बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. "रानी केतकी की कहानी" के रचयिता हैं-
(a) किशोरी लाल गोस्वामी
(b) जयशंकर प्रसाद
(c) इंशाअल्ला खाँ
(d) प्रेमचन्द्र
उत्तर: (c) : "रानी केतकी की कहानी' के लेखक इंशाअल्ला खाँ हैं। इसका प्रकाशन 1803 ई. में हुआ था। इसकी भाषा शैली खड़ी बोली है। किशोरी लाल गोस्वामी इंदुमती और गुलबहार कहानियों के लेखक हैं। गोस्वामी जी को प्रथम कहानीकार होने का श्रेय प्राप्त है। जयशंकर प्रसाद हिन्दी के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। इनकी रचनाएँ चित्राधार, कामायनी, कानन-कुसुम आदि। प्रेमचन्द के द्वारा गोदान, कफन, ईदगाह, गबन, निर्मला, सेवासदन, पूस की रात आदि रचित है।
प्रश्न 2. "कवि" शब्द का स्त्रीलिंग है-
(a) कवियित्री
(b) कवित्री
(c) कवीयत्री
(d) कवयित्री
उत्तर: (a) : 'कवि' शब्द का स्त्रीलिंग 'कवियित्री' है।
प्रश्न 3. व्याकरण में "वचन" का सही अर्थ क्या है?
(a) प्रतिज्ञा
(b) संख्या
(c) बोली
(d) भाषा
उत्तर: (b) : व्याकरण में वचन को संख्या के अर्थ में लिया जाता है। जिस शब्द के द्वारा किसी वस्तु या व्यक्ति की संख्या बताई जाती हो, उसे वचन कहते हैं। उदाहरण- लड़का, गाय, सिपाही बच्चा (एकवचन) लड़के, गायें, टोपियाँ, मालाएँ (बहुवचन)
प्रश्न 4. अच्छाई, मानवता, बचपन किस संज्ञा के उदाहरण हैं?
(a) जातिवाचक संज्ञा
(b) व्यक्तिवाचक संज्ञा
(c) भाववाचक संज्ञा
(d) द्रव्यवाचक संज्ञा
उत्तर: (c) : भाववाचक संज्ञा-भाववाचक संज्ञा में किन्हीं पदार्थों की भावना, गुणदोष, अवस्था का बोध होता है। उदाहरण-अच्छाई, मानवता, बचपन आदि।
प्रश्न 5. कौन-सा परिमाण बोधक विशेषण है?
(a) कैसा
(b) लाल
(c) तिकोना
(d) थोड़ा
उत्तर: (d) : परिमाण बोधक विशेषण-वे शब्द जो संज्ञा या सर्वनाम की मात्रा का बोध कराते हैं, उन्हें परिमाणबोधक विशेषण कहते हैं। जैसे-जरा-सा, थोड़ा-सा, अधिक कम आदि।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. "प्र" उपसर्ग से बनने वाले दो शब्द लिखिए।
उत्तर: "प्र" उपसर्ग का अर्थ "आगे, पहले, सर्वोच्च, अधिक आदि" होता है।
- प्र + चार = प्रचार
- प्र + बल = प्रबल
- प्र + सन्न = प्रसन्न
प्रश्न 7. "प्रत्यय" किसे कहते हैं?
उत्तर: प्रत्यय वे शब्द हैं, जो किसी अन्य शब्द के अंत में जुड़कर अपनी प्रकृति के अनुसार शब्द का अर्थ बदल देते हैं। उसे प्रत्यय कहते हैं।
उदाहरण:
- पढ़ने + वाला = पढ़ने वाला
- सुंदर + ता = सुंदरता
प्रश्न 8. "काल" कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर: काल मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं-
- वर्तमान काल- जिस क्रिया से वर्तमान समय का पता चले, तो उसे वर्तमान काल कहते हैं। उदाहरण- मैं खा रहा हूँ।
- भूतकाल- जिस क्रिया से भूतकाल के होने का पता चले, तो उसे भूतकाल कहते हैं। उदाहरण- मैं खाना खा चुका हूँ।
- भविष्यकाल- जिस क्रिया से भविष्य के होने का पता चले, तो उसे भविष्यकाल कहते हैं। उदाहरण- मैं विद्यालय जाऊँगा।
प्रश्न 9. "अनुकरण वाचन" किसे कहते हैं?
उत्तर: अनुकरण वाचन, वाचन का एक प्रकार है, जिसमें शिक्षक द्वारा पाठ का उच्चारण करने के बाद, छात्र उसी तरह से पाठ का उच्चारण करते हैं।
प्रश्न 10. "मौन वाचन" के दो उद्देश्य लिखिए।
उत्तर: मौन वाचन के दो उद्देश्य-
- अर्थ ग्रहण में सुधार- मौन वाचन के द्वारा उसके अर्थ को सहजता के साथ ग्रहण किया जा सकता है।
- गति में वृद्धि- मौन वाचन पाठन गति को बढ़ाने में सहायता करता है।
प्रश्न 11. "पुरुष वाचक सर्वनाम" के प्रकारों का नाम लिखिए।
उत्तर: पुरुष वाचक सर्वनाम के तीन भेद होते हैं-
- उत्तम पुरुष- वक्ता स्वयं के लिए जिन सर्वनामों का प्रयोग करता है, वे उत्तम पुरुष सर्वनाम कहलाते हैं। जैसे- मैं, हम आदि।
- मध्यम पुरुष- जिसे संबोधित करके कुछ कहा जाए, वे मध्यम पुरुष कहे जाते हैं। जैसे- तू, तुम, आप, आप सब आदि।
- अन्य पुरुष- किसी अन्य व्यक्ति के बारे में बात की जाए या कुछ लिखा जाए, तो वे अन्य पुरुष सर्वनाम के अन्तर्गत आते हैं। जैसे- वह, वे, ये आदि।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. गद्य और पद्य में अन्तर लिखिए।
उत्तर: गद्य और पद्य में निम्नलिखित अन्तर है-
- गद्य भाषा का वह रूप है, जो सामान्य बोलचाल में प्रयुक्त होता है। पद्य भाषा का वह रूप है, जो लयबद्ध और छंदबद्ध है।
- गद्य में लयबद्धता या छंद योजना नहीं होती है। पद्य में छंद योजना होती है, जिसमें यति, मात्रा और तुकबंदी शामिल होते हैं।
- गद्य में वाक्यों की रचना लचीली होती है और उनकी लम्बाई भिन्न हो सकती है। पद्य में वाक्यों की रचना निश्चित होती है और उनकी लम्बाई समान होती है।
- गद्य का उपयोग विभिन्न प्रकार की रचनाओं में किया जाता है, जैसे कि कहानियाँ, उपन्यास, निबंध, समाचार आदि। पद्य का उपयोग विभिन्न प्रकार की रचनाओं में किया जाता है, जैसे कि कविताएँ, गीत, नाटक आदि।
- गद्य में विचारों को स्पष्ट और सरल तरीके से व्यक्त किया जाता है। पद्य में भावनाओं को प्रभावशाली तरीके से व्यक्त किया जाता है।
प्रश्न 13. मौखिक अभिव्यक्ति के साधन लिखिए।
उत्तर: मौखिक अभिव्यक्ति के अन्तर्गत हम अपने विचारों, भावनाओं और अनुभवों को दूसरों के सामने प्रस्तुत करते हैं। मौखिक अभिव्यक्ति के कुछ प्रमुख साधन निम्नलिखित हैं-
- भाषण- भाषण एक औपचारिक तरीका है, जिसमें हम किसी विषय पर अपने विचारों को प्रस्तुत करते हैं। भाषण में विभिन्न प्रकार की शैलियों का उपयोग किया जाता है, जैसे- तथ्यात्मक, वर्णनात्मक और प्रेरक।
- वाद-विवाद- वाद-विवाद में दो या दो से अधिक व्यक्ति किसी विषय पर अपनी बात रखते हैं। वाद-विवाद में तर्क, वाद-प्रतिवाद और विचारों का आदान-प्रदान होता है।
- कहानी सुनाना- कहानी सुनाना एक मनोरंजक तरीका है, जिसमें हम अपनी कल्पनाशीलता और भाषा कौशल का उपयोग करते हैं।
- गायन- गायन भावनाओं को व्यक्त करने का एक प्रभावशाली तरीका है।
- अभिनय- अभिनय में हम अपनी आवाज, शरीर की भाषा और चेहरे के भावों को व्यक्त करते हैं। अभिनय से हम दूसरों को अपनी भावनाओं और विचारों को समझाते हैं।
- चर्चा- चर्चा में व्यक्ति किसी विषय पर अपनी राय और विचारों का आदान-प्रदान करते हैं।
मौखिक अभिव्यक्ति के साधन हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रश्न 14. "कहानी शिक्षण" की उपयोगिता पर संक्षिप्त लेख लिखिए।
उत्तर: कहानी शिक्षण एक प्रभावी शिक्षण विधि है, जो छात्रों को विभिन्न विषयों और अवधारणाओं को सीखाने में मदद करती है। यह शिक्षण को रोचक और मनोरंजक बनाता है और छात्रों की सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाता है। कहानी शिक्षण की उपयोगिता के मुख्य बिन्दु निम्नलिखित हैं-
- रूचि और ध्यान आकर्षित करना- कहानियाँ छात्रों को आकर्षित करती हैं और उनका ध्यान केन्द्रित करती हैं। छात्रों को सीखने के लिए प्रेरित करती हैं।
- अवधारणाओं को समझने में मदद करती हैं- कहानियाँ जटिल अवधारणाओं को सरल और आसानी से समझने के योग्य बनाती हैं। यह छात्रों को अमूर्त विचारों को कल्पनाशील तरीके से समझने में मदद करती हैं।
- नैतिक मूल्यों को सिखाती हैं- कहानियाँ छात्रों को अच्छे और बुरे के बीच का अन्तर सिखाती हैं।
- सृजनात्मकता और कल्पनाशीलता को बढ़ावा देती है- कहानियाँ छात्रों की कल्पनाशीलता और सृजनात्मकता को बढ़ावा देती हैं। यह उन्हें नए विचारों को सोचने और नए तरीकों से समस्याओं को हल करने के लिए प्रेरित करती हैं।
- भाषा कौशल में सुधार करती हैं- कहानियाँ छात्रों की शब्दावली, व्याकरण और समझने की क्षमता में सुधार करती हैं।
प्रश्न 15. "क्रिया विशेषण" किसे कहते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: क्रिया विशेषण वह शब्द है, जो हमें क्रिया की विशेषता के बारे में बताता है। क्रिया विशेषण अविकारी शब्द होते हैं, अर्थात् इनमें लिंग, वचन, कारक आदि के अनुसार कोई परिवर्तन नहीं होता है। क्रिया विशेषण प्रायः क्रिया से पहले आते हैं, लेकिन कुछ मामलों में वे क्रिया के बाद या वाक्य के आरंभ में भी आ सकते हैं। क्रिया-विशेषण वाक्य में क्रिया, विशेषण, अन्य क्रिया-विशेषण या विशेषण वाक्यांश को स्पष्ट करते हैं। धीरे-धीरे, तेज आदि शब्द चलना, दौड़ना, बढ़ना आदि क्रियाओं की विशेषता बताने का कार्य करते हैं, ये शब्द क्रिया विशेषण कहलाते हैं। क्रिया विशेषण वाक्यों को अधिक अर्थपूर्ण और स्पष्ट बनाते हैं।
उदाहरण:
- वह धीरे-धीरे चलता है। धीरे-धीरे (क्रिया विशेषण), चलने की विशेषता बताता है।
- चीता तेज दौड़ता है। तेज (क्रिया विशेषण) दौड़ने की विशेषता बता रहा है।
- वह प्रतिदिन पूजा करता है। प्रतिदिन (क्रिया विशेषण) पूजा करने की विशेषता बता रहा है।
प्रश्न 16. संबंधवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं? उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर: संबंधवाचक सर्वनाम संज्ञा के स्थान पर आने वाले जिन दो सर्वनाम शब्दों से संबंध का भाव प्रकट होता है, उसे संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं। संबंधवाचक सर्वनाम में जो, जिसका, जितना, जैसे, जहाँ, जो भी, जिसके, जिससे, जहाँ से आदि शब्दों का प्रयोग संबंध बताने के लिए किया जाता है।
उदाहरण:
- वह जैसे सोचता है, वैसा ही करता है।
- जो भी आएगा उसका स्वागत है।
- वह जिसके कारण परेशान है, उसे बताओ।
- मैं जहाँ तक हो सकेगा, तुम्हारी मदद करूंगा।
- वह जहाँ से आया था, वहाँ वापस जाना चाहता है।
प्रश्न 17. "बहुव्रीहि" समास किसे कहते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: बहुब्रीहि समास में दो या दो से अधिक शब्द मिलकर किसी तीसरे शब्द का निर्माण करते हैं, जो स्वतंत्र रूप से वाक्य में अर्थपूर्ण होता है। इस समास में दोनों शब्दों में से कोई भी मुख्य नहीं होता है, बल्कि दोनों मिलकर एक नया अर्थ बनाते हैं।
उदाहरण:
- दशानन (दश हैं आनन जिसके-रावण)। इस समास में 'दश' और 'आनन' स्वतंत्र रूप से अर्थपूर्ण नहीं हैं, लेकिन मिलकर रावण को दर्शाते हैं, जिसके दस मुख हैं।
- नीलकण्ठ (नीला है कण्ठ जिसका-शिव)। यहाँ 'नील' और 'कण्ठ' मिलकर भगवान शिव को दर्शाते हैं, जिनका कण्ठ नीला है।
प्रश्न 18. "उपसर्ग" तथा "प्रत्यय" में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: उपसर्ग तथा प्रत्यय में निम्नलिखित अन्तर है-
- उपसर्ग शब्द दो शब्दों से बना है- उप + सर्ग। प्रत्यय शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है- प्रति + अय।
- उपसर्ग शब्द प्रारंभ में जुड़ते हैं। प्रत्यय शब्द के अन्तिम में जुड़ता है।
- उपसर्ग शब्द का अर्थ बदलता है या नया अर्थ देता है। प्रत्यय शब्द का रूप बदलता है या नया रूप देता है।
- उपसर्ग उस शब्द अथवा समूह का नाम है, जिसका स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता है एवं जिसे किसी शब्द के पूर्व, कुछ सार्थक विशेषता लाने के लिए जोड़ा जाता है। जिस शब्दांश का शब्द अथवा धातु में विधान किया जाए, वह प्रत्यय कहलाता है।
- उपसर्ग के उदाहरण- अन्याय, निराश, प्रभाव, विश्वास, सम्मान आदि। प्रत्यय के उदाहरण- लड़का, पढ़ना, खाना, लिखना, बड़ा, देना, भलाई, बुराई आदि।