वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. किसी को हानि पहुँचाने के उद्देश्य से किया व्यवहार कहा जाता है-
(a) आक्रामकता
(b) विघटित व्यवहार
(c) अमित्रवत व्यवहार
(d) भ्रष्टाचार
उत्तर: (a) : किसी को हानि पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया व्यवहार आक्रामकता कहा जाता है। आक्रामकता का अर्थ है किसी को नुकसान पहुंचाने या चोट पहुंचाने के इरादे से किया गया व्यवहार, यह शरीरिक या मौखिक हो सकता है। और इसका उद्देश्य पीड़ित को नुकसान पहुंचाना होता है।
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से किसे शांति के कौशल के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता हैं-
(a) तदनुभूति
(b) वकालत
(c) समस्या समाधान
(d) कृषि कार्य
उत्तर: (d) : शांति के कौशल में सहानुभूति वकालत और समस्या समाधान शामिल हैं क्योंकि ये सभी संघर्षों को हल करने, समझ को बढ़ावा देने और शांतिपूर्ण सह अस्तित्व को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। इस प्रकार, शांति के कौशल के रूप में कृषि कार्य को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
प्रश्न 3. 'विश्व भारती' की स्थापना किसने की-
(a) महात्मा गाँधी ने
(b) विवेकानन्द ने
(c) रविन्द्रनाथ टैगोर ने
(d) दयानन्द सरस्वती ने
उत्तर: (c) : विश्व भारती विश्वविद्यालय एक सार्वजनिक अनुसंधान केद्रींय विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है जो शांति निकेतन, पश्चिम बंगाल में स्थित है। इसकी स्थापना रवींद्रनाथ टैगोर ने की थी, जिन्होंने इसे विश्व भारती कहा, जिसका अर्थ है भारत के साथ विश्व का संवाद।
प्रश्न 4. नीति मिमांसा के प्रमुख सिद्धान्त हैं-
(a) सत्य
(b) अहिंसा
(c) सत्याग्रह
(d) ये सभी
उत्तर: (d) : नीति मिमांसा के प्रमुख सिद्धांत सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह हैं। नीति मिमांसा, जिसे नैतिकता भी कहा जाता है, मूल्यों और सिद्धांतों का अध्ययन है जो हमारे आचरण को निर्देशित करते हैं।
प्रश्न 5. मीडिया हिंसा फैलाने के लिए निम्नलिखित में से किस प्रकार जिम्मेदार हैं-
(a) हिंसक फिल्मों के प्रसारण द्वारा
(b) बच्चों के द्वारा हिंसक वीडियों गेम के कारण
(c) विवादास्पद बयानों को प्रमुखता से दिखाने के कारण
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) : सभी विकल्पों में मीडिया की भूमिका को दर्शाया गया हैं कि कैसे यह विभिन्न तरीकों से हिंसा फैलाने में योगदान कर सकता है। हिंसक फिल्में और विडियों गेम बच्चों और युवा लोगां पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं, जबकि विवादास्पद बयानों को प्रमुखता से दिखाने के कारण हिंसा बढ़ सकती है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. केन्द्रीयकरण विधि क्या है?
Ans.: केद्रींकरण विधि- केंद्रीकरण एक ऐसी विधि है जिसमें संगठन के भीतर निर्णय लेने की शाक्ति और गतिविधियों को एक विशिष्ट समूह या स्थान पर केद्रित किया जाता है। इसका अभिप्राय है कि संगठन के उच्च स्तर पर कुछ चुने हुए सदस्य नीति बनाते है, लक्ष्य निर्धारित करते हैं, और संगठन के कामकाज को निर्देशित करते हैं।
प्रश्न 7. प्राणायाम से क्या अभिप्राय है?
Ans.: 'प्राणायाम' दो शब्दों से मिलकर बना है प्राण + आयाम यहाँ प्राण का अर्थ है- श्वास, आयाम का अर्थ है, रोकना। शवास लेना अथवा छोड़ना प्राणायाम है। अर्थात् प्राणवायु पर नियन्त्रण। प्राणायाम शरीर और मन को शांत करने, तनाव कम करने और स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करता है। प्राणायाम का मुख्य उद्देश्य सॉस के माध्यम से शरीर की ऊर्जा को संतुलित करना और ध्यान के लिए तैयार करना है।
प्रश्न 8. बहिरंग योग कौन-कौन से हैं? बताइए।
Ans.: बहिरंग एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है बाहरी। इसलिए, बहिरंग योग, बाहरी योग या मार्ग को संदर्भित करता है। पतंजलि अष्टांग योग के जनक है। अष्टांग योग से तात्पर्य योग के 8 अंगों से है जो यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा ध्यान तथा समाधि हैं। अन्तरंग योग के अन्तर्गत धारणा, ध्यान तथा समाधि शामिल है।
प्रश्न 9. व्यक्तित्व की प्रकृति बताइए।
Ans.: व्यक्तिव की प्रकृतिः व्यक्तित्व की प्रकृति एक व्यक्ति के सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने के अनोखे तरीके का प्रतिनिधित्व करती है, जो जैविक और पर्यावरणीय कारकों के बीच जटिल अंतः क्रिया का परिणाम है। यह एक गतिशील संरचना है जो समय के साथ बदल सकता है, लेकिन छोटे समय में अपेक्षाकृत स्थिर रहती है।
प्रश्न 10. नैतिकता के पंचमूल्य सूत्र लिखिए।
Ans.: नैतिकता के पंचमूल्य सूत्रः-
- सत्यनिष्ठा
- निष्पक्षता
- ईमानदारी
- सम्मान
- करूणा
प्रश्न 11. सतत् विकास के तीन आयाम कौन कौन से हैं?
Ans.: सत्त विकास के तीन मुख्य आयाम है-
- आर्थिक आयामः यह आयाम सत्त विकास के लिए आवश्यक आथिक आधार के बारे में है। इसमें उत्पादन, रोजगार और आर्थिक विकास शामिल हैं, लेकिन यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि आर्थिक विकास टिकाऊ हो और पर्यावरण और समाज के लिए नकारात्मक प्रभाव न डाले।
- सामाजिक आयामः यह आयाम समाज में लोगों के जीवन की गुणवत्ता स्वास्थ्स शिक्षा और सामाजिक न्याय पर केंद्रित है। इसमें गरीबी कम करना, स्वास्थ्य सेवा में सुधार करना, और शिक्षा तक पहुँच सुनिश्चित करना शामिल है।
- पर्यावरण आयामः यह आयाम प्राकृतिक संसाधनों और इसमें प्रदूषण कम करना, प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग करना, और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कदम उठाना शामिल हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. भारतीय दर्शन की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
Ans.: भारतीय दर्शन की प्रमुख विशेषताएँः- भारतीय दर्शन की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित है:
- धर्म आचरण एवं शुद्धि इसका व्यवहारिक रूप है
- अध्यात्म भारतीय दर्शन के प्राण है।
- आत्मा के अस्तित्व को स्वीकारता है
- लक्ष्य मुक्ति है।
- समस्त जगत को बाँधना है
- वसुधैव कुटुम्बकम् की कल्पना को साकार करता है
- संयमित आचरण करना
- प्रेम से सभी को अपना बना लेना।
- धर्म की स्थापना करना
- सुखमय जीवन के लिए धर्म एवं शान्ति को धारण करना।
प्रश्न 13. शांति शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों का उलेख कीजिए।
Ans.: शांति शिक्षा के विभिन्न क्षेत्र: शांति शिक्षा के विभिन्न क्षेत्र निम्नलिखित है।
- अहिंसा और संघर्ष समाधानः-
- अहिंसक तरीकों से संघर्षो को समझना और उनका समाधान करना।
- सहानुभूति सक्रिया श्रवण और रचनात्मक संवाद जैसे कौशल विकसित करना।
- मध्यस्थता और बातचीत की तकनीकों को सीखना।
- मानवधिकार शिक्षा:-
- सभी मुनष्यों के अंतनिर्हित अधिकारों और गरिमा को समझना।
- सामाजिक न्याय, समानता और गैर भेदभाव के मूल्यों को बढ़ावा देना।
- वैश्विक नागरिकता शिक्षाः यह एक व्यापक अवधारणा है। जिसका उद्देश्य शिक्षार्थियों को दुनिया के मुद्दों को समझने और उन पर प्रतिक्रिया देने के लिए सक्षम बनाना है।
- अंतर्राष्टीय समझ और सहिष्णुताः यह क्षेत्र विभिन्न संस्कृतियों, धर्मो और जीवन शैलियों के प्रति सम्मान और समझ विकसित करने पर जोर देता है।
- लैंगिक समानताः शांति शिक्षा लैंगिक समानता को बढ़ावा देती है और लिंग आधारित हिंसा और भेदभाव के मुद्दों को संबोधित करती है।
- संचार कौशल : प्रभावी और सम्मान जनक संचार शांतिपूर्ण संबंधों और संघर्ष समाधान के लिए महत्वपूर्ण है।
- वैश्विक मुद्देः यह क्षेत्र गरीबी असमानता, जलवायु परिवर्तन और महामारी जैसे वैश्विक मुद्दों की समझ विकसित करता है। और इन चुनैतियों का शांति और सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव की जांच करता है।
प्रश्न 14. मूल्य की अवधारणा स्पष्ट करते हुए, मूल्य की आवश्यकता पर प्रकाश डालिया।
Ans.: मूल्य की अवधारणाः वह वस्तु जिसका महत्व होता है, उसे मूल्य कहा जाता है। सत्य, ईमानदारी, अच्छाई इत्यादि मूल्य है। वैल्यू (Value) शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के (Valere) शब्द से मानी जाती है। जो किसी वस्तु की कीमत या उपयोगिता को व्यक्त करता है। मूल्य एक प्रकार का मानक है। मनुष्य किसी वस्तु क्रिया, विचार को अपनाने से पहले यह निर्णय करता है कि वह उसे अपनाये या त्याग दे। जब ऐसा विचार व्यक्ति के मन में निर्णयात्मक ढंग से आता है। तो वह मूल्य कहलाता है। "ए. के. सी. ओटावे के अनुसार," मूल्य वे विचार है जिनके लिए मनुष्य जीते है।
मूल्य शिक्षा की आवश्यकता: मूल्य शिक्षा की आवश्यकता कई कारणों से हैः-
- चरित्र विकास: मूल्य शिक्षा किसी व्यक्ति के चरित्र को आकार देने और सहानुभूति, करूणा, सम्मान, जिम्मेदारी और ईमानदारी जैसे सकारात्मक व्यक्तिगत गुणों को विकसित करने में महत्वूपर्ण भूमिका निभा सकती है।
- सामाजिक विकासः मूल्य हमें दूसरों के साथ सकारात्मक संबंध बनाने में मदद करते हैं और हमें एक साथ मिलकर रहने में मदद करते हैं।
- आध्यात्मिक विकासः मूल्य हमें जीवन में अर्थ और उद्देश्य खोजने में मदद करते हैं और हमें बहेतर इंसान बनने में मदद करते है।
- व्यक्तिगत विकासः मूल्य यह समझने में मदद करते हैं कि क्या सही है और क्या गलत, और हमें सही रास्ते पर चलने में मदद करते हैं।
प्रश्न 15. भ्रष्टाचार दूर करने के उपाय बताइए।
Ans.: भ्रष्टाचार दूर करने के उपायः भ्रष्टाचार दूर करने के कई उपाय है-
- शासन और कानूनी ढांचे को मजबूत करनाः- कानूनी ढांचे को मजबूत करना कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करना और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करने वाली स्वतंत्र संस्थाओं को स्थापित करना भ्रष्टाचार को कम करने में मदद करता है।
- पारदर्शिता और सूचना तक सार्वजनिक पहुँचः सरकारी कामकाज में पारदर्शिता को बढ़ावा देना, सूचना तक सार्वजनिक पहुँच को सुनिश्चित करना और भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करना भ्रष्टाचार को दूर करने में मदद करता है।
- शिक्षा और जागरूकता बढ़ानाः शिक्षा और जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को भ्रष्टाचार के बारे में जागरूक करना, और ईमानदारी, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को बढ़ावा देना भ्रष्टाचार को कम करने में मदद करता है।
- योग्यतानुसार वेतनः- योग्यता के अनुसार वेतन देकर भी भ्रष्टाचार को कम किया जा सकता है।
- बेरोजगारी व मंहगाई को दूर कर भ्रष्टाचार को कम किया जा सकता हैं।
प्रश्न 16. गाँधी जी ने दर्शन को किन भागों में बाँटा हैं? उल्लेख कीजिए।
Ans.: गांधी जी ने दर्शन को कई अलग अलग हिस्सों में बाँटा है, जैसे कि राजनीतिक दर्शन, सामाजिक दर्शन, आर्थिक दर्शन और धार्मिक दर्शन।
- राजनीतिक दर्शनः-
- अहिंसा और सत्याग्रहः गांधी जी ने अंहिसा को अपने राजनीतिक दर्शन का आधार बनाया।
- स्वराजः गांधी जी ने भारत की स्वतंत्रता और स्वशासन के लिए संघर्ष किया।
- स्वदेशीः गांधी जी ने स्वदेशी का समर्थन किया, जो आत्मनिर्भरता और स्वेदेशी उद्योगों को बढ़ावा देता है।
- सामाजिक दर्शनः-
- सर्वोदयः गांधी जी ने सर्वोदय का सिद्धांत दिया, जिसका अर्थ है सभी का उत्थान।
- अस्पृश्यता का विरोधः- गांधी जी ने अस्पृश्यता का विरोध किया और सामजिक न्याय के लिए संघर्ष किया।
- आर्थिक दर्शनः-
- ट्रस्टीशिपः गांधी जी ने टूस्टीशिप के सिद्धांत को आगे बढ़ाया, जो संपत्ति के मालिकों को समाज के लिए जिम्मेदारी निभाने के बारे में है।
- ग्राम उद्योगः यह स्थानीय स्तर पर रोजगार और उत्पादन को बढ़ावा देता है।
- धार्मिक दर्शनः-
- सत्य और अहिंसाः गांधी जी ने सत्य और अंहिसा को अपने धार्मिक दर्शन का आधार बनाया।
- आत्म-अनुभूतिः- यह व्यक्तिगत विकास और आत्मा जागरूकता के बारे में हैं।
प्रश्न 17. मानवाधिकार के प्रकारों को स्पष्ट कीजिए।
Ans.: मानवाधिकार के प्रकारः मानव अधिकार पांच प्रकार के होते हैं, नागरिक, राजनीतिक आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मानव अधिकार।
- नागरिक अधिकारः इन व्यक्तिगत नागरिक अधिकारों में जीवन, स्वतंत्रता लोगों की सुरक्षा, गोपनीयता, अवागमन की स्वतंत्रता, भाषण विचार विवेक, किसी को भी मनमाने ढंग से गिरफ्तार, धर्म और विश्वासों का पालन करना आदि शामिल हैं।
- राजनीतिक अधिकारः इसमें अभिव्यक्ति, सभा और संगठन बनाने का अधिकार, सरकारी मामलों में भाग लेने का अधिकार शामिल हैं।
- आर्थिक अधिकारः ये वे अधिकार हैं जो स्वस्थ जीवन जीने के लिए आवश्यक हैं। इन अधिकारों को मानवधिकार चार्टर में भी शामिल किया गया है जैसे संपत्ति का अधिकार, सामाजिक सुरक्षा का अधिकार आदि।
- सामाजिक अधिकारः ये अधिकार समाज के सुचारू संचालन को नियन्त्रित करते हैं। विवाह करने और परिवार बसाने का अधिकार, निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार आदि सामाजिक अधिकारों का हिस्सा है।
- सास्कृतिक अधिकारः मनुष्य एक सामजिक प्राणी है, इसलिए ये अधिकार आवश्यक माने जाते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार हैं। इन अधिकारों का हनन मानवाधिकारों का उल्लधंन है जो कानून के विरूद्ध है।
प्रश्न 18. हिंसा के कौन-कौन से प्रकार हैं।
Ans.: महात्मा गाँधी के अनुसार, "किसी व्यक्ति के लिए बुरा सोचना या गलत भाव रखना हिंसा हैं।"
हिंसा के प्रकारः हिंसा के निम्नलिखित प्रकार है-
- मौखिक हिंसाः इसके अंतर्गत गाली देना, धमकी देना, अपमानजनक शब्द, जातिगत शब्द, धर्मगत शब्द का प्रयोग होता है।
- मनोवैज्ञानिक हिंसाः झूठा आरोप लगाना, सामजिक बहिष्कार करना, हिंसा के लिए प्रेरित करना, धमकी देना, आत्महत्या के लिए प्रेरित करना।
- शारीरिक हिंसाः मारपीट करना, हथियार से हमला करना, थप्पड़ मारना आदि।
- ढाँचागत हिंसाः उद्योग के रूप में धरना देना, आंदोलन करना, सार्वजनिक स्थानों पर तोड़-फोड़ करना आदि।
- लोकप्रिय संस्कृति में अश्लीलताः अश्लील गाने, नृत्य सिनेमा, कविता, मूर्तिकला और परम्पराएँ आदि।