वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. 'मानवाधिकार दिवस' कब मनाया जाता है-
(a) 20 अक्टूबर
(b) 10 दिसम्बर
(c) 11 दिसम्बर
(d) 8 दिसम्बर
उत्तर: (b) : मानवाधिकार दिवस 10 दिसम्बर को मनाया जाता है। 10 दिसम्बर 1948 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा की पुष्टि की और उसे अपनाया।
प्रश्न 2. संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना हुई-
(a) 24 दिसम्बर 1945
(b) 20 अक्टूबर 1945
(c) 24 अक्टूबर 1945
(d) 24 जनवरी 1945
उत्तर: (c) : संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई।
प्रश्न 3. प्रतिगमन (Regression) का अर्थ है-
(a) नियत व्यवहार को अपनाना
(b) पूर्व व्यवहार को अपनाना
(c) उपर्युक्त दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (b) : प्रतिगमन का अर्थ-प्रतिगमन का अर्थ पूर्व व्यवहार को अपनाना है।
प्रश्न 4. भावात्मकता एकता समिति 1961 के अध्यक्ष थे-
(a) डॉ. जाकिर हुसैन
(b) इंदिरा गाँधी
(c) डॉ. पूर्णानन्द स्वामी
(d) डॉ. सम्पूर्णानन्द
उत्तर: (d) : भावात्मक एकता समिति (1961) के अध्यक्ष डॉ. सम्पूर्णानन्द थे। इस समिति ने राष्ट्रीय एकता को बढ़वा देने के लिए कुछ सिफारिशें दी थी।
प्रश्न 5. "समस्त शिक्षा शान्ति के लिए ही है।" यह परिभाषा है-
(a) मारिया माण्टेसरी
(b) महात्मा गाँधी
(c) टैगोर
(d) विवेकानन्द
उत्तर: (a) : "समस्त शिक्षा शान्ति के लिए ही है।" यह परिभाषा मारिया माण्टेसरी का है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. तनाव की एक परिभाषा लिखिए।
Ans.: तनाव-तनाव को किसी कठिन परिस्थिति के कारण उत्पन्न चिंता या मानसिक तनाव के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। गेट्स के अनुसार- "तनाव असन्तुलन की दशा है, जो प्राणी को अपनी उत्तेजित दशा का अंत करने के लिए कोई कार्य करने को प्रेरित करती है।"
प्रश्न 7. व्यक्तित्व की एक परिभाषा लिखिए।
Ans.: मन के अनुसार, " व्यक्तित्व एक व्यक्ति के गठन, व्यवहार के तरीकों, रूचियों, दृष्टिकोणों क्षमताओं तथा तरीकों का सबसे विशिष्ट संगठन है।"
प्रश्न 8. पुरुषार्थ चतुष्ट्य का क्या अर्थ है?
Ans.: पुरुषार्थ चतुष्ट्य-एक विवेकशील प्राणी का लक्ष्य होता है। परमात्मा से मिलन। हमारे महान ऋषियों ने मानव जीवन में इन अंगों को अनिवार्य मानते हुए इन्हें अपनाने का उपदेश दिया है।
पुरुषार्थ-पुरुषार्थ दो शब्दों से बना है-
पुरुष + अर्थ
पुरुष का अर्थ है विवेकशील प्राणी
चातुष्ट्य-धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष।
प्रश्न 9. साइबर बुलिंग का क्या अर्थ है?
Ans.: साइबर बुलिंग- साइबर बुलिंग का अर्थ है किसी बच्चे अथवा वयस्क को किसी अन्य बच्चें या वयस्क द्वारा इण्टरनेट या मोबाइल का प्रयोग कर प्रताड़ित या मानसिक रूप से पेरशान किया जाए इसका बाल मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है तथा यह उन्हे नकारात्मक बना देती है।
प्रश्न 10. मानवाधिकार शिक्षा के कोई दो उद्देश्य लिखिए।
Ans.: मानवाधिकार-शिक्षा के दो उद्देश्य-
- विश्व बन्धुत्व की भावना जाग्रत करना
- समानता की भावना जगाना।
प्रश्न 11. चरित्र निर्माण करने वाले किन्ही दो कारकों का उल्लेख कीजिए।
Ans.: चरित्र निर्माण करने वाले कारक-
- ज्ञान
- परिवार के सदस्यों का आचरण
- विद्यालय का परिवेश
- सामाजिक रहन-सहन
- व्यवहार व वातावरण
- पुरस्कार व दण्ड
- शिक्षक
- सहपाठी
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. व्यवहारवाद की अवधारणा स्पष्ट कीजिए।
Ans.: व्यवहारवाद की आवधारणा - व्यवहारवाद को व्यवहारवादी मानोविज्ञान के रूप में भी जाना जाता है। व्यवहार प्रत्येक प्राणी के लिए अनिवार्य है। इसका जीवन में अत्यधिक महत्व है। यह पारस्परिक संबंधों एवं जीवन व्यापार के लिए भी अत्यावश्यक है। शान्ति लिए शिक्षा के संदर्भ में भी व्यवहार को जानना होता है। शान्ति के लिए निर्माणकारी व्यवहार को सकारात्मक तरीके से हतोत्साहित करना शिक्षा का प्रमुख दायित्व माना जाता है। व्यवहार के विभिन्न पक्षों के विषय में अध्ययन पर बल देने के कारण मनोविज्ञान में व्यवहारवाद नामक एक सम्प्रदाय का विकास भी हुआ है।
प्रश्न 13. मीडिया और हिंसा में क्या सम्बन्ध है? लिखिए।
Ans.: मीडिया का सशक्त माध्यम टेलीविजन या दूरदर्शन है जो सामान्य जीवन को प्रभावित कर रहा है। आजकल फिल्मों तथा धारावाहिकों में हत्या, बलात्कार, लूटपाट, झगड़े आदि का खूब बढ़ा चढ़ाकर दिखाया जाता है। इस प्रकार की घटनाओं का मानव के ऊपर घातक तथा विकृत प्रभाव स्पष्ट रूप से पड़ रहा है। हिंसा के नये-नये रास्ते इस माध्यम के द्वारा जनता सीख रही है कई टीवी चैनल हिंसा को प्रसारित कर रहे है छोटे बच्चो पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। आज की नयी पीढी इस प्रकार के प्रदर्शन से अधिक प्रभावित हो रही है। हिंसात्मक दृश्यों को देखते रहने से विभिन्न प्रकार के हिंसात्मक व्यावहारों में तेजी से वृद्धि हो रही है, बच्चे जिस प्रकार के दृश्यों को देखते है वह उसी प्रकार के हिंसात्मक व्यवहार को अपनाने की चेष्ठा करते है।
प्रश्न 14. व्यक्तित्व की पांच विशेषताएँ लिखिए।
Ans.: व्यक्तित्व की पाँच विशेषताएँ- व्यक्तित्व, मनुष्य के व्यवहार की वह शैली है जिसे वह अपने आन्तरिक तथा बाहरी गुणों के आधार पर प्रकट करता है। व्यकित्तव की निम्न विशेषताएँ है-
- सामाजिकता- मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और वह समाज के बीच रहता हैं व्यक्ति समाज के बीच ही रहकर सारे क्रिया-कलाप करता हैं।
- लक्ष्य प्राप्ति- प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में कोई लक्ष्य जरूर होता है, जिसकों ध्यान में रखकर व्यक्ति उस लक्ष्य प्राप्ति कें लिए हमेशा प्रयत्नशील रहता हैं। क्योंकि व्यक्ति अपने लक्ष्य के अनुरूप ही कार्य करता है।
- आत्म-चेतना- व्यक्ति आत्मचिंतन के जरिए इस बात का ध्यान रखता है कि समाज में उसकी क्या छवि बन रही है, और समाज के लोग उसके प्रति-कैसी भावना रखते हैं।
- बहिर्मुखता- बहिर्मुखता का गुण व्यक्ति को सामाजिक बनाता है ओर ऐसे व्यक्ति समाज में अत्यन्त प्रसिद्ध होते है।
- स्नायु विकृति- स्नायु विकृति से ग्रसित व्यक्ति अच्छे व्यक्तित्व वाला नही होता है।
प्रश्न 15. मीडिया का महत्व स्पष्ट कीजिए।
Ans.: मीडिया का महत्व-मीडिया जनसंचार का स्रोत है। मीडिया हमारे समाज में सबसे अधिक जानकारीपूर्ण भूमिका निभाता है। यह जनसंचार की मुख्य बात है। इसके कई रूप है। जैसे- इंटरनेट, जिसके माध्यम से हम एक क्लिक से दुनिया भर की ताजा खबरें अपनी मुट्ठी में पा सकते हैं। सामान्यतः मीडिया तीन प्रकार की है-
- समाचार मीडिया
- सोशल मीडिया
- वेब मीडिया
प्रश्न 16. नीति मीमांसा के प्रमुख सिद्धान्त बताइए।
Ans.: नीति मीमांसा के प्रमुख सिद्धान्त-नीति मीमांसा के सिद्धान्त के अनुसार हमें किस मार्ग से चलकर अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहियें। हम संसार में किस प्रकार जीवन व्यतीत करे, हमारा आचार और व्यवहार कैसा होना चाहिये, सदाचार और दुराचार का भेद कैसे हो, उचित अनुचित, शुभ-अशुभ, कर्म अकर्म का निर्णय कैसे किया जाय? क्योंकि यह जीवन के मूल्यों का निर्धारण करता है। इस प्रकार नीति मीमांसा में आचार के नियम और मूल्य दोनों पर विचार किया जाता है।
प्रश्न 17. वैश्वीकरण की आवश्यकता एवं महत्व पर प्रकाश डालिए।
Ans.: वैश्वीकरण की आवश्यकता एवं महत्व-
- विश्व स्तर पर व्यापार करना।
- विश्व की अनेक समस्याओं के समाधान के लिए।
- राष्ट्रीय विकास के लिए।
- विश्व नागरिकता के लिए।
- जनसंचार के साधनों के द्वारा राष्ट्र की गतिविधियों का ज्ञान होना।
- मानव कल्याण विकास के लिए।
- शांति के लिए।
प्रश्न 18. समाजीकरण के प्रमुख अभिकरण बताइए।
Ans.: समाजीकरण के प्रमुख अभिकरण-समाजीकरण के प्रमुख अभिकरण या संस्थाएँ निम्नलिखित हैं-
- परिवार-समाजीकरण करने वाली संस्थाओं में परिवार सबसे अधिक महत्वपूर्ण संस्था है। बच्चा परिवार में ही जन्म लेता है, परिवार में ही उसका पालन-पोषण होता है और परिवार में ही वह सम्पूर्ण जीवन व्यतीत करता है। परिवार से ही वह स्नेह, प्रेम, त्याग, बलिदान, सहयोग, दया, क्षमा, परोपकार, आज्ञापालन आदि उच्च कोटि के गुण सीखता है इसलिए यह कहा गया है कि "परिवार शिशु की प्रथम पाठशाला है।"
- क्रीड़ा समूह-परिवार के बाद बच्चा खेल-समूह के सम्पर्क में आता है। अतः उनका व्यवहार, रूचियाँ आदि भिन्न प्रकार के होते हैं। नेतृत्व तथा आज्ञाकारिता के गुणों का विकास भी बच्चे में खेल-कूद समूह से होता है।
- पड़ोस-परिवार के बाद पड़ोस से ही बच्चे का सामना पड़ता है। वह अपने परिवार की तुलना पड़ोस से करता है। यदि पड़ोस अच्छा है तो वह अच्छी बातें सीखता है।
- विवाह-विवाह के बाद जहाँ अनेक नये उत्तरदायित्वों का निर्वाह उसे करना पड़ता है वहीं विपरीत लिंग के व्यक्ति के साथ अनुकूलन भी करना पड़ता है।