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PYQ 2020 • वर्तमान भारतीय समाज और प्रारंभिक शिक्षा

वर्तमान भारतीय समाज और प्रारंभिक शिक्षा Previous Year Paper 2020

UP DELED Semester 2 वर्तमान भारतीय समाज और प्रारंभिक शिक्षा Previous Year Question Paper 2020 with solution.

Section 1 बहुविकल्पीय प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1. "हमें उस शिक्षा की आवश्यकता है जिसके द्वारा चरित्र का निर्माण होता है, मस्तिष्क की शक्ति बढ़ती है, बुद्धि का विकास होता है और मनुष्य अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है।" शिक्षा सम्बन्धी उक्त विचार किसके हैं?

(a) अरस्तू के

(b) रवीन्द्रनाथ टैगोर के

(c) स्वामी विवेकानन्द के

(d) महात्मा गाँधी के

उत्तर: (c) स्वामी विवेकानन्द के

स्वामी विवेकानन्द शिक्षा को चरित्र-निर्माण, मानसिक शक्ति, बुद्धि-विकास और आत्मनिर्भरता से जोड़ते थे। अतः यह विचार स्वामी विवेकानन्द का है।

प्रश्न 2. जनसंख्या शिक्षा का मूल सहयोगी संगठन है—

(a) UNESCO

(b) WHO

(c) UNDO

(d) UNICEF

उत्तर: (a) UNESCO

दिए गए विकल्पों में UNESCO जनसंख्या शिक्षा से सम्बन्धित शैक्षिक कार्यक्रमों एवं अवधारणाओं के विकास में प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय सहयोगी संगठन रहा है।

प्रश्न 3. 'दिवास्वप्न' के लेखक हैं—

(a) महात्मा गाँधी

(b) गिजुभाई

(c) डॉ. राधाकृष्णन

(d) रवीन्द्रनाथ टैगोर

उत्तर: (b) गिजुभाई

'दिवास्वप्न' प्रसिद्ध शिक्षाशास्त्री गिजुभाई बधेका की प्रमुख शैक्षिक कृति है। इसमें बाल-केन्द्रित एवं आनंदपूर्ण शिक्षण के विचार प्रस्तुत किए गए हैं।

प्रश्न 4. 'पाली भाषा' शिक्षा का माध्यम थी—

(a) वैदिककालीन शिक्षा का

(b) बौद्धकालीन शिक्षा का

(c) मुस्लिमकालीन शिक्षा का

(d) मध्यकालीन शिक्षा का

उत्तर: (b) बौद्धकालीन शिक्षा का

बौद्धकालीन शिक्षा एवं बौद्ध साहित्य में पाली तथा अन्य लोकभाषाओं का महत्वपूर्ण स्थान था। पाली में बौद्ध धर्म का विशाल साहित्य, विशेष रूप से त्रिपिटक परम्परा, सुरक्षित है।

प्रश्न 5. मुदालियर आयोग सम्बन्धित है—

(a) प्राथमिक शिक्षा से

(b) माध्यमिक शिक्षा से

(c) विश्वविद्यालयी शिक्षा से

(d) उपर्युक्त सभी से

उत्तर: (b) माध्यमिक शिक्षा से

माध्यमिक शिक्षा आयोग (1952-53) के अध्यक्ष डॉ. ए. लक्ष्मणस्वामी मुदालियर थे। इसलिए इसे मुदालियर आयोग भी कहा जाता है। इसका प्रमुख सम्बन्ध माध्यमिक शिक्षा के सुधार से था।

प्रश्न 6. "सच्ची शिक्षा वह है जो व्यक्ति के अन्दर से प्रस्फुटित होती है। यह अन्तर्निहित शक्तियों की अभिव्यक्ति है।" यह कथन है—

(a) फ्रॉबेल

(b) रूसो

(c) मॉण्टेसरी

(d) प्लेटो

उत्तर: (b) रूसो

रूसो ने बालक की स्वाभाविक प्रवृत्तियों और अन्तर्निहित शक्तियों के प्राकृतिक विकास पर बल दिया। उनके अनुसार सच्ची शिक्षा भीतर से विकसित होने वाली प्रक्रिया है।

प्रश्न 7. आधुनिक शिक्षा का जन्मदाता माना जाता है—

(a) मैकाले को

(b) विलियम हण्टर को

(c) चार्ल्स ग्राण्ट को

(d) चार्ल्स वुड को

उत्तर: (c) चार्ल्स ग्राण्ट को

भारतीय शिक्षा के इतिहास में चार्ल्स ग्राण्ट को आधुनिक शिक्षा के प्रारम्भिक समर्थकों में प्रमुख माना जाता है। उन्होंने भारत में पाश्चात्य एवं अंग्रेजी शिक्षा के प्रसार पर बल दिया।

प्रश्न 8. किंडरगार्टन से अभिप्राय है—

(a) बच्चों का घर

(b) बच्चों का खेल मैदान

(c) बाल उद्यान

(d) बच्चों का कमरा

उत्तर: (c) बाल उद्यान

जर्मन शब्द Kindergarten का अर्थ 'बच्चों का बगीचा' या बाल उद्यान है। फ्रॉबेल ने इस पद्धति में खेल एवं स्वक्रिया को विशेष महत्व दिया।

प्रश्न 9. गिजुभाई शिक्षा को मानते थे—

(a) पाठ्यचर्या-केन्द्रित

(b) शिक्षक-केन्द्रित

(c) बाल-केन्द्रित

(d) समाज-केन्द्रित

उत्तर: (c) बाल-केन्द्रित

गिजुभाई बधेका ने बालक की रुचि, स्वतंत्रता, गतिविधि और आनंदपूर्ण अधिगम पर बल दिया। इसलिए उनकी शिक्षा-दृष्टि बाल-केन्द्रित थी।

प्रश्न 10. महिला समाख्या योजना कब से लागू हुई?

(a) 1992

(b) 1995

(c) 1988

(d) 1989

उत्तर: (d) 1989

महिला समाख्या कार्यक्रम 1989 में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं, विशेषकर सामाजिक एवं आर्थिक रूप से वंचित महिलाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण के उद्देश्य से प्रारम्भ किया गया।

प्रश्न 11. "मूल्य वह है जो मानव इच्छाओं की तुष्टि कर सके।" यह कथन है—

(a) पारसन्स

(b) काने

(c) महात्मा गाँधी

(d) अर्बन

उत्तर: (d) अर्बन

अर्बन के अनुसार, "मूल्य वह है जो मानव इच्छाओं की तुष्टि कर सके।"

प्रश्न 12. स्वच्छ ऊर्जा संसाधन है—

(a) सौर ऊर्जा

(b) पेट्रोलियम

(c) कोयला

(d) प्राकृतिक गैस

उत्तर: (a) सौर ऊर्जा

सौर ऊर्जा एक नवीकरणीय एवं अपेक्षाकृत स्वच्छ ऊर्जा-स्रोत है। इसके उपयोग के दौरान जीवाश्म ईंधनों की तुलना में वायु प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन बहुत कम होता है।

प्रश्न 13. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अन्तर्गत 6-14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्राप्त है?

(a) अनुच्छेद 21(क)

(b) अनुच्छेद 22

(c) अनुच्छेद 7

(d) अनुच्छेद 23

उत्तर: (a) अनुच्छेद 21(क)

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21A [21(क)] राज्य को 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराने का दायित्व देता है।

  • अनुच्छेद 22 गिरफ्तारी और निरोध से सम्बन्धित संरक्षण प्रदान करता है।
  • अनुच्छेद 7 पाकिस्तान को प्रव्रजन करने वाले कुछ व्यक्तियों की नागरिकता से सम्बन्धित है।
  • अनुच्छेद 23 मानव तस्करी, बेगार एवं जबरन श्रम का निषेध करता है।

प्रश्न 14. आदर्शवाद के अनुसार शिक्षा का उद्देश्य है—

(a) आत्मानुभूति

(b) आत्माभिव्यक्ति

(c) बालक का सामाजिक विकास

(d) बालक का प्राकृतिक विकास

उत्तर: (a) आत्मानुभूति

आदर्शवाद में शिक्षा का सर्वोच्च उद्देश्य व्यक्ति को अपने वास्तविक आध्यात्मिक स्वरूप का बोध कराना अर्थात् आत्मानुभूति की ओर अग्रसर करना माना जाता है।

प्रश्न 15. प्रकृतिवाद किस प्रकार के अनुशासन की बात करता है?

(a) प्रभावात्मक

(b) मुक्त्यात्मक

(c) दमनात्मक

(d) सामाजिक

उत्तर: (b) मुक्त्यात्मक

प्रकृतिवाद मुक्त्यात्मक अनुशासन का समर्थन करता है। इसमें बालक पर अनावश्यक बाहरी दबाव न डालकर स्वतंत्रता तथा कार्यों के स्वाभाविक परिणामों के माध्यम से अनुशासन विकसित करने पर बल दिया जाता है।

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 16. बौद्धकालीन शिक्षा के दो प्रमुख केन्द्रों के नाम बताइए।

उत्तर: बौद्धकालीन शिक्षा के दो प्रमुख केन्द्र नालन्दा और विक्रमशिला थे।

प्रश्न 17. मूल्यपरक शिक्षा के उद्देश्य बताइए।

उत्तर:

  1. विद्यार्थियों में सत्य, ईमानदारी, सहयोग, सहिष्णुता, देशभक्ति एवं उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों का विकास करना।
  2. बालक के नैतिक, सामाजिक, भावात्मक एवं आध्यात्मिक व्यक्तित्व का संतुलित विकास करना।

प्रश्न 18. भारतीय शिक्षा का महाधिकार पत्र किसे कहा जाता है?

उत्तर: वुड के घोषणा-पत्र (Wood’s Despatch), 1854 को भारतीय शिक्षा का महाधिकार पत्र अथवा Magna Carta of English Education in India कहा जाता है।

प्रश्न 19. उपनयन संस्कार से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: वैदिक शिक्षा में विद्यार्थी को गुरु के समीप ले जाकर अध्ययन-जीवन में प्रवेश कराने वाले संस्कार को उपनयन संस्कार कहा जाता था। 'उपनयन' का अर्थ है—गुरु के समीप ले जाना।

प्रश्न 20. राष्ट्रीय बालश्रम नीति कब घोषित की गई?

उत्तर: भारत सरकार ने अगस्त 1987 में राष्ट्रीय बाल श्रम नीति घोषित की थी। इसका उद्देश्य बाल-श्रम की समस्या से निपटने के लिए कानूनी, विकासात्मक एवं पुनर्वासात्मक उपाय करना था।

प्रश्न 21. शिक्षा का निस्पंदन सिद्धान्त किसने दिया?

उत्तर: भारतीय शिक्षा के इतिहास में लॉर्ड मैकाले को अधोमुखी निस्पंदन सिद्धान्त से जोड़ा जाता है। इसके अनुसार उच्च वर्ग को दी गई शिक्षा धीरे-धीरे निम्न वर्गों तक पहुँचने की धारणा थी।

प्रश्न 22. प्लेटो की कोई एक प्रमुख रचना का नाम लिखिए।

उत्तर: प्लेटो की एक प्रमुख रचना The Republic (द रिपब्लिक) है।

प्रश्न 23. कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय की स्थापना के दो उद्देश्य लिखिए।

उत्तर:

  1. शैक्षिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों की वंचित एवं पिछड़े वर्गों की बालिकाओं को आवासीय विद्यालय के माध्यम से शिक्षा उपलब्ध कराना
  2. बालिका शिक्षा में लैंगिक एवं सामाजिक विषमता कम करते हुए उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं विद्यालय तक पहुँच प्रदान करना।

प्रश्न 24. भारत में अध्यापक शिक्षा के मानक कौन-सी संस्था तय करती है?

उत्तर: भारत में अध्यापक शिक्षा के नियोजन, समन्वय एवं मानकों के निर्धारण का कार्य राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् (NCTE) करती है।

प्रश्न 25. शिक्षा की एक परिभाषा लिखिए।

उत्तर: स्वामी विवेकानन्द के अनुसार, "शिक्षा मनुष्य में निहित पूर्णता की अभिव्यक्ति है।"

प्रश्न 26. शिक्षा के दो उद्देश्य लिखिए।

उत्तर:

  1. व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, नैतिक एवं सांवेगिक सर्वांगीण विकास करना।
  2. व्यक्ति की जन्मजात शक्तियों एवं क्षमताओं का उचित विकास करना।

प्रश्न 27. 'ड्रॉपआउट बालक' से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: ऐसा विद्यार्थी जो विद्यालय में नामांकन कराने के बाद निर्धारित शिक्षा-स्तर या पाठ्यक्रम पूरा करने से पहले ही विद्यालय छोड़ देता है, ड्रॉपआउट बालक कहलाता है।

प्रश्न 28. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दो प्रमुख आन्दोलनों के नाम लिखिए।

उत्तर:

  1. असहयोग आन्दोलन
  2. सविनय अवज्ञा आन्दोलन

प्रश्न 29. पर्यावरण संरक्षण के दो उपाय लिखिए।

उत्तर:

  1. वनों का संरक्षण किया जाए तथा बड़े स्तर पर वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जाए।
  2. औद्योगिक एवं घरेलू अपशिष्ट का उचित उपचार करके ही उसे पर्यावरण या जल-स्रोतों में छोड़ा जाए।

प्रश्न 30. किन्हीं चार नैतिक मूल्यों के नाम लिखिए।

उत्तर: चार प्रमुख नैतिक मूल्य हैं— सत्य, ईमानदारी, न्याय और करुणा

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 31. मारिया मॉण्टेसरी की शिक्षा-पद्धति की विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर: मारिया मॉण्टेसरी की शिक्षा-पद्धति बालक की स्वतंत्रता, स्वक्रिया और व्यक्तिगत विकास पर आधारित है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—

  1. वैज्ञानिक आधार: मॉण्टेसरी पद्धति निरीक्षण, प्रयोग एवं बाल-मनोविज्ञान पर आधारित है।
  2. तैयार वातावरण: कक्षा एवं शिक्षण-सामग्री को बालक की आयु और आवश्यकताओं के अनुसार व्यवस्थित किया जाता है।
  3. स्वतंत्रता के साथ अनुशासन: बालक को निर्धारित सीमाओं के भीतर अपनी गतिविधि चुनने और अपनी गति से कार्य करने की स्वतंत्रता दी जाती है।
  4. स्व-शिक्षा: विशेष शिक्षण-सामग्री द्वारा बालक स्वयं सीखता है और अनेक गतिविधियों में अपनी त्रुटि स्वयं पहचान सकता है।
  5. इन्द्रिय-प्रशिक्षण: दृष्टि, श्रवण, स्पर्श आदि ज्ञानेन्द्रियों के क्रमबद्ध प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया जाता है।
  6. वैयक्तिक शिक्षण: प्रत्येक बालक की गति, रुचि एवं व्यक्तिगत भिन्नताओं का सम्मान किया जाता है।
  7. शिक्षक की भूमिका: शिक्षक आदेश देने वाले के स्थान पर निरीक्षक, मार्गदर्शक और सहायक की भूमिका निभाता है।

प्रश्न 32. प्रारम्भिक शिक्षा की प्रमुख चुनौतियाँ क्या हैं?

उत्तर: प्रारम्भिक शिक्षा के सार्वभौमीकरण एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के समक्ष अनेक चुनौतियाँ हैं—

  • नामांकन एवं ठहराव: सभी बच्चों को विद्यालय में लाना तथा उन्हें शिक्षा पूरी होने तक विद्यालय में बनाए रखना।
  • ड्रॉपआउट की समस्या: गरीबी, बाल-श्रम, प्रवासन और सामाजिक कारणों से बच्चों द्वारा विद्यालय छोड़ देना।
  • शिक्षकों की कमी एवं प्रशिक्षण: पर्याप्त संख्या में योग्य एवं प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • अधिगम स्तर: केवल नामांकन के स्थान पर भाषा, गणित एवं अन्य विषयों में वास्तविक सीखने के परिणाम सुनिश्चित करना।
  • आधारभूत सुविधाएँ: पर्याप्त कक्षाएँ, पेयजल, शौचालय, पुस्तकालय, शिक्षण-सामग्री एवं डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराना।
  • समानता एवं समावेशन: बालिकाओं, दिव्यांग बच्चों तथा सामाजिक एवं आर्थिक रूप से वंचित समूहों को समान अवसर प्रदान करना।
  • बहुभाषिकता एवं स्थानीय आवश्यकताएँ: बच्चों की भाषा और सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के अनुरूप शिक्षण करना।

प्रश्न 33. बौद्धकालीन शिक्षा व्यवस्था के गुण बताइए।

उत्तर: बौद्धकालीन शिक्षा व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ एवं गुण निम्नलिखित थे—

  • वैदिक व्यवस्था की तुलना में शिक्षा का क्षेत्र अपेक्षाकृत अधिक जनसुलभ हुआ।
  • मठ और विहार शिक्षा के प्रमुख केन्द्र बने तथा अनेक संस्थाएँ आवासीय प्रकृति की थीं।
  • शिक्षा में अनुशासन, नैतिकता, संयम एवं सदाचार पर विशेष बल दिया जाता था।
  • पाली एवं अन्य लोकभाषाओं के प्रयोग से ज्ञान को व्यापक समाज तक पहुँचाने में सहायता मिली।
  • नालन्दा, विक्रमशिला और वल्लभी जैसे प्रसिद्ध शिक्षा-केन्द्र विकसित हुए।
  • धार्मिक विषयों के साथ व्याकरण, तर्क, दर्शन, चिकित्सा और अन्य लौकिक विषयों का भी अध्ययन कराया जाता था।
  • प्रश्नोत्तर, वाद-विवाद, व्याख्यान और स्वाध्याय जैसी शिक्षण-विधियों का प्रयोग किया जाता था।
  • गुरु-शिष्य सम्बन्ध में अनुशासन, सेवा, सम्मान एवं बौद्धिक चर्चा को महत्व दिया जाता था।

प्रश्न 34. शिक्षा के प्रभावी कारक के रूप में राज्य के प्रमुख कार्यों को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

आधुनिक समाज में राज्य शिक्षा का महत्वपूर्ण अभिकरण है। शिक्षा की व्यवस्था, विस्तार और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं—

  1. शिक्षा के अवसर प्रदान करना: सभी बच्चों के लिए विद्यालय एवं आवश्यक शैक्षिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना।
  2. नीति एवं कानून बनाना: शिक्षा सम्बन्धी नीतियों, नियमों और अधिकारों का निर्धारण करना।
  3. आर्थिक सहायता: विद्यालयों, शिक्षकों, छात्रवृत्तियों, पाठ्यपुस्तकों एवं अन्य शैक्षिक योजनाओं के लिए धन उपलब्ध कराना।
  4. योग्य नागरिकों का निर्माण: लोकतांत्रिक, उत्तरदायी, वैज्ञानिक दृष्टिकोण वाले एवं नैतिक नागरिकों के निर्माण के लिए शिक्षा की व्यवस्था करना।
  5. शिक्षक-व्यवस्था: शिक्षकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण एवं सेवा-शर्तों की उचित व्यवस्था करना।
  6. समानता एवं सामाजिक न्याय: बालिकाओं, वंचित समूहों एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समान शैक्षिक अवसर उपलब्ध कराना।
  7. संस्कृति का संरक्षण: समाज की उपयोगी सांस्कृतिक विरासत एवं संवैधानिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाना।

प्रश्न 35. आदर्शवाद व प्रकृतिवाद के शैक्षिक उद्देश्यों की तुलना कीजिए।

उत्तर:

आदर्शवाद प्रकृतिवाद
शिक्षा का सर्वोच्च उद्देश्य आत्मानुभूति एवं आध्यात्मिक विकास है। शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य बालक की जन्मजात एवं प्राकृतिक शक्तियों का स्वाभाविक विकास है।
चरित्र-निर्माण एवं नैतिक मूल्यों के विकास पर विशेष बल देता है। स्वतंत्रता, स्व-अभिव्यक्ति एवं स्वाभाविक विकास पर विशेष बल देता है।
सत्यं, शिवं और सुन्दरम् जैसे शाश्वत मूल्यों की प्राप्ति को महत्व देता है। प्रत्यक्ष अनुभव, प्रकृति और वास्तविक जीवन से सीखने को महत्व देता है।
सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण पर बल देता है। बालक को प्रकृति के अनुरूप विकसित होने एवं वातावरण से समायोजन करने पर बल देता है।
शिक्षक को आदर्श व्यक्तित्व एवं मार्गदर्शक का महत्वपूर्ण स्थान देता है। बालक को शिक्षा का केन्द्र मानकर शिक्षक के हस्तक्षेप को सीमित रखने पर बल देता है।

इस प्रकार आदर्शवाद मुख्यतः आध्यात्मिक, नैतिक एवं आदर्श मूल्यों पर बल देता है, जबकि प्रकृतिवाद प्राकृतिक विकास, स्वतंत्रता एवं अनुभव को अधिक महत्व देता है।

प्रश्न 36. शिक्षा का व्यापक अर्थ क्या है?

उत्तर:

व्यापक अर्थ में शिक्षा जन्म से मृत्यु तक चलने वाली जीवनपर्यन्त प्रक्रिया है। मनुष्य परिवार, विद्यालय, समाज, प्रकृति, अनुभव, जनसंचार माध्यमों और जीवन की विभिन्न परिस्थितियों से निरन्तर सीखता रहता है।

व्यापक शिक्षा केवल विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं होती। इसमें औपचारिक, निरौपचारिक तथा अनौपचारिक सभी प्रकार के शैक्षिक अनुभव सम्मिलित होते हैं।

संस्कृत का 'शिक्षा' शब्द 'शिक्ष्' धातु से सम्बन्धित है, जिसका अर्थ सीखना और सिखाना है। अंग्रेजी का 'Education' शब्द लैटिन के Educare तथा Educere जैसे शब्दों से जोड़ा जाता है, जिनमें पालन-पोषण, प्रशिक्षण तथा अन्तर्निहित क्षमताओं को विकसित करने का भाव निहित है।

अतः व्यापक अर्थ में शिक्षा व्यक्ति के ज्ञान, व्यवहार, कौशल, व्यक्तित्व और दृष्टिकोण में जीवनभर होने वाले विकास की प्रक्रिया है।

प्रश्न 37. हण्टर कमीशन की प्रमुख विशेषताओं को बताइए।

उत्तर:

हण्टर आयोग का गठन 1882 में सर विलियम हण्टर की अध्यक्षता में किया गया था। इसका विशेष ध्यान प्राथमिक शिक्षा की स्थिति एवं उसके विस्तार पर था। इसकी प्रमुख संस्तुतियाँ निम्नलिखित थीं—

  • प्राथमिक शिक्षा के विस्तार एवं सुधार पर विशेष बल दिया जाए।
  • प्राथमिक शिक्षा की जिम्मेदारी स्थानीय निकायों—जिला बोर्ड एवं नगरपालिका आदि—को अधिक मात्रा में सौंपी जाए।
  • प्राथमिक शिक्षा का माध्यम स्थानीय अथवा मातृभाषा हो।
  • प्राथमिक पाठ्यक्रम को स्थानीय आवश्यकताओं एवं जीवनोपयोगी विषयों से जोड़ा जाए।
  • माध्यमिक शिक्षा में साहित्यिक तथा व्यावसायिक दोनों प्रकार की शिक्षा को प्रोत्साहित किया जाए।
  • निजी शिक्षण संस्थाओं को अनुदान सहायता प्रदान करने की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाए।
  • स्त्री शिक्षा एवं शिक्षक-प्रशिक्षण के विकास पर बल दिया जाए।

प्रश्न 38. शान्तिनिकेतन की स्थापना के क्या उद्देश्य थे?

उत्तर:

रवीन्द्रनाथ टैगोर ने शान्तिनिकेतन में ऐसी शिक्षा-व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जो प्रकृति, स्वतंत्रता, कला और मानवता से जुड़ी हो। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित थे—

  • बालकों को प्राकृतिक एवं स्वतंत्र वातावरण में शिक्षा प्रदान करना।
  • शिक्षार्थियों में आत्मबोध, सौन्दर्य-बोध, सृजनात्मकता एवं प्रकृति-प्रेम विकसित करना।
  • शिक्षक और शिक्षार्थी के बीच आत्मीय एवं सहयोगपूर्ण सम्बन्ध स्थापित करना।
  • भारतीय संस्कृति के साथ विश्व की श्रेष्ठ संस्कृतियों का परिचय कराना।
  • संकीर्ण राष्ट्रवाद के स्थान पर विश्व-बन्धुत्व एवं मानवतावाद की भावना विकसित करना।
  • संगीत, कला, साहित्य और अन्य सृजनात्मक गतिविधियों को शिक्षा का महत्वपूर्ण अंग बनाना।
  • विद्यार्थियों में आत्मानुशासन, स्वतंत्र चिन्तन और स्वावलम्बन विकसित करना।

प्रश्न 39. 'बुनियादी शिक्षा' पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर:

बुनियादी शिक्षा महात्मा गाँधी द्वारा प्रतिपादित शिक्षा-व्यवस्था है, जिसे नई तालीम, बेसिक शिक्षा अथवा वर्धा शिक्षा योजना भी कहा जाता है। 1937 के वर्धा शिक्षा सम्मेलन में इसके सिद्धान्तों को व्यवस्थित रूप दिया गया।

बुनियादी शिक्षा की प्रमुख विशेषताएँ—

  • शिल्प-केन्द्रित शिक्षा: किसी उपयोगी एवं उत्पादक हस्तकला को शिक्षा का केन्द्र बनाया जाता है।
  • करके सीखना: पुस्तकीय ज्ञान के स्थान पर क्रिया और अनुभव के माध्यम से सीखने पर बल दिया जाता है।
  • मातृभाषा: शिक्षा का माध्यम बालक की मातृभाषा रखने पर बल दिया गया।
  • सर्वांगीण विकास: शरीर, मन एवं आत्मा के संतुलित विकास को शिक्षा का उद्देश्य माना गया।
  • श्रम की प्रतिष्ठा: शारीरिक श्रम को सम्मान देकर उसे शिक्षा का अभिन्न अंग बनाया गया।
  • स्वावलम्बन: बालक को जीवनोपयोगी कार्य-कौशल एवं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना।
  • सहसम्बन्ध: भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन आदि विषयों को चुने गए शिल्प एवं वास्तविक जीवन से जोड़कर पढ़ाना।
  • चरित्र-निर्माण: सत्य, अहिंसा, सहयोग, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना।

इस प्रकार गाँधीजी की बुनियादी शिक्षा का लक्ष्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि बालक को स्वावलम्बी, कर्मशील, नैतिक और समाजोपयोगी नागरिक बनाना था।

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