वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. चुम्बक द्वारा आकर्षित होता है-
(a) लकड़ी का बुरादा
(b) काँच का बुरादा
(c) लोहे का बुरादा
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (c) : चुम्बक केवल चुंबकीय पदार्थों को आकर्षित करता है। लोहे का बुरादा एक चुंबकीय पदार्थ है, इसलिए यह चुम्बक द्वारा आकर्षित होता है।
प्रश्न 2. मिश्र धातु है-
(a) पीतल
(b) ताँबा
(c) जस्ता
(d) टिन
उत्तर: (a) : मिश्र धातु दो या दो से अधिक धातुओं को मिलाकर बनाई जाती है। पीतल तांबे और जस्ता की मिश्र धातु है।
प्रश्न 3. डार्विनवाद सम्बन्धित है-
(a) उपार्जित लक्षणों की वंशागति
(b) अंगों का उपयोग और अनुपयोग
(c) जीवों के आकार में वृद्धि की प्रवृत्ति
(d) योग्यतम की उत्तरजीविता
उत्तर: (d) : डार्विनवाद योग्यतम की उत्तरजीविता से सम्बन्धित है। डार्विन ने प्राकृतिक चयन के सिद्धांत को प्रस्तुत किया, जिसमें कहा गया है कि जो जीव अपने वातावरण के अनुकूल होते हैं वे जीवित रहने और प्रजनन करने की अधिक संभावना रखते है।
प्रश्न 4. रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है-
(a) थेलेसीमिया
(b) एनीमिया
(c) हीमोफीलिया
(d) उपरोक्त में से सभी
उत्तर: (d): थेलेसीमिया, एनीमिया और होमोफीलिया स्थितियों में, रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे रक्तस्त्राव का खतरा बढ़ जाता है।
प्रश्न 5. एलीसा परीक्षण है-
(a) क्षय रोग
(b) डेंगू ज्वार
(c) टी.बी.
(d) एड्स
उत्तर: (d): एड्स के लिए एलीसा परीक्षण किया जाता है, जो एक प्रकार का प्रतिकर्षण परीक्षण है, जो विशेष एंजाइम की मौजूदगी को पता लगाने के लिए किया जा सकता है
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. पौधों और जन्तुओं के बीच की कड़ी का नाम लिखिए।
उत्तर: पौधो और जन्तुओं के बीच की कड़ी युग्लीना (Euglena) है। यह एक एकल-कोशिका वाला जीव है जो जन्तु और पौधों दोनों के गुणों को प्रदर्शित करता है
प्रश्न 7. रक्त वर्ग कितने प्रकार के होते हैं।
उत्तर: रक्त वर्ग को मुख्यतः 4 भागों में बांटा गया है। जिनके नाम - A, B, AB और O रखा गया है। रक्त समूह आपके माता-पिता से विरासत में मिले जीन से निर्धारित होता है। प्रत्येक समूह में धनात्मक या ऋणात्मक हो सकता है, जिसका अर्थ है कि कुल 8 रक्त समूह (A+, A-, B+, B-, O+, O-, AB+, AB-) है।
प्रश्न 8. मेण्डलीफ की संशोधित आवर्त सारणी में कुल कितने आवर्त तथा समूह हैं?
उत्तर: मेण्डलीफ की संशोधित आवर्त सरणी में कुल 7 आवर्त और 18 समूह है।
प्रश्न 9. ऊर्जा का पिरामिड कैसा होता है?
उत्तर: ऊर्जा का पिरामिड एक आरेख है जो किसी पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा के प्रवाह को दर्शाता है। यह एक सीधा पिरामिड होता है, जिसमें सबसे निचले स्तर पर उत्पादक होते हैं, उसके बाद प्राथमिक उपभोक्ता, द्वितीयक उपभोक्ता होता है।
प्रश्न 10. विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव किसे कहते हैं?
उत्तर: विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव वह प्रभाव है जिसके कारण विद्युत धारा के प्रवाह से किसी चालक तार में ऊष्मा उत्पन्न होता है। यह प्रभाव जूल के नियम द्वारा समझाया जाता है - Q = I²Rt
प्रश्न 11. सर्वाहारी जन्तु किसे कहते हैं?
उत्तर: सर्वाहारी जन्तु वे जन्तु होते है जो वनस्पति और मांस दोनों खाते है। उदाहरणः मानव, कुत्ता, बिल्ली, कौआ, सुअर आदि।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. चुम्बकीय एवं अचुम्बकीय पदार्थ किसे कहते हैं, उदाहरण सहित समझाइये।
उत्तर: चुम्बकीय पदार्थ: वे पदार्थ जो चुम्बक द्वारा आकर्षित होते हैं और चुम्बक बनाए जा सकते हैं, चुम्बकीय पदार्थ कहलाते है। उदाहरण : लोहा, स्टील, निकिल, कोबाल्ट आदि।
अचुम्बकीय पदार्थ: वे पदार्थ जो चुम्बक द्वारा आकर्षित नहीं होते हैं और चुम्बकक नहीं बनाए जा सकते हैं, अचुम्बकीय पदार्थ कहलाते हैं। उदाहरण पदार्थ :- लकड़ी, कागज, प्लास्टिक, रबर आदि।
प्रश्न 13. प्राथमिक उपचार से क्या तात्पर्य है? प्राथमिक उपचार देने वाले व्यक्ति में कौन-कौन से गुण होने चाहिए?
उत्तर: प्राथमिक उपचार - प्राथमिक उपचार से तात्पर्य है किसी बीमार व्यक्ति या चोटिल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने से पहले किए जाने वाले अस्थायी उपचारो को प्राथमिक उपचार कहा जाता है। इसका उद्देश्य रोगी को स्थिति को स्थिर करना, दर्द कम करना और आगे की जटिलताओं को रोकना है।
प्राथमिक उपचार के कुछ महत्वपूर्ण पहलू : -
- सुरक्षा : सबसे पहले, घटनास्थल को सुरक्षित करना और रोगी को सुरक्षित स्थान पर ले जाना महत्वपूर्ण है।
- मुल्यांकन : रोगी की स्थिति का मूल्यांकन करना और चोट या बीमारी की गंभीरता का पता लगाना महत्वपूर्ण है।
- तत्काल उपचार : रोगी की स्थिति के अनुसार प्राथमिक उपचार प्रदान करना, जैसे कि घाव को साफ करना और पट्टी बांधना, CPR करना, या रक्तस्त्राव को रोकना।
- चिकित्सा सहायता : यदि रोगी की स्थिति गंभीर है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करना महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 14. धातु तथा अधातु में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
| धातु | अधातु |
|---|---|
| 1- विद्युत तथा ऊष्मा के सुचालक होते है। | 1- विद्युत तथा ऊष्मा के कुचालक होते हैं। |
| 2- इनमें विशेष प्रकार की चमक होती है। | 2- आयोडीन तथा ग्रेफाइट को छोड़कर किसी अधातु में चमक नहीं होती है। |
| 3- यह ध्वनि उत्पन्न कर सकते है। | 3- धातु के समान यह ध्वनि उत्पन्न नहीं कर सकते हैं। |
| 4- अम्लों से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस देते हैं। | 4- अम्लों से अभिक्रिया नहीं होती हैं। |
| 5- पीटने से बढ़ते है तथा इनके तार खींचे जा सकते हैं। | 5- पीटने पर टूट जाते हैं तथा इनके तार भी नहीं खींचे जा सकते हैं। |
| 6- धातुएँ चमकदार होती है। | 6- अधातुएँ चमकदार नहीं होती हैं। अपवाद आयोडीन एवं ग्रेफाइट है। |
प्रश्न 15. कूलॉम का नियम समझाइए।
उत्तर: कूलॉम का नियम विद्युत आवेशों के बीच बल का वर्णन करता है। यह नियम बताता है कि "दोनों बिंदु आवेशों के बीच लगने वाला आकर्षण या प्रतिकर्षण बल दोनों आवेशों के परिणामों के गुणनफल के अनुकमानुपाती तथा दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।"
गणितीय रूप में:
$F = k \times \frac{q_{1}q_{2}}{r^{2}}$
जहाँ :
$F =$ विद्युत बल (न्यूटन में)
$k =$ कूलॉम्ब नियतांक
$q_{1} =$ पहले बिंदु आवेश का परिमाण
$q_{2} =$ दूसरे बिंदु आवेश का परिमाण
$r =$ दोनों बिंदु आवेशों के बीच की दूरी
कूलॉम का नियम निम्नलिखित सिद्धांतों पर आधारित है-
- आवेश दो प्रकार के होते है धनात्मक और ऋणात्मक।
- समान आवेश प्रतिकर्षक करते हैं, और विपरीत आवेश आकर्षक करते है।
- विद्युत बल एक केंद्रीय बल है, जो आवेशों को जोड़ने वाली रेखा के साथ कार्य करता है।
प्रश्न 16. अयस्क से धातु निष्कर्षण में प्रयुक्त होने वाली प्रविधियों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: अयस्क से धातु निष्कर्षण एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें कई चरण शामिल होते हैं। विभिन्न प्रकार के अयस्कों और धातुओं के लिए अलग-अलग प्रविधियों का उपयोग किया जाता है। कुछ सामान्य प्रविधियों का उल्लेख किया है:
- खनन और खनिज प्रसंस्करण:
- भर्जन : धातु ऑक्साइड को धातु में बदलने की प्रक्रिया
- अशुद्धियों को धातु से हटाने की प्रक्रिया
- शोधन : धातु को वांछित आकार में ढालने की प्रक्रिया
- संक्षारण
प्रमुख प्रौद्योगिकियाँ: -
- सल्फाइड आयस्कों के लिए :- भर्जन तांबा, सीसा, जस्ता, निकिल आदि के लिए। हाइड्रोमेटेलर्जी : सोना, चाँदी, यूरेनियम आदि।
- ऑक्साइड अयस्कों के लिए :- कार्बोथर्मल धातु विज्ञान लोहा, स्टील, मैगनीज आदि। एल्यूमिनियम के लिए। विद्युत अपघटन: एल्यूमिनियम, मैगनीशियम, सोडियम, आदि।
प्रश्न 17. थेलेसिमिया रक्त दोष के परिचय, कारण, लक्षण तथा परिणाम के बारे में वर्णन कीजिए।
उत्तर: थेलेसिमिया रक्त दोष :-
परिचय: थेलेसिमिया एक अनुवांशिक रक्त रोग है जो हीमोग्लोबिन के उत्पादन को प्रभावित करता है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में एक प्रोटीन होता है जो शरीर को ऑक्सीजन ले जाने में मदद करता है। थेलेसिमिया में, हीमोग्लोबिन असामान्य होता है, और शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है। थेलेसिमिया माता-पिता से विरासत में मिलता है।
कारण : थेलेसिमिया माता-पिता से विरासत में मिले जीन में उत्परिवर्तन के कारण होता है। यह जीन हीमोग्लोबिन के उत्पादन को नियंत्रित करते हैं। यदि माता-पिता दोनों में से एक में थेलेसीमिया जीन होता है, तो बच्चे में भी यही जीन होने की संभावना होती है।
लक्षण : थेलेसिमिया के लक्षण भिन्न हो सकते हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि रोग कितना गंभीर है। कुछ लोगों में कोई लक्षण नहीं होते हैं, जबकि अन्य में थकान, कमजोरी, पीलापन, सांस लेने में तकलीफ, और हड्डियों की समस्याएँ हो सकती है।
परिणाम : गंभीर थेलेसिमिया जीवन के लिए खतरा हो सकता है। यदि इसका इलाज नहीं किया जाता है, तो यह हृदय की विफलता, यकृत की क्षति, और मृत्यु का कारण बन सकता है।
प्रश्न 18. मेण्डलीफ के अनुसार संक्रमण तत्व क्या है?
उत्तर: मेण्डलीफ के अनुसार संक्रमण तत्व वे तत्व है, जिनके परमाणु में d-कक्षक अपूर्ण होते हैं। ये तत्व आवर्त सारणी में d-ब्लॉक में पाए जाते है। मेण्डलीफ ने संक्रमण तत्वों को अन्तर्वती तत्व कहा था। वे समूह 2 और 13 के मध्य स्थित होते है।
संक्रमण तत्वों के कुछ सामान्य गुणः-
- इनके परमाणुओं में आंतरिक d-कक्षक में इलेक्ट्रान होता हैं।
- इनके परमाणुओं में अनेक ऑक्सीकरण अवस्थाएँ होती हैं।
- ये रंगीन यौगिक बनाते हैं।
- ये धातुएँ होती है, और इनकी गलनांक और घनत्व उच्च होता है।
- इनमें उत्प्रेरक गुण होते हैं।
संक्रमण तत्वों के कुछ उदाहरण :- लोहा (Fe), तांबा (Cu), निकेल (Ni), जस्ता (Zn), टंगस्टन (W), सोना (Au), चांदी (Ag) आदि।