वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. निम्नलिखित में से दिष्ट धारा का प्रयोग करते है-
(a) पंखा
(b) टॉर्च
(c) टी.वी.
(d) कूलर
उत्तर: (b) : दिष्ट धारा-वह विद्युत धारा जिसकी समय के साथ-साथ परिमाण और दिशा नही बदलती अर्थात् सदैव नियत रहती है, दिष्ट धारा कहलाती है। टार्च में दिष्ट धारा का प्रयोग होता है।
प्रश्न 2. पौधों एवं जन्तुओं के बीच की कड़ी है -
(a) अमीबा
(b) युग्लीना
(c) वाइरस
(d) क्लेमाइडोमोनास
उत्तर: (b): यूग्लीना (Euglena) एक एककोशिकीय प्रोटोजोआ संघ का प्राणी है। इसे जंतुओं और पादपों के बीच की योजन कड़ी कहते है।
प्रश्न 3. चुम्बकीय पदार्थ है-
(a) लोहा
(b) पीतल
(c) ताँबा
(d) रबड़
उत्तर: (a) : जो पदार्थ चुंबक की ओर आकर्षित होते है, वे चुम्बकीय पदार्थ कहलाते है, जैसे-लोहा, निकिल एवं कोबल्ट।
प्रश्न 4. लाल रक्त कणिकाओं का निर्माण होता है-
(a) यकृत
(b) मस्तिष्क
(c) प्लाज्मा
(d) अस्थिमज्जा
उत्तर: (d) : लाल रक्त कणिकाओं का निर्माण अस्थि मज्जा (Bone marrow) में होता है। अस्थि मज्जा के अंदर, सभी रक्त कोशिकाएं एक प्रकार की विशिष्ट कोशिका से बनती है, जिसे स्टेम सेल कहा जाता है।
प्रश्न 5. विद्युत बल्ब में तन्तु किस धातु का बना होता है ?
(a) टंगस्टन
(b) सिल्वर
(c) एल्युमीनियम
(d) चाँदी
उत्तर: (a) : विद्युत बल्ब में तन्तु टंगस्टन धातु का बना होता है। इसका उपयोग विद्युत बल्बों के फिलामेंट बनाने के लिए क्रिया जाता है। यह एक बहुत ही उच्च गलनांक वाली एक मिश्र धातु है।
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अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. खनिज तथा अयस्क से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर:
| खनिज | अयस्क |
|---|---|
| 1. धातुओं के वे यौगिक जिसमें धातु की मात्रा बहुत कम होती है तथा मिट्टी व अन्य अशुद्धियों के साथ पृथ्वी के अंदर पाये जाते है खनिज कहलाते हैं। | 1. धातुओं के वे यौगिक, जिनमें धातु की पर्याप्त मात्रा होती है, अयस्क कहलाते है। |
| 2. खनिज से धातु को शुद्ध रूप से प्राप्त करना कठिन है। उदाहरण- अभ्रक, फेल्स्पार, लिमोनाइट आदि। | 2. अयस्क से धातुओं को शुद्ध रूप से आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। उदाहरण-ऐल्यूमिनियम के अयस्क, बॉक्साइट, ऐल्यूनाइट आदि। |
प्रश्न 7. विद्युत के दो सुचालक और दो कुचालक पदार्थों के नाम लिखिए ।
उत्तर: सुचालक- ऐसे पदार्थ जिनमें विद्युत धारा या विद्युत आवेश आसानी से प्रवाहित हो जाता है। उदाहरण- कॉपर या ताँबा, एल्युमीनियम, चाँदी, सोना इत्यादि।
कुचालकः वे पदार्थ जिनमें मुक्त इलेक्ट्रान नहीं होते हैं उन्हे कुचालक कहते है। उदाहरण-प्लास्टिक, रबर, लकड़ी इत्यादि।
प्रश्न 8. यदि पृथ्वी से सभी पौधे समाप्त हो जाएँ तो जन्तु जगत् पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?
उत्तर: हरे पौधे पृथ्वी पर सभी विषमपोषियों के लिए ऊर्जा के स्रोत हैं। पौधे सौर और रासायनिक ऊर्जा को व्यवहार्य खाद्य स्रोतो में परिवर्तित करते है। यदि पौधे पृथ्वी से गायब हो जाते हैं तो इससे पारिस्थितिकी तंत्र में असंतुलन हो जाता है और विषमपोषी भोजन के बिना मर सकते है।
प्रश्न 9. खाद्य जाल से क्या समझते है ?
उत्तर: एक खाद्य श्रृखला के जीवधारियों का संबंध दूसरी खाद्य श्रृखला के जीवधारियों से होता है। इस प्रकार खाद्य श्रृंखला के पारस्परिक संबंध को खाद्य जाल कहते हैं। जब एक से अधिक खाद्य श्रृंखलाएँ पारिस्थितिकी तंत्र में एक दूसरे से बंधी रहती हुई क्रियाशील होती है, तो उसे खाद्य जाल कहते है।
प्रश्न 10. मानव के रक्त वर्ग के प्रकार तथा उसमें पायी जाने वाले प्रतिजन और प्रतिरक्षी को भी लिखिए ।
उत्तर: मानव रक्त को चार मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है- 'ए' (A), 'बी' (B), 'एबी' (AB), और 'ओ' (O), पाजिटीव या निगेटिव। यह रूधिर वर्ग के अन्दर रूधिर में पाए जाने वाले अणुओं, जिन्हें एण्टीजन और एण्टी बॉडी कहते है, के कारण होती है। एण्टीजन, रूधिर में पाई जाने वाली लाल रूधिर कणिकाओं की सतह पर पाए जाते है और एण्टीबॉडी रूधिर प्लाज्मा में। आमतौर पर लोगो में पाया जाने वाला रूधिर वर्ग आनुवांशिक होता है।
प्रश्न 11. विद्युत धारा किसे कहते है ? इसका मात्रक क्या है ?
उत्तर: किसी चालक में विद्युत आवेश के प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहते है। विद्युत धारा की दिशा धन आवेश की गति की दिशा की ओर मानी जाती है। इसका S.I. मात्रक एम्पियर है। यह एक अदिश राशि है।
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लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. चुम्बक के दो गुण लिखिए
उत्तर: चुंबक के गुण-
- चुंबकें चुम्बकीय पदार्थों से बनी वस्तुओं को आकर्षित कर लेती हैं।
- चुंबक के दो समान ध्रुव परस्पर होते है आकर्षित और असमान ध्रुव प्रतिकर्षित होते है।
प्रश्न 13. प्राथमिक उपचार को परिभाषित कीजिए
उत्तर: चोट लगने के बाद व्यक्ति को अस्पताल ले जाने से पहले किए जाने वाले सहायक इलाज को प्राथमिक उपचार या फर्स्ट ऐड कहते है। बीमार व्यक्ति की स्थिति को सुधारने के लिए भी फर्स्ट ऐड का प्रयोग किया जाता है।
फर्स्ट ऐड पूर्ण चिकित्सा नहीं होती लेकिन इससे अस्पताल ले जाने के लिए रोगी की स्थिति को बेहतर किया जा सकता है। अस्पताल ले जाते समय या मदद का इंतजार करते समय किसी व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने से उसकी जान बच सकती है। आपातकालीन स्थिति में कुछ आसान तकनीकों और बहुत कम उपकरणों का इस्तेमाल करके किसी को प्राथमिक उपचार देने के लिए आपकों विशेष ट्रेनिंग की सहायता नही है। यह आसानी से सीखा जा सकता है।
प्रश्न 14. आवर्त तथा वर्ग से क्या समझते है ?
उत्तर: आवर्त - आवर्त सारणी में क्षैतिज पंक्तियों को आवर्त कहा जाता है। आवर्त में समान संख्या में इलेक्ट्रॉन कक्ष (Electron shells) होते हैं।
वर्ग:- आवर्त सारणी में उर्ध्वाधर स्तंभों को वर्ग कहा जाता है। वर्ग में समान संख्या में संयोजकता इलेक्ट्रॉन (Valance electrons) होते हैं। आधुनिक आवर्त सारणी में 18 वर्ग और 7 आवर्त होते है।
आवर्त और वर्ग के गुण :
आवर्त :
- समान संख्या में इलेट्रॉन कक्ष होने के कारण, आवर्त में तत्वों के गुणधर्मों में आवर्तिता (periodicity) होती है।
- ऊपर से नीचे जाने पर, परमाणु त्रिज्या (Atomic radius) बढ़ती जाती है और आयनन ऊर्जा (ionization energy) घटती जाती है।
- आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर, धातु से अधातु (metal to non-metal) की प्रवृत्ति होती है।
वर्ग :
- समान संख्या में संयोजकता इलेक्ट्रॉन होने के कारण, वर्ग में तत्वों समान रासायनिक गुण होते हैं।
- वर्ग में तत्व समान प्रकार के यौगिक बनाते हैं।
प्रश्न 15. धातुओं को संक्षारण से बचाने के लिए किन्हीं दो विधियों का उल्लेख कीजिए ।
उत्तर: धातु के संक्षारण की रोकथाम की विभिन्न विधियां निम्नलिखित है-
- पेंट का लेप चढ़ाकर धातु की वस्तुओं की सतह पर पेंट लगाकर उसे क्षरण से बचाया जा सकता है। इसी कारण लोहे के फर्नीचर, लोहे के पुल, रेल के डिब्बे, बस, ट्रक आदि को पेंट किया जाता है।
- ग्रीस या तेल लगाकरः नए औजारों जैसे कैची, चाकू, मशीन आदि पर ग्रीस या तेल लगाकर क्षरण से बचाया जा सकता है।
प्रश्न 16. विद्युत धारा के खतरों से बचाव के लिए कौन-कौन से उपाय आवश्यक है ? संक्षेप में लिखिए ।
उत्तर: विद्युत धारा के खतरों से बचाव के लिए निम्न आवश्यक उपाय हैं-
- विद्युत परिपथ में किसी भी प्रकार का दोष आने पर, आग लगने पर अथवा चिंगारी उत्पन्न होने पर परिपथ का स्विच बन्द कर देना चाहिए।
- विद्युत परिपथ में लगा तार उपयुक्त मोटाई के विद्युतरोधी पदार्थ से ढ़का होना चाहिए तथा यह पदार्थ अच्छी किस्म का होना चाहिए।
- विद्युत परिपथ में फ्यूज उपयुक्त क्षमता का होना चाहिए। कभी भी संयोजक तार के टुकड़े को फ्यूज तार के स्थान पर प्रयुक्त नही करना चाहिए, क्योंकि संयोजक तारों की क्षमता बहुत अधिक होती है।
- विद्युत परिपथ के सभी जोड़ों पर विद्युतरोधी टेप लगानी चाहिए।
- विद्युत परिपथ के सभी जोड़ों, स्विचों, सॉकेटों तथा प्लगों आदि के टर्मिनलों पर संयोजक तार अच्छी प्रकार से होने चाहिए।
प्रश्न 17. निम्न में से किन्हीं दो पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए - 1. उत्पादक 2. उपभोक्ता 3. अपघटक
उत्तर:
- उत्पादकः वे जीव जो अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, उत्पादक कहलाते हैं। हरे पेड़-पौधे सूर्य के प्रकाश और पानी का उपयोग करके एक प्रकार की शर्करा बनाते है, जिसे ग्लूकोज कहा जाता है। इस प्रकार प्राप्त ऊर्जा का प्रयोग भोजन के रूप में करते हैं। उत्पादक का सबसे आम उदाहरण-पेड़-पौधे हैं।
- उपभोक्ता: जो जीव उत्पादक द्वारा उत्पादित भोजन पर प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से निर्भर करते हैं, उपभोक्ता कहलाते हैं। सभी शाकाहारी, माँसाहारी, सर्वाहारी व परजीवी इसे श्रेणी के जीव है।
- अपघटक: ये जीव कार्बनिक पदार्थों को उनके अवयवों में तोड़ देते हैं। ये मुख्यतः उत्पादक व उपभोक्ता के मृत शरीर का अपघटन, करते है। इन्हें मृत जीवी भी कहते हैं। अपघटक के अन्तर्गत कवक तथा जीवाणु आते है। ये प्रकृति में व्याप्त अपशिष्ट पदार्थों के सड़ने में सहायक होते हैं।
प्रश्न 18. मानव में पाये जाने वाले किन्हीं चार अवशेषी अंगों के नाम लिखिए ।
उत्तर: मानव शरीर में अने अवशेषी अंग होते हैं। अवशेषी अंग वे अंग होते हैं जो हमारे पूर्वजों में उपयोगी थे, लेकिन अब हमारे पास कोई कार्य नहीं करते हैं।
मानव शरीर में पाये जाने वाले चार अवशेषी अंग निम्न है-
- निमेषक पटल
- त्वचा के बाल
- कर्ण पल्लव की पेशियाँ
- पूंछ की हड्डी।
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