वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. "प्राकृतिक वरण द्वारा जातियों का उद्भव" नामक पुस्तक के लेखक कौन हैं?
(a) लेमार्क
(b) डार्विन
(c) ह्यूगो-डी-ब्रीज
(d) टान्सले
उत्तर: (b) : "प्राकृतिक वरण द्वारा जातियों का उद्भव" नामक पुस्तक के लेखक-चार्ल्स डार्विन ने 1859 ई0 में प्रतिपादित किया।
प्रश्न 2. विश्व एड्स दिवस कब मनाया जाता है?
(a) 1 जून
(b) 23 सितम्बर
(c) 11 जुलाई
(d) 1 दिसम्बर
उत्तर: (d) : विश्व एड्स दिवस 1 दिसम्बर को मनाया जाता है। इसके प्रमुख उद्देश्य एच० आई० वी० संक्रमण की वजह से होने वाली महामारी एड्स के बारे में हर उम्र के लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है।
प्रश्न 3. विद्युत धारा का मात्रक है-
(a) कूलॉम
(b) वोल्ट
(c) सेकण्ड
(d) एम्पियर
उत्तर: (d) : विद्युत धारा- किसी चालक से एकांक समय में प्रवाहित आवेश की मात्रा को विद्युत धारा कहते हैं। विद्युत धारा का मात्रक एम्पियर है।
विद्युत धारा (I) = (q) आवेश / (t) समय -कूलॉम/से (एम्पियर)
प्रश्न 4. चुम्बकीय पदार्थ है-
(a) निकिल
(b) लोहा
(c) कोबाल्ट
(d) सोना
उत्तर: (b) : चुम्बकीय पदार्थः वे पदार्थ जो चुम्बक द्वारा आकर्षित होते है, उसे चुम्बकीय पदार्थ कहते हैं। जैसे लोहा
प्रश्न 5. डोलोमाइट किसका अयस्क है?
(a) Hg
(b) Mg
(c) Mn
(d) Zn.
उत्तर: (b) : डोलोमाइट मैग्नीशियम (Mg) का एक अयस्क है। डोलोमाइट एक प्रकार का चूना पत्थर है। यह मैग्नीशियम (Mg) और कैल्शियम कार्बोनेट से भरपूर होता है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. आवेश का मात्रक क्या है? एकांक आवेश किसे कहते हैं?
उत्तर: आवेश का मात्रक = कूलॉम
एकांक आवेश एकांक (1 कूलॉम) आवेश, वह आवेश है जो अपने से 1 मीटर की दूरी पर निर्वात में रखे अपने बराबर के समान आवेश को $9.0\times10^{9}$ न्यूटन के बल से प्रतिकर्ष करता है।
प्रश्न 7. ओम के नियम को परिभाषित कीजिए तथा प्रतिरोधक विद्युत में सम्बन्ध लिखिए।
उत्तर: ओम का नियम समान ताप व स्थिति में किसी विद्युत परिपथ में प्रतिरोध के सिरों पर उत्पन्न विभवान्तर (वोल्टेज) उस प्रतिरोध में प्रवाहित होने वाली धारा के समानुपाती होता है। विभवान्तर (V) धारा (I) तथा प्रतिरोध (R) के बीच सम्बन्ध दर्शाया जाएँ वहाँ ही ओम का नियम होता है -
- $V=IR$
- $R=V/I$
- $I=V/R$
प्रश्न 8. आवर्त तथा वर्ग से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: आवर्त - तत्वों को परमाणु भार के वृद्धि क्रम में क्रमबद्ध करने पर कुछ क्षैतिज पंक्तियाँ प्राप्त होती है, उन्हें आवर्त कहते हैं। समान आवर्त के तत्वों की इलेक्ट्रॉन कक्षाओं की संख्या समान होती है।
वर्ग - आवर्त नियम के अनुसार तत्वों को परमाणु भार के वृद्धि क्रम में क्षैतिज पंक्तियाँ में सजाने पर समान गुण वाले तत्व एक ही उर्ध्वाधर कॉलम में उपस्थित रहते हैं, उसे उर्ध्वाधर कॉलम को वर्ग कहते हैं।
प्रश्न 9. खनिज एवं धातु से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: खनिज - प्राकृतिक रूप से प्राप्त होने वाला पदार्थ जिसका निश्चित रासायनिक संघटन हो, वह एक खनिज है।
धातु - धातु वे तत्व जो इलेक्ट्रॉन देने की प्रकृति रखते हैं उसे धातु कहते हैं। जैसे सोडियम, मैग्नीशियम, सोना, आयरन आदि।
प्रश्न 10. एलीसा परीक्षण क्या है?
उत्तर: एलीसा परीक्षण एलीसा तकनीक एक परीक्षण है, जिसे एंजाइम लिंक्ड इम्यूनोसॉर्बेट परख (इंजाइम इम्यूनो परख) के रूप में जाना जाता है जो रक्त में एंटीबॉडी, हार्मोन, पेप्टाइड्स और प्रोटीन का पता लगाने और मापने के लिए किया जाता है।
प्रश्न 11. हिपेटाइटिक्स 'बी' शरीर के किस अंग को प्रभावित करता है?
उत्तर: हिपेटाइटिक्स 'बी' रोग यकृत अंग को प्रभावित करता है। जिससे यकृत में सूजन आ जाती है। बहुत ज्यादा शराब पीने से भी ऐसा होता है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. विद्युत विभवान्तर को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: एकांक धन परीक्षण-आवेश को वैद्युत क्षेत्र में एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक ले जाने में किया गया कार्य को इन बिन्दुओं के बीच विभवान्तर कहते हैं।
$V_{A}-V_{B}=\frac{W}{q_{0}}$
- (विभवान्तर का SI मात्रक 'बोल्ट' है)
- मात्रक जूल/कूलॉम या वोल्ट
- राशि- अदिश राशि
प्रश्न 13. धातु निष्कर्षण से आपका क्या आशय है? इसकी प्रमुख विधियों का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
उत्तर: धातु निष्कर्षण एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें विभिन्न चरण और तकनीक शामिल है। उपयोग की जाने वाली निष्कर्षण, तकनीक का प्रकार, निकाले जाने वाली धातु के प्रकार और जिस अयस्क से इसे निकाला जाता है उसकी प्रकृति पर निर्भर करता है। शुद्ध धातुओं को प्राप्त करने के लिए निष्कर्षण की प्रक्रिया आवश्यक है।
विधिया
- धातुओं का शुद्धिकरण
- चूर्णीकरण
- भर्जन
- धातु ऑक्साइड का धातु में परिवर्तन आदि
प्रश्न 14. ऊष्मा के सुचालक और कुचालक पदार्थों में अन्तर उदाहरण देरक समझाइए।
उत्तर: ऊष्मा, उष्मीय ऊर्जा का एक रूप है जो ताप के कारण होता है। ऊर्जा के अन्य रूपों की तरह ऊष्मा का भी प्रवाह होता है। किसी पदार्थ के गर्म या ठण्डे होने के कारण उसमें जो ऊर्जा होती है उसे ऊष्मीय ऊर्जा कहते हैं।
ऊष्मा के सुचालक और कुचालक पदार्थों में अन्तर -
- सुचालक: जिन पदार्थों से ऊष्मा का संचरण सुगमतापूर्वक होता है, उन्हें ऊष्मा का सुचालक कहते हैं। जैसे- लोहा, ताँबा, एल्युमिनियम आदि।
- कुचालक: जिन पदार्थों में ऊष्मा का संचरण सुगमता से नहीं होता, उन्हें ऊष्मा का कुचालक कहते हैं। जैसे- लकड़ी, कागज, वायु, ऊन आदि
प्रश्न 15. प्राथमिक सेल से क्या अभिप्राय है? शुष्क सेल की रचना का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर: प्राथमिक सेल - ऐसी सेल जिसमें रासायनिक अभिक्रियाएँ जो केवल एक बार प्रयोग होता है। ये कुछ समय तक प्रयोग के बाद निष्क्रिय हो जाता है। इन्हें प्रयोग में पुनः नहीं लाया जा सकता है। जैसे मरकरी सेल, शुष्क सेल, वोल्टेइक सेल, डेनियल सेल, लेक्लांची सेल, सिल्वर ऑक्साइड सेल आदि।
शुष्क सेल की रचना - इसमें जस्ते का एक बेलनाकार पात्र होता है जो एनोड का कार्य करता है इस बेलनाकार पात्र में विद्युत अपघटय के रूप में अमोनियम क्लोराइड और जिंक क्लोराइड का पेस्ट भरा होता है। बेलनाकार पात्र के बीच में ग्रेफाइट की छड़ लगी होती है जो कैथोड का कार्य करती है। ग्रेफाइट की छड़ के चारों ओर एक मलमल की थैली में मैग्नीज डाई ऑक्साइड और कार्बन का चूर्ण भरा होता है। सेल के ऊपरी भाग को अच्छी तरह से बन्द कर दिया जाता है। ग्रेफाइट की छड़ के ऊपर एक पीतल की टोपी लगी होती है।
प्रश्न 16. जैविक तथा अजैविक घटकों का परिभाषित कीजिए।
उत्तर: जैविक - जैविक घटक वे होते हैं जिनमें एक आवास के सभी जीवित प्राणी शामिल होते हैं उसे जैविक घटक कहते हैं। जैविक के जनक चार्ल्स डार्विन है। उदाहरण- पौधे, सूक्ष्मजीव, जानवर आदि।
अजैविक घटक - किसी पारिस्थितिक तन्त्र में पाये जाने वाले सभी निर्जीव पदार्थ उसके अजैविक घटक कहलाते हैं। उदाहरण प्रकाश, तापमान, जल, आर्द्रता, अक्षांश आदि।
प्रश्न 17. लाल रक्त कणिकाओं तथा श्वेत रक्त कणिकाओं में अन्तर को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: लाल रक्त कोशिकाएँ शरीर के विभिन्न हिस्सों के ऊतकों तक ऑक्सीजन ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जबकि ठीक इसके विपरीत श्वेत रक्त कोशिकाएँ एंटीबॉडी बनाकर शरीर के रक्षा तंत्र में मदद करती है जबकि लाल रक्त कोशिकाएँ और श्वेत रक्त कोशिकाएँ निम्नलिखित है-
लाल रक्त कणिकाएँ -
- सामान्य अवस्था में आर० बी० सी० अस्थि मज्जा तथा भ्रूण अवस्था मे यकृत में निर्मित होता है।
- हीमोग्लोबिन की अल्प मात्रा रहने पर 'रक्त क्षीणता' रोग हो जाता है।
- आर०बी०सी० का जीवन काल 20 से 120 दिन तक होता है। इसकी मृत्यु यकृत में होती है, अतः यकृत को आर०बी०सी० का कब्र कहा जाता है। आर०बी०सी० में हीमोग्लोबिन पाया जाता है, जिसमें लौह-युक्त रंजक (Pigment) और हीम (heme) होता है। इसके कारण रक्त का रंग लाल होता है।
श्वेत रक्त कणिकाएँ -
- यह आकार में आर०बी०सी० से बड़ी होती है।
- इसका निर्माण अस्थि मज्जा, लिम्फ नोड्स तथा कभी-कभी यकृत एवं प्लीहा में होता है।
- इसका जीवन काल 1-4 दिन का होता है। यह रक्त में ही समाप्त हो जाता है।
- WBC में केन्द्रक पाया जाता है, इसका मुख्य कार्य शरीर की रोगों के संक्रमण से रक्षा करना है।
प्रश्न 18. एड्स का पूरा नाम लिखिए। एड्स के कारणों एवं लक्षणो को लिखिए।
उत्तर: एड्स से तात्पर्य एक्वार्ड इम्यूनो डेफिशियेंसी सिंड्रोम हैं। एड्स एक वायरस के कारण होता है, जिसे ह्यूमन इम्यूनोडिफीसिअन्सी वायरस या एच० आई० वी० कहा जाता है। इसका पता सर्वप्रथम, अमेरिका मे सन् 1981 ई. में लगा। यह रक्त संचरण, जननिक संसर्ग एवं माता से शिशु में फैलने वाला लैंगिक संसर्गजन्य रोग है, जिसमें रोगी की रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता नष्ट हो जाती है।
कारण - ह्यूमन इम्यूनो विषाणु के कारण होता है। एड्स का संचरण निम्न प्रकार से होता है -
- रक्त संचरण-HIV वायरस रक्त संचरण के माध्यम से भी फैलता है।
- गर्भावस्था, प्रसव या स्तनपान द्वारा यदि कोई महिला HIV संक्रमित है तो वह स्तनपान, प्रसव या गर्भावस्था द्वारा अपने बच्चों को भी संक्रमित कर सकती है।
- इंजेक्शन साझा करना HIV संक्रमित व्यक्ति पर इस्तेमाल की गयी सुई को किसी दूसरे स्वस्थ व्यक्ति के साथ साझा करने से भी यह संक्रमण फैल सकता है।
लक्षण - एड्स के संक्रमण के फलस्वरूप अन्य लिम्फोसाइट्स को सक्रिय करने वाली सहायक टी कोशिकाओं की संख्या में भारी कमी आ जाती है। उग्र रूप से पीड़ित अधिकांश व्यक्ति तीन वर्ष के भीतर ही अन्य संक्रमणों या कैंसर के कारण मर जाते हैं। इसमें मस्तिष्क को भारी क्षति पहुँचती है। जैसे- बुखार, ठंड लगना, शरीर पर चकत्ते होना, गले में खरास, थकान, ज्वाइंट पेन, ग्रंथियों में सूजन आदि।