बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. "शिक्षा एक त्रिमुखी प्रक्रिया है।" यह कथन किसका है?
(a) जॉन डीवी
(b) अरस्तू
(c) एडम्स
(d) सुकरात।
उत्तर: (a) : जॉन डीवी के अनुसार, "शिक्षा एक त्रिमुखी प्रक्रिया है।
प्रश्न 2. शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य है-
(a) शारीरिक विकास
(b) मानसिक विकास
(c) सर्वांगीण विकास
(d) सांवेगिक विकास।
उत्तर: (c) : शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य प्रत्येक मनुष्य के सर्वांगीण विकास से है।
प्रश्न 3. प्रश्नोत्तर विधि के जनक हैं-
(a) सुकरात
(b) प्लेटो
(c) अरस्तू
(d) फ्राबेल।
उत्तर: (a) : प्रश्नोत्तर विधि के जनक सुकरात हैं।
प्रश्न 4. शिक्षण को रोचक एवं प्रभावशाली बना देती है-
(a) चित्रकला
(b) विज्ञान
(c) शिक्षण में प्रयुक्त युक्तियाँ
(d) लेखन कला।
उत्तर: (c) : शिक्षण में प्रयुक्त युक्तियाँ शिक्षण को रोचक एवं प्रभावशाली बना देती हैं।
प्रश्न 5. बुनियादी शिक्षा किस दार्शनिक से सम्बन्धित है?
(a) प्लेटो
(b) महात्मा बुद्ध
(c) रबीन्द्र नाथ टैगोर
(d) महात्मा गाँधी।
उत्तर: (d) : महात्मा गाँधी का सम्बन्ध बुनियादी शिक्षा से है।
प्रश्न 6. विश्व जल दिवस कब मनाया जाता है?
(a) 17 फरवरी
(b) 11 फरवरी
(c) 22 मार्च
(d) 8 जून।
उत्तर: (c) : प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है।
प्रश्न 7. पाठशाला को एक बाग, शिशु को पौधा व शिक्षक को माली किसने कहा है?
(a) रूसो
(b) जॉन ड्यूवी
(c) मारिया माण्टेसरी
(d) फ्राबेल।
उत्तर: (d) : फ्रोबेल ने पाठशाला को एक बाग, शिशु को पौधा व शिक्षक को माली बताया है।
प्रश्न 8. 'दिवा स्वप्न' नामक पुस्तक के रचनाकार हैं-
(a) स्वामी विवेकानन्द
(b) राधाकृष्णन
(c) गिजुभाई बधेका
(d) रूसो।
उत्तर: (c) : 'दिवा स्वप्न' नामक पुस्तक के रचनाकार गिजूभाई बधेका हैं।
प्रश्न 9. घर पर दी जाने वाली शिक्षा कहलाती है-
(a) अनौपचारिक शिक्षा
(b) दूरस्थ शिक्षा
(c) गैर औपचारिक शिक्षा
(d) औपचारिक शिक्षा।
उत्तर: (a) : घर पर दी जाने वाली शिक्षा अनौपचारिक शिक्षा कहलाती है।
प्रश्न 10. "प्रत्येक वस्तु जो प्राकृतिक है, अच्छी है, परन्तु मनुष्य के हाथों में खराब हो जाती है।"-
(a) प्लेटो
(b) अरस्तू
(c) रूसो
(d) फ्राबेल।
उत्तर: (c) : रूसो के अनुसार, "प्रत्येक वस्तु जो प्राकृतिक है, अच्छी है परन्तु मनुष्य के हाँथों में खराब हो जाती है।"
प्रश्न 11. 'प्रोजेक्ट पद्धति' किस दर्शन की प्रमुख विधि मानी जाती है?
(a) यथार्थवाद
(b) प्रकृतिवाद
(c) आदर्शवाद
(d) प्रयोजनवाद।
उत्तर: (d) : 'प्रोजेक्ट पद्धति' प्रयोजनवाद की प्रमुख विधि मानी जाती है।
प्रश्न 12. मूल प्रवृत्ति सिद्धान्त किस दर्शन पर आधारित है?
(a) प्रकृतिवाद
(b) आदर्शवाद
(c) यथार्थवाद
(d) सांख्य दर्शन।
उत्तर: (a) : मूल प्रवृत्ति सिद्धान्त प्रकृतिवाद पर आधारित है।
प्रश्न 13. मूल्य हमारे व्यवहार को क्या करते हैं?
(a) दर्शित
(b) प्रेरित
(c) नियन्त्रित
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर: (c) : मूल्य हमारे व्यवहार को नियन्त्रित करते हैं।
प्रश्न 14. 'मकतब' शब्द किस स्तर की शिक्षा से सम्बन्धित है?
(a) प्राथमिक स्तर
(b) माध्यमिक स्तर
(c) उच्च स्तर
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर: (a) : 'मकतब' शब्द प्राथमिक स्तर की शिक्षा से सम्बन्धित है।
प्रश्न 15. आदर्शवाद का श्रेष्ठ योगदान किस क्षेत्र में है?
(a) शिक्षण विधि
(b) पाठ्यक्रम
(c) उद्देश्य
(d) अनुशासन
उत्तर: (a) : शिक्षण विधि में आदर्शवाद का श्रेष्ठ योगदान है
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. रूसो का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर: रूसो का जन्म 28 जून 1712 को जेनेवा में हुआ था। रूसो एक महान दार्शनिक थे।
प्रश्न 17. 'सत्यम् शिवम् सुन्दरम्' किस दर्शन का आधार वाक्य है?
उत्तर: सत्यम् शिवम् सुन्दरम किसी वस्तु या नीति के जाँच की कसौटी प्रस्तुत करने वाला वाक्य है। यह वाक्य कठोपनिषद् से लिया गया है। यह वाक्य आदर्शवाद दर्शन का आधार वाक्य है।
प्रश्न 18. वैश्विक तापमान से आप क्या समझते हैं? संक्षिप्त में समझाइए।
उत्तर: वैश्विक तापमान वृद्धि का आशय हमारी धरती के औसत तापमान में बढ़ोत्तरी से है। ये बढ़ोत्तरी वायुमण्डल में ग्रीन हाउस गैसों की बढ़ोत्तरी के कारण होती है।
प्रश्न 19. मूल्य का क्या अर्थ है? किसी विद्वान की परिभाषा दीजिए।
उत्तर: मूल्य एक अमूर्त सम्प्रत्यय है। इसका सम्बन्ध मनुष्य के भावात्मक पक्ष से होता है। जोकि उसके व्यवहार को नियन्त्रित एवं निर्देशित करता है। जान जे. काने के अनुसार, "मूल्य वे आदर्श, विश्वास या मानक हैं, जिन्हें समाज या समाज के अधिकांश सदस्य ग्रहण किए हुए होते हैं।"
प्रश्न 20. पर्यावरण शब्द किन दो शब्दों से मिलकर बना है?
उत्तर: पर्यावरण शब्द संस्कृत भाषा के परि+आवरण से मिलकर बना है, जहाँ 'परि' का अर्थ चारों ओर तथा 'आवरण' का अर्थ ढका हुआ है। अर्थात् पर्यावरण ऐसी चीजों का समुच्चय है जो किसी व्यक्ति या जीवधारी को चारों ओर से आवृत्त (ढके हुए) किए हुए है।
प्रश्न 21. स्वामी विवेकानन्द जी के बचपन का नाम क्या था?
उत्तर: स्वामी विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था तथा इनके बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था। इन्होंने हिन्दू धर्म का परिचय सम्पूर्ण विश्व से कराया।
प्रश्न 22. विश्व जनसंख्या दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर: विश्व जनसंख्या दिवस प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य जनसंख्या सम्बन्धित समस्याओं पर वैश्विक चेतना जाग्रत करना है। जनसंख्या दिवस का उद्देश्य विभिन्न जनसंख्या मुद्दों पर लोगों की जागरूकता बढ़ाना है, जैसे कि परिवार नियोजन, लिंग समानता, गरीबी, मातृ स्वास्थ्य और मानव अधिकारों का महत्व आदि।
प्रश्न 23. शिक्षा के सार्वभौमिकरण से क्या आशय है?
उत्तर: विशिष्ट आवश्यकता के अनुसार प्रत्येक स्थान पर शिक्षा की उपलब्धता से है।
प्रश्न 24. बौद्ध शिक्षा क्या है?
उत्तर: बौद्ध कालीन शिक्षा में प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च स्तर तक की शिक्षा प्रदान की जाती थी। इसमें शिक्षा के लिए मठों में प्रवेश के लिए प्रवज्या संस्कार होता था।
प्रश्न 25. शिक्षा के सामान्य उद्देश्य बताइए।
उत्तर: शिक्षा का सामान्य व मूलभूत उद्देश्य चरित्र निर्माण तथा व्यक्तियों की जन्मजात क्षमता को विकसित करना है।
प्रश्न 26. औपचारिक शिक्षा की कोई एक विशेषता बताइए।
उत्तर: औपचारिक शिक्षा में, शिक्षार्थियों को अपने पाठ्य-क्रम प्रशिक्षकों, सामुदायिक मध्यस्थों और अपने समूह के अन्य शिक्षार्थियों के साथ सामाजिक सम्पर्क से लाभ होता है।
प्रश्न 27. शिक्षा के प्रभावी कारकों के नाम बताइए।
उत्तर: शिक्षा को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक परिवार, समाज, विद्यालय, राज्य एवं जनसंचार है।
प्रश्न 28. जन संचार के चार साधनों का नाम लिखिए।
उत्तर: जन संचार के प्रमुख साधन दूरदर्शन, रेडियो, सिनेमा, टेलीफोन, समाचार-पत्र तथा इण्टरनेट हैं।
प्रश्न 29. प्रदूषण का अर्थ लिखते हुए इसके प्रकारों का नाम बताइए।
उत्तर: पर्यावरण के किसी भी घटक में होने वाला अवांछनीय परिवर्तन, जिससे जीव जगत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, प्रदूषण कहलाता है। प्रदूषण के प्रकार निम्नलिखित हैं- जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण आदि।
प्रश्न 30. टैगोर को किस धारणा में विश्वास था?
उत्तर: रविन्द्र नाथ टैगोर ब्रह्म समाज के नेता थे तथा टैगोर सृजन की वास्तविकता में विश्वास करते थे और इसलिए उन्होंने सृजन की प्रकृति पर एक निश्चित दृष्टिकोण दिया, सृष्टि का उनका विवरण कमोबेस आस्तिक है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. शिक्षा में प्रकृतिवाद के योगदान का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर: शिक्षा में प्रकृतिवाद बच्चे को प्राकृतिक वातावरण में अधिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है। यह प्रकृति को सबसे अच्छा शिक्षक मानता है, जिसकी संगति में बच्चा बेहतर सीखता है। यह बच्चे को प्रयोग, खोजों और आविष्कारों में संलग्न होने के लिए तैयार और प्रोत्साहित करता है। प्रकृतिवादियों के मुताबिक, प्रकृति ही बच्चे के विकास के लिए जिम्मेदार हैं। इसलिए वे शिक्षक की भूमिका को पृष्ठभूमि में रखते हैं। इसलिए प्रकृतिवादी पाठ्यक्रम बनाते समय बच्चे की प्रकृति, रूचियों और योग्यताओं को ध्यान में रखा जाता है। इस पाठ्यक्रम में वैज्ञानिक विषयों को ज्यादा एवं मानवीय विषयों को कम अहमियत दी जाती है। प्रकृतिवादियों के अनुसार मुख्य विषय खेलकूद, शरीर विज्ञान, स्वास्थ्य विज्ञान, पदार्थ विज्ञान होने चाहिए। प्रकृतिवाद के जनक रूसो; दार्शनिक, लेखक और संगीतकार थे, जो जेनेवा के थे।
प्रश्न 32. विद्यालय को शिक्षा का प्रभावशाली साधन किस प्रकार बनाया जा सकता है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: विद्यालय को शिक्षा का प्रभावशाली साधन बनाने के लिए सर्वप्रथम विद्यालय की अनुशासन व्यवस्था अति उत्तम होनी चाहिए। विद्यालयों का शैक्षिक वातावरण अधिक से अधिक सौहार्दपूर्ण आदर्शपरक तथा मूल्यपरक होना चाहिए। विद्यालय में अध्यापकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अध्यापकों को पूर्ण निष्ठा एवं लगन से तथा दायित्वपूर्ण ढंग से अध्यापन कार्य करना चाहिए।
प्रश्न 33. जलवायु परिवर्तन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: जलवायु परिवर्तन का तात्पर्य दशकों, सदियों या उससे अधिक समय में होने वाली जलवायु में दीर्घकालिक परिवर्तनों से है। यह मुख्य रूप से जीवाश्म ईंधन, जैसे-कोयला, तेल और प्राकृतिक गैस को जलाने के कारण पृथ्वी के वातावरण में तेजी से बढ़ती ग्रीन हाउस गैसों के कारण होता है। ग्लोबल वार्मिंग की वजह से धरती के तापमान में होने वाली बढ़ोत्तरी बारिश की औसत मात्रा में बदलाव लाती है। इससे समुद्र के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो जाती है।
प्रश्न 34. शिक्षा में जनसंचार की भूमिका के बारे में बताइए।
उत्तर: शिक्षा में जन संचार द्वारा निभाई गई सबसे महत्वपूर्ण भूमिका शिक्षा और सामुदायिक विकास क्षेत्र का ज्ञान है। वे अन्य लोगों की संस्कृतियों, अभिवृत्तियों, जातियों पंथों और सामाजिक आर्थिक पृष्ठभूमि को पहचानने में मदद करते हैं ताकि एक-दूसरे के साथ प्रभावी ढंग से सम्प्रेषण एवं कार्य कर सकें। यह पूरी तरह से नए और अभिनव तरीकों से सीखने के लिए छात्रों को पुरस्कृत करके शैक्षिक प्रणाली को काफी लाभ पहुँचाता है।
प्रश्न 35. प्रकृतिवाद में पाठ्यक्रम किस प्रकार का होना चाहिए? वर्णन कीजिए।
उत्तर: प्रकृतिवादी पाठ्य-चर्या की रचना बालक की प्रकृति एवं रूचियों, योग्यताओं के आधार पर की जाती है। इस पाठ्य-चर्या में वैज्ञानिक विषयों को प्रमुख तथा मानवीय विषयों को गौण स्थान दिया जाता है। प्रकृतिवादियों के अनुसार मुख्य विषय खेलकूद, शरीर विज्ञान, स्वास्थ्य विज्ञान, पदार्थ विज्ञान तथा वनस्पति विज्ञान एवं गणित आदि हैं।
प्रश्न 36. "शिक्षा के प्रभावीकारक के रूप में" समाज की विवेचना कीजिए।
उत्तर: शिक्षा व्यक्ति को समाज में सही और गलत के बीच फर्क करने की क्षमता प्रदान करती है और व्यक्ति के जीवन में नैतिकता और सिद्धान्तों को कायम रखेगी। शिक्षा से उन्हें समाज में समानता और समर्थन का अधिकार मिलता है जिससे एक सुरक्षित और सुदृढ़ समाज बनता है।
प्रश्न 37. जल संरक्षण क्यों आवश्यक है? बताइए।
उत्तर: जल संरक्षण से ऊर्जा की बचत होती है। जल की प्रत्येक बूँद हमारे लिए कीमती है। इसे बचाने का प्रयास किया जाना चाहिए। जल संरक्षण में जल के प्राकृतिक स्रोतों जैसे कि नदी, तालाब, हिमनद, वर्षा और भूमिगत जल आते हैं जिनका रख रखाव और संरक्षण अति आवश्यक है। औद्योगीकरण एवं शहरीकरण के कारण कुओं तथा तालाबों में लगातार कमी होती जा रही है और भूमिगत जल का स्तर गिर रहा है जो भविष्य में जल संकट का कारण बन सकता है। अतः जल संकट से बचने के लिए जल संरक्षण अति आवश्यक है।
प्रश्न 38. माण्टेसरी पद्धति के सिद्धान्तों की विवेचना कीजिए।
उत्तर: माण्टेसरी के दो बुनियादी सिद्धान्त हैं। पहला, बच्चे और विकासशील वयस्क अपने परिवेश के साथ बातचीत के माध्यम से मनोवैज्ञानिक आत्म-निर्माण में संलग्न होते हैं दूसरा, विशेष रूप से छः साल की उम्र के तहत बच्चों के मानसिक विकास का एक सहज रास्ता होता है।
प्रश्न 39. औपचारिक शिक्षा एवं अनौपचारिक शिक्षा में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: औपचारिक शिक्षा एवं अनौपचारिक शिक्षा में अन्तर निम्नलिखित हैं -
- (i) औपचारिक शिक्षा का क्षेत्र विस्तृत है। जबकि अनौपचारिक शिक्षा का क्षेत्र सीमित है।
- (ii) औपचारिक शिक्षा का उद्देश्य सामान्य एवं आदर्शात्मक होता है, जबकि अनौपचारिक शिक्षा का उद्देश्य वास्तविक, विशिष्ट तथा समयानुसार होता है।
- (iii) औपचारिक शिक्षा वर्तमान, अतीत एवं भावी जीवन की तैयारी है, जबकि अनौपचारिक शिक्षा वर्तमान पर अधिक जोर देती है।
अतः औपचारिक तथा अनौपचारिक शिक्षा एक-दूसरे से पूरक हैं। अन्य शब्दों में यह कहा जा सकता है कि एक के बिना दूसरे की सफलता सम्भव नहीं है।
प्रश्न 40. सामाजिक एवं साम्प्रदायिक सौहार्द क्यों आवश्यक है?
उत्तर: जाति पंथ, संप्रदाय से ऊपर उठकर सर्व धर्म सद्भावना के वातावरण से हमारा देश और आगे बढ़ सकता है। इससे पूरे देश में सद्भावना का वातावरण बनाया जा सकता है। इससे लोगों में आपसी घृणा समाप्त होगी तथा आपसी प्रेम, एकता तथा भाई-चारा को बढ़ावा मिलता है तथा अपने समुदाय के प्रति एक मजबूत लगाव होता है। यह किसी का अपना धर्म, क्षेत्र या भाषा हो सकता है।