बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. बच्चों को कहानी सुनाते समय बीच-बीच में उनकी कल्पनाशीलता को जागृत करने के लिए पूछना चाहिए-
(a) वर्णनात्मक प्रश्न
(b) विकासात्मक प्रश्न
(c) व्याख्यात्मक प्रश्न
(d) विश्लेषणात्मक प्रश्न
उत्तर: (b) : बच्चों को कहानी सुनाते समय बीच-बीच में उनकी कल्पनाशीलता को जागृत करने के लिए विकासात्मक प्रश्न पूछना चाहिए। विकासात्मक प्रश्न बच्चों को सोचने और उनकी कल्पना का उपयोग करने के लिए प्रेरित करते हैं।
प्रश्न 2. 'जो बहुत अधिक बोलता हो', वाक्यांश के लिए प्रयुक्त होने वाला एक शब्द है-
(a) वक्ता
(b) सुवक्ता
(c) वाचाल
(d) नेता
उत्तर: (c) : वाक्यांश के लिए एक शब्द- जो अधिक बोलता हो - वाचाल, वह जो अच्छा बोलता है - सुवक्ता, जो बोलता है - वक्ता, वह जो नेतृत्व करता है - नेता।
प्रश्न 3. 'जाग्रत' शब्द का विलोम है-
(a) विसुप्त
(b) सुषुप्त
(c) शयन
(d) चेतना
उत्तर: (b) : जाग्रत शब्द का विलोम 'सुषुप्त' होता है। जाग्रत शब्द का अर्थ सचेत/जाग्रत, विसुप्त का अर्थ निष्क्रिय, चेतना का अर्थ जागरूकता, शयन का अर्थ सोना/आराम करना।
प्रश्न 4. 'सजग' शब्द का पर्याय नहीं है-
(a) चौकस
(b) सचेत
(c) पहरेदार
(d) सावधान
उत्तर: (c) : सजग का पर्यायवाची शब्द - सचेत, चौकस, सावधान, जागरूक, सर्तक आदि।
प्रश्न 5. 'महाकवि' शब्द में प्रयुक्त समास है-
(a) कर्मधारय
(b) अव्ययीभाव
(c) तत्पुरुष
(d) बहुब्रीहि
उत्तर: (a) : महाकवि शब्द में कर्मधारय समास है। समास विग्रह - महान कवि।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. 'प्रति' उपसर्ग से बनने वाले दो शब्द लिखिए।
उत्तर: 'प्रति' उपसर्ग से बनने वाले दो शब्द-
- प्रति + कूल = प्रतिकूल
- प्रति + दिन = प्रतिदिन
- प्रति + स्पर्धा = प्रतिस्पर्धा
- प्रति + ज्ञा = प्रतिज्ञा
प्रश्न 6. 'प्रति' उपसर्ग से बनने वाले दो शब्द लिखिए।
उत्तर: 'प्रति' उपसर्ग से बनने वाले दो शब्द-
- प्रति + कूल = प्रतिकूल
- प्रति + दिन = प्रतिदिन
- प्रति + स्पर्धा = प्रतिस्पर्धा
- प्रति + ज्ञा = प्रतिज्ञा
प्रश्न 7. 'कारक' शब्द में कौन-सा प्रत्यय लगा हुआ है?
उत्तर: कारक शब्द में 'अक' प्रत्यय लगा हुआ है। यह प्रत्यय क्रिया से संज्ञा बनाता है। 'कृ' धातु का अर्थ है 'करना'। 'अक' प्रत्यय लगाने पर 'कारक' शब्द बनता है, जिसका अर्थ है 'करने वाला'।
प्रश्न 8. 'ईश ने पत्र पढ़ा', वाक्य में कौन-सा लकार प्रयुक्त है?
उत्तर: 'ईश ने पत्र पढ़ा' वाक्य में लङ् लकार (भूतकाल) प्रयुक्त हुआ है।
प्रश्न 9. 'बालक तेज दौड़ता है', वाक्य में किस क्रिया-विशेषण का प्रयोग हुआ है?
उत्तर: 'बालक तेज दौड़ता है' वाक्य में रीतिवाचक क्रिया-विशेषण है। रीतिवाचक क्रिया-विशेषण क्रिया की रीति या तरीके को बताता है। इस वाक्य में 'तेज' क्रिया-विशेषण 'दौड़ता' क्रिया की रीति बताता है अर्थात् बालक किस तरह दौड़ रहा है।
प्रश्न 10. 'वर्णन' शब्द के दो पर्यायवाची शब्द लिखिए।
उत्तर: 'वर्णन' शब्द के पर्यायवाची शब्द-
- चित्रण
- कथन
- व्याख्या
- आख्यान
- विवरण
- उल्लेख
- चर्चा आदि।
प्रश्न 11. 'सर्वनाम' शब्द के दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर: सर्वनाम शब्द के दो उदाहरण-
- मैं - यह शब्द स्वयं के लिए प्रयुक्त होता है।
- तुम - यह शब्द सुनने वाले व्यक्ति को दर्शाता है।
उदाहरण: मैं आज स्कूल जा रहा हूँ। तुम क्या कर रहे हो?
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. 'क्रिया-विशेषण' किसे कहते हैं? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: क्रिया-विशेषण वे शब्द होते हैं, जो क्रिया की विशेषता बताते हैं। वे क्रिया के कैसे, कब, कहाँ, कितना, क्यों आदि का बोध कराते हैं।
उदाहरण:
- वह तेज दौड़ता है। (रीतिवाचक क्रिया-विशेषण)
- वह कल आएगा। (कालवाचक क्रिया-विशेषण)
- वह यहाँ बैठा है। (स्थानवाचक क्रिया-विशेषण)
- वह बहुत पढ़ता है। (परिणामवाचक क्रिया-विशेषण)
प्रश्न 13. 'गद्य-शिक्षण' के सामान्य उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: गद्य-शिक्षण के सामान्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
- भाषा ज्ञान का विकास- गद्य-शिक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्रों में भाषा ज्ञान का विकास करना है। गद्य को पढ़कर छात्र विभिन्न प्रकार के शब्दों और वाक्यों से परिचित होते हैं, जिससे उनका शब्द भण्डार और भाषा कौशल विकसित होता है।
- विचारों और भावनाओं को व्यक्त करने की क्षमता का विकास- गद्य-शिक्षण के द्वारा छात्रों में विचारों और भावनाओं को व्यक्त करने की क्षमता का विकास होता है।
- कल्पनाशीलता और रचनात्मकता का विकास- गद्य-शिक्षण का उद्देश्य छात्रों में कल्पनाशीलता और रचनात्मकता का विकास करना है, जिससे वे नई चीजों को सोचने और बनाने में सक्षम होते हैं।
- सामाजिक और नैतिक मूल्यों का विकास- गद्य-शिक्षण के द्वारा छात्रों में सामाजिक और नैतिक मूल्यों का विकास होता है, जिससे वे अच्छे और बुरे का अन्तर समझने और अच्छे नागरिक बनने में सक्षम होते हैं।
- मनोरंजन और आनंद- गद्य-शिक्षण के द्वारा छात्रों को मनोरंजन एवं आनंद प्राप्त होता है।
प्रश्न 14. 'वाक्य' किसे कहते हैं? सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: वाक्य शब्दों का ऐसा समूह होता है, जो किसी पूर्ण अर्थ को व्यक्त करता है। इसमें कम से कम एक कर्ता और एक क्रिया होनी चाहिए। साधारण शब्दों में कहा जाए तो शब्दों के सार्थक समूह को 'वाक्य' कहते हैं। व्याकरण की दृष्टि से एक शुद्ध वाक्य निर्माण में निम्नलिखित गुणों का होना आवश्यक है-
- आकांक्षा
- योग्यता
- निकटता
- पदक्रम
- अन्वय
उदाहरण:
- लड़का दौड़ता है। (यह वाक्य एक कर्ता (लड़का) और एक क्रिया (दौड़ता) से बना है।)
- मैने एक किताब पढ़ी। (इस वाक्य में एक कर्ता (मैनें), एक क्रिया (पढ़ी) और एक किताब (संज्ञा) से बना है।)
प्रश्न 15. 'उपकार', 'अनुपम', 'उपेक्षा', 'खग' शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए।
उत्तर: पर्यायवाची शब्द-
- उपकार - भलाई, परोपकार, कृतज्ञता, अहसान, परमार्थ, आभार।
- अनुपम - अनूठा, अद्भुत, अनोखा, अप्रतिम, अद्वितीय, अतुलनीय, अनुपमेय।
- उपेक्षा - अनादर, तिरस्कार, अवहेलना, अवमानना, अपमान, उदासीनता।
- खग - पक्षी, पंछी, नभचर, पखेरू, द्विज, चिड़िया, विहग, गगनचर।
प्रश्न 16. 'समास' किसे कहते हैं? बहुव्रीहि समास के दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर: समास का तात्पर्य संक्षिप्तीकरण होता है अर्थात छोटा रूप। जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर जो नया शब्द बनता है, उसे समास कहते हैं। जैसे-
- रसोई के लिए घर = रसोईघर
- हाथ के लिए कड़ी = हथकड़ी
- राजा का पुत्र = राजपुत्र
समास के नियमों से निर्मित शब्द सामासिक शब्द कहलाते हैं। इसे समस्त पद भी कहा जाता है। समास होने पर विभक्तियों के चिह्न गायब हो जाते हैं। हिन्दी में समास के छः भेद माने जाते हैं-
- अव्ययीभाव समास
- तत्पुरूष समास
- कर्मधारय समास
- द्विगु समास
- द्वन्द्व समास
- बहुब्रीहि समास
बहुब्रीहि समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता है। इसमें दो पद मिलकर तीसरे पद का निर्माण करते हैं अर्थात तीसरा पद प्रधान होता है, इसे बहुब्रीहि समास कहते हैं।
उदाहरण:
- गजानन = गज का आनन है अर्थात गणेश
- त्रिनेत्र = तीन है नेत्र जिसके अर्थात शिव
- पीताम्बर = पीले हैं वस्त्र जिसके अर्थात कृष्ण
प्रश्न 17. 'विपरीतार्थक शब्द' से क्या आशय है? 'मुक्ति', 'लौकिक', 'वादी' तथा 'संयोग' शब्दों के विलोम शब्द लिखिए।
उत्तर: विपरीतार्थक शब्द वे शब्द होते हैं, जिनके अर्थ विलोम या एक-दूसरे के विपरीत होते हैं। इन्हें विलोम शब्द भी कहा जाता है।
उदाहरण:
- मुक्ति - बंधन
- लौकिक - अलौकिक
- वादी - प्रतिवादी
- संयोग - वियोग
प्रश्न 18. 'भाषा-शिक्षण' में मौन वाचन का क्या महत्व है? संक्षेप में लिखिए।
उत्तर: भाषा-शिक्षण में मौन वाचन का महत्व निम्नलिखित है-
- पढ़ने की गति और धाराप्रवाह में वृद्धि- मौन वाचन से छात्रों को शब्दों को पहचानने और उनका अर्थ समझने में तेजी लाने में मदद मिलती है, जिससे उनकी पढ़ने की गति और धाराप्रवाहता में वृद्धि होती है।
- अवधारणा में सुधार- मौन वाचन छात्रों को पाठ पर ध्यान केंद्रित करने और मुख्य विचारों को समझने में मदद करता है, जिससे उनकी अवधारणा में सुधार होता है।
- शब्द भण्डार का विकास- मौन वाचन छात्रों को नए शब्दों से परिचित कराता है और उन्हें उनके अर्थ समझने में मदद करता है।
- एकाग्रता में वृद्धि- मौन वाचन छात्रों में एकाग्रता विकसित करने और ध्यान केन्द्रित करने में मदद करता है।
- आत्मविश्वास में वृद्धि- मौन वाचन छात्रों को अपनी पढ़ने की क्षमता में आत्मविश्वास विकसित करने में मदद करता है।