वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. श, ष, स, ह व्यंजन कहलाते हैं -
(a) ऊष्म
(b) अन्तस्थ
(c) संयुक्त
(d) द्विगुण
उत्तर: (a) : श, ष, स, ह, ऊष्म व्यंजन कहलाते हैं। जिन वर्णों के उच्चारण से मुख से विशेष प्रकार की गर्म (ऊष्म) वायु निकलती है, उस अवस्था में जिन वर्णों का उच्चारण होता है वह ऊष्म व्यंजन कहलाता है।
प्रश्न 2. अहि शब्द का अर्थ है -
(a) सर्प
(b) शार्दुल
(c) नृप
(d) भौरा
उत्तर: (a) : अहि शब्द का अर्थ सर्प होता है।
अन्य शब्दों के अर्थ निम्नलिखित हैं-
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| शार्दुल | सिंह, शेर, वनराज |
| नृप | राजा |
| भौरा | भ्रमर, मधुकर |
प्रश्न 3. 'स्थावर' का विलोम शब्द है -
(a) सचल
(b) चेतन
(c) चंचल
(d) जंगम
उत्तर: (d) : स्थावर का विलोम जंगम है।
अन्य शब्दों के विलोम शब्द निम्नलिखित हैं -
| शब्द | विलोम |
|---|---|
| सचल | अचल |
| चेतन | अचेतन/जड़ |
| चंचल | स्थिर/अचंचल |
प्रश्न 4. निम्नलिखित में से शुद्ध शब्द है -
(a) कुमुदनी
(b) कुमुदिनी
(c) कुमुदनी
(d) कुमुदिनी
उत्तर: (b) : कुमुदिनी शब्द वर्तनी और व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध है। कुमुदिनी शब्द का अर्थ होता है 'कमल'।
प्रश्न 5. "भाषा संसार का नादमय चित्र है।" यह कथन किसका है?
(a) श्यामसुन्दर दास
(b) रामचन्द्र वर्मा
(c) सुमित्रानन्दन पन्त
(d) बाबूराम सक्सेना
उत्तर: (c) : सुमित्रानन्दन पन्त के अनुसार, "भाषा संसार का नादमय चित्र है।" सुमित्रानन्दन पन्त हिन्दी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तम्भों में से एक थे, सुमित्रानन्दन पन्त जी को 'प्रकृति का सुकुमार कवि' कहा जाता है।
अतिलघुउत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. 'अंस' और 'अंश' में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: अंश का मतलब हिस्सा, टुकड़ा । अंस का मतलब बाँह, बाजु, भुजा।
प्रश्न 7. य, र, ल, व किस प्रकार के व्यंजन हैं?
उत्तर: य, र, ल, व अंतस्थ व्यंजन होते हैं क्योंकि इनका उच्चारण स्थान स्पर्श और ऊष्म वर्णों के मध्य में होता है।
प्रश्न 8. 'स्वर' किसे कहते हैं?
उत्तर: स्वर, वह वर्ण है जिसे उच्चारण करने या बोलने के लिए किसी अन्य वर्ण की जरुरत नहीं पड़ती। हिन्दी में कुल स्वर 11 होते हैं- अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ।
प्रश्न 9. 'अर्वाचीन' और 'उचित' का क्रमशः विलोम शब्द लिखिए।
उत्तर:
| शब्द | विलोम |
|---|---|
| अर्वाचीन | प्राचीन |
| उचित | अनुचित |
प्रश्न 10. 'अनुस्वार' किसे कहते हैं?
उत्तर: अनुस्वार वो होते हैं जो स्वर के बाद आने वाला व्यंजन है इसकी ध्वनि नाक से निकलती है। हिन्दी में अनुस्वार को (ं) इंगित करते है। जैसे- श्रृंगार, उपरांत, सौंदर्य।
प्रश्न 11. 'शब्द' एवं 'पद' से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: शब्द मात्राओं और वर्णों के मेल से बनते हैं। शब्द एक सार्थक वर्ण समूह है जो भाषा के आवाज और अर्थ का प्रतिनिधित्व करता है। जब शब्द का प्रयोग वाक्य में किया जाता है तो वे पद कहलाते हैं। पद शब्दों का संगठन है, जो वाक्य में प्रयुक्त होते हैं और सार्थकता को व्यक्त करते हैं。
लघुउत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. 'अग्नि', 'अमृत' तथा 'गणेश' के दो-दो समानार्थक शब्द लिखिए।
उत्तर:
| शब्द | समानार्थक शब्द |
|---|---|
| अग्नि | आग, अनल |
| अमृत | सुधा, पीयूष |
| गणेश | लम्बोदर, गजानन |
प्रश्न 13. 'अल्पविराम', 'अर्द्धविराम', 'पूर्ण विराम', 'प्रश्नवाचक' चिन्हों को एक-एक उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
अल्पविराम - वाक्य के बीच में जहाँ बहुत ही कम समय के लिए रूकना पड़े, वहाँ अल्पविराम (,) चिन्ह का प्रयोग किया जाता हैं।
उदाहरण- राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान सभी भागवान के रुप में पूजे जाते हैं।
अर्द्धविराम - जहाँ अल्प विराम की अपेक्षा कुछ अधिक देर तक रुकना पड़े, वहाँ अर्द्धविराम (;) का प्रयोग करते है।
उदाहरण- सूर्यास्त हो गया; ललिमा का स्थान कालिमा ने ले लिया।
पूर्णविराम - जब वाक्य खत्म हो जाता है तब वाक्य के अंत में पूर्णविराम (।) लगाया जाता है。
उदाहरण- मैंने अपना काम पूरा कर लिया।
प्रश्न वाचक चिन्ह - प्रश्न चिन्ह (?) का प्रयोग प्रश्नवाचक वाक्यों के अंत में किया जाता है।
उदाहरण- आपकी घड़ी में कितने बजे हैं? तुम क्या खा रहे हो?
प्रश्न 14. 'पठन' का क्या अर्थ है? आरम्भिक स्तर पर पठन शिक्षण की दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: किसी पाठ को या पुस्तक के किसी भाग को सस्वर अथवा मौनरूप से पढ़ना पठन कहलाता है। पठन के समय शब्दों को देखते हैं जिससे उनका अक्षर विन्यास शुद्ध होता है और शब्द भण्डार में वृद्धि होती है।
आरम्भिक स्तर पर पठन शिक्षण की दो विशेषतायें निम्न हैं-
- यह वाचन का बड़ा महत्वपूर्ण अंग है। अभी तक केवल इसी के आधार पर ही यह निर्णय किया जाता था कि बालक वाचन क्रिया में कहाँ तक निपुण है।
- जहाँ बालकों, के लिए आवश्यक है कि वे शब्दों का ठीक-ठीक उच्चारण जाने वहाँ यह भी आवश्यक है कि शब्दों को पढ़ते समय उन्हें अर्थ की प्रतीति भी होती जाये।
प्रश्न 15. 'कविता शिक्षण' के विशिष्ट उद्देश्य को लिखिए।
उत्तर: कविता शिक्षण के विशिष्ट उद्देश्य निम्न हैं-
- कविता के द्वारा आनन्द का वातावरण पैदा करना।
- कविता गाकर अभिनय द्वारा पेश करना।
- कविता के प्रति रुचि पैदा करना।
- कविता का कंठस्थीकरण करना।
- कविता को रंगमंच के माध्यम से पेश करना।
- विद्यार्थियों की कल्पना शक्ति को विकसित करना।
- कवि की अनुभूति का ज्ञान करना।
- काव्य की विभिन्न विधाओं का ज्ञान प्रदान करना।
- भाव गति-यति-लय, आरोह-अवरोह एवं क्रमानुसार कविता वाचन की क्षमता प्रदान करना।
- विद्यार्थियों को कविता लिखने की प्रेरणा देना।
प्रश्न 16. 'संयुक्त स्वर' किसे कहते हैं? सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: संयुक्त स्वर, वे स्वर हैं जो दो या दो से अधिक स्वरों से मिलकर बनते हैं, संयुक्त स्वर कहलाते हैं। संयुक्त स्वर की संख्या 5 होती है जो इस प्रकार है- ए, ऐ, ओ, औ, ऋ।
उदाहरण-
- अ/आ + इ = ए
- अ/आ + ई = ऐ
- अ/आ + उ = ओ
- अ/आ + ऊ = औ
प्रश्न 17. 'मिश्रित-वाक्य' का क्या अभिप्राय है? एक उदाहरण द्वारा स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: जिस वाक्य में एक से अधिक वाक्य मिले हों, किन्तु एक प्रधान उपवाक्य तथा शेष आश्रित उपवाक्य हों, मिश्रित वाक्य कहलाता है, मिश्रित वाक्य उस वाक्य को कहते हैं, जहाँ एक से अधिक वाक्य होते हैं, जिसमें एक प्रधान वाक्य होता है और अन्य वाक्य उस पर आश्रित उपवाक्य होते हैं।
उदाहरण- जो लड़के मेहनती होते हैं, वे अच्छे होते हैं। जैसे ही शाम हुई, वह चली गई।
प्रश्न 18. शुद्ध वर्तनी की आवश्यकता एवं महत्व स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: भाषा सीखने तथा सिखाने में उच्चारण की अशुद्धियाँ बहुत बाधक होती हैं। शुद्ध उच्चारण ही भाषा-विशेष के ज्ञान का प्रथम चरण होता है। हिन्दी भाषा उन्नति के पथ पर अग्रसर हो रही है तथा इसके राष्ट्रभाषा के पद पर आसीन होने के बाद इसका महत्व और भी बढ़ गया है। अतएव इसे शुद्ध, समृद्ध, सर्वप्रिय एवं सर्वसमृद्ध बनाने हेतु उच्चारण की शुद्धता की तरफ ध्यान देना परमावश्यक है。
शुद्ध वर्तनी का महत्व निम्न है-
किसी भाषा की एकरुपता बनाये रखने, जनता के भाषा प्रयोग में आने वाली विकृतियों से बचने के लिए वर्तनी का प्रयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका प्रयोग सभी के लिए अनिवार्य है। सही वर्तनी का अर्थ है शब्दों में सही वर्तनी लिखना。