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PYQ 2020 • वर्तमान भारतीय समाज और प्रारंभिक शिक्षा

वर्तमान भारतीय समाज और प्रारंभिक शिक्षा Previous Year Paper 2020

UP DELED Semester 2 वर्तमान भारतीय समाज और प्रारंभिक शिक्षा Previous Year Question Paper 2020 with solution.

Section 1 बहुविकल्पीय प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1. "हमें उस शिक्षा की आवश्यकता है जिसके द्वारा चरित्र का निर्माण होता है, मस्तिष्क की शक्ति बढ़ती है, बुद्धि का विकास होता है और मनुष्य अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है।" शिक्षा सम्बन्धी उक्त विचार किसके हैं?

(a) अरस्तू के

(b) रबीन्द्र नाथ टैगोर के

(c) स्वामी विवेकानन्द के

(d) महात्मा गाँधी के।

उत्तर: (c) : स्वामी विवेकानन्द के अनुसार, "हमें उस शिक्षा की आवश्यकता है जिसके द्वारा चरित्र का निर्माण होता है, मस्तिष्क की शक्ति बढ़ती है, बुद्धि का विकास होता है और मनुष्य अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है।"

  • अरस्तू के अनुसार, "शिक्षा का पूरा उद्देश्य व्यक्ति को उदारवादी जीवन के लिए तैयार करना है।"
  • रवीन्द्रनाथ टैगोर ने अपनी पुस्तक पर्सनालिटी में लिखा है, "उच्चतम शिक्षा वह है, जो हमारे जीवन के सभी अस्तित्वों के साथ सामंजस्यपूर्ण संबंध बनाती है।"
  • महात्मा गांधी के अनुसार, "शिक्षा से मेरा अभिप्राय बालक और मनुष्य के शरीर, मन तथा आत्मा के सर्वांगीण एवं सर्वोत्कृष्ट विकास से है।"

प्रश्न 2. जनसंख्या शिक्षा का मूल सहयोगी संगठन है-

(a) UNESCO

(b) WHO

(c) UNDO

(d) UNICEF

उत्तर: (a) : यूनेस्को (UNESCO)-संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन संयुक्त राष्ट का एक विशेष संगठन है, जो शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति और संचार के क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है।

प्रश्न 3. 'दिवास्वप्न' के लेखक हैं-

(a) महात्मा गाँधी

(b) गिजूभाई

(c) डॉ. राधाकृष्णन्

(d) रबीन्द्र नाथ टैगोर

उत्तर: (b) : गिजुभाई बधेका ने 1932 में 'दिवास्वप्न' लिखा था। यह पुस्तक पहले गुजराती में प्रकाशित हुई थी और बाद में विभिन्न भाषाओं में इसका अनुवाद किया गया था।

प्रश्न 4. 'पाली भाषा' शिक्षा का माध्यम थी-

(a) वैदिककालीन शिक्षा का

(b) बौद्धकालीन शिक्षा का

(c) मुस्लिमकालीन शिक्षा का

(d) मध्यकालीन शिक्षा का।

उत्तर: (b) : पाली भाषा प्राकृत भाषा का पूर्व रूप है, जो ईसा पूर्व छठी शताब्दी में बोली जाती थी। यह भाषा बौद्ध धर्म के ग्रंथों (त्रिपिटक) में लिखी गई है।

  • वैदिककालीन शिक्षा का माध्यम संस्कृत भाषा थी।
  • मुस्लिम कालीन शिक्षा का माध्यम फारसी और अरबी भाषा थी।
  • मध्यकालीन शिक्षा का माध्यम संस्कृत, फारसी और हिन्दी भाषा थी।

प्रश्न 5. मुदालियर आयोग सम्बन्धित है-

(a) प्राथमिक शिक्षा से

(b) माध्यमिक शिक्षा से

(c) विश्वविद्यालयी शिक्षा से

(d) उपर्युक्त सभी से।

उत्तर: (b) : मुदालियर आयोग की स्थापना 1952 में भारत सरकार द्वारा माध्यमिक शिक्षा प्रणाली की समीक्षा करने और सुधार के लिए सिफारिशें देने के लिए की गई थी। इस आयोग के अध्यक्ष डॉ. ए. लक्ष्मणस्वामी मुदालियर थे।

प्रश्न 6. "सच्ची शिक्षा वह है जो व्यक्ति के अन्दर से प्रस्फुटित होती है। यह अन्तः निहित शक्तियों की अभिव्यक्ति है।" यह कथन है-

(a) फ्रोबेल

(b) रूसो

(c) माण्टेसरी

(d) प्लेटो

उत्तर: (b) : रूसो के अनुसार, "सच्ची शिक्षा वह है जो व्यक्ति के अन्दर से प्रस्फुटित होती है। यह अन्तः निहित शक्तियों की अभिव्यक्ति है।"

प्रश्न 7. आधुनिक शिक्षा का जन्मदाता माना जाता है-

(a) मैकाले को

(b) विलियम हण्टर को

(c) चार्ल्स ग्राण्ट को

(d) चार्ल्स वुड को।

उत्तर: (c) : चार्ल्स ग्राण्ट को आधुनिक शिक्षा का जन्मदाता माना जाता है क्योंकि अंग्रेजी सिखाने के लिए स्कूलों का जाल बिछा देने का विचार सबसे पहले इनके ही मन में आया था। वास्तव में, अंगेजी शिक्षा की अग्रिम रूपरेखा का निर्माण चार्ल्स ग्राण्ट ने ही किया था।

प्रश्न 8. किण्डरगार्टन से अभिप्राय है-

(a) बच्चों का घर

(b) बच्चों का खेल मैदान

(c) बाल उद्यान

(d) बच्चों का कमरा।

उत्तर: (c) : किण्डरगार्डन का अर्थ है 'बच्चों का बगीचा'। यह एक ऐसा स्थान है, जहाँ छोटे बच्चों को स्कूल जाने से पहले शिक्षा और देखभाल प्रदान की जाती है।

प्रश्न 9. गिजुभाई शिक्षा को मानते थे-

(a) पाठ्यचर्या-केन्द्रित

(b) शिक्षक-केन्द्रित

(c) बाल-केन्द्रित

(d) समाज-केन्द्रित

उत्तर: (c) : गिजुभाई शिक्षा को बालकेन्द्रित मानते थे। इनका मानना था कि शिक्षा का केंद्र बच्चे को होना चाहिए, न कि पाठ्यक्रम या शिक्षक।

प्रश्न 10. महिला समाख्या योजना कब से लागू हुई?

(a) 1992

(b) 1995

(c) 1988

(d) 1989

उत्तर: (d) : महिला समाख्या योजना 1989 में लागू हुई थी। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई थी।

प्रश्न 11. "मूल्य वह है जो मानव इच्छाओं की तुष्टि कर सके।" यह कथन है-

(a) पारसन्स

(b) काने

(c) महात्मा गाँधी

(d) अर्बन ।

उत्तर: (d) : अर्बन एक ऑस्ट्रियायी अर्थशास्त्री थे, जिन्होंने उपयोगिता और मूल्य के सिद्धान्तों पर काम किया। उन्होंने मूल्यों को व्यक्तिपरक और उपयोगिता से जुड़ा माना है। अर्बन के अनुसार, "मूल्य वह है जो मानव इच्छाओं की तुष्टि कर सके।"

प्रश्न 12. स्वच्छ ऊर्जा संसाधन है-

(a) सौर ऊर्जा

(b) पेट्रोलियम

(c) कोयला

(d) प्राकृतिक गैस।

उत्तर: (a) : 'सौर ऊर्जा' स्वच्छ ऊर्जा संसाधन है। स्वच्छ ऊर्जा संसाधन वह है, जो प्रदूषण नहीं फैलाता और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुँचाता है।

प्रश्न 13. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अन्तर्गत 6-14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्राप्त है?

(a) अनुच्छेद 21 (क)

(b) अनुच्छेद 22

(c) अनुच्छेद 7

(d) अनुच्छेद 23

उत्तर: (a) :

  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21(क) के तहत 6-14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्राप्त है।
  • अनुच्छेद 22-यह अनुच्छेद नागरिकों के गिरफ्तारी और निरोध के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है।
  • अनुच्छेद 7-यह अनुच्छेद संसद के विशेषाधिकारों से संबंधित है।
  • अनुच्छेद 23-यह अनुच्छेद मानव तस्करी और बेगार पर प्रतिबंध लगाता है।

प्रश्न 14. आदर्शवाद के अनुसार शिक्षा का उद्देश्य है-

(a) आत्मनुभूति

(b) आत्माभिव्यक्ति

(c) बालक का सामाजिक विकास

(d) बालक का प्राकृतिक विकास।

उत्तर: (a) : आदर्शवाद एक दर्शन है, जो मानता है कि वास्तविकता का आधार चेतना या विचार है। आदर्शवादी शिक्षा दर्शन का मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को अपने वास्तविक स्वरूप अर्थात् आत्मा को जानने में मदद करना है।

प्रश्न 15. प्रकृतिवाद किस प्रकार के अनुशासन की बात करता है?

(a) प्रभावात्मक

(b) मुक्त्यात्मक

(c) दमनात्मक

(d) सामाजिक।

उत्तर: (b) : प्रकृतिवाद मुक्तव्यात्मक अनुशासन की बात करता है। प्रकृतिवाद एक शिक्षा दर्शन है, जो मानता है कि बच्चों को प्राकृतिक रूप से सीखने और विकसित होने दिया जाना चाहिए। यह शिक्षा दर्शन बाहरी दबाव या नियंत्रण के बजाय बच्चों की आन्तरिक प्रेरणा और रूचि पर केन्द्रित है।

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 16. बौद्धकालीन शिक्षा के दो प्रमुख केन्द्रों के नाम बताइए।

उत्तर: बौद्धकालीन शिक्षा के प्रमुख केन्द्र काशी, तक्षशिला हैं।

प्रश्न 17. मूल्यपरक शिक्षा के उद्देश्य बताइए।

उत्तर:

  1. (1) मूल्यपरक शिक्षा का उद्देश्य देशभक्ति की भावना के साथ-साथ एक अच्छे नागरिक के मूल्यों का विकास करना।
  2. (2) मूल्यपरक शिक्षा का उद्देश्य बच्चों की शारीरिक भावात्मक एवं मानसिक के साथ अध्यात्मिक पहलुओं के संदर्भ में बच्चे के व्यक्तित्व विकास के लिए एक सभी दृष्टिकोण सुनिश्चित करना।

प्रश्न 18. भारतीय शिक्षा का महाधिकार पत्र किसे कहा जाता है?

उत्तर: भारतीय शिक्षा का महाधिकार पत्र वुड डिस्पैच को कहा जाता है। इसे भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा कहा जाता है।

प्रश्न 19. उपनयन संस्कार से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: उपनयन-वैदिक काल में जब बालक ज्ञान हासिल करने योग्य हो जाए तो उसका सर्वप्रथम उपनयन संस्कार कराया जाता था। उप यानी पास और नयन यानी ले जाना अर्थात् गुरू के समीप ले जाने का अर्थ है उपनयन संस्कार।

प्रश्न 20. राष्ट्रीय बालश्रम नीति कब घोषित की गई?

उत्तर: अगस्त 1987 में बाल श्रम के मुद्दे पर सरकार ने नीति घोषित की जो कि बाल श्रम समस्या से निपटने के लिए थी।

प्रश्न 21. शिक्षा का निस्पंदन सिद्धान्त किसने दिया ?

उत्तर: शिक्षा का निस्पंदन सिद्धान्त लार्ड मैकाले ने दिया था इनके अनुसार शिक्षा उच्च वर्ग के लोगों को दिया जाए जिससे छनकर निम्न वर्ग के लोगों तक पहुँचेंगी।

प्रश्न 22. प्लेटो की कोई एक प्रमुख रचना का नाम लिखिए।

उत्तर: प्लेटो की प्रमुख रचनाएँ- "द रिपब्लिक" द स्टैट्समैन, 'द लाग' 'इयोन' सिम्पोजियम आदि प्रमुख हैं।

प्रश्न 23. कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय की स्थापना के दो उद्देश्य लिखिए।

उत्तर: कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय की स्थापना के प्रमुख उद्देश्य निम्न हैं।

  1. (i) निम्न वर्ग की बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय के माध्यम से गुणवत्ता युक्त प्रारंम्भिक शिक्षा को उपलब्ध कराना।
  2. (ii) सभी वंचित वर्ग की बालिकाओं को शिक्षा सर्वसुलभ बनाना जिससे निम्न वर्ग की बालिकाओं को आसानी से शिक्षा प्राप्त हो सके।

प्रश्न 24. भारत में अध्यापक शिक्षा के मानक कौन-सी संस्था तय करती है?

उत्तर: भारत में शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों के समन्वय और मानकों को बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् (NCTE) जिम्मेदार है।

प्रश्न 25. शिक्षा की एक परिभाषा लिखिए।

उत्तर: शिक्षा की परिभाषा-स्वामी विवेकानन्द जी के अनुसार, "शिक्षा मनुष्य की अन्तर्निहित पूर्णता की अभिव्यक्ति है।"

प्रश्न 26. शिक्षा के दो उद्देश्य लिखिए।

उत्तर: शिक्षा के निम्नलिखित दो उद्देश्य हैं-

  1. (i) शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति का सर्वांगीण विकास करना है।
  2. (ii) शिक्षा का उद्देश्य व्यक्तियों की जन्मजात शक्ति या क्षमता को विकसित करना है।

प्रश्न 27. 'ड्रॉपआउट बालक' से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: ऐसे छात्र ड्रॉप आउट छात्र कहलाते हैं जो नामांकन करवाकर 1-2 साल बाद स्कूल छोड़ देते हैं।

प्रश्न 28. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दो प्रमुख आन्दोलनों का नाम लिखिए।

उत्तर: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख आन्दोलन निम्न हैं।

  1. (i) असहयोग आंदोलन
  2. (ii) सविनय अवज्ञा आंदोलन
  3. (iii) भारत छोड़ो आंदोलन

प्रश्न 29. पर्यावरण संरक्षण के दो उपाय लिखिए।

उत्तर: पर्यावरण संरक्षण के दो उपाय निम्न हैं-

  1. (i) वन संरक्षण तथा वृक्षारोपण को सर्वाधिक बढ़ावा देना चाहिए।
  2. (ii) फैक्ट्रियों और कारखानों को नदियों से दूर कर देना चाहिए।

प्रश्न 30. किन्हीं चार नैतिक मूल्यों के नाम लिखिए।

उत्तर: चार नैतिक मूल्य निम्न हैं।

  1. (i) निष्पक्षता
  2. (ii) सम्मान
  3. (iii) ईमानदारी
  4. (iv) बड़ो की आज्ञा मानना
Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 31. मारिया माण्टेसरी की शिक्षा पद्धति की विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर: मारिया माण्टेसरी की शिक्षा पद्धति की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

  1. (i) मारिया माण्टेसरी की शिक्षा पद्धति वैज्ञानिक विधि पर आधारित है। इसमें निरीक्षण, अनुभव तथा प्रयोग के आधार पर विकास किया गया है।
  2. (ii) मारिया माण्टेसरी शिक्षा पद्धति विद्यार्थियों की पूर्ण स्वतंत्रता का समर्थन करती है। जिस प्रकार रूसो, पेस्टोलॉजी एवं फ्रोबेल करते हैं। मारिया माण्टेसरी के अनुसार स्वतंत्र वातावरण में ही स्वस्थ व्यक्तित्व का विकास हो सकता है।
  3. (iii) मारिया माण्टेसरी शिक्षा पद्धति वैयक्तिक है।
  4. (iv) मारिया माण्टेसरी शिक्षा पद्धति मनोवैज्ञानिक सिद्धान्तों के अनुकूल एवं ज्ञानेन्द्रियों का शिक्षण है।
  5. (v) मारिया माण्टेसरी पद्धति में शिक्षा की विधियां हमेशा नई हैं।
  6. (vi) मारिया माण्टेसरी पद्धति में बालकों को पूर्ण स्वतंत्रता दी जाती है। इसमें अध्यापक या शिक्षक उनके कार्यों में किसी प्रकार का कोई हस्तक्षेप नहीं करता, इसलिए अनुशासन की कोई समस्या नहीं रह जाती है।
  7. (vii) मारिया माण्टेसरी पद्धति में बालकों के मानसिक शारीरिक विकास का ध्यान रखा जाता है।

प्रश्न 32. प्रारम्भिक शिक्षा की प्रमुख चुनौतियाँ क्या हैं?

उत्तर: प्रारम्भिक शिक्षा की प्रमुख चुनौतियाँ निम्न हैं-

  • ई.सी.सी.ई. का एक प्रमुख मुद्दा प्रशिक्षित शिक्षकों की अनुपलब्धता है। आंगनबाड़ी में प्रशिक्षित या विशेष रूप से प्रारम्भिक बचपन की शिक्षा के लिए समर्पित कुछ शिक्षक भी हैं।
  • अंबेडकर विश्वविद्यालय के 2017 के एक अध्ययन से पता चला है कि "भारत में बच्चों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा, जिन्होंने सार्वजनिक या निजी, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा पूरी की है, जब वे प्राथमिक विद्यालय में शामिल हुए, तो उनके पास आवश्यक स्कूल तैयारी क्षमताएँ नहीं थी।
  • निजी प्री-स्कूलों में अक्सर औपचारिक शिक्षण और सीमित खेल-आधारित शिक्षा के साथ रटना शामिल होता है।
  • वर्तमान में आंगनबाड़ी में शिक्षा के लिए आपूर्ति और बुनियादी ढाँचे की काफी कमी है।
  • परिणामस्वरूप उनमें 2-4 वर्ष की आयु सीमा में अधिक बच्चे होते हैं और शैक्षिक रूप से महत्वपूर्ण 4-6 वर्ष की आयु सीमा में कम बच्चे होते हैं।

प्रश्न 33. बौद्धकालीन शिक्षा व्यवस्था के गुण बताइए।

उत्तर: बौद्धकालीन शिक्षा व्यवस्था के गुण निम्न हैं-

  • बौद्ध काल में प्रत्येक वर्ष के व्यक्ति को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार था।
  • शिक्षा के द्वार महिलाओं के लिए भी खुले थे।
  • किसी जाति एवं वर्ण का व्यक्ति शिक्षक हो सकता था तथा वह सदा आदरणीय होता था।
  • असमाजिक एवं आपराधिक कार्य करने वालों को शिक्षा पाने का अधिकार नहीं था।
  • बौद्धकालीन शिक्षा में प्राथमिक शिक्षा के लिए छात्रों से किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाता था अर्थात् निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था थी।
  • बौद्धकालीन शिक्षा के अन्तर्गत विद्यार्थी भव्य शिक्षण संस्थानों के अन्तर्गत अध्ययन करते थे। उसमें छात्रों को पढ़ने के लिए बड़े-बड़े कमरे तथा पुस्तकालय भी होते थे।
  • धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ मानववादी शिक्षा पर भी बौद्धकालीन शिक्षा के अन्तर्गत बल दिया जाता था। जिससे धार्मिक ज्ञान के साथ-साथ मानवीय गुणों का भी विकास हो सके।
  • बौद्धकालीन शिक्षा प्रणाली में गुरु व शिष्य दोनों अपने जीवन में संयम लाते थे और अनुशासित जीवन व्यतीत करते थे।

प्रश्न 34. शिक्षा के प्रभावी कारक के रूप में राज्य के प्रमुख कार्यों को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: राज्य के मुख्य कार्य इस प्रकार हैं-

  1. संस्कृति तथा सभ्यता की रक्षा करना-प्रत्येक राज्य की अपनी संस्कृति तथा सभ्यता होता है। इस संस्कृति एवं सभ्यता से राज्य का जनता को अगाध प्रेम होता है। इस प्रेम के वशीभूत होकर समस्त जनता एकता के सूत्र में बधी रहती है। प्रत्येक राज्य इस एकता को बनाये रखने के लिए अपनी संस्कृति और सभ्यता की रक्षा करना चाहता है जो केवल शिक्षा के ही द्वारा सम्भव है।
  2. योग्य नागरिकों का निर्माण-प्रत्येक राज्य की प्रगति ऐसे नागरिकों पर निर्भर करती है जो प्रत्येक समस्या को स्वतन्त्र रूप से चिन्तन करके असानी से सुलझा सकें ऐसे सुयोग्य सचरित्र तथा सुनिश्चित नागरिकों का निर्माण केवल शिक्षा के ही द्वारा किया जा सकता है इस दृष्टि से प्रत्येक राज्य शिक्षा की अच्छी से अच्छी व्यवस्था करना परम कर्तव्य समझता है।

प्रश्न 35. आदर्शवाद व प्रकृतिवाद के शैक्षिक उद्देश्यों की तुलना कीजिए।

उत्तर: आदर्शवाद व प्रकृतिवाद के शैक्षिक उद्देश्य-

आदर्शवाद प्रकृतिवाद
आदर्शवाद विचार या मन या आत्मा को अन्तिम सत्ता स्वीकार करता है। प्रकृतिवाद पदार्थ को प्रमुख मानता है और उसको ही अन्तिम सत्ता स्वीकार करता है।
आदर्शवाद के अनुसार भौतिक पदार्थों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व नहीं है। इसके अनुसार भौतिक तत्वों या पदार्थों का अपना स्वतन्त्र अस्तित्व है।
आदर्शवाद संसार को विचारों या प्रत्ययों का परिणाम मानता है। प्रकृतिवाद संसार को भौतिक तत्वों एवं गतियों का प्रतिफल मानता है।
आदर्शवाद परमात्मा तथा शाश्वत मूल्यों-सत्यम्, शिवम् सुन्दरम् को स्वीकार करता है और उनकी प्राप्ति पर बल देता है। प्रकृतिवाद परमात्मा एवं शाश्वत मूल्यों के अस्तित्व को स्वीकार नहीं करता। उसके लिए प्रकृति ही सब कुछ है। इसके अतिरिक्त वह उसी के अस्तित्व को स्वीकार करता है जो इन्द्रियानुभव द्वारा प्राप्त हो सके।

प्रश्न 36. शिक्षा का व्यापक अर्थ क्या है?

उत्तर: शिक्षा का व्यापक अर्थ-शिक्षा मनुष्य के जीवन में जीवनपर्यन्त या निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है जिसके तहत सभी वस्तुएँ, व्यक्ति वातावरण साधन, माध्यम, घटनाएँ व्यक्ति के जन्म से मृत्यु तक कुछ न कुछ सिखाती हैं। इस प्रकार व्यक्ति जीवन भर औपचारिक व अनौपचारिक साधनों से कुछ न कुछ सीखता है।
शिक्षा शब्द संस्कृत की 'शिछन्' धातु में 'अ' प्रत्यय लगाने से बना है।

  • शिछन् का अर्थ "सीखना और सीखाना"
  • शिक्षा का अर्थ "सीखने सीखाने की प्रक्रिया"

शिक्षा शब्द के लिए अंग्रेजी भाषा में Education शब्द का प्रयोग किया जाता है। Education शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के Educatun शब्द से हुई है। इसके दो घटक हैं।

  1. (1) 'E' जिसका अर्थ है अन्दर से
  2. (2) 'Duco' जिसका अर्थ है बाहर निकालना

प्रश्न 37. हण्टर कमीशन की प्रमुख विशेषताओं को बताइए।

उत्तर: हण्टर कमीशन की प्रमुख विशेषताएँ निम्न हैं-

  • प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने और प्राथमिक विद्यालयों के प्रबंधन की जिम्मेदारी स्थानीय निकायों जैसे-जिला बोर्ड और नगर परिषदों को दी जानी चाहिए।
  • शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए सामान्य विद्यालयों की स्थापना की जानी चाहिए।
  • हर जिले में एक मॉडल सरकारी स्कूल स्थापित करने की सिफारिश की।
  • जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में पाठ्‌मक्रमों के विविधीकरण पर विशेष बल दिया गया।
  • महाविद्यालयों का अनुदान सहायता का प्रावधान संस्था की आवश्यकता और क्षमता, छात्रों और कर्मचारियों की संख्या पर आधारित होना चाहिए। प्रदान किए गए अनुदान के उपयोग की अच्छी तरह से निगरानी की जानी चाहिए।
  • शिक्षकों की नियुक्ति के दौरान यूरोपीय शिक्षा प्राप्त भारतीयों को वरीयता दी जानी चाहिए।

प्रश्न 38. शान्ति निकेतन की स्थापना के क्या उद्देश्य थे?

उत्तर: शान्ति निकेतन की स्थापना के उद्देश्य-गुरूदेव रविन्द्रनाथ टैगोर ने विश्वभारती की स्थापना निम्न उद्देश्य से की थी।

  • मानव स्वतंत्र एवं प्राकृतिक वातावरण में रहकर आदर्शों द्वारा मानव जीवन एवं प्रकृति में समन्वय स्थापित करके सत्य की खोज करें।
  • शिक्षार्थी आत्मबोध, सौन्दर्य-बोध तथा प्रकृति-बोध प्राप्त करके अपना सर्वांगीण विकास कर सकें।
  • मानव जीवन में मैत्रीपूर्ण मानव सम्बन्धों को स्थापित करके विश्व भारती को विश्व की सभी उन्नत संस्कृतियों के अध्ययन का केन्द्र बनाना।
  • विश्व-बन्धुत्व की भावना उत्पन्न करना।
  • शान्ति निकेतन में आत्मानुशासन, स्वावलम्बी तथा अपनी संस्कृति के प्रति आस्थावान बन सकें।

प्रश्न 39. 'बुनियादी शिक्षा' पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर: बुनियादी शिक्षा-वर्धा शिक्षा योजना, बेसिक शिक्षा, बुनियादी तालीम व बुनियादी शिक्षा गाँधी जी की शिक्षा व्यवस्था, वास्तव में भारतीय सभ्यता व संस्कृति के आधार व बुनियाद से जुड़ी थी। भारतीय जनता ने समस्याओं तथा परिस्थितियों का गहराई से अध्ययन किया था तथा इन्हीं मूलभूत सिद्धान्तों पर हस्त उत्पादन कार्य रखा जिससे शिक्षकों के वेतन व अन्य मदों पर व्यय का भी समुचित प्रबन्ध हो जाए। क्योंकि तत्कालीन आर्थिक स्थिति भी अत्यन्त दयनीय थी। उन्होंने अपनी वर्धा शिक्षा में भारतीय जनता की स्वायत्तता तथा प्रगतिशील बनाने हेतु अनेक सकारात्मक लाभदायक सुझाव दिये।

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वर्तमान भारतीय समाज और प्रारंभिक शिक्षा Previous Year Paper 2020

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