वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. ऊर्ध्वपातज पदार्थ नहीं है-
(a) नौसादर
(b) नमक
(c) आयोडीन
(d) कपूर
उत्तर: (b) नमक।
व्याख्या : वे ठोस पदार्थ जो गर्म करने पर द्रव अवस्था में आए बिना सीधे वाष्प अवस्था में परिवर्तित हो जाते हैं, ऊर्ध्वपातज पदार्थ कहलाते हैं तथा इस प्रक्रिया को ऊर्ध्वपातन कहते हैं। कपूर, नैफ्थलीन, आयोडीन तथा नौसादर (अमोनियम क्लोराइड) ऊर्ध्वपातज पदार्थ हैं, जबकि सामान्य नमक ऊर्ध्वपातज पदार्थ नहीं है।
प्रश्न 2. निम्नलिखित में कीटभक्षी पौधा है-
(a) नेपेन्थीस
(b) सनड्यू
(c) वीनस फ्लाई ट्रैप
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी।
व्याख्या : कीटभक्षी पौधे हरे एवं प्रकाश-संश्लेषी होते हैं तथा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, लेकिन ये सामान्यतः नाइट्रोजन की कमी वाली मिट्टी में उगते हैं। नाइट्रोजन एवं अन्य खनिज पोषक तत्त्वों की पूर्ति के लिए ये कीटों को पकड़कर उनका पाचन करते हैं। नेपेन्थीस, सनड्यू तथा वीनस फ्लाई ट्रैप कीटभक्षी पौधों के उदाहरण हैं।
प्रश्न 3. नमक के विलयन से नमक प्राप्त करने की विधि है-
(a) वाष्पन
(b) छानना
(c) निथारना
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (a) वाष्पन।
व्याख्या : किसी द्रव का उसकी सतह से वाष्प में परिवर्तित होना वाष्पन कहलाता है। नमक के विलयन को गर्म करने पर जल वाष्प बनकर उड़ जाता है और नमक पीछे रह जाता है। इस प्रकार वाष्पन द्वारा विलयन में घुले ठोस पदार्थ को पृथक किया जा सकता है।
प्रश्न 4. द्रव्यमान का मानक मात्रक है-
(a) क्विंटल
(b) किलोग्राम
(c) ग्राम
(d) टन
उत्तर: (b) किलोग्राम।
व्याख्या : द्रव्यमान का SI मात्रक किलोग्राम (kg) है। द्रव्यमान किसी वस्तु में उपस्थित पदार्थ की मात्रा का माप है तथा यह एक अदिश राशि है।
प्रश्न 5. प्रकाश-संश्लेषण में निकलने वाली ऑक्सीजन प्राप्त होती है-
(a) जल से
(b) कार्बन डाइऑक्साइड से
(c) शर्करा से
(d) पर्णहरित से
उत्तर: (a) जल से।
व्याख्या : प्रकाश-संश्लेषण के प्रकाश-निर्भर चरण में जल के अणुओं का प्रकाशीय अपघटन होता है, जिससे ऑक्सीजन मुक्त होती है। इसलिए प्रकाश-संश्लेषण के दौरान बाहर निकलने वाली ऑक्सीजन का स्रोत जल होता है।
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अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. रेन वाटर हारवेस्टिंग से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: वर्षा के जल को भविष्य में उपयोग अथवा भूजल पुनर्भरण के लिए एकत्रित और संचित करने की प्रक्रिया को वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) कहते हैं।
प्रश्न 7. गति का तृतीय नियम क्या है? उदाहरण के साथ समझाइए।
उत्तर: न्यूटन के तृतीय नियम के अनुसार प्रत्येक क्रिया के बराबर तथा विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है। उदाहरण- बन्दूक से गोली निकलने पर बन्दूक पीछे की ओर प्रतिक्षेप करती है।
प्रश्न 8. पदार्थ की कौन-सी अवस्था है, जिसमें पदार्थ का आयतन तो निश्चित होता है परन्तु आकृति अनिश्चित होती है?
उत्तर: द्रव अवस्था। द्रव का आयतन निश्चित होता है, परन्तु आकृति निश्चित नहीं होती; वह पात्र का आकार ग्रहण कर लेता है।
प्रश्न 9. दोलन गति किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: किसी वस्तु की अपनी माध्य स्थिति के दोनों ओर बार-बार आगे-पीछे होने वाली गति को दोलन गति कहते हैं। उदाहरण- सरल लोलक या झूले की गति।
प्रश्न 10. यौगिक किसे कहते हैं?
उत्तर: दो या दो से अधिक तत्वों के निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से संयोजित होने से बने शुद्ध पदार्थ को यौगिक कहते हैं। उदाहरण- जल (H2O)।
प्रश्न 11. "मृतोपजीवी" से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: वे जीव जो मृत एवं सड़े-गले कार्बनिक पदार्थों से पोषक तत्त्व प्राप्त करते हैं, मृतोपजीवी कहलाते हैं। उदाहरण- मशरूम तथा अनेक कवक।
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लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. भोजन एकत्रीकरण हेतु तने में होने वाले रूपान्तरण को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: अनेक पौधों में तना भोजन का संचय करने तथा प्रतिकूल परिस्थितियों में पौधे को जीवित रखने के लिए रूपान्तरित हो जाता है। भोजन संचय करने वाले तने प्रायः भूमिगत होते हैं। इनके प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं-
- प्रकन्द (Rhizome) : यह भूमि के भीतर क्षैतिज रूप से बढ़ने वाला मोटा तना है, जिसमें भोजन संचित रहता है। इसमें पर्व, पर्वसन्धियाँ तथा कलिकाएँ स्पष्ट होती हैं। उदाहरण- अदरक, हल्दी।
- तना-कन्द (Tuber) : भूमिगत तने का अंतिम भाग भोजन संचय के कारण फूलकर कन्द बन जाता है। इसमें उपस्थित आँखें वास्तव में कलिकाएँ होती हैं। उदाहरण- आलू।
- घनकन्द (Corm) : यह छोटा, ठोस तथा फूला हुआ भूमिगत तना होता है, जिसमें भोजन संचित रहता है। उदाहरण- अरबी (Colocasia), ग्लैडियोलस।
- शल्ककन्द (Bulb) : इसमें छोटा भूमिगत तना मांसल शल्क-पत्तियों से घिरा रहता है, जिनमें भोजन संचित होता है। उदाहरण- प्याज, लहसुन।
प्रश्न 13. 'बल' से क्या अभिप्राय है? बल के विभिन्न प्रकारों का उदाहरण सहित संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर: किसी वस्तु पर लगाया गया धक्का या खिंचाव, जो उसकी गति की अवस्था, गति की दिशा या आकार में परिवर्तन कर सकता है अथवा परिवर्तन करने की प्रवृत्ति उत्पन्न कर सकता है, बल कहलाता है।
बल का SI मात्रक न्यूटन (N) तथा CGS पद्धति में डाइन है।
बल मुख्यतः दो वर्गों में बाँटे जाते हैं-
(1) सम्पर्क बल : जिन बलों के लगने के लिए वस्तुओं का परस्पर सम्पर्क आवश्यक होता है।
- पेशीय बल : मांसपेशियों द्वारा लगाया गया बल। उदाहरण- किसी वस्तु को हाथ से उठाना।
- घर्षण बल : दो सम्पर्क सतहों के बीच सापेक्ष गति का विरोध करने वाला बल। उदाहरण- जमीन पर चलते समय जूते और जमीन के बीच घर्षण।
- अभिलम्ब बल : किसी सतह द्वारा सम्पर्क में रखी वस्तु पर सतह के लम्बवत लगाया गया बल। उदाहरण- मेज पर रखी पुस्तक पर मेज द्वारा लगाया गया बल।
(2) असम्पर्क बल : जिन बलों के लिए वस्तुओं का प्रत्यक्ष सम्पर्क आवश्यक नहीं होता।
- गुरुत्व बल : पृथ्वी द्वारा वस्तुओं को अपनी ओर आकर्षित करने वाला बल। उदाहरण- फल का पेड़ से गिरना।
- चुम्बकीय बल : चुम्बक द्वारा चुम्बकीय पदार्थों या दूसरे चुम्बक पर लगाया गया बल।
- वैद्युत बल : विद्युत आवेशित वस्तुओं के बीच लगने वाला आकर्षण या प्रतिकर्षण बल।
प्रश्न 14. ठोस, द्रव एवं गैस की आणविक संरचना का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर: पदार्थ की विभिन्न अवस्थाओं में उसके कणों के बीच की दूरी, आकर्षण बल तथा गति में अन्तर पाया जाता है।
ठोस अवस्था : ठोस में कण बहुत पास-पास और व्यवस्थित होते हैं। उनके बीच आकर्षण बल अत्यधिक होता है तथा वे अपने निश्चित स्थान के आसपास केवल कम्पन करते हैं। इसलिए ठोस का आकार और आयतन दोनों निश्चित होते हैं। उदाहरण- लोहा, पत्थर, बर्फ।
द्रव अवस्था : द्रव में कण ठोस की अपेक्षा कुछ दूर होते हैं तथा उनके बीच आकर्षण बल अपेक्षाकृत कम होता है। कण एक-दूसरे के ऊपर सरक सकते हैं। इसलिए द्रव का आयतन निश्चित होता है, लेकिन आकार निश्चित नहीं होता। उदाहरण- जल, तेल, दूध।
गैसीय अवस्था : गैस में कण एक-दूसरे से बहुत दूर होते हैं तथा उनके बीच आकर्षण बल बहुत कम होता है। कण सभी दिशाओं में स्वतंत्र रूप से तीव्र गति करते हैं। इसलिए गैस का न आकार निश्चित होता है और न आयतन। उदाहरण- ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, हाइड्रोजन।
प्रश्न 15. बेलन की लम्बाई तथा वृत्त के व्यास का मापन किस यंत्र से किया जा सकता है? उसका नाम बताते हुए, उस यंत्र का अल्पतमांक लिखिए।
उत्तर: बेलन की लम्बाई तथा किसी वृत्ताकार वस्तु के बाहरी व्यास का सूक्ष्म मापन वर्नियर कैलिपर्स द्वारा किया जा सकता है।
वर्नियर कैलिपर्स : यह एक सूक्ष्म मापक यंत्र है, जिसकी सहायता से किसी वस्तु की लम्बाई, बाहरी व्यास, आन्तरिक व्यास तथा गहराई का मापन किया जा सकता है।
अल्पतमांक : किसी मापक यंत्र द्वारा मापी जा सकने वाली सबसे छोटी राशि को उसका अल्पतमांक कहते हैं। सामान्य वर्नियर कैलिपर्स का अल्पतमांक 0.01 सेमी या 0.1 मिमी होता है।
प्रश्न 16. वाष्पन और क्वथन में अंतर बताइए।
उत्तर: वाष्पन और क्वथन में प्रमुख अन्तर निम्नलिखित हैं-
| वाष्पन | क्वथन |
|---|---|
| (1) द्रव की सतह से किसी भी तापमान पर वाष्प बनने की प्रक्रिया वाष्पन कहलाती है। | (1) निश्चित दाब पर एक निश्चित तापमान पर पूरे द्रव में तीव्रता से वाष्प बनने की प्रक्रिया क्वथन कहलाती है। |
| (2) यह केवल द्रव की सतह पर होता है। | (2) यह द्रव के पूरे आयतन में होता है। |
| (3) यह सामान्यतः धीमी प्रक्रिया है। | (3) यह अपेक्षाकृत तीव्र प्रक्रिया है। |
| (4) इसकी दर तापमान, सतही क्षेत्रफल, वायु की गति तथा आर्द्रता से प्रभावित होती है। | (4) किसी दिए गए बाह्य दाब पर क्वथन एक निश्चित क्वथनांक पर होता है। |
| (5) वाष्पन के कारण शीतलन होता है। | (5) क्वथन के दौरान द्रव के भीतर वाष्प के बुलबुले बनते हैं। |
प्रश्न 17. ऊर्जा के नवीकरणीय तथा अनवीकरणीय स्रोतों से आप क्या समझते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर:
नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत : वे ऊर्जा स्रोत जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा अपेक्षाकृत कम समय में पुनः उपलब्ध होते रहते हैं और जिनका उपयोग बार-बार किया जा सकता है, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत कहलाते हैं।
उदाहरण : सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत, जैव ऊर्जा आदि।
अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत : वे ऊर्जा स्रोत जिनका भण्डार सीमित होता है और जिनके समाप्त होने के बाद उनका पुनर्निर्माण मानव जीवन-काल की तुलना में अत्यन्त धीमी गति से होता है, अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत कहलाते हैं।
उदाहरण : कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस आदि।
प्रश्न 18. पोषण के आधार पर पादप और जन्तु में अंतर समझाइए।
उत्तर: पोषण के आधार पर पादप और जन्तुओं में प्रमुख अन्तर निम्नलिखित हैं-
| पादप | जन्तु |
|---|---|
| (1) अधिकांश हरे पौधे स्वपोषी होते हैं। | (1) जन्तु परपोषी होते हैं। |
| (2) हरे पौधे प्रकाश-संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं। | (2) जन्तु अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते और भोजन के लिए पौधों या अन्य जीवों पर निर्भर रहते हैं। |
| (3) प्रकाश-संश्लेषी पादप कोशिकाओं में क्लोरोफिल युक्त हरितलवक पाए जाते हैं। | (3) जन्तु कोशिकाओं में हरितलवक नहीं पाए जाते। |
| (4) प्रकाश-संश्लेषण में कार्बन डाइऑक्साइड और जल जैसे सरल अकार्बनिक पदार्थों से कार्बनिक भोजन बनाया जाता है। | (4) जन्तु पहले से बने कार्बनिक भोजन को ग्रहण करके उसका पाचन एवं अवशोषण करते हैं। |
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