बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. कलकत्ता में मदरसा की स्थापना किसने की थी?
(a) मैकाले ने
(b) विलियम बैंटिक ने
(c) वॉरेन हेस्टिंग
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (c) : वॉरेन हेस्टिंग्स सन् 1774 से 1785 तक बंगाल के गवर्नर-जनरल थे। इन्होंने मुस्लिम कानून और धर्मशास्त्र के अध्ययन के लिए 1781 में कलकत्ता मदरसा की स्थापना की थी।
प्रश्न 2. किसे राष्ट्रीय शिक्षा आयोग भी कहते हैं?
(a) राधाकृष्णन आयोग
(b) मुदालियर आयोग
(c) कोठारी आयोग
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (c) : कोठारी आयोग- कोठारी आयोग की स्थापना 1964 ई. में भारत सरकार द्वारा शिक्षा प्रणाली की समीक्षा करने के लिए की गई थी। इसकी अध्यक्षता डॉ. दौलत सिंह कोठारी ने की थी।
प्रश्न 3. भारतीय शिक्षा आयोग का गठन किया गया था?
(a) 1880 में
(b) 1882 में
(c) 1890 में
(d) 1892 में
उत्तर: (b) : भारतीय शिक्षा आयोग (1882) के अध्यक्ष सर विलियम हण्टर थे उनका उद्देश्य भारत में शिक्षा प्रणाली की जाँच करना और सुधारों की सिफारिश करना था।
प्रमुख सिफारिशें
- प्राथमिक शिक्षा का विस्तार
- शिक्षा का विकेन्द्रीकरण
- व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना।
- महिला शिक्षा को बढ़ावा देना।
प्रश्न 4. 'गोखले विधेयक' प्रस्तुत किया गया था
(a) 16 मार्च 1911
(b) 20 मार्च 1911
(c) 16 मार्च 1912
(d) 20 अप्रैल 1919
उत्तर: (a) : 'गोखले विधेयक' 16 मार्च 1911 में प्रस्तुत किया गया था। सर्वप्रथम भारत में निःशुल्क एवं अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा की माँग को गति देने का कार्य गोपाल कृष्ण गोखले के द्वारा किया गया
प्रश्न 5. शिक्षा आयोग 1964-66 के अध्यक्ष थे
(a) डॉ.ए. लक्ष्मणस्वामी मुदालियर
(b) श्री एम.टी.व्यास
(c) श्री डी. एस. कोठारी
(d) डॉ. ताराचन्द
उत्तर: (c) : भारत के लिए एक सुसंगत शिक्षा नीति तैयार करने के लिए कोठारी आयोग (1964-66) की स्थापना डॉ. दौलत सिंह कोठारी की अध्यक्षता में की गयी थी। कोठारी आयोग को भारतीय आयोग के नाम से भी जाना जाता है।
प्रश्न 6. प्राच्य-पाश्चात्य विवाद का जन्म हुआ
(a) हण्टर आयोग से
(b) 1813 के आज्ञापत्र से
(c) मैकाले के वितरण पत्र से
(d) वुड के आदेश पत्र से
उत्तर: (b) : प्राच्य-पाश्चात्य विवाद का जन्म ईस्ट इण्डिया कम्पनी के 1813 के आज्ञापत्र से हुआ था।
प्रश्न 7. शिक्षा को समवर्ती सूची में स्थान दिया था
(a) 1970 ई. में
(b) 1975 ई. में
(c) 1976 ई. में
(d) 1980 ई. में
उत्तर: (c) : शिक्षा को 1976 ई. में समवर्ती सूची में स्थान दिया गया। समवर्ती सूची के अन्तर्गत केन्द्र व राज्य सरकार दोनों को कानून बनाने का अधिकार है।
प्रश्न 8. फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना किसके द्वारा की गयी ?
(a) विलियम बैंटिक
(b) लार्ड वेलेजली
(c) चार्ल्स ग्रांट
(d) इरविन
उत्तर: (b) : फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना 10 जुलाई सन् 1800 ई. को कलकत्ता में तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड वेलेजली ने की थी। इसकी स्थापना ब्रिटिश अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए की गई थी।
प्रश्न 9. निस्पंदन सिद्धान्त के प्रतिपादक कौन थे?
(a) चार्ल्स ग्रांट
(b) लार्ड मैकाले
(c) लार्ड वेलेजली
(d) लार्ड विलियम बैंटिक
उत्तर: (b) : भारतीय शिक्षा नीति में लार्ड मैकाले ने निस्पंदन सिद्धान्त दिया था। जिनका मुख्य उद्देश्य भारत के उच्च तथा मध्यम वर्ग के एक छोटे से समूह को शिक्षित करना था, ताकि एक ऐसा वर्ग तैयार हो जो रंग और खून से भारतीय हो परन्तु विचारों, नैतिकता तथा बुद्धि से ब्रिटिश हो।
प्रश्न 10. ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड कब आरम्भ हुआ?
(a) 1985-86
(b) 1986-87
(c) 1987-88
(d) 1988-89
उत्तर: (b) : ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड 1987 में आरम्भ हुआ था। यह योजना भारत सरकार द्वारा शुरु की गई थी जिसका उद्देश्य देश के सभी प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम आवश्यक सुविधाएँ प्रदान करना था।
प्रश्न 11. शिक्षा छनाई का सिद्धान्त लागू किया गया
(a) उच्च वर्ग की शिक्षा हेतु
(b) जन शिक्षा हेतु
(c) अंग्रेजों की शिक्षा हेतु
(d) छात्रों की शिक्षा हेतु
उत्तर: (a) : शिक्षा छनाई का सिद्धान्त 'लार्ड मैकाले' के द्वारा प्रतिपादित किया गया था। इस सिद्धान्त के अन्तर्गत ब्रिटिश सरकार केवल ऐसे वर्ग को शिक्षित करना चाहती थी, जो उनके अनुकूल हो और वे केवल उच्च वर्ग को शिक्षित करना चाहते थे, जिससे उच्च वर्ग उनका भक्त बना रहे।
प्रश्न 12. निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम कब बना?
(a) 2005
(b) 2008
(c) 2009
(d) 2011
उत्तर: (c) : निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE) 4 अगस्त 2009 को भारत सरकार द्वारा पारित किया गया था। इस अधिनियम के अन्तर्गत 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान है।
प्रश्न 13. कस्तूरबा गाँधी विद्यालय योजना का सम्बन्ध है
(a) प्राथमिक शिक्षा से
(b) प्राथमिक बालिका शिक्षा से
(c) माध्यमिक शिक्षा से
(d) माध्यमिक बालिका शिक्षा से
उत्तर: (d) : भारत सरकार द्वारा 2004 में अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़े वर्ग की बालिकाओं के लिए सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की स्थापना के लिए कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय योजना का शुभारम्भ किया गया था।
प्रश्न 14. भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम किस वर्ष पारित किया गया?
(a) 1903
(b) 1905
(c) 1904
(d) 1908
उत्तर: (c) : भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम 1904 ई में पारित किया गया था। इस अधिनियम के अन्तर्गत भारत में विश्वविद्यलाय की स्थापना, प्रशासन और वित्तपोषण के लिए एक ढाँचा प्रदान किया गया है।
प्रश्न 15. कलकत्ता एवं बम्बई विश्वविद्यालय की स्थापना का आदर्श किसे बनाया गया?
(a) कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय को
(b) आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय को
(c) लंदन विश्वविद्यालय को
(d) पेरिस विश्वविद्यालय को
उत्तर: (c) : कलकत्ता एवं बम्बई विश्वविद्यालय की स्थापना 1857 ई. में हुई थी। इन विश्वविद्यालयों की स्थापना का आदर्श लंदन विश्वविद्यालय को बनाया गया था।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. निस्पन्दन सिद्धान्त से क्या आशय है?
उत्तर: निस्पन्दन सिद्धान्त निस्पन्दन सिद्धान्त को अधोमुखी निस्पन्दन सिद्धान्त भी कहा जाता है। शिक्षा के प्रसार के लिए यह एक अवधारणा है। इस सिद्धान्त का मानना था कि शिक्षा समाज के उच्च वर्गों से शुरू होकर धीरे-धीरे निम्न वर्गों तक पहुँचेगी।
प्रश्न 17. कोठारी आयोग की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: कोठारी आयोग की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली का समग्र मूल्यांकन करना और शिक्षा नीति का निर्माण करना था। आयोग ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार, राष्ट्रीय विकास में शिक्षा की भूमिका, शिक्षा में समानता और शिक्षा में अनुसंधान और विकास पर भी ध्यान केन्द्रित किया।
प्रश्न 18. शिक्षा के सार्वभौमिकरण से क्या आशय है?
उत्तर: शिक्षा का सार्वभौमिकरण शिक्षा के सार्वभौमिकरण का अर्थ है सभी को शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर प्रदान करना इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी बच्चे चाहे उनकी जाति, धर्म, लिंग, सामाजिक आर्थिक स्थिति या भौगोलिक स्थिति कुछ भी हो उन्हें शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिले
प्रश्न 19. राष्ट्रीय बालश्रम परियोजना क्या है?
उत्तर: राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना (एनसीएलपी) भारत सरकार द्वारा 1986 में शुरू की गई एक केन्द्रीय क्षेत्र की योजना है। इसका उद्देश्य 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को खतरनाक और अन्य प्रक्रियाओं में काम करने से रोकना और उनका पुनर्वास करना है
प्रश्न 20. जनशाला कार्यक्रम क्या है?
उत्तर: जनशाला कार्यक्रम भारत सरकार का एक समुदाय आधारित प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम है जिसे संयुक्त राष्ट्र (UN) के सहयोग से शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा को सरल और प्रभावी बनाना है, खासकर लड़कियों और वंचित समुदायों के बच्चों के लिए।
प्रश्न 21. न्यूनतम अधिगम स्तर से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: न्यूनतम अधिगम स्तर (MLL) एक ऐसा स्तर है, जो यह सुनिश्चित करता है कि सभी छात्र शिक्षा के प्रत्येक स्तर पर एक निश्चित न्यूनतम ज्ञान और कौशल प्राप्त करें। यह स्तर विभिन्न विषयों जैसे भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक अध्ययन के लिए निर्धारित किया गया है।
प्रश्न 22. विद्यालयोन्मुखी कार्यक्रम से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: विद्यालयोन्मुखी कार्यक्रम बच्चों को स्कूल में जाने के लिए प्रेरित करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। इन कार्यक्रमों में विभिन्न गतिविधियाँ शामिल होती हैं, जो बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करती हैं और उन्हें स्कूल में सफल होने में मदद करती हैं।
प्रश्न 23. पी-मोस्ट कार्यक्रम का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर: पी-मोस्ट कार्यक्रम का पूरा नाम 'सेवारत अध्यापकों का विस्तृत अभिविन्यास कार्यक्रम (Program of mass orientation of school teachers) है।
प्रश्न 24. प्राथमिक शिक्षा के सन्दर्भ में "अपव्यय व अवरोधन का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: अपव्यय का अर्थ अपव्यय का आशय बालक का अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी किए बिना ही विद्यालय छोड़ देना, जिससे बालक पर खर्च किया गया धन, समय और श्रम बेकार चला जाता है। हार्टोग कमेटी के अनुसार 'प्राइमरी शिक्षा पूरी करने से पहले बच्चे का प्राइमरी शिक्षा स्तर पर स्कूल छोड़ देना अपव्यय है।
अवरोधन का अर्थ अवरोधन का आशय कक्षा में असफल होने से लिया जाता है, अर्थात् एक ही कक्षा में दोबारा पढ़ाई के लिए ठहरना है।
प्रश्न 25. प्राच्य-पाश्चात्य विवाद क्या है?
उत्तर: प्राच्य-पाश्चात्य विवाद 19 वीं शताब्दी में भारत में शिक्षा प्रणाली के स्वरूप को लेकर हुआ एक महत्वपूर्ण विवाद था। यह विवाद भारतीय संस्कृति और मूल्यों को संरक्षित करने और आधुनिक शिक्षा प्रणाली को अपनाने के बीच टकराव का प्रतीक था।
प्रश्न 26. DPEP परियोजना का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर: (DPEP) के मुख्य कार्य
- शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि (DPEP) ने शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, बेहतर कार्यक्रम और शिक्षण सामग्री और स्कूलों के बुनियादी ढाँचे में सुधार पर ध्यान केन्द्रित किया।
- समानता और समावेश को बढ़ावा देना (DPEP) ने सभी बच्चों को शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करने पर ध्यान केन्द्रित किया।
प्रश्न 27. BEP क्या है?
उत्तर: BEP का अर्थ है, बेसिक एजुकेशन प्रोग्राम। यह 1994 में शुरू किया गया भारत सरकार का एक कार्यक्रम था जिसका उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा को सार्वभौमिक गुणवत्तापूर्ण और समावेशी बनाना था।
प्रश्न 28. वुड के घोषणा पत्र का शिक्षा पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: वुड के घोषणा पत्र का शिक्षा पर प्रभाव
- सन् 1856 तक सभी प्रांतों में शिक्षा विभागों की स्थापना हो गई।
- सभी स्तर के स्कूलों तथा कॉलेजों की स्थापना हो गई।
- शिक्षा राज्य का दायित्व माना जाने लगा तथा शिक्षा राज्य के नियंत्रण में आ गई।
- उच्च शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी कर दिया गया
- शिक्षा की पाठ्यचर्या में पाश्चात्य ज्ञान विज्ञान का विस्तार कर दिया गया।
प्रश्न 29. ब्रिज कोर्स का क्या आशय है?
उत्तर: ब्रिज कोर्स यह ऐसा शैक्षणिक कार्यक्रम है जो दो अलग-अलग स्तरों के बीच ज्ञान और कौशल के अन्तर को कम करने में मदद करता है। यह उन छात्रों के लिए उपयोगी होता है जो किसी अगले स्तर पर जाने के लिए तैयार नहीं होते हैं, या जिनके पास आवश्यक ज्ञान और कौशल की कमी होती है
ब्रिज कोर्स विभिन्न प्रकार के होते हैं
- शैक्षिक स्तर के बीच ब्रिज कोर्स
- कौशल विकास के लिए ब्रिज कोर्स
- भाषा सीखने के लिए ब्रिज कोर्स
प्रश्न 30. शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 में 'प्रारम्भिक शिक्षा' से क्या आशय है?
उत्तर: शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में प्रारम्भिक शिक्षा से आशय 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए अनिवार्य और मुफ्त शिक्षा प्रदान करने से है। इसका अर्थ है कि इस आयु वर्ग के सभी बच्चों को बिना किसी भेदभाव के शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है, चाहे उनकी जाति, धर्म, लिंग, सामाजिक-आर्थिक स्थिति या शारीरिक क्षमता कुछ भी हो।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत् प्रारम्भिक शिक्षा के लिए निम्नलिखित प्रावधान किये गये हैं -
- मुफ्त शिक्षा
- अनिवार्य शिक्षा
- स्कूलों की नियुक्ति
- शिक्षकों की नियुक्ति
- पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकें
- बुनियादी सुविधाएँ
- शिक्षा का अधिकार समिति
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. लार्ड मैकाले की शिक्षा नीति का आलोचनात्मक मूल्यांकन करें।
उत्तर: लार्ड मैकाले की शिक्षा नीति मैकाले ने इसके तहत् अधोगामी निस्पंदन का सिद्धान्त (Downward Filtration theory) दिया जिसके तहत् भारत के उच्च तथा मध्यम वर्ग के एक छोटे से हिस्से को शिक्षित करना था ताकि एक ऐसा वर्ग तैयार हो जो रंग और खून से भारतीय हो लेकिन विचारों से नैतिकता तथा बुद्धिमत्ता में ब्रिटिश हो।
लार्ड मैकाले की शिक्षा नीति का मूल्यांकन
मैकाले की समिति को भारत के लिए शिक्षा की एक नई प्रणाली तैयार करने का काम सौंपा गया था, जो सदियों से चली आ रही पारम्परिक प्रणाली को बदल देगी। मैकाले की समिति ने सिफारिश की थी कि भारतीय स्कूलों में शिक्षा की भाषा अंग्रेजी होनी चाहिए और पाठ्यक्रम पूर्वी मूल्यों के बजाय पश्चिमी मूल्यों और विचारों पर आधारित होना चाहिए।
प्रश्न 32. वुड के घोषणा पत्र 1854 को शिक्षा का मैग्नाकार्टा क्यों कहा जाता है?
उत्तर: वुड के घोषणा पत्र 1854 को शिक्षा का मैग्नाकार्टा इसलिए कहा जाता था क्योंकि चार्ल्स वुड अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कम्पनी के नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष थे
वुड्स डिस्पैच की विशेषताएँ
- स्थानीय भाषाओं में प्राथमिक स्कूली शिक्षा।
- माध्यमिक विद्यालय में ऐंग्लो-वर्नाक्यूलर माध्यम।
- धर्म निरपेक्ष शिक्षा को बढ़ावा
मैकाले आयोग
- यह पहला विधि आयोग था, जिसे लार्ड मैकाले के अधीन 1834 में स्थापित किया गया था
- इसने दंड संहिता और आपराधिक प्रक्रिया संहिता के संहिताकरण की सिफारिश की।
मैकाले का विवरण पत्र
- लार्ड मैकाले ने 1835 में भारतीय शिक्षा पर विवरण पत्र प्रस्तुत किया
- विवरण पत्र ने भारत के मूल निवासियों को अंग्रेजी शिक्षा प्रदान करने की आवश्यकता पर ध्यान केन्द्रित किया। इसके बाद 1837 में अंग्रेजी को अदालत की भाषा बनाया गया लेकिन वुड डिस्पैच (1854) ने भारत में शिक्षा के लिए ब्रिटिश प्रयासों को नियमित किया
प्रश्न 33. भारतीय शिक्षा में लार्ड कर्जन का क्या योगदान है?
उत्तर: लार्ड कर्जन का भारतीय शिक्षा में योगदान -
- शिक्षा विभाग का गठन
- कर्जन ने 1901 में भारत सरकार में शिक्षा विभाग की स्थापना की।
- यह विभाग शिक्षा नीति बनाने, शिक्षा संस्थानों का निरीक्षण करने और शिक्षा के विकास के लिए योजना बनाने के लिए जिम्मेदार था।
- शिक्षा नीति 1904 -
- कर्जन ने 1904 में अपनी शिक्षा नीति घोषित की।
- इस नीति ने प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा और महिला शिक्षा के क्षेत्र में कई सुधारों की शुरूआत की।
- भारतीय विश्वविद्यालय आयोग
- कर्जन ने 1902 में भारतीय विश्वविद्यालय आयोग की स्थापना की।
- इस आयोग ने विश्वविद्यालय के कामकाज का अध्ययन किया और सुधारों की सिफारिशे की
- शिक्षा में कर्जन के योगदान का मूल्यांकन
- कर्जन ने भारतीय शिक्षा प्रणाली में कई महत्वपूर्ण बदलाव किये
- इन बदलावों का भारतीय शिक्षा के विकास पर दीर्घकालीन प्रभाव पड़ा।
- कर्जन की शिक्षा नीति के कुछ नकारात्मक पहलू भी थे।
प्रश्न 34. कोठारी आयोग की प्रमुख सिफारिशों का संक्षेप में वर्णन करें।
उत्तर: कोठारी आयोग की प्रमुख सिफारिशें
- शिक्षा का राष्ट्रीयकरण आयोग ने सिफारिश की, कि शिक्षा का राष्ट्रीयकरण किया जाये और शिक्षा प्रणाली को एक राष्ट्रीय नीति के तहत् लाया जाए
- शिक्षा का माध्यम आयोग ने सिफारिश की कि प्राथमिक शिक्षा का माध्यम मातृभाषा हो
माध्यमिक और उच्च शिक्षा के लिए हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं को माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया जाए। - शिक्षा का स्तर आयोग ने शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कई सिफारिशें की, जिनमें शामिल हैं-
- लड़कियों और महिलाओं के लिए शिक्षा को बढ़ावा देना
- गरीब और पिछड़े वर्गों के लिए शिक्षा को बढ़ावा देना
- ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देना।
- शिक्षा का लक्ष्य आयोग ने शिक्षा का लक्ष्य केवल ज्ञान का प्रसार नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का समग्र विकास बताया।
- शिक्षा का दर्शन आयोग ने शिक्षा का दर्शन समग्र और मानवतावादी बताया।
- शिक्षा का भविष्य आयोग ने शिक्षा के भविष्य को उज्ज्वल बताया और शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया।
प्रश्न 35. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के प्रमुख बिन्दु क्या थे?
उत्तर: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के प्रमुख बिन्दु -
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 -
- यह नीति 1986 में तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री राजीव गाँधी द्वारा पेश की गई थी।
- यह नीति 1986 की शिक्षा नीति की जगह लेती है।
- नीति के प्रमुख उद्देश्य
- शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाना।
- शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना।
- शिक्षा को राष्ट्रीय विकास के लक्ष्यों से जोड़ना।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 की उपलब्धियाँ
- शिक्षा प्रणाली में समानता और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने में सफलता।
- शिक्षा के लिए वित्त पोषण में वृद्धि करना।
- शिक्षा का ढांचा विकसित करना और शिक्षा का स्तर सुधारना
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 की कमियाँ
- शिक्षा के लिए पर्याप्त संसाधनों की कमी
- शिक्षा प्रणाली में सुधार की धीमी गति।
- शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की कमी।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 का महत्व
- यह भारत की शिक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव था
- इस नीति ने शिक्षा प्रणाली में समानता, सामाजिक, न्याय और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 को 1992 में संशोधित किया गया था।
प्रश्न 36. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रमुख उद्देश्य बताएं।
उत्तर: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के प्रमुख उद्देश्य-
- शिक्षकों का प्रशिक्षण-
- DIET का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करना है।
- सेवाकालीन प्रशिक्षण में शिक्षकों को नवीनतम विधियों, पाठ्यक्रम, मूल्यांकन, बाल मनोविज्ञान आदि विषयों में प्रशिक्षण दिया जाता है।
- यह प्रशिक्षण सेवापूर्ण और सेवाकालीन दोनों प्रकार का होता है।
- शैक्षिक सामग्री का विकास-
- DIET विभिन्न विषयों पर किताबें, पत्रिकाएं, ऑडियो-वीडियो सामग्री आदि विकसित करता है।
- यह सामग्री शिक्षकों और छात्रों के लिए उपयोगी होता है।
- DIET शैक्षिक सामग्री का विकास और प्रयास भी करता है
- शैक्षिक अनुसंधान-
- DIET विभिन्न विधियों, पाठ्यक्रम, मूल्यांकन आदि विषयों पर अनुसंधान करता है
- यह अनुसंधान शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है।
- DIET शैक्षिक अनुसंधान भी करता है
- शिक्षा प्रणाली में सुधार-
- DIET शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए भी काम करता है।
- यह शिक्षकों को प्रशिक्षण, शैक्षिक सामग्री का विकास और शैक्षिक अनुसंधान के माध्यम से शिक्षा प्रणाली में सुधार करता है।
अन्य उद्देश्य- DIET के अन्य उद्देश्यों में शिक्षा से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करना, शिक्षकों को मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करना, शिक्षा प्रणाली में नवाचार को बढ़ावा देना आदि शामिल हैं।
प्रश्न 37. प्राथमिक शिक्षा की प्रमुख समस्याओं पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: प्राथमिक शिक्षा की प्रमुख समस्याएँ-
- शिक्षा का अभाव-
- भारत में अभी भी बहुत से बच्चे है जिन्हें प्राथमिक शिक्षा नहीं मिल पाती है।
- यह समस्या गरीबी, सामाजिक आर्थिक पिछड़ेपन, लिंग भेद और अन्य समाजिक-सांस्कृतिक बाधाओं के कारण उत्पन्न होती है।
- शिक्षा की गुणवत्ता में कमी-
- सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता अक्सर कम होती है।
- शिक्षकों की कमी, अपर्याप्त बुनियादी ढांचे और शिक्षण सामग्री की कमी कुछ प्रमुख कारण हैं
- भाषा की समस्या-
- भारत में कई भाषाएं बोली जाती हैं
- प्राथमिक शिक्षा में भाषा की समस्या एक बड़ी चुनौती है
- कई बच्चों को अपनी मातृभाषा में शिक्षा नहीं मिल पाती है।
- शिक्षकों की कमी-
- भारत में प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है
- कई विद्यालयों में एक ही शिक्षक कई कक्षाओं को पढ़ाता है।
- शिक्षकों की कमी शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करती है।
प्राथमिक शिक्षा की समस्याओं को हल करने के लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर प्रयास करने होगें।
प्रश्न 38. ECCE का क्या उद्देश्य है?
उत्तर: ECCE का उद्देश्य-
- ECCE का अर्थ है- Early Childhood Care and Education
- यह 6 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए एक व्यापक कार्यक्रम है।
- इसमें शारीरिक, सामाजिक, भावात्मक, संज्ञानात्मक और भाषा विकास शामिल है।
- बच्चों को एक सुरक्षित और देखभाल करने वाला वातावरण प्रदान करना।
- बच्चों को उनके विकास के लिए आवश्यक उत्तेजना प्रदान करना।
- बच्चों को सामाजिक और भावनात्मक कौशल विकसित करने में मदद करना।
- बच्चों को सीखने के लिए तैयार करना
ECCE का लाभ-
- यह बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा में सुधार करता है
- यह बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करता है।
- यह बच्चों को जीवन में सफल होने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने में मदद करता है
प्रश्न 39. NCERT का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद NCERT भारत सरकार द्वारा स्थापित एक स्वायत्त संगठन है जो स्कूली शिक्षा से संबंधित मामलों पर केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों को सहायता और सलाह देता है।
NCERT के मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं-
- स्कूली शिक्षा से संबंधित क्षेत्रों में शोधकार्य करना, उसे बढ़ावा देना और समन्वय करना।
- मॉडल पाठ्यपुस्तकें, शिक्षण सामग्री और मूल्यांकन उपकरण विकसित करना।
- शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना
- शिक्षा के लिए राष्ट्रीय नीतियां तैयार करने में सरकार की सहायता करना
- शिक्षा प्रणाली में समानता और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना।
- शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए नवीनतम शिक्षण विधियों और तकनीकों का विकास करना
NCERT के कुछ अन्य कार्य-
- शिक्षा से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर शैक्षिक सामग्री प्रकाशित करना।
- शिक्षकों के लिए ऑनलाइन संसाधन और प्रशिक्षण प्रदान करना।
- विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन करना
- शिक्षा प्रणाली में नवाचार को बढ़ावा देना।
NCERT, शिक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
प्रश्न 40. 'शिक्षा बिना बोझ के' इस सन्दर्भ में यशपाल समिति के मुख्य सुझाव क्या थे?
उत्तर: 'शिक्षा बिना बोझ के' (यशपाल समिति) के मुख्य सुझाव-
- परीक्षा प्रणाली में सुधार-
- परीक्षाओं को केवल ज्ञान का मूल्यांकन करने के बजाय समग्र विकास का मूल्यांकन करना चाहिए।
- बोर्ड परीक्षाओं को केवल 12वीं कक्षा में आयोजित किया जाए
- कक्षा 10वीं तक की परीक्षाओं को बोर्ड परीक्षाओं के बजाय आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर आयोजित किया जाए।
- पाठ्यक्रम में सुधार-
- पाठ्यक्रम को बोझिल बनाने के बजाय व्यापक और संतुलित बनाया जाए
- पाठ्यक्रम में जीवन कौशल और मूल्यों को शामिल किया जाए
- पाठ्यक्रम को रचनात्मकता और महत्वपूर्ण सोच को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया जाए।
- शिक्षण विधियों में सुधार-
- शिक्षण विधियों को रोचक और प्रभावी बनाया जाए।
- शिक्षण विधियों में छात्रों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहन दिया जाए।
- शिक्षण विधियों को छात्रों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जाए
- शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण-
- शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए ताकि वे नवीनतम शिक्षण विधियों और तकनीकों का उपयोग कर सकें
- शिक्षकों को छात्रों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं को समझने और उनसे निपटने के लिए प्रशिक्षत किया जाए।
- शिक्षकों को छात्रों को प्रेरित करने और उनमें आत्मविश्वास पैदा करने के लिए प्रशिक्षित किया जाए।