वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ के रचनाकार हैं-
(a) जयशंकर प्रसाद
(b) रामधारी सिंह ‘दिनकर’
(c) प्रेमचन्द
(d) महादेवी वर्मा
उत्तर: (b) : ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ के रचनाकार रामधारी सिंह ‘दिनकर’ हैं।
प्रश्न 2. ‘प्रत्येक’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग है-
(a) प्र
(b) प्रत्य
(c) प्रति
(d) एक
उत्तर: (c) : ‘प्रत्येक’ शब्द में प्रति उपसर्ग है। प्रति + एक = प्रत्येक।
प्रश्न 3. शुद्ध वर्तनी का चयन करें-
(a) जेष्ठ
(b) जेस्ठ
(c) जेठ
(d) ज्येष्ठ
उत्तर: (d) : शुद्ध वर्तनी ज्येष्ठ है।
प्रश्न 4. संस्कृत के वे शब्द जो हिन्दी में ज्यों के त्यों प्रयुक्त होते हैं, वे कहे जाते हैं-
(a) तद्भव
(b) तत्सम
(c) संकर
(d) देशज
उत्तर: (b) : संस्कृत के वे शब्द जो हिन्दी में मूल रूप के समान या लगभग उसी रूप में प्रयुक्त होते हैं, तत्सम शब्द कहलाते हैं। जैसे— अग्नि, पवन, सूर्य आदि।
प्रश्न 5. निम्न में से संयुक्त व्यंजन नहीं है-
(a) क्ष
(b) त्र
(c) ज्ञ
(d) ऋ
उत्तर: (d) : ऋ स्वर है, संयुक्त व्यंजन नहीं। क्ष, त्र और ज्ञ संयुक्त व्यंजन हैं।
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अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. ‘पुष्प’ तथा ‘बिजली’ शब्द के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए।
उत्तर:
पुष्प — सुमन, कुसुम
बिजली — विद्युत, दामिनी
प्रश्न 7. ‘जीवन निर्वाह’ तथा ‘वीणा-वादिनी’ में प्रयुक्त समास का नाम लिखिए।
उत्तर:
| शब्द | समास | विग्रह |
|---|---|---|
| जीवननिर्वाह | सम्बन्ध तत्पुरुष समास | जीवन का निर्वाह |
| वीणा-वादिनी | बहुव्रीहि समास | वीणा को बजाने वाली अर्थात् सरस्वती |
प्रश्न 8. ‘आग बबूला होना’ मुहावरे का अर्थ स्पष्ट करते हुए वाक्य प्रयोग कीजिए।
उत्तर: अर्थ— अत्यन्त क्रोधित होना।
वाक्य प्रयोग— बेटे की शरारत देखकर पिता आग बबूला हो गए।
प्रश्न 9. ‘अनुप्रास’ अलंकार का एक उदाहरण लिखिए।
उत्तर: जहाँ एक ही वर्ण की बार-बार आवृत्ति से काव्य में सौन्दर्य उत्पन्न हो, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है।
उदाहरण— तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए।
प्रश्न 10. ‘उप’ तथा ‘प्रति’ उपसर्ग लगाकर दो-दो शब्द लिखिए।
उत्तर:
उप— उपदेश, उपग्रह
प्रति— प्रतिदिन, प्रतिरोध
प्रश्न 11. प्रकृति का सुकुमार कवि किसे कहा जाता है?
उत्तर: सुमित्रानन्दन पंत को प्रकृति का सुकुमार कवि कहा जाता है। उनकी कविताओं में प्रकृति का अत्यन्त सुन्दर एवं संवेदनशील चित्रण मिलता है।
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लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. भाषा शिक्षण के प्रमुख कौशल कौन-कौन से हैं? किन्हीं दो कौशलों के उद्देश्य लिखिए।
उत्तर: भाषा शिक्षण के चार प्रमुख कौशल हैं— श्रवण, बोलना, पठन और लेखन। ये चारों कौशल परस्पर सम्बन्धित हैं तथा भाषा-दक्षता के विकास में सहायक होते हैं।
1. श्रवण कौशल के उद्देश्य-
- सुनी हुई भाषा, वार्तालाप एवं निर्देशों को समझने की क्षमता विकसित करना।
- मुख्य विचार, महत्वपूर्ण तथ्य तथा भाव को ग्रहण करने की क्षमता विकसित करना।
2. बोलने के कौशल के उद्देश्य-
- विद्यार्थियों को अपने विचार एवं भाव स्पष्ट और प्रभावपूर्ण ढंग से व्यक्त करने योग्य बनाना।
- शुद्ध उच्चारण, उचित शब्द-चयन तथा आत्मविश्वास के साथ बोलने की क्षमता विकसित करना।
प्रश्न 13. प्रेरणार्थक क्रिया किसे कहते हैं?
उत्तर: जिस क्रिया से यह बोध हो कि कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी दूसरे से कार्य कराता है या उसे कार्य करने के लिए प्रेरित करता है, उसे प्रेरणार्थक क्रिया कहते हैं।
उदाहरण-
- माँ बच्चे को खाना खिलाती है।
- शिक्षक छात्र से पाठ पढ़वाता है।
प्रेरणार्थक क्रिया में सामान्यतः प्रेरक कर्ता कार्य कराने वाला तथा प्रेरित कर्ता कार्य करने वाला होता है।
प्रश्न 14. किसी एक त्योहार पर अपने शब्दों में स्वतंत्र अभिव्यक्ति प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर: दीपावली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इसे दीपों का त्योहार भी कहा जाता है। यह कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। इस अवसर पर लोग अपने घरों की साफ-सफाई और सजावट करते हैं तथा दीप जलाते हैं।
लोकमान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीराम चौदह वर्ष का वनवास पूरा कर माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने दीप प्रज्वलित किए थे। दीपावली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है तथा लोग एक-दूसरे को मिठाइयाँ और शुभकामनाएँ देते हैं।
यह त्योहार हमें अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। हमें दीपावली स्वच्छता, सद्भाव और सुरक्षित ढंग से मनानी चाहिए।
प्रश्न 15. भाषा शिक्षण में मौन वाचन के महत्व को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: बिना आवाज निकाले मन-ही-मन लिखित सामग्री पढ़ने को मौन वाचन कहते हैं। इसमें पाठक का मुख्य उद्देश्य पढ़ी गई सामग्री के अर्थ और भाव को समझना होता है।
मौन वाचन का महत्व-
- कम समय में अधिक सामग्री पढ़ी जा सकती है।
- पठन-बोध एवं अर्थ ग्रहण करने की क्षमता का विकास होता है।
- एकाग्रता, चिंतन और मनन की शक्ति बढ़ती है।
- स्वाध्याय की आदत विकसित होती है।
- सामूहिक कक्षा में विद्यार्थी बिना एक-दूसरे को बाधित किए पढ़ सकते हैं।
- पठन की गति एवं स्वतंत्र अध्ययन क्षमता का विकास होता है।
प्रश्न 16. लोकोक्ति तथा मुहावरे में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: लोकोक्ति और मुहावरे में प्रमुख अन्तर निम्नलिखित हैं-
| लोकोक्ति | मुहावरा |
|---|---|
| लोकोक्ति सामान्यतः अपने आप में पूर्ण कथन या वाक्य होती है। | मुहावरा सामान्यतः एक रूढ़ वाक्यांश होता है और वाक्य में प्रयुक्त होकर अर्थ देता है। |
| यह लोक-अनुभव, व्यवहार, शिक्षा या किसी सामान्य सत्य को प्रकट करती है। | यह किसी विशेष लाक्षणिक या व्यंजित अर्थ को प्रकट करता है। |
| लोकोक्ति का रूप सामान्यतः निश्चित रहता है। | मुहावरे का मूल रूप निश्चित रहता है, किन्तु वाक्य में उसका क्रिया-रूप प्रसंग के अनुसार बदल सकता है। |
| उदाहरण: नाच न जाने आँगन टेढ़ा। | उदाहरण: आँखों का तारा होना, अंगूठा दिखाना। |
प्रश्न 17. विस्मयादिबोधक चिह्न किसे कहते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: हर्ष, शोक, आश्चर्य, विस्मय, घृणा, भय आदि तीव्र भावों को व्यक्त करने के लिए विस्मयादिबोधक चिह्न (!) का प्रयोग किया जाता है।
उदाहरण-
- वाह! कितना सुन्दर दृश्य है!
- हाय! उसका कितना बड़ा नुकसान हो गया!
प्रश्न 18. मौखिक अभिव्यक्ति के उद्देश्यों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: मौखिक अभिव्यक्ति का उद्देश्य विद्यार्थियों में अपने विचारों, भावों और अनुभवों को स्पष्ट, शुद्ध एवं प्रभावी रूप से बोलकर व्यक्त करने की क्षमता विकसित करना है। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
- शुद्ध एवं स्पष्ट उच्चारण की क्षमता विकसित करना।
- शब्द-भण्डार में वृद्धि करना और उपयुक्त शब्दों का प्रयोग सिखाना।
- विचारों एवं भावों को क्रमबद्ध और स्पष्ट रूप से व्यक्त करने की क्षमता विकसित करना।
- विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और धाराप्रवाह बोलने की क्षमता बढ़ाना।
- वार्तालाप, प्रश्नोत्तर, चर्चा और भाषण में सक्रिय भाग लेने योग्य बनाना।
- दैनिक जीवन में प्रभावी सम्प्रेषण की क्षमता विकसित करना।
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