बुनियादी शिक्षा का प्रारम्भ महात्मा गांधी जी ने किया था। इसे नई तालीम और वर्धा शिक्षा योजना के नाम से भी जाना जाता है।
प्रश्न 25. राज्य से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: राज्य से आशय ऐसे राजनीतिक संगठन से है, जो अपने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा, बाह्य एवं आन्तरिक सुरक्षा तथा सामाजिक उन्नति के लिए अस्तित्व में आता है।
प्रश्न 26. मल्टीमीडिया क्या है?
उत्तर: मल्टीमीडिया अंग्रेजी के मल्टी तथा मीडिया शब्दों से मिलकर बना है। जहाँ मल्टी का अर्थ होता है 'बहु' अथवा 'विविध' और मीडिया का अर्थ है 'माध्यम'। अर्थात् मल्टीमीडिया एक माध्यम होता है, जिसके द्वारा विभिन्न प्रकार की जानकारियों को विविध प्रकार के माध्यमों तक पहुँचाया जाता है
प्रश्न 27. स्त्री शिक्षा के विषय में प्लेटो का क्या मत था?
उत्तर: प्लेटो ने महिला एवं पुरूष दोनों के लिए समान शिक्षा व्यवस्था लागू की थी। दोनों के लिए एक ही प्रकार की शिक्षा योजना बनाई गई थी
प्रश्न 28. भूमण्डलीकरण को परिभाषित करें।
उत्तर: भूमण्डलीकरण एक प्रक्रिया है, जिसमें दुनिया भर में विभिन्न देशों और संस्थाओं के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और तकनीकी सम्बन्धों को बढ़ाने का प्रयास किया जाता है।
प्रश्न 29. लैंगिक समानता से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: लैंगिक समानता का आशय पुरुष एवं महिला के समान अधिकार से है जिसमें समस्त अधिकार, जिम्मेदारियाँ और एक शिक्षा आदि सभी समान रूप से होते हैं।
प्रश्न 30. स्वामी विवेकानन्द के अनुसार 'जन शिक्षा क्या है'?
उत्तर: स्वामी विवेकानन्द जी के अनुसार, "जन शिक्षा, का आशय जन-साधारण को जीवन-संघर्ष के लिए तैयार करना है। स्वामी जी के अनुसार शिक्षा ऐसी हो, जिससे बालक का शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक विकास हो
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. शिक्षा से क्या तात्पर्य है? इसके महत्व को बताइए।
उत्तर: शिक्षा व्यक्ति की अन्तर्निहित क्षमता तथा उसके व्यक्तित्व को विकसित करने वाली प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया उसे समाज में एक वयस्क की भूमिका निभाने के लिए समाजीकृत करती है तथा समाज के सदस्य एवं एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए व्यक्ति को आवश्यक ज्ञान तथा कौशल उपलब्ध कराती है।
शिक्षा के महत्व निम्नलिखित हैं-
- (1) शिक्षा हमें किसी भी चीज के बारे में ज्ञान प्रदान करती है।
- (2) यह शारीरिक व्यक्तित्व और मानसिक शक्ति के साथ-साथ हमारी जीवन शैली को बेहतर बनाती है।
- (3) शिक्षा के माध्यम से हम अपने भविष्य में आने वाली अच्छी या बुरे सभी परिस्थितियों को आसानी से संभाल सकते हैं।
प्रश्न 32. निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा क्या है? यह बालकों के विकास में किस प्रकार सहायक है?
उत्तर: निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा (आर.टी.ई.) अधिनियम-2009 में 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को प्राथमिक शिक्षा प्रदान करना है। यह शिक्षा को एक मौलिक अधिकार के रूप में लागू करता है। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा द्वारा समस्त बालकों को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा मिलेगी, जिससे उनका मानसिक विकास पूर्ण रूप से विकसित होगा तथा साथ ही साथ उन्हें शारीरिक पोषण के लिए पोषक तत्व भी मिलता रहेगा। जिससे उनका मानसिक विकास के साथ-साथ शारीरिक विकास भी होगा।
प्रश्न 33. फ्रॉबेल के अनुसार शिक्षा के क्या उद्देश्य हैं?
उत्तर: फ्रॉबेल की दृष्टि में शिक्षा का मूल उद्देश्य बच्चों को संसार की आत्मिक एकता का ज्ञान कराना है और इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए उनका शारीरिक एवं बौद्धिक विकास करना, उन्हें सामाजिक एवं नैतिक व्यवहार में प्रशिक्षित करना तथा उनका चारित्रिक विकास करना और उन्हें पवित्र जीवन जीने की ओर अग्रसर करना आवश्यक है।
प्रश्न 34. बुनियादी शिक्षा पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: बुनियादी शिक्षा का तात्पर्य ऐसी शिक्षा से है, जिसमें बालक के सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास हो, जिसमें बालक शारीरिक एवं मानसिक रूप से अपना समस्त विकास करें। बुनियादी शिक्षा को प्रारम्भ करने वाले महात्मा गांधी जी थे। इस शिक्षा को नई तालीम और वर्धा शिक्षा योजना के नाम से भी जाना जाता है
प्रश्न 35. समाज के विकास में शिक्षक की क्या भूमिका है?
उत्तर: व्यक्तित्व का होता है। किसी भी देश या समाज के निर्माण में शिक्षक की भूमिका अहम होती है। गुरू या शिक्षक का सम्बन्ध केवल विद्यार्थी को शिक्षा देने से ही नहीं होता है, बल्कि वह अपने विद्यार्थी को हर मोड़ पर राह दिखाता है, शिक्षक समाज के विकास का कार्य करता है अतः यदि किसी समाज का विकास किया जाना हो तो वहाँ शिक्षक की भूमिका सर्वांगीण होती है
प्रश्न 36. औपचारिक एवं अनौपचारिक शिक्षा में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: औपचारिक एवं अनौपचारिक शिक्षा में निम्नलिखित अन्तर है
- (1) औपचारिक शिक्षा का क्षेत्र अधिक विस्तृत है। यह नियन्त्रित एवं क्रमिक है, जबकि अनौपचारिक शिक्षा का क्षेत्र सीमित है।
- (2) औपचारिक शिक्षा का उद्देश्य सामान्य एवं आदर्शात्मक होता है। जबकि अनौपचारिक शिक्षा का उद्देश्य वास्तविक, विशिष्ट तथा समयानुसार होता है।
- (3) औपचारिक शिक्षा वर्तमान, अतीत एवं भावी जीवन की तैयारी है, जबकि अनौपचारिक शिक्षा वर्तमान पर अधिक जोर देती है।
- (4) औपचारिक शिक्षा का पाठ्य-क्रम व्यापक, बहुउद्देशीय तथा जीवन से सम्बद्ध है, जबकि अनौपचारिक शिक्षा के पाठ्य-क्रम का उद्देश्य सीमित एवं सामाजिक वातावरण हेतु है
प्रश्न 37. पर्यावरण प्रदूषण रोकने के उपाय सुझाइए।
उत्तर: पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने राज्य के हरित क्षेत्र को बढ़ाने, विद्युत वाहनों को प्रोत्साहित करने तथा विकेन्द्रीकृत कचरा प्रबंधन आदि विभिन्न उपाय किए हैं। पर्यावरण संरक्षण आमतौर पर पेड़ों और हरियाली के संरक्षण को दर्शाता है
पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के निम्न उपाय हैं-
- अधिक से अधिक पेड़ लगाएँ।
- वन्यजीव और वर्षावन की रक्षा करें
- पानी की खपत कम करें
प्रश्न 38. समाज और शिक्षा के मध्य सम्बन्ध स्थापित कीजिए।
उत्तर: समाज एक से अधिक लोगों के समुदायों से मिलकर बने एक वृहद समूह को कहते हैं, जिसमें सभी व्यक्ति मानवीय क्रिया-कलाप करते हैं। मानवीय क्रिया-कलाप में आचरण, सामाजिक सुरक्षा और निर्वाह आदि की क्रियाएँ सम्मिलित होती हैं
शिक्षा एवं समाज के मध्य पारस्परिक सम्बन्ध-सामाजिक व्यक्तिवाद की स्थापना करने में शिक्षा एक शक्तिशाली और प्रबल साधन है। शिक्षा सामाजिक मानदण्डों के साथ ही मूल्यों के प्रति आदर विकसित करती है तथा व्यक्ति में ज्ञान और समझ का विकास करती है।
प्रश्न 39. "मानवीय मूल्य सम्पूर्ण सृष्टि के लिए आवश्यक हैं विवेचना कीजिए"
उत्तर: मानवीय मूल्य मनुष्य में स्वाभाविक रूप से मौजूद होते हैं, जबकि अन्य मूल्यों को समाजीकरण की प्रक्रिया के माध्यम से मानव में विकसित किया जाता है। समाज या देश में रहने के लिए लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने में मानवीय मूल्य अत्यधिक जिम्मेदार हैं एक व्यक्तिगत दृष्टिकोण से बुनियादी मानवीय मूल्यों को विकसित करने की आवश्यकता है जोकि मानव होने के अर्थ के मूल में है सत्य, ईमानदारी, निष्ठा, प्रेम, शान्ति आदि मानव प्रकृति में निहित बुनियादी मूल्यों के उदाहरण हैं।
प्रश्न 40. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 की चार मुख्य विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 भारतीय शिक्षा के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इस नीति के द्वारा भारत सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए नई दिशा दी थी। इस नीति की कई महत्वपूर्ण विशेषताएँ हैं, जोकि निम्नलिखित हैं-
- (1) पर्याप्त छात्रावास सुविधा, विशेष रूप से कन्याओं के लिए उपलब्ध कराना।
- (2) क्रीड़ा, सृजनात्मक कार्य एवं सांस्कृतिक सुविधाओं का विस्तार
- (3) आपरेशन ब्लैक बोर्ड।
- (4) डिग्रियों को नौकरियों से अलग करना।