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विज्ञान Previous Year Paper 2018

UP DELED Semester 1 विज्ञान Previous Year Question Paper 2018 with solution.

Section 1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. दही को मथनी द्वारा तीव्र गति से मथने से प्राप्त मक्खन को पृथक् करने की विधि का नाम है-

(a) ऊर्ध्वपातन

(b) अपकेन्द्रण

(c) तलछटीकरण

(d) निस्पंदन

उत्तर: (b) अपकेन्द्रण।

अपकेन्द्रण : किसी मिश्रण को तीव्र गति से घुमाकर उसके विभिन्न घनत्व वाले घटकों को अलग करने की प्रक्रिया अपकेन्द्रण कहलाती है। दही को मथने पर अपेक्षाकृत हल्के वसा-कण एकत्रित होकर मक्खन के रूप में अलग हो जाते हैं।

ऊर्ध्वपातन : वह प्रक्रिया जिसमें कोई ठोस पदार्थ द्रव अवस्था में आए बिना सीधे वाष्प या गैसीय अवस्था में परिवर्तित हो जाता है, ऊर्ध्वपातन कहलाती है। कपूर, आयोडीन तथा नैफ्थलीन इसके उदाहरण हैं।

तलछटीकरण : किसी द्रव में उपस्थित भारी अघुलनशील कणों का गुरुत्वाकर्षण के कारण नीचे बैठ जाना तलछटीकरण या अवसादन कहलाता है।

निस्पंदन : किसी द्रव में उपस्थित अघुलनशील ठोस कणों को छन्नी अथवा फिल्टर माध्यम की सहायता से अलग करने की प्रक्रिया निस्पंदन कहलाती है।

प्रश्न 2. सुषुप्त पौधा कहा जाता है-

(a) जड़ को

(b) बीज को

(c) फूल को

(d) पत्ती को

उत्तर: (b) बीज।

व्याख्या : बीज के भीतर भ्रूण के रूप में भावी पौधा उपस्थित रहता है। अनुकूल परिस्थितियाँ प्राप्त होने तक भ्रूण सुषुप्त अवस्था में रहता है तथा उचित जल, वायु और ताप मिलने पर अंकुरित होकर नए पौधे में विकसित होता है। इसी कारण बीज को सुषुप्त पौधा कहा जाता है।

प्रश्न 3. 1 फुट बराबर है-

(a) 16.48 सेमी

(b) 28.48 सेमी

(c) 29.48 सेमी

(d) 30.48 सेमी

उत्तर: (d) 30.48 सेमी।

व्याख्या : 1 फुट = 12 इंच तथा 1 इंच = 2.54 सेमी होता है। अतः 1 फुट = 12 × 2.54 = 30.48 सेमी।

प्रश्न 4. न्यूटन का गति सम्बन्धी कौन-सा नियम क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम है?

(a) प्रथम नियम

(b) द्वितीय नियम

(c) तृतीय नियम

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (c) तृतीय नियम।

न्यूटन का प्रथम नियम : यदि कोई वस्तु विरामावस्था में है तो वह विरामावस्था में तथा यदि समान वेग से सीधी रेखा में गतिशील है तो उसी अवस्था में बनी रहती है, जब तक उस पर कोई बाह्य असंतुलित बल कार्य न करे। इसे जड़त्व का नियम भी कहते हैं।

उदाहरण :

  1. चलती बस के अचानक रुकने पर यात्री का आगे की ओर झुक जाना।
  2. पेड़ की शाखा को अचानक हिलाने पर फलों का गिरना।

न्यूटन का द्वितीय नियम : किसी वस्तु के संवेग परिवर्तन की दर उस पर लगाए गए परिणामी बल के समानुपाती होती है तथा संवेग परिवर्तन बल की दिशा में होता है। नियत द्रव्यमान के लिए इसे F = ma द्वारा व्यक्त किया जाता है।

उदाहरण : क्रिकेट की गेंद को पकड़ते समय खिलाड़ी हाथों को पीछे की ओर खींचता है, जिससे गेंद के संवेग परिवर्तन में लगने वाला समय बढ़ जाता है और हाथों पर लगने वाला बल कम हो जाता है।

न्यूटन का तृतीय नियम : प्रत्येक क्रिया के बराबर परिमाण की तथा विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है। क्रिया और प्रतिक्रिया के बल सदैव दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं। इसे क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम कहते हैं।

उदाहरण :

  1. चलते समय मनुष्य पृथ्वी को पीछे की ओर धकेलता है और पृथ्वी मनुष्य को आगे की ओर बल प्रदान करती है।
  2. तैरते समय व्यक्ति पानी को पीछे की ओर धकेलता है और पानी की प्रतिक्रिया के कारण वह आगे बढ़ता है।

प्रश्न 5. बल की इकाई है-

(a) अर्ग

(b) डाइन

(c) वॉट

(d) कैलोरी

उत्तर: (b) डाइन।

व्याख्या : डाइन (Dyne) CGS पद्धति में बल की इकाई है। SI पद्धति में बल की इकाई न्यूटन (N) होती है। अर्ग कार्य या ऊर्जा की CGS इकाई, वॉट शक्ति की SI इकाई तथा कैलोरी ऊष्मा की इकाई है।

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Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 6. सजीव एवं निर्जीव के बीच की कड़ी किसे कहा जाता है?

उत्तर: विषाणु (Virus) को सजीव एवं निर्जीव के बीच की कड़ी कहा जाता है, क्योंकि यह जीवित कोशिका के बाहर निष्क्रिय रहता है तथा जीवित कोशिका के भीतर सक्रिय होकर अपनी प्रतिकृतियाँ बनाता है।

प्रश्न 7. पुष्प के नर अंग का नाम लिखिए।

उत्तर: पुष्प का नर जनन अंग पुंकेसर कहलाता है। यह परागकोष तथा पुंतंतु से मिलकर बना होता है।

प्रश्न 8. पत्तियों का मुख्य कार्य लिखिए।

उत्तर: पत्तियों का मुख्य कार्य प्रकाश-संश्लेषण द्वारा भोजन बनाना है। इनके द्वारा गैसों का आदान-प्रदान तथा वाष्पोत्सर्जन भी होता है।

प्रश्न 9. विद्युतीय बल किसे कहते हैं?

उत्तर: दो विद्युत आवेशित वस्तुओं के बीच लगने वाले आकर्षण या प्रतिकर्षण बल को विद्युत या वैद्युत बल कहते हैं।

प्रश्न 10. ऊर्ध्वपातन से क्या तात्पर्य है? लिखिए।

उत्तर: किसी ठोस पदार्थ का द्रव अवस्था में आए बिना सीधे वाष्प में तथा वाष्प का सीधे ठोस में बदलना ऊर्ध्वपातन कहलाता है। जैसे- कपूर, आयोडीन, नैफ्थलीन।

प्रश्न 11. मछली के जल में रहने के लिए कौन-कौन से अनुकूलन अंग सहायक हैं?

उत्तर: मछली के जल में रहने के प्रमुख अनुकूलन हैं- गलफड़े, धारारेखीय शरीर, पंख, पूँछ तथा शल्कयुक्त चिकना शरीर। ये श्वसन, तैरने, दिशा बदलने और संतुलन बनाने में सहायक होते हैं।

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Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 12. वाष्प तथा गैस में क्या अन्तर है? लिखिए।

उत्तर: गैस एवं वाष्प में अन्तर-

गैस वाष्प
(1) सामान्य परिस्थितियों में जो पदार्थ स्वाभाविक रूप से गैसीय अवस्था में पाया जाता है, उसे गैस कहते हैं। (1) सामान्य परिस्थितियों में द्रव या ठोस अवस्था में पाए जाने वाले पदार्थ की गैसीय अवस्था को वाष्प कहते हैं।
(2) क्रांतिक ताप से अधिक ताप पर गैस को केवल दाब बढ़ाकर द्रवित नहीं किया जा सकता। (2) क्रांतिक ताप से कम ताप पर वाष्प को पर्याप्त दाब देकर द्रवित किया जा सकता है।
(3) उदाहरण- ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, हाइड्रोजन आदि। (3) उदाहरण- जलवाष्प, आयोडीन वाष्प आदि।

प्रश्न 13. मुकुलन से क्या आशय है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: मुकुलन : अलैंगिक जनन की वह विधि जिसमें जनक जीव के शरीर पर कोशिका-विभाजन के कारण एक छोटा उभार या मुकुल उत्पन्न होता है, जो धीरे-धीरे वृद्धि करके नए जीव के रूप में विकसित हो जाता है, मुकुलन कहलाती है।

पूर्ण विकसित होने पर मुकुल जनक जीव से अलग होकर स्वतंत्र जीव बन सकता है अथवा कुछ जीवों में उससे जुड़ा रह सकता है।

उदाहरण : यीस्ट तथा हाइड्रा। यीस्ट एककोशिकीय जीव है, जबकि हाइड्रा बहुकोशिकीय जीव है और दोनों में मुकुलन द्वारा अलैंगिक जनन होता है।

प्रश्न 14. सरल एवं संयुक्त पत्ती में अन्तर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: सरल एवं संयुक्त पत्ती में अन्तर-

सरल पत्ती संयुक्त पत्ती
(1) इसमें एक ही पर्णफलक होता है। (1) इसमें पर्णफलक कई छोटे-छोटे भागों अर्थात् पर्णकों में विभाजित होता है।
(2) यदि पर्णफलक में कटाव हो भी तो वह मध्यशिरा या पर्णवृंत तक नहीं पहुँचता। (2) पर्णफलक का कटाव मध्यशिरा या मुख्य अक्ष तक पहुँचकर उसे अलग-अलग पर्णकों में बाँट देता है।
(3) पत्ती के आधार के कक्ष में कक्षीय कली पाई जाती है। (3) कक्षीय कली पूरी संयुक्त पत्ती के आधार पर होती है; प्रत्येक पर्णक के आधार पर कक्षीय कली नहीं होती।
(4) उदाहरण- आम, अमरूद, पीपल। (4) उदाहरण- नीम, गुलमोहर।

प्रश्न 15. संवेग संरक्षण का नियम लिखिए।

उत्तर: संवेग संरक्षण का नियम : यदि किसी निकाय पर कोई बाह्य परिणामी बल कार्य नहीं करता है, तो उस निकाय का कुल रैखिक संवेग नियत रहता है। अर्थात् किसी परस्पर क्रिया से पहले निकाय का कुल संवेग, परस्पर क्रिया के बाद के कुल संवेग के बराबर होता है।

दो वस्तुओं के लिए-

कुल प्रारम्भिक संवेग = कुल अंतिम संवेग m₁u₁ + m₂u₂ = m₁v₁ + m₂v₂

जहाँ m₁ तथा m₂ वस्तुओं के द्रव्यमान, u₁ तथा u₂ उनके प्रारम्भिक वेग और v₁ तथा v₂ उनके अंतिम वेग हैं।

उदाहरण : बन्दूक से गोली चलाने पर गोली आगे की ओर गति करती है तथा बन्दूक पीछे की ओर प्रतिक्षेप करती है। इस प्रक्रिया में बन्दूक और गोली के निकाय का कुल संवेग संरक्षित रहता है।

प्रश्न 16. अदिश एवं सदिश राशि में अन्तर उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: अदिश एवं सदिश राशियों में अन्तर-

अदिश राशि सदिश राशि
(1) जिन भौतिक राशियों को व्यक्त करने के लिए केवल परिमाण की आवश्यकता होती है, उन्हें अदिश राशियाँ कहते हैं। (1) जिन भौतिक राशियों को व्यक्त करने के लिए परिमाण के साथ दिशा भी आवश्यक होती है, उन्हें सदिश राशियाँ कहते हैं।
(2) इनका योग सामान्य बीजगणितीय नियमों से किया जा सकता है। (2) इनका योग सदिश योग के नियमों के अनुसार किया जाता है।
(3) उदाहरण- दूरी, चाल, द्रव्यमान, समय, तापमान, आयतन, कार्य, ऊर्जा तथा दाब। (3) उदाहरण- विस्थापन, वेग, त्वरण, बल तथा संवेग।

प्रश्न 17. परागण किसे कहते हैं? यह कितने प्रकार का होता है?

उत्तर: परागण : पुष्प के परागकोष से परागकणों का उसी जाति के पुष्प के वर्तिकाग्र तक स्थानान्तरण परागण कहलाता है। परागकणों का स्थानान्तरण वायु, जल, कीट, पक्षी आदि विभिन्न माध्यमों द्वारा हो सकता है।

परागण मुख्यतः दो प्रकार का होता है-

  1. स्वपरागण : जब किसी पुष्प के परागकोष से परागकण उसी पुष्प के वर्तिकाग्र अथवा उसी पौधे के किसी दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र तक पहुँचते हैं, तो इसे स्वपरागण कहते हैं।
  2. परपरागण : जब एक पौधे के पुष्प के परागकोष से परागकण उसी जाति के किसी दूसरे पौधे के पुष्प के वर्तिकाग्र तक पहुँचते हैं, तो इसे परपरागण कहते हैं।

प्रश्न 18. एक बर्तन की धारिता 12 लीटर है। इसकी धारिता घन मीटर में ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

बर्तन की धारिता = 12 लीटर 1 घन मीटर = 1000 लीटर 1 लीटर = 0.001 घन मीटर 12 लीटर = 12 × 0.001 घन मीटर = 0.012 घन मीटर

अतः बर्तन की धारिता = 0.012 घन मीटर।

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