वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. 'सर्व' शब्द का स्त्रीलिङ्ग सप्तमी विभक्ति एकवचन का रूप है-
(a) सर्वस्मिन्
(b) सर्वा
(c) सर्वाम्
(d) सर्वस्याम्
उत्तर: (d) : 'सर्व' शब्द (सर्वनाम रूप स्त्रीलिंग) सप्तमी विभक्ति एकवचन का रूप सर्वस्याम्
प्रश्न 2. 'पावकः' का सन्धि-विच्छेद
(a) पा + अकः
(b) पो + अकः
(c) पौ + अकः
(d) पाव + अकः ।
उत्तर: (c) : पावकः = पौ + अकः (औ + अ = आव्)
(जब 'औं' के बाद 'अ' के आने से औ का आव् आदेश हो जाता है वहाँ अयादि सन्धि होती है)
प्रश्न 3. 'अधिहरि' में समास है-
(a) तत्पुरुष समास
(b) बहुव्रीहि समास
(c) द्वन्द्व समास
(d) अव्ययीभाव समास ।
उत्तर: (d) : अधिहरि में अव्ययीभाव समास है। अव्ययी भाव समास का सूत्र- पूर्वपदार्थप्रधानोंद्रव्ययीभावः अर्थात् जिस समास में पूर्वपद प्रधान हो, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं। 'अधिहरि' का समास विग्रह 'हरौ इति' होगा।
प्रश्न 4. 'उनतीस' की शुद्ध संस्कृत संख्या नहीं है-
(a) नवविंशतिः
(b) नवतिः
(c) एकोनत्रिंशत्
(d) ऊनत्रिंशत्
उत्तर: (b) : 'उनतीस' संस्कृत में नवविंशति, एकोनत्रिंशत्, ऊनत्रिंशत्
प्रश्न 5. उपसर्ग धातु के साथ आता है-
(a) पहले
(b) पीछे
(c) नहीं लग सकता
(d) आगे-पीछे दोनों तरह लगता है।
उत्तर: (a) : 'उप' उपसर्ग पूर्वक 'सृज' धातु से घञ् प्रत्यय करने पर 'उपसर्ग' शब्द निर्मित होता है। जिसका अर्थ है जो समीप रखे जाएं (पहले) अर्थात उपसर्ग शब्द के पूर्व लगता है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. अण प्रत्याहार के अन्तर्गत कौन-से वर्ण आते हैं?
उत्तर: अण् प्रत्याहार- अ, इ, उ वर्ण आते है।
अच् प्रत्याहार अ, इ, उ, ऋ, ल ओ, ऐ औ (समग्र स्वर) वर्ण आते हैं।
प्रश्न 7. 'हम सब पाठ पढ़ेंगे' वाक्य का संस्कृत में अनुवाद कीजिए।
उत्तर: 'हम सब पाठ पढ़ेंगे' वाक्य का संस्कृत में अनुवाद वय सर्वे पाठ पठिस्यामः ।
प्रश्न 8. 'ध्रुवमपायेऽपादानम्' से सम्बन्धित विभक्ति का नाम लिखिए।
उत्तर: 'ध्रुवमपायेऽपादानम्- अपाय (अलग होना) अर्थ में जो ध्रुव हो, जिससे कोई वस्तु अलग हो रही हो, उसे अपादान कहते हैं। अपादान में पञ्चमी विभक्ति होती है।
जैसे - वृक्षात् पत्रं पतति ।
प्रश्न 9. 'राजपुरुष' का समास विग्रह कीजिए तथा समास का नाम लिखिए।
उत्तर: राजपुरुष = राज्ञः पुरुष (समास विग्रह)। राजपुरुष में षष्ठी-तत्पुरूष समास है;
प्रश्न 10. 'हरि' शब्द की द्वितीया विभक्ति के तीनों वचनों का रूप लिखिए।
उत्तर: 'हरि' शब्द की द्वितीया विभक्ति
एकवचन - हरिम्
द्विवचन - हरी
बहुवचन - हरीन्
प्रश्न 11. 'अनीयर्' प्रत्यय लगाकर दो शब्द बनाइए।
उत्तर: 'अनीयर्' प्रत्यय लगाकर दो शब्द
(स्त्रीलिंग) - कथनीया, भवनीया
(पुल्लिंग) - कथनीयः, भवनीयः
कथ् + अनीयर् = कथनीयम्
भू + अनीयर् = भवनीयम्
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. दीर्घ सन्धि किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: दीर्घ सन्धि- "अकः सवर्णे दीर्घः" (सूत्र)। समान वर्णों के योग से शब्दों में जो परिवर्तन होता है, उसे दीर्घ संधि कहते हैं अर्थात ह्यस्व या दीर्घ अ, इ, उ, ऋ के बाद यदि ह्यस्व या दीर्घ अ, इ, उ, ऋ आए तो दोनों मिलकर दीर्घ आ, ई ऊ और ऋ हो जाते हैं अर्थात् दो सजातीय स्वर पास-पास आते हैं, तो दोनों वर्णों के मेल से सजातीय वर्ण दीर्घ स्वर हो जाता है
दीर्घ संधि में केवल पाँच वर्णों (अ, इ, उ, ऋ, ऌ) में ही संधि कार्य होता है। ह्यस्व और दीर्घ का मिलना चार प्रकार से हो सकता है-
- अ + अ = आ हिम + अद्रि = हिमाद्रि
- आ + आ = आ। जैसे विद्या + आलय = विद्यालय
- अ + आ = आ। जैसे हिम + आलयः = हिमालयः
- आ + अ = आ।
इसी प्रकार इ, उ, ऋ, ऌ में भी चार प्रकार से दीर्घ संधि हो सकती है।
प्रश्न 13. संस्कृत व्याकरण शिक्षण के उद्देश्य लिखिए
उत्तर: संस्कृत व्याकरण शिक्षण के उद्देश्य- संस्कृत व्याकरण शिक्षण के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
- भाषा ज्ञान- संस्कृत व्याकरण भाषा के नियमों और संरचना को समझाने में मदद करता है। यह भाषा का शुद्ध और प्रभावी उपयोग करने में सहायक होता है।
- भाषा क्षमता- यह शब्दावली का विस्तार करने और भाषा की गहरी समझ विकसित करने में सहायक होता है। यह बोलने, लिखने, सुनने और समझने की क्षमता को विकसित करने में मदद करता है।
- वैचारिक सोच- संस्कृत व्याकरण वैचारिक सोच और तर्क करने की क्षमता को विकसित करता है।
- सांस्कृतिक मूल्य- संस्कृत व्याकरण भारतीय संस्कृति और मूल्यों को समझने में मदद करता है।
- बौद्धिक विकास- संस्कृत व्याकरण बौद्धिक विकास और ज्ञान की वृद्धि में सहायक होता है।
प्रश्न 14. गम् धातु लोट् लकार के रूप लिखिए।
उत्तर: 'गम्' धातु लोट् लकार के रूप-
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरूष | गच्छतु | गच्छताम् | गच्छान्तु |
| मध्यम पुरूष | गच्छ | गच्छतम् | गच्छत |
| उत्तम पुरूष | गच्छानि | गच्छाव | गच्छाम् |
प्रश्न 15. 'अनु' तथा 'अव' उपसर्ग से बने संस्कृत के दो-दो शब्द लिखिए।
उत्तर: 'अनु' उपसर्ग से बने शब्द-
अनु + गच्छति = अनुगच्छाति
अनु + चर = अनुचरः
'अव' उपसर्ग से बने शब्द-
अव + गुण = अवगुण
अव + लोकनम् = अवलोकनम्
प्रश्न 16. निम्नलिखित श्लोक का हिन्दी में अर्थ लिखिए।
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन ।
मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि ।।
उत्तर: अर्थ- कर्म पर ही तुम्हारा अधिकार है, कर्म के फलों की चिन्ता नहीं करनी चाहिए, इसीलिए कर्म को फल के लिए नहीं करना चाहिए।
प्रश्न 17. तव्यत् एवं कत्वा प्रत्यय लगाकर संस्कृत के दो-दो शब्द लिखिए।
उत्तर: 'तव्यत्' प्रत्यय लगाकर दो शब्द
कृ + तत्यत् = कर्तव्यम्
गम् + तत्यत् = गन्तव्यम्
दृश्+ तत्यत् = दृष्टयम्
'कत्वा' प्रत्यय लगाकर दो शब्द-
कृ + कत्वा = कृत्वा
पा + कत्वा = पीत्वा
प्रश्न 18. निम्नलिखित वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद कीजिए-
(1) राम सदा सत्य बोलता है
(2) मैं काम करता हूँ。
(3) वे दोनों घर जाते हैं
उत्तर: संस्कृत में अनुवाद-
(1) रामः सदा सत्यं वदति
(2) अहं कार्यं करोमि।
(3) तौ गृहं गच्छतः