प्रतिशत का अर्थ, संकेत एवं मूल अवधारणा
प्रतिशत का अर्थ
प्रतिशत किसी संख्या या मात्रा को प्रति सौ के रूप में व्यक्त करने की एक विधि है।
अर्थात किसी पूर्ण मात्रा को 100 समान भागों में बाँटकर उनमें से जितने भाग लिए जाते हैं, उन्हें प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
इसी कारण प्रतिशत का अर्थ “प्रति सौ” या “प्रति सैकड़ा” होता है।
Percentage शब्द का अर्थ
पाठ्यपुस्तक के अनुसार अंग्रेजी शब्द Percentage का संबंध इटालियन शब्द Per Cento अथवा फ्रांसीसी शब्द Pour Cent से माना गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ “प्रति सौ” है।
इसलिए प्रतिशत किसी अनुपात या मात्रा को 100 के आधार पर व्यक्त करने का तरीका है।
प्रतिशत का संकेत
प्रतिशत को सामान्यतः % चिह्न द्वारा व्यक्त किया जाता है।
जैसे—
- 25 प्रतिशत = 25%
- 50 प्रतिशत = 50%
- 75 प्रतिशत = 75%
- 100 प्रतिशत = 100%
50% का क्या अर्थ है?
यदि किसी मात्रा का 50% कहा जाए, तो इसका अर्थ है उस मात्रा के प्रत्येक 100 भागों में से 50 भाग।
अर्थात—
50% = 50/100
= 1/2
इसलिए किसी वस्तु का 50% उस वस्तु का आधा भाग होता है।
25% का क्या अर्थ है?
किसी संख्या का 25% लेने का अर्थ है उस संख्या को 100 समान भागों में बाँटकर उनमें से 25 भाग लेना।
अर्थात—
25% = 25/100
इससे स्पष्ट है कि प्रतिशत में लिखी गई संख्या वास्तव में 100 के हर वाली भिन्न को दर्शाती है।
पूर्ण मात्रा को 100% माना जाता है
प्रतिशत की गणना करते समय किसी पूर्ण संख्या या संपूर्ण मात्रा को 100% के बराबर माना जाता है।
उदाहरण के लिए यदि राम के पास कुल 10 सेब हैं, तो ये सभी 10 सेब मिलकर 100% हैं।
यदि राम 2 सेब खा लेता है, तो खाए गए सेबों का प्रतिशत होगा—
खाए गए सेब = 2
कुल सेब = 10
प्रतिशत = (2/10) × 100
= 20%
अतः राम ने 20% सेब खाए।
उसके पास शेष सेबों का प्रतिशत—
100% − 20% = 80%
अतः उसके पास 80% सेब शेष हैं।
किसी संख्या का प्रतिशत निकालने का मूल सूत्र
यदि किसी संख्या x का y प्रतिशत ज्ञात करना हो, तो—
x का y% = (x × y) / 100
अर्थात पहले संख्या को दिए गए प्रतिशत से गुणा करते हैं और फिर 100 से भाग देते हैं।
उदाहरण — 500 का 20 प्रतिशत ज्ञात कीजिए
दिया है—
- संख्या = 500
- प्रतिशत = 20%
सूत्र का प्रयोग करेंगे—
500 का 20% = (500 × 20) / 100 = 100
अतः 500 का 20% = 100।
इसे सरल भाषा में समझें
20% का अर्थ है प्रत्येक 100 में 20।
500 में 100 के कुल 5 समूह हैं। प्रत्येक 100 में 20 लेने पर—
20 × 5 = 100
इसलिए 500 का 20 प्रतिशत 100 होता है।
प्रतिशत को समझने के मुख्य आधार
- पूर्ण मात्रा को सामान्यतः 100% माना जाता है।
- प्रतिशत का अर्थ प्रति सौ है।
- 1% = 1/100 होता है।
- 50% = 50/100 होता है।
- 25% = 25/100 होता है।
- किसी संख्या का प्रतिशत निकालने के लिए संख्या को प्रतिशत से गुणा करके 100 से भाग दिया जाता है।
परीक्षा में लिखने योग्य परिभाषा
किसी संख्या या मात्रा को प्रति सौ के रूप में व्यक्त करने की विधि प्रतिशत कहलाती है। प्रतिशत को % चिह्न द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
महत्वपूर्ण सूत्र
1% = 1/100 y% = y/100 x का y% = (x × y) / 100
- प्रतिशत का शाब्दिक अर्थ प्रति सौ या प्रति सैकड़ा है।
- प्रतिशत को % चिह्न से प्रदर्शित किया जाता है।
- पूर्ण मात्रा को प्रतिशत की गणना में 100% माना जाता है।
- 1% = 1/100।
- 50% = 50/100 = 1/2।
- 25% = 25/100।
- x का y% = (x × y)/100।
- 500 का 20% = 100।
- 10 सेबों में से 2 सेब लेने पर लिया गया भाग 20% तथा शेष भाग 80% होता है।
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भिन्न, दशमलव एवं प्रतिशत में रूपांतरण
भिन्न को प्रतिशत में बदलना
किसी भिन्न को प्रतिशत में बदलने के लिए उस भिन्न को 100 से गुणा किया जाता है और उत्तर के साथ प्रतिशत का चिह्न % लगाया जाता है।
अर्थात—
भिन्न को प्रतिशत में बदलने का सूत्र भिन्न × 100 = प्रतिशत
उदाहरण — 1/2 को प्रतिशत में बदलिए
1/2 × 100 = 100/2 = 50%
अतः 1/2 = 50%।
उदाहरण — 3/4 को प्रतिशत में बदलिए
3/4 × 100 = 300/4 = 75%
अतः 3/4 = 75%।
कुछ महत्वपूर्ण भिन्न और उनके प्रतिशत
| भिन्न | प्रतिशत |
|---|---|
| 1 | 100% |
| 1/2 | 50% |
| 1/3 | लगभग 33.33% |
| 2/3 | लगभग 66.67% |
| 3/4 | 75% |
| 2/5 | 40% |
| 3/5 | 60% |
| 1/4 | 25% |
| 1/5 | 20% |
| 4/5 | 80% |
इन मानों को याद रखने से प्रतिशत के बहुत से प्रश्न तेजी से हल किए जा सकते हैं।
प्रतिशत को भिन्न में बदलना
किसी प्रतिशत को भिन्न में बदलने के लिए प्रतिशत वाली संख्या को 100 से भाग देते हैं और प्राप्त भिन्न को सरलतम रूप में बदलते हैं।
अर्थात—
प्रतिशत को भिन्न में बदलने का सूत्र x% = x/100
उदाहरण — 75% को भिन्न में बदलिए
75% = 75/100 = 3/4
अतः 75% = 3/4।
उदाहरण — 18% को भिन्न में बदलिए
18% = 18/100 = 9/50
अतः 18% = 9/50।
उदाहरण — 15% को भिन्न में बदलिए
15% = 15/100 = 3/20
अतः 15% = 3/20।
प्रतिशत को दशमलव में बदलना
प्रतिशत को दशमलव संख्या में बदलने के लिए उसे 100 से भाग दिया जाता है।
अर्थात—
प्रतिशत ÷ 100 = दशमलव
उदाहरण—
50% = 50/100 = 0.5 20% = 20/100 = 0.2 1% = 1/100 = 0.01
इस प्रकार प्रतिशत चिह्न हटाकर संख्या को 100 से भाग देने पर उसका दशमलव रूप प्राप्त होता है।
दशमलव को प्रतिशत में बदलना
दशमलव संख्या को प्रतिशत में बदलने के लिए दशमलव संख्या को 100 से गुणा किया जाता है और उत्तर के साथ % चिह्न लगाया जाता है।
अर्थात—
दशमलव × 100 = प्रतिशत
उदाहरण — 0.5 को प्रतिशत में बदलिए
0.5 × 100 = 50%
अतः 0.5 = 50%।
उदाहरण — 0.875 को प्रतिशत में बदलिए
0.875 × 100 = 87.5%
अतः 0.875 = 87.5%।
उदाहरण — 0.085 को प्रतिशत में बदलिए
0.085 × 100 = 8.5%
अतः 0.085 = 8.5%।
तीनों रूपों के बीच संबंध
एक ही संख्या को भिन्न, दशमलव तथा प्रतिशत तीनों रूपों में लिखा जा सकता है।
जैसे—
1/2 = 0.5 = 50% 1/4 = 0.25 = 25% 3/4 = 0.75 = 75% 1/5 = 0.2 = 20% 3/5 = 0.6 = 60%
रूपांतरण के नियम एक साथ
| रूपांतरण | नियम |
|---|---|
| भिन्न → प्रतिशत | भिन्न × 100 |
| प्रतिशत → भिन्न | प्रतिशत / 100, फिर सरल करें |
| दशमलव → प्रतिशत | दशमलव × 100 |
| प्रतिशत → दशमलव | प्रतिशत ÷ 100 |
परीक्षा में लिखने योग्य नियम
किसी भिन्न को प्रतिशत में बदलने के लिए उसे 100 से गुणा किया जाता है। प्रतिशत को भिन्न अथवा दशमलव में बदलने के लिए उसे 100 से भाग दिया जाता है। दशमलव को प्रतिशत में बदलने के लिए उसे 100 से गुणा किया जाता है।
महत्वपूर्ण मान जिन्हें याद रखें
1/2 = 50% 1/4 = 25% 3/4 = 75% 1/5 = 20% 2/5 = 40% 3/5 = 60% 4/5 = 80% 1/3 ≈ 33.33% 2/3 ≈ 66.67%
- भिन्न को प्रतिशत में बदलने के लिए 100 से गुणा किया जाता है।
- प्रतिशत को भिन्न में बदलने के लिए उसे 100 से भाग देकर भिन्न को सरल किया जाता है।
- दशमलव को प्रतिशत में बदलने के लिए 100 से गुणा किया जाता है।
- प्रतिशत को दशमलव में बदलने के लिए 100 से भाग दिया जाता है।
- 1/2 = 0.5 = 50%।
- 3/4 = 0.75 = 75%।
- 75% = 3/4।
- 18% = 9/50।
- 15% = 3/20।
- 0.875 = 87.5%।
- 0.085 = 8.5%।
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किसी संख्या का प्रतिशत एवं प्रतिशत ज्ञात करना
किसी संख्या का प्रतिशत ज्ञात करना
यदि किसी संख्या का निश्चित प्रतिशत ज्ञात करना हो, तो उस संख्या को दिए गए प्रतिशत से गुणा करके 100 से भाग दिया जाता है।
अर्थात—
किसी संख्या का y% = संख्या × y / 100
उदाहरण 1 — 70 का 20% ज्ञात कीजिए
70 का 20% = (70 × 20) / 100 = 14
अतः 70 का 20% = 14।
उदाहरण 2 — 240 का 5% ज्ञात कीजिए
240 का 5% = (240 × 5) / 100 = 12
अतः 240 का 5% = 12।
उदाहरण 3 — 500 का 10% ज्ञात कीजिए
500 का 10% = (500 × 10) / 100 = 50
अतः 500 का 10% = 50।
दशमलव अथवा मिश्रित प्रतिशत का प्रयोग
यदि प्रतिशत पूर्ण संख्या में न होकर दशमलव या मिश्रित रूप में दिया हो, तब भी वही सूत्र लागू होता है।
उदाहरण 4 — 300 का 2½% ज्ञात कीजिए
2½% को भिन्न रूप में लिखें—
2½ = 5/2
अब—
300 का 2½% = (300 × 5/2) / 100 = 1500 / 200 = 7.5
अतः 300 का 2½% = 7.5।
उदाहरण 5 — 20 का 3/4% ज्ञात कीजिए
3/4% = 0.75% 20 का 3/4% = (20 × 0.75) / 100 = 15 / 100 = 0.15
अतः 20 का 3/4% = 0.15।
एक राशि दूसरी राशि का कितने प्रतिशत है?
यदि यह ज्ञात करना हो कि कोई राशि दूसरी राशि का कितने प्रतिशत है, तो पहली राशि को कुल राशि से भाग देकर 100 से गुणा किया जाता है।
सूत्र—
प्रतिशत = (प्राप्त राशि / कुल राशि) × 100
उदाहरण 6 — 500 में से 409 अंक प्राप्त हुए
कुल अंक = 500
प्राप्त अंक = 409
प्रतिशत = (409 / 500) × 100 = 81.8%
अतः प्राप्त प्रतिशत 81.8% है।
उदाहरण 7 — 5 लीटर का कितने प्रतिशत 600 मिलीलीटर है?
प्रतिशत निकालने से पहले दोनों राशियों की इकाई समान करना आवश्यक है।
1 लीटर = 1000 मिलीलीटर 5 लीटर = 5000 मिलीलीटर
अब—
प्रतिशत = (600 / 5000) × 100 = 12%
अतः 600 मिलीलीटर, 5 लीटर का 12% है।
इकाइयाँ समान करना क्यों आवश्यक है?
प्रतिशत दो राशियों के अनुपात पर आधारित होता है। इसलिए दोनों राशियों की इकाइयाँ समान होनी चाहिए।
जैसे लीटर और मिलीलीटर की सीधे तुलना नहीं की जा सकती। पहले दोनों को लीटर या दोनों को मिलीलीटर में बदलना आवश्यक है।
किस संख्या का दिया गया प्रतिशत ज्ञात राशि के बराबर है?
कई प्रश्नों में प्रतिशत और उसका मान दिया रहता है तथा मूल संख्या ज्ञात करनी होती है।
यदि किसी संख्या x का y%, किसी दी गई राशि a के बराबर हो, तो—
x का y% = a (x × y) / 100 = a
इससे—
x = (a × 100) / y
उदाहरण 8 — 20 किस संख्या का 25% है?
माना वह संख्या x है।
x का 25% = 20 (x × 25) / 100 = 20 25x = 2000 x = 2000 / 25 x = 80
अतः 20, 80 का 25% है।
उदाहरण 9 — 90 किस संख्या का 15% है?
माना वह संख्या x है।
x का 15% = 90 (x × 15) / 100 = 90 15x = 9000 x = 9000 / 15 x = 600
अतः 90, 600 का 15% है।
प्रतिशत से वास्तविक संख्या ज्ञात करना
यदि कुल संख्या तथा प्रतिशत दिया हो, तो वास्तविक संख्या ज्ञात करने के लिए कुल संख्या को प्रतिशत से गुणा करके 100 से भाग देते हैं।
उदाहरण 10 — 500 का 65% कितना है?
500 का 65% = (500 × 65) / 100 = 325
अतः 500 का 65% = 325।
उदाहरण 11 — 60 में से 40 कितने प्रतिशत है?
प्रतिशत = (40 / 60) × 100 = 4000 / 60 = 66.66...%
अतः 60 में से 40 लगभग 66.67% है।
प्रतिशत के तीन मुख्य प्रकार
| क्या ज्ञात करना है? | सूत्र |
|---|---|
| किसी संख्या का प्रतिशत | संख्या × प्रतिशत / 100 |
| एक राशि दूसरी का कितने प्रतिशत है | प्राप्त राशि / कुल राशि × 100 |
| मूल संख्या | दिया गया मान × 100 / प्रतिशत |
प्रश्न की पहचान कैसे करें?
- “का 20% कितना?” → संख्या × प्रतिशत / 100
- “कितने प्रतिशत है?” → भाग / कुल × 100
- “किस संख्या का 25% है?” → दिया गया मान × 100 / प्रतिशत
परीक्षा में लिखने योग्य सूत्र
किसी संख्या का प्रतिशत = संख्या × प्रतिशत / 100 प्रतिशत = प्राप्त राशि / कुल राशि × 100 मूल संख्या = प्राप्त राशि × 100 / प्रतिशत
हल करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
- प्रतिशत का अर्थ हमेशा 100 के आधार पर होता है।
- दो राशियों की तुलना करते समय उनकी इकाइयाँ समान होनी चाहिए।
- “का कितना प्रतिशत” और “कितने प्रतिशत” वाले प्रश्नों के सूत्र अलग-अलग पहचानें।
- उत्तर में आवश्यकतानुसार % चिह्न अवश्य लगाएँ।
- किसी संख्या का y% = संख्या × y / 100।
- 70 का 20% = 14।
- 240 का 5% = 12।
- 500 का 10% = 50।
- 300 का 2½% = 7.5।
- 20 का 3/4% = 0.15।
- प्रतिशत = (प्राप्त राशि / कुल राशि) × 100।
- 409 अंक, 500 अंकों का 81.8% है।
- 600 मिलीलीटर, 5 लीटर का 12% है।
- 20, 80 का 25% है।
- 90, 600 का 15% है।
- 500 का 65% = 325।
- 60 में से 40 लगभग 66.67% है।
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प्रतिशत वृद्धि एवं कमी
प्रतिशत वृद्धि का अर्थ
जब किसी संख्या, मूल्य या मात्रा का मान पहले की अपेक्षा बढ़ जाता है, तो उस बढ़े हुए भाग को मूल मान के प्रतिशत के रूप में व्यक्त करना प्रतिशत वृद्धि कहलाता है।
यदि प्रारम्भिक मान और बढ़ा हुआ मान ज्ञात हो, तो—
वृद्धि = नया मान − प्रारम्भिक मान प्रतिशत वृद्धि = (वृद्धि / प्रारम्भिक मान) × 100
उदाहरण — ₹100 में 25% वृद्धि
यदि किसी वस्तु का प्रारम्भिक मूल्य ₹100 है और उसमें 25% की वृद्धि हो जाती है, तो—
वृद्धि = 100 का 25% = (100 × 25) / 100 = ₹25
अतः नया मूल्य—
₹100 + ₹25 = ₹125
इसलिए ₹100 में 25% वृद्धि के बाद नया मूल्य ₹125 होगा।
प्रतिशत कमी का अर्थ
जब किसी संख्या, मूल्य या मात्रा का मान पहले की अपेक्षा घट जाता है, तो घटे हुए भाग को मूल मान के प्रतिशत के रूप में व्यक्त करना प्रतिशत कमी कहलाता है।
सूत्र—
कमी = प्रारम्भिक मान − नया मान प्रतिशत कमी = (कमी / प्रारम्भिक मान) × 100
उदाहरण — ₹125 से ₹100 होना
प्रारम्भिक मान = ₹125
नया मान = ₹100
कमी = 125 − 100 = ₹25
अब प्रतिशत कमी—
प्रतिशत कमी = (25 / 125) × 100 = 20%
अतः ₹125 से ₹100 होने पर 20% की कमी होती है।
प्रतिशत वृद्धि और प्रतिशत कमी समान क्यों नहीं होती?
यदि कोई मान 25% बढ़ता है और बाद में उसी बढ़े हुए मान से मूल मान तक वापस आता है, तो कमी 25% नहीं होती।
कारण यह है कि दोनों प्रतिशतों का आधार अलग-अलग होता है।
जैसे—
₹100 में 25% वृद्धि → ₹125 ₹125 से ₹100 की कमी = ₹25 प्रतिशत कमी = (25 / 125) × 100 = 20%
अतः 25% वृद्धि का विपरीत 20% कमी होती है।
अधिक प्रतिशत से कमी प्रतिशत ज्ञात करना
यदि A, B से x% अधिक है, तो B, A से उतने ही प्रतिशत कम नहीं होगा।
पाठ्यपुस्तक में दिया गया सूत्र—
प्रतिशत में कमी = [अधिक प्रतिशत / (100 + अधिक प्रतिशत)] × 100
उदाहरण — A के पास B से 25% अधिक धन है
माना B के पास धन = ₹100
A के पास 25% अधिक है—
A का धन = 100 + 25 = ₹125
अब B के पास A की अपेक्षा ₹25 कम है।
यह ₹25, A के ₹125 का कितना प्रतिशत है—
प्रतिशत कमी = (25 / 125) × 100 = 20%
अतः B के पास A से 20% कम धन है।
सूत्र से वही प्रश्न
प्रतिशत कमी = [25 / (100 + 25)] × 100 = (25 / 125) × 100 = 20%
कमी प्रतिशत से अधिकता प्रतिशत ज्ञात करना
यदि A, B से x% कम है और यह ज्ञात करना हो कि B, A से कितने प्रतिशत अधिक है, तो पाठ्यपुस्तक के अनुसार—
प्रतिशत में अधिकता = [कमी प्रतिशत / (100 − कमी प्रतिशत)] × 100
उदाहरण — कोई मात्रा दूसरी से 20% कम है
माना बड़ी मात्रा = 100
छोटी मात्रा 20% कम है—
छोटी मात्रा = 100 − 20 = 80
अब बड़ी मात्रा, छोटी मात्रा से कितने प्रतिशत अधिक है—
अधिकता = 100 − 80 = 20
प्रतिशत अधिकता = (20 / 80) × 100 = 25%
अतः यदि कोई मात्रा दूसरी से 20% कम है, तो दूसरी मात्रा उससे 25% अधिक है।
मुख्य संबंध
25% अधिक ↔ 20% कम 20% कम ↔ 25% अधिक
मूल्य बढ़ने पर खर्च समान रखने के लिए खपत में कमी
यदि किसी वस्तु का मूल्य बढ़ जाए और कुल खर्च पहले जितना ही रखना हो, तो उस वस्तु की खपत कम करनी पड़ती है।
पाठ्यपुस्तक में इसके लिए वही प्रतिशत कमी का सूत्र प्रयोग किया गया है—
खपत में प्रतिशत कमी = [मूल्य में प्रतिशत वृद्धि / (100 + मूल्य में प्रतिशत वृद्धि)] × 100
उदाहरण — दूध के मूल्य में 25% वृद्धि
दूध का प्रारम्भिक मूल्य मान लें—
₹100 प्रति लीटर
25% वृद्धि के बाद नया मूल्य—
₹100 + ₹25 = ₹125 प्रति लीटर
पहले ₹100 में 1 लीटर दूध मिलता था।
अब ₹125 में 1 लीटर दूध मिलता है। इसलिए ₹100 में मिलने वाला दूध—
= 100 / 125 लीटर = 4/5 लीटर = 0.8 लीटर
पहले खपत = 1 लीटर
नई खपत = 0.8 लीटर
कमी = 1 − 0.8 = 0.2 लीटर
अतः खपत में प्रतिशत कमी—
= (0.2 / 1) × 100 = 20%
इसलिए दूध के मूल्य में 25% वृद्धि होने पर खर्च समान रखने के लिए खपत में 20% कमी करनी होगी।
सूत्र से हल
खपत में कमी = [25 / (100 + 25)] × 100 = (25 / 125) × 100 = 20%
प्रश्न की पहचान कैसे करें?
| प्रश्न में दिया हो | क्या करें? |
|---|---|
| मूल मान और नया मान | अंतर निकालकर मूल मान से प्रतिशत निकालें |
| A, B से x% अधिक | B, A से कितने % कम है, ज्ञात करें |
| A, B से x% कम | B, A से कितने % अधिक है, ज्ञात करें |
| मूल्य बढ़ा, खर्च समान रखना है | खपत में प्रतिशत कमी ज्ञात करें |
परीक्षा में लिखने योग्य सूत्र
प्रतिशत वृद्धि = (वृद्धि / प्रारम्भिक मान) × 100 प्रतिशत कमी = (कमी / प्रारम्भिक मान) × 100 यदि A, B से x% अधिक है— B की A से प्रतिशत कमी = [x / (100 + x)] × 100 यदि A, B से x% कम है— B की A से प्रतिशत अधिकता = [x / (100 − x)] × 100
महत्वपूर्ण बात
प्रतिशत वृद्धि और प्रतिशत कमी निकालते समय हमेशा यह देखना आवश्यक है कि प्रतिशत किस मूल मान के आधार पर निकाला जा रहा है।
इसी कारण 25% वृद्धि के बाद वापस मूल मान तक आने के लिए 25% नहीं बल्कि 20% कमी करनी पड़ती है।
- प्रतिशत वृद्धि = (वृद्धि / प्रारम्भिक मान) × 100।
- प्रतिशत कमी = (कमी / प्रारम्भिक मान) × 100।
- ₹100 में 25% वृद्धि के बाद नया मूल्य ₹125 होता है।
- ₹125 से ₹100 होने पर प्रतिशत कमी 20% होती है।
- यदि A, B से 25% अधिक है, तो B, A से 20% कम है।
- यदि कोई मात्रा दूसरी से 20% कम है, तो दूसरी मात्रा उससे 25% अधिक है।
- प्रतिशत वृद्धि और कमी में आधार अलग होने के कारण दोनों प्रतिशत सामान्यतः समान नहीं होते।
- दूध के मूल्य में 25% वृद्धि होने पर समान खर्च बनाए रखने के लिए खपत में 20% कमी करनी होगी।
परीक्षा एवं अंक आधारित प्रतिशत प्रश्न
परीक्षा में प्रतिशत का प्रयोग
परीक्षा से संबंधित प्रश्नों में प्रतिशत की सहायता से प्राप्तांक, पूर्णांक, उत्तीर्णांक, उत्तीर्ण एवं अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या आदि ज्ञात किए जाते हैं।
ऐसे प्रश्नों को हल करने के लिए सबसे पहले यह पहचानना आवश्यक है कि प्रश्न में कुल पूर्णांक, प्राप्त प्रतिशत अथवा वास्तविक अंक में से क्या दिया गया है।
प्राप्तांक ज्ञात करने का सूत्र
यदि परीक्षा का पूर्णांक और प्राप्त प्रतिशत दिया हो, तो—
प्राप्तांक = (पूर्णांक × प्राप्त प्रतिशत) / 100
उदाहरण 1 — 500 अंकों में 65% अंक
एक विद्यार्थी ने वार्षिक परीक्षा में 65% अंक प्राप्त किए। यदि परीक्षा का पूर्णांक 500 है, तो प्राप्तांक ज्ञात करें।
प्राप्तांक = (500 × 65) / 100 = 5 × 65 = 325
अतः विद्यार्थी को 325 अंक प्राप्त हुए।
पूर्णांक ज्ञात करने का सूत्र
यदि प्राप्तांक और प्राप्त प्रतिशत दिया हो, तो परीक्षा का पूर्णांक निम्न प्रकार ज्ञात किया जा सकता है—
पूर्णांक = (प्राप्तांक × 100) / प्राप्त प्रतिशत
इसी सिद्धान्त का प्रयोग उत्तीर्ण प्रतिशत और फेल होने के अंकों से पूर्णांक निकालने में भी किया जाता है।
उदाहरण 2 — 40% अंक आवश्यक, विद्यार्थी 40 अंक से फेल
एक परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए 40% अंक आवश्यक हैं। A ने 180 अंक प्राप्त किए और वह 40 अंकों से अनुत्तीर्ण हो गया। परीक्षा का पूर्णांक ज्ञात करें।
यदि A को 40 अंक और मिलते, तो वह उत्तीर्ण हो जाता।
उत्तीर्णांक = 180 + 40 = 220
ये 220 अंक परीक्षा के पूर्णांक के 40% हैं।
माना पूर्णांक = x
(x × 40) / 100 = 220 40x = 220 × 100 x = (220 × 100) / 40 x = 550
अतः परीक्षा का पूर्णांक = 550।
फेल होने के प्रतिशत-अंतर से पूर्णांक ज्ञात करना
यदि किसी विद्यार्थी का प्राप्त प्रतिशत तथा उत्तीर्ण प्रतिशत दोनों दिए हों और यह भी बताया गया हो कि वह कितने अंकों से अनुत्तीर्ण हुआ, तो पहले दोनों प्रतिशतों का अंतर ज्ञात किया जाता है।
यह प्रतिशत-अंतर ही दिए गए अनुत्तीर्ण अंकों के बराबर होता है।
उदाहरण 3 — 35% आवश्यक, 27% प्राप्त और 40 अंक से फेल
एक परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए 35% अंक आवश्यक हैं। B ने 27% अंक प्राप्त किए और वह 40 अंकों से अनुत्तीर्ण हो गया।
प्रतिशत का अंतर—
35% − 27% = 8%
अर्थात परीक्षा के पूर्णांक का 8% = 40 अंक।
माना पूर्णांक = x
(x × 8) / 100 = 40 8x = 4000 x = 4000 / 8 x = 500
अतः परीक्षा का पूर्णांक = 500।
दो विद्यार्थियों के अंकों से पूर्णांक ज्ञात करना
कभी-कभी एक विद्यार्थी उत्तीर्णांक से कुछ अंक कम तथा दूसरा विद्यार्थी उत्तीर्णांक से कुछ अंक अधिक प्राप्त करता है।
ऐसी स्थिति में दोनों विद्यार्थियों के प्रतिशत का अंतर तथा उनके अंकों का कुल अंतर लेकर पूर्णांक ज्ञात किया जा सकता है।
उदाहरण 4 — 20% वाला 60 अंक से फेल और 38% वाला 30 अंक अधिक
एक छात्र ने 20% अंक प्राप्त किए और वह न्यूनतम उत्तीर्णांक से 60 अंक कम रहा।
दूसरे छात्र ने 38% अंक प्राप्त किए और वह न्यूनतम उत्तीर्णांक से 30 अंक अधिक रहा।
दोनों के वास्तविक अंकों का अंतर—
60 + 30 = 90 अंक
दोनों के प्रतिशत का अंतर—
38% − 20% = 18%
अर्थात पूर्णांक का 18% = 90 अंक।
माना पूर्णांक = x
(x × 18) / 100 = 90 18x = 9000 x = 9000 / 18 x = 500
अतः परीक्षा का पूर्णांक = 500।
उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या ज्ञात करना
यदि विद्यार्थियों की कुल संख्या तथा उत्तीर्ण प्रतिशत दिया हो, तो—
उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या = (कुल विद्यार्थी × उत्तीर्ण प्रतिशत) / 100
उदाहरण 5 — 30 विद्यार्थियों में 80% उत्तीर्ण
उत्तीर्ण विद्यार्थी = (30 × 80) / 100 = 24
अतः 24 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए।
अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या ज्ञात करना
यदि उत्तीर्ण प्रतिशत दिया हो, तो अनुत्तीर्ण प्रतिशत—
अनुत्तीर्ण प्रतिशत = 100% − उत्तीर्ण प्रतिशत
इसके बाद कुल विद्यार्थियों का वह प्रतिशत निकाला जा सकता है।
उदाहरण 6 — 1500 विद्यार्थियों में 75% उत्तीर्ण
उत्तीर्ण प्रतिशत = 75%
अतः अनुत्तीर्ण प्रतिशत—
100% − 75% = 25%
अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या—
= (1500 × 25) / 100 = 375
अतः 375 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण हुए।
दूसरी विधि
पहले उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या निकालें—
उत्तीर्ण विद्यार्थी = (1500 × 75) / 100 = 1125
अतः—
अनुत्तीर्ण विद्यार्थी = 1500 − 1125 = 375
श्रेणी के आधार पर विद्यार्थियों की संख्या
यदि विद्यार्थियों को अलग-अलग प्रतिशत के आधार पर प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय श्रेणी में बाँटा गया हो, तो पहले दिए गए प्रतिशतों से प्रत्येक श्रेणी की संख्या निकाली जाती है।
इसके बाद शेष विद्यार्थियों की संख्या घटाकर ज्ञात की जा सकती है।
उदाहरण 7 — 60 विद्यार्थियों का श्रेणी-वितरण
एक कक्षा में कुल 60 विद्यार्थी हैं।
- 50% विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए।
- 40% विद्यार्थी द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए।
- शेष विद्यार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए।
प्रथम श्रेणी—
(60 × 50) / 100 = 30 विद्यार्थी
द्वितीय श्रेणी—
(60 × 40) / 100 = 24 विद्यार्थी
प्रथम तथा द्वितीय श्रेणी के कुल विद्यार्थी—
30 + 24 = 54
अतः तृतीय श्रेणी के विद्यार्थी—
60 − 54 = 6
अतः 6 विद्यार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए।
प्रश्न की पहचान कैसे करें?
| प्रश्न में दिया हो | क्या करें? |
|---|---|
| पूर्णांक और प्राप्त प्रतिशत | प्राप्तांक निकालें |
| प्राप्तांक और प्राप्त प्रतिशत | पूर्णांक निकालें |
| उत्तीर्ण प्रतिशत और इतने अंक से फेल | पहले उत्तीर्णांक निकालें, फिर पूर्णांक |
| प्राप्त प्रतिशत और उत्तीर्ण प्रतिशत | दोनों प्रतिशतों का अंतर निकालें |
| कुल विद्यार्थी और उत्तीर्ण प्रतिशत | कुल × प्रतिशत / 100 |
| शेष विद्यार्थी | कुल में से ज्ञात विद्यार्थियों को घटाएँ |
परीक्षा में लिखने योग्य मुख्य सूत्र
प्राप्तांक = (पूर्णांक × प्राप्त प्रतिशत) / 100 पूर्णांक = (प्राप्तांक × 100) / प्राप्त प्रतिशत उत्तीर्णांक = (पूर्णांक × उत्तीर्ण प्रतिशत) / 100 उत्तीर्ण विद्यार्थी = (कुल विद्यार्थी × उत्तीर्ण प्रतिशत) / 100 अनुत्तीर्ण प्रतिशत = 100% − उत्तीर्ण प्रतिशत
फेल होने वाले प्रश्नों की महत्वपूर्ण युक्ति
यदि कोई विद्यार्थी कुछ अंकों से फेल हो, तो—
उत्तीर्णांक = प्राप्तांक + फेल होने के अंक
और यदि प्राप्त प्रतिशत तथा उत्तीर्ण प्रतिशत दोनों दिए हों—
प्रतिशत-अंतर = उत्तीर्ण प्रतिशत − प्राप्त प्रतिशत
यही प्रतिशत-अंतर दिए गए कम अंकों को दर्शाता है।
हल करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
- प्राप्तांक और पूर्णांक में अंतर स्पष्ट रखें।
- उत्तीर्ण प्रतिशत हमेशा परीक्षा के पूर्णांक के आधार पर होता है।
- “40 अंक से फेल” का अर्थ है कि प्राप्तांक में 40 जोड़ने पर उत्तीर्णांक मिलेगा।
- उत्तीर्ण और अनुत्तीर्ण प्रतिशत का योग सामान्यतः 100% होता है।
- अलग-अलग श्रेणियों के प्रतिशत जोड़ने के बाद शेष प्रतिशत अथवा शेष विद्यार्थियों की संख्या आसानी से निकाली जा सकती है।
- प्राप्तांक = (पूर्णांक × प्राप्त प्रतिशत) / 100।
- 500 का 65% = 325 अंक।
- 40% उत्तीर्णांक, 180 प्राप्तांक तथा 40 अंक से फेल होने पर पूर्णांक 550 है।
- 35% उत्तीर्णांक, 27% प्राप्तांक तथा 40 अंक से फेल होने पर पूर्णांक 500 है।
- 20% वाला छात्र 60 अंक से फेल और 38% वाला 30 अंक अधिक प्राप्त करे, तो पूर्णांक 500 है।
- 30 विद्यार्थियों का 80% = 24 विद्यार्थी।
- 1500 विद्यार्थियों में 75% उत्तीर्ण होने पर 375 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण होंगे।
- 60 विद्यार्थियों में 50% प्रथम और 40% द्वितीय श्रेणी में हों, तो शेष 6 विद्यार्थी तृतीय श्रेणी में होंगे।
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लाभ-हानि, आय-व्यय एवं बचत
लाभ और हानि की मूल अवधारणा
किसी वस्तु को जिस मूल्य पर खरीदा जाता है, उसे क्रय मूल्य कहते हैं और जिस मूल्य पर बेचा जाता है, उसे विक्रय मूल्य कहते हैं।
- यदि विक्रय मूल्य क्रय मूल्य से अधिक हो, तो लाभ होता है।
- यदि विक्रय मूल्य क्रय मूल्य से कम हो, तो हानि होती है।
अर्थात—
लाभ = विक्रय मूल्य − क्रय मूल्य हानि = क्रय मूल्य − विक्रय मूल्य
लाभ और हानि प्रतिशत
लाभ अथवा हानि का प्रतिशत क्रय मूल्य के आधार पर निकाला जाता है।
लाभ प्रतिशत = (लाभ / क्रय मूल्य) × 100 हानि प्रतिशत = (हानि / क्रय मूल्य) × 100
हानि होने पर क्रय मूल्य ज्ञात करना
यदि विक्रय मूल्य तथा हानि प्रतिशत दिया हो, तो—
क्रय मूल्य = विक्रय मूल्य × 100 / (100 − हानि प्रतिशत)
उदाहरण 1 — ₹1800 में बेचने पर 10% की हानि
एक साइकिल ₹1800 में बेचने पर 10% की हानि हुई। उसका क्रय मूल्य ज्ञात करें।
दिया है—
- विक्रय मूल्य = ₹1800
- हानि = 10%
क्रय मूल्य = (1800 × 100) / (100 − 10) = (1800 × 100) / 90 = ₹2000
अतः साइकिल का क्रय मूल्य = ₹2000।
लाभ होने पर विक्रय मूल्य ज्ञात करना
यदि क्रय मूल्य तथा लाभ प्रतिशत दिया हो, तो—
विक्रय मूल्य = क्रय मूल्य × (100 + लाभ प्रतिशत) / 100
उदाहरण 2 — ₹300 की वस्तु पर 20% लाभ
राम ने एक रेडियो ₹300 में खरीदा। यदि उसे 20% लाभ चाहिए, तो विक्रय मूल्य होगा—
विक्रय मूल्य = 300 × (100 + 20) / 100 = 300 × 120 / 100 = ₹360
अतः रेडियो को ₹360 में बेचना होगा।
विक्रय मूल्य और हानि से हानि प्रतिशत
यदि विक्रय मूल्य तथा हानि की वास्तविक राशि दी हो, तो पहले क्रय मूल्य ज्ञात किया जाता है।
क्रय मूल्य = विक्रय मूल्य + हानि
इसके बाद—
हानि प्रतिशत = (हानि / क्रय मूल्य) × 100
उदाहरण 3 — ₹20 में बेचने पर ₹5 की हानि
दिया है—
- विक्रय मूल्य = ₹20
- हानि = ₹5
अतः क्रय मूल्य—
क्रय मूल्य = 20 + 5 = ₹25
हानि प्रतिशत—
= (5 / 25) × 100 = 20%
अतः वस्तु पर 20% की हानि हुई।
आय, व्यय और बचत का संबंध
किसी व्यक्ति की कुल आय में से जो राशि खर्च होती है, वह व्यय कहलाती है और खर्च करने के बाद बची हुई राशि बचत होती है।
आय = व्यय + बचत बचत = आय − व्यय
यदि आय का x% खर्च किया जाता है, तो बचत प्रतिशत—
बचत प्रतिशत = 100% − व्यय प्रतिशत
उदाहरण 4 — आय का 45% खर्च और ₹3545 बचत
रमेश अपनी आय का 45% खर्च करता है। उसकी मासिक बचत ₹3545 है।
व्यय प्रतिशत = 45%
अतः बचत प्रतिशत—
100% − 45% = 55%
माना मासिक आय = x
x का 55% = 3545 55x / 100 = 3545 55x = 3545 × 100 x = (3545 × 100) / 55 x ≈ ₹6445.45
अतः रमेश की मासिक आय लगभग ₹6445.45 है।
बचत से आय ज्ञात करने का सरल सूत्र
आय = बचत × 100 / बचत प्रतिशत
उदाहरण 5 — आय का 52% खर्च और ₹4320 बचत
राकेश अपने वेतन का 52% खर्च करता है और शेष बचाता है।
बचत प्रतिशत—
100% − 52% = 48%
48% आय = ₹4320
आय = (4320 × 100) / 48 = ₹9000
अतः राकेश का मासिक वेतन ₹9000 है।
क्रमिक व्यय वाले प्रश्न
यदि आय का कुछ प्रतिशत खर्च करने के बाद शेष राशि का कोई प्रतिशत दोबारा खर्च किया जाए, तो प्रत्येक नया प्रतिशत उस समय बची हुई राशि पर लगाया जाता है।
ऐसे प्रश्नों में सभी प्रतिशत सीधे जोड़ना सही नहीं होता।
उदाहरण 6 — टैक्स, घर खर्च और मनोरंजन
एक व्यक्ति अपनी मासिक आय का—
- 10% टैक्स में खर्च करता है।
- इसके बाद शेष राशि का 15% घर खर्च पर करता है।
- फिर शेष राशि का 20% मनोरंजन पर खर्च करता है।
- अन्त में ₹1836 बचते हैं।
माना मासिक आय = ₹x
पहला खर्च — टैक्स
टैक्स = 10% of x = x/10
टैक्स के बाद शेष राशि—
x − x/10 = 9x/10
दूसरा खर्च — घर खर्च
घर खर्च शेष राशि का 15% है—
= (9x/10) × 15/100 = 27x/200
अब शेष राशि—
9x/10 − 27x/200 = 180x/200 − 27x/200 = 153x/200
तीसरा खर्च — मनोरंजन
= (153x/200) × 20/100 = 153x/1000
इसके बाद ₹1836 बचते हैं।
अतः—
x/10 + 27x/200 + 153x/1000 + 1836 = x
सरलीकरण करने पर—
612x = 1836000 x = ₹3000
अतः व्यक्ति की मासिक आय = ₹3000 है।
भिन्नों में दिए गए व्यय
यदि आय के अलग-अलग भाग भिन्न के रूप में खर्च किए गए हों, तो खर्च किए गए सभी भिन्नों को जोड़कर उसे 1 में से घटाया जाता है।
उदाहरण 7 — आय का 1/4, 1/2 और 1/5 भाग खर्च
एक व्यक्ति अपनी आय का—
- 1/4 भाग व्यक्तिगत खर्च में,
- 1/2 भाग घरेलू खर्च में,
- 1/5 भाग बच्चों की शिक्षा पर खर्च करता है।
कुल खर्च—
1/4 + 1/2 + 1/5 = 5/20 + 10/20 + 4/20 = 19/20
अतः बचा हुआ भाग—
1 − 19/20 = 1/20
अतः व्यक्ति के पास उसकी कुल आय का 1/20 भाग बचता है।
मासिक आय और व्यय से वार्षिक आय-व्यय
यदि मासिक राशि ज्ञात हो, तो वार्षिक राशि प्राप्त करने के लिए उसे 12 से गुणा किया जाता है।
वार्षिक आय = मासिक आय × 12 वार्षिक व्यय = मासिक व्यय × 12
उदाहरण 8 — 80% खर्च और ₹120 मासिक बचत
रचित अपनी मासिक आय का 80% खर्च करता है और ₹120 प्रति माह बचाता है।
अतः बचत प्रतिशत—
100% − 80% = 20%
माना मासिक आय = x
x का 20% = 120 20x / 100 = 120 x/5 = 120 x = ₹600
अतः मासिक आय = ₹600।
मासिक व्यय—
600 का 80% = (600 × 80) / 100 = ₹480
अब वार्षिक आय—
₹600 × 12 = ₹7200
वार्षिक व्यय—
₹480 × 12 = ₹5760
अतः रचित की वार्षिक आय ₹7200 तथा वार्षिक व्यय ₹5760 है।
प्रश्न की पहचान कैसे करें?
| प्रश्न में दिया हो | क्या करें? |
|---|---|
| क्रय मूल्य और लाभ प्रतिशत | विक्रय मूल्य ज्ञात करें |
| विक्रय मूल्य और हानि प्रतिशत | क्रय मूल्य ज्ञात करें |
| विक्रय मूल्य और वास्तविक हानि | पहले क्रय मूल्य, फिर हानि प्रतिशत निकालें |
| आय का x% खर्च | बचत = (100 − x)% |
| बचत राशि और बचत प्रतिशत | बचत × 100 / बचत प्रतिशत |
| शेष राशि का प्रतिशत खर्च | हर नया प्रतिशत शेष राशि पर लगाएँ |
परीक्षा में लिखने योग्य मुख्य सूत्र
लाभ = विक्रय मूल्य − क्रय मूल्य हानि = क्रय मूल्य − विक्रय मूल्य लाभ प्रतिशत = (लाभ / क्रय मूल्य) × 100 हानि प्रतिशत = (हानि / क्रय मूल्य) × 100 लाभ पर विक्रय मूल्य = क्रय मूल्य × (100 + लाभ%)/100 हानि पर क्रय मूल्य = विक्रय मूल्य × 100/(100 − हानि%) आय = व्यय + बचत बचत प्रतिशत = 100% − व्यय प्रतिशत आय = बचत × 100 / बचत प्रतिशत
हल करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
- लाभ और हानि प्रतिशत का आधार क्रय मूल्य होता है।
- हानि होने पर विक्रय मूल्य, क्रय मूल्य से कम होता है।
- लाभ होने पर विक्रय मूल्य, क्रय मूल्य से अधिक होता है।
- आय का 52% खर्च होने पर बचत 48% होगी।
- यदि प्रश्न में “शेष राशि का 15%” लिखा हो, तो 15% मूल आय का नहीं बल्कि उस समय बची राशि का निकाला जाएगा।
- मासिक राशि से वार्षिक राशि प्राप्त करने के लिए 12 से गुणा करें।
- ₹1800 में 10% हानि पर बेची गई साइकिल का क्रय मूल्य ₹2000 है।
- ₹300 की वस्तु को 20% लाभ पर बेचने का विक्रय मूल्य ₹360 है।
- ₹20 में बेचने पर ₹5 की हानि होने पर क्रय मूल्य ₹25 और हानि 20% है।
- आय का 45% खर्च होने पर बचत 55% होती है।
- ₹3545 बचत, आय के 55% के बराबर हो तो मासिक आय लगभग ₹6445.45 है।
- 52% खर्च और ₹4320 बचत होने पर मासिक आय ₹9000 है।
- क्रमिक व्यय वाले प्रश्नों में हर नया प्रतिशत शेष राशि पर लगाया जाता है।
- 1/4 + 1/2 + 1/5 आय खर्च होने पर आय का 1/20 भाग बचता है।
- 80% खर्च और ₹120 मासिक बचत होने पर मासिक आय ₹600 तथा मासिक व्यय ₹480 है।
- इसी स्थिति में वार्षिक आय ₹7200 तथा वार्षिक व्यय ₹5760 होगा।
प्रतिशत के व्यावहारिक अनुप्रयोग
व्यावहारिक जीवन में प्रतिशत का प्रयोग
प्रतिशत का उपयोग केवल परीक्षा में अंक निकालने या लाभ-हानि तक सीमित नहीं है। इसका प्रयोग ब्याज, जनसंख्या वृद्धि, मतदान, पानी की मात्रा में कमी तथा अन्य दैनिक गणनाओं में भी किया जाता है।
इन प्रश्नों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह पहचानना है कि प्रतिशत किस मूल राशि या मात्रा पर लगाया जा रहा है।
1. साधारण ब्याज में प्रतिशत
जब किसी मूलधन पर निश्चित वार्षिक दर से एक निश्चित समय के लिए ब्याज लिया या दिया जाता है, तो साधारण ब्याज निम्न सूत्र से ज्ञात किया जाता है—
साधारण ब्याज = (मूलधन × दर × समय) / 100
जहाँ—
- मूलधन = प्रारम्भ में दी गई राशि
- दर = वार्षिक ब्याज प्रतिशत
- समय = वर्षों में समय
उदाहरण 1 — ₹500 पर 12% वार्षिक दर से 3 वर्ष का साधारण ब्याज
दिया है—
- मूलधन = ₹500
- दर = 12% वार्षिक
- समय = 3 वर्ष
सूत्र का प्रयोग—
साधारण ब्याज = (500 × 12 × 3) / 100 = 5 × 12 × 3 = ₹180
अतः 3 वर्ष का साधारण ब्याज = ₹180।
साधारण ब्याज वाले प्रश्न की पहचान
यदि प्रश्न में मूलधन, वार्षिक ब्याज की दर और समय दिया हो, तो साधारण ब्याज का सूत्र सीधे प्रयोग किया जा सकता है।
2. जनसंख्या वृद्धि में प्रतिशत
जनसंख्या में वृद्धि के प्रश्नों में दिए गए वृद्धि प्रतिशत को वर्तमान जनसंख्या पर लगाया जाता है।
यदि अगले वर्ष भी उसी दर से वृद्धि हो, तो दूसरे वर्ष का प्रतिशत पहले वर्ष के बाद प्राप्त नई जनसंख्या पर लगाया जाएगा।
प्रति हजार वृद्धि को प्रतिशत में बदलना
पाठ्यपुस्तक के उदाहरण में प्रति हजार 20 की वृद्धि दी गई है।
1000 पर वृद्धि = 20 100 पर वृद्धि = (20 / 1000) × 100 = 2%
अतः प्रति हजार 20 की वृद्धि = 2% वृद्धि।
उदाहरण 2 — 1,50,000 की जनसंख्या में प्रतिवर्ष 2% वृद्धि
किसी शहर की वर्तमान जनसंख्या 1,50,000 है। प्रति वर्ष प्रति हजार 20 अर्थात 2% की वृद्धि होती है। 2 वर्ष बाद जनसंख्या ज्ञात करें।
प्रथम वर्ष
प्रथम वर्ष की वृद्धि = (1,50,000 × 2) / 100 = 3,000
प्रथम वर्ष के अन्त में जनसंख्या—
1,50,000 + 3,000 = 1,53,000
द्वितीय वर्ष
अब 2% वृद्धि 1,53,000 पर होगी।
द्वितीय वर्ष की वृद्धि = (1,53,000 × 2) / 100 = 3,060
दूसरे वर्ष के अन्त में जनसंख्या—
1,53,000 + 3,060 = 1,56,060
अतः 2 वर्ष बाद जनसंख्या 1,56,060 होगी।
महत्वपूर्ण बात
लगातार वर्षों की प्रतिशत वृद्धि में हर वर्ष का नया मान अगले वर्ष का आधार बनता है।
इसलिए 2% + 2% करके सीधे 4% निकालना यहाँ सही विधि नहीं है।
3. चुनाव और मतदान में प्रतिशत
चुनाव संबंधी प्रश्नों में पहले यह देखा जाता है कि कुल मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने मतदान किया।
यदि कुछ प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान नहीं किया हो, तो—
डाले गए मतों का प्रतिशत = 100% − मतदान न करने वालों का प्रतिशत
उदाहरण 3 — 10% मतदाताओं ने मतदान नहीं किया
एक चुनाव में दो उम्मीदवार थे। 10% मतदाताओं ने मतदान नहीं किया। विजेता ने कुल मतों के 49% मत प्राप्त किए और वह 1000 मतों से विजयी रहा।
माना कुल मतदाता = x
10% ने मतदान नहीं किया, इसलिए डाले गए मत—
= x × 90/100 = 90x/100
विजेता को मिले मत—
= 49x/100
अतः हारने वाले उम्मीदवार को मिले मत—
= 90x/100 − 49x/100 = 41x/100
विजेता 1000 मतों से जीता, इसलिए—
49x/100 − 41x/100 = 1000 8x/100 = 1000
अतः—
8x = 100000 x = 12500
इसलिए कुल मतदाताओं की संख्या 12,500 थी।
हारने वाले उम्मीदवार के मत—
= 12500 × 41/100 = 5125
अतः हारने वाले उम्मीदवार को 5,125 मत मिले।
चुनाव वाले प्रश्न को समझने की क्रम-विधि
कुल मतदाता → मतदान न करने वालों का प्रतिशत घटाएँ → डाले गए मत → उम्मीदवारों के मत → मतों का अंतर
4. पानी की मात्रा में प्रतिशत कमी
यदि किसी टंकी या अन्य मात्रा में कुछ प्रतिशत कमी हो, तो पहले कुल मात्रा का दिया गया प्रतिशत ज्ञात किया जाता है और उसे प्रारम्भिक मात्रा से घटा दिया जाता है।
सूत्र—
कमी की मात्रा = (प्रारम्भिक मात्रा × कमी प्रतिशत) / 100 शेष मात्रा = प्रारम्भिक मात्रा − कमी की मात्रा
उदाहरण 4 — 1000 लीटर पानी में 10% की कमी
एक टंकी में 1000 लीटर पानी है। रिसाव के कारण एक घंटे में पानी की मात्रा में 10% की कमी हो जाती है।
एक घंटे में कम हुआ पानी—
1000 का 10% = (1000 × 10) / 100 = 100 लीटर
अतः एक घंटे बाद शेष पानी—
1000 − 100 = 900 लीटर
इसलिए एक घंटे बाद टंकी में 900 लीटर पानी रहेगा।
वृद्धि और कमी वाले प्रश्नों में आधार
प्रतिशत वृद्धि अथवा कमी हमेशा उस मात्रा के आधार पर निकाली जाती है जिस पर परिवर्तन हो रहा है।
जैसे—
- जनसंख्या में दूसरे वर्ष की वृद्धि पहले वर्ष के बाद प्राप्त जनसंख्या पर होगी।
- पानी की कमी प्रारम्भिक पानी की मात्रा के प्रतिशत के रूप में निकाली जाएगी।
- मतदान में मतदान न करने वाले प्रतिशत को कुल मतदाताओं के आधार पर लिया जाएगा।
चारों प्रकार के प्रश्न एक साथ
| प्रश्न का प्रकार | मुख्य प्रक्रिया |
|---|---|
| साधारण ब्याज | मूलधन × दर × समय / 100 |
| जनसंख्या वृद्धि | वर्तमान जनसंख्या का वृद्धि प्रतिशत जोड़ें |
| मतदान | पहले डाले गए मतों का प्रतिशत ज्ञात करें |
| मात्रा में कमी | कमी निकालकर मूल मात्रा से घटाएँ |
परीक्षा में लिखने योग्य मुख्य सूत्र
साधारण ब्याज = (मूलधन × दर × समय) / 100 प्रतिशत वृद्धि = (वृद्धि / प्रारम्भिक मान) × 100 नया मान = प्रारम्भिक मान + वृद्धि डाले गए मतों का प्रतिशत = 100% − मतदान न करने वालों का प्रतिशत कमी की मात्रा = प्रारम्भिक मात्रा × कमी प्रतिशत / 100 शेष मात्रा = प्रारम्भिक मात्रा − कमी की मात्रा
हल करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
- साधारण ब्याज में दर सामान्यतः वार्षिक प्रतिशत के रूप में दी जाती है।
- जनसंख्या में प्रत्येक वर्ष नई जनसंख्या अगले वर्ष की गणना का आधार बनती है।
- प्रति हजार वृद्धि को प्रतिशत में बदलने के लिए उसे 100 के आधार पर व्यक्त करें।
- मतदान न करने वालों को कुल मतदाताओं में से घटाने के बाद डाले गए मत प्राप्त होते हैं।
- किसी मात्रा में x% कमी होने पर शेष मात्रा (100 − x)% रहती है।
- साधारण ब्याज = (मूलधन × दर × समय) / 100।
- ₹500 पर 12% वार्षिक दर से 3 वर्ष का साधारण ब्याज ₹180 है।
- प्रति हजार 20 की वृद्धि का अर्थ 2% वृद्धि है।
- 1,50,000 की जनसंख्या में प्रतिवर्ष 2% वृद्धि होने पर 2 वर्ष बाद जनसंख्या 1,56,060 होगी।
- लगातार प्रतिशत वृद्धि में प्रत्येक नया मान अगली गणना का आधार बनता है।
- 10% मतदाताओं के मतदान न करने पर 90% मत डाले जाते हैं।
- चुनाव वाले उदाहरण में कुल मतदाता 12,500 तथा हारने वाले उम्मीदवार के मत 5,125 हैं।
- 1000 लीटर पानी में 10% कमी होने पर 100 लीटर पानी कम होगा।
- अतः एक घंटे बाद टंकी में 900 लीटर पानी बचेगा।
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प्रतिशत द्वारा आँकड़ों की व्याख्या
प्रतिशत द्वारा आँकड़ों की व्याख्या
किसी बड़ी मात्रा या कुल आँकड़े को अलग-अलग भागों में बाँटकर यदि प्रत्येक भाग को प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाए, तो विभिन्न भागों की तुलना करना आसान हो जाता है।
ऐसे आँकड़ों को पाई चार्ट के माध्यम से भी प्रदर्शित किया जा सकता है।
पाई चार्ट में संपूर्ण वृत्त कुल मात्रा अर्थात 100% को दर्शाता है और उसके अलग-अलग भाग विभिन्न श्रेणियों के प्रतिशत को प्रदर्शित करते हैं।
भारत बॉण्ड में निवेश का प्रतिशत वितरण
पाठ्यपुस्तक में दिए गए पाई चार्ट में विभिन्न निवेशकों का योगदान इस प्रकार है—
| निवेशक | योगदान |
|---|---|
| कॉर्पोरेट हाउस | 34% |
| विदेशी संस्थागत निवेशक | 33% |
| ऑफशोर फंड | 16% |
| प्रवासी भारतीय | 11% |
| अन्य | 4% |
| राष्ट्रीय बैंक | 2% |
इन सभी प्रतिशतों का योग—
34 + 33 + 16 + 11 + 4 + 2 = 100%
अतः पूरा पाई चार्ट कुल निवेश का 100% प्रदर्शित करता है।
पाई चार्ट पढ़ने की सरल विधि
- सबसे पहले कुल मात्रा को 100% मानें।
- जिस श्रेणी का प्रतिशत दिया है, उसकी पहचान करें।
- यदि वास्तविक राशि ज्ञात करनी हो, तो कुल राशि का वह प्रतिशत निकालें।
- यदि किसी एक प्रतिशत की वास्तविक राशि दी हो, तो उससे कुल राशि ज्ञात करें।
- दो या अधिक श्रेणियों का संयुक्त योगदान चाहिए, तो उनके प्रतिशत जोड़ें।
किसी प्रतिशत की वास्तविक राशि से कुल राशि ज्ञात करना
यदि किसी श्रेणी का प्रतिशत तथा उसकी वास्तविक राशि ज्ञात हो, तो कुल राशि—
कुल राशि = वास्तविक राशि × 100 / दिया गया प्रतिशत
उदाहरण 1 — प्रवासी भारतीयों का 11% निवेश ₹4000 करोड़
पाई चार्ट के अनुसार प्रवासी भारतीयों का योगदान 11% है।
यदि यह 11% निवेश ₹4000 करोड़ के बराबर है, तो माना कुल निवेश = x
11% of x = 4000 11x / 100 = 4000 11x = 400000 x = 400000 / 11 x ≈ ₹36,363.64 करोड़
अतः कुल निवेश लगभग ₹36,363.64 करोड़ है।
दो श्रेणियों का संयुक्त प्रतिशत
यदि दो श्रेणियों का संयुक्त योगदान ज्ञात करना हो, तो उनके प्रतिशत जोड़ दिए जाते हैं।
उदाहरण 2 — कॉर्पोरेट हाउस और विदेशी संस्थागत निवेशक
कॉर्पोरेट हाउस का योगदान = 34%
विदेशी संस्थागत निवेशकों का योगदान = 33%
दोनों का संयुक्त योगदान—
34% + 33% = 67%
यदि प्रवासी भारतीयों के 11% निवेश का वास्तविक मान ₹4000 करोड़ है, तो कुल निवेश—
कुल निवेश = ₹36,363.64 करोड़
अब 67% निवेश—
= (36,363.64 × 67) / 100 ≈ ₹24,363.64 करोड़
अतः कॉर्पोरेट हाउस और विदेशी संस्थागत निवेशकों का संयुक्त निवेश लगभग ₹24,363.64 करोड़ है।
प्रतिशत जोड़कर संयुक्त योगदान ज्ञात करना
प्रवासी भारतीयों का योगदान = 11%
विदेशी संस्थागत निवेशकों का योगदान = 33%
अतः दोनों का संयुक्त योगदान—
11% + 33% = 44%
इसलिए कुल निवेश का 44% भाग प्रवासी भारतीयों और विदेशी संस्थागत निवेशकों से प्राप्त होता है।
प्रतिशत वितरण बदलने पर नया प्रतिशत
यदि किसी एक श्रेणी की वास्तविक मात्रा बढ़ जाए और अन्य सभी श्रेणियाँ पहले जैसी रहें, तो केवल उस श्रेणी का पुराना प्रतिशत सीधे नया प्रतिशत नहीं माना जा सकता।
पहले सभी श्रेणियों के नए अनुपात का कुल योग ज्ञात करना आवश्यक होता है।
उदाहरण 3 — विदेशी संस्थागत निवेशकों का निवेश दोगुना हो जाए
मूल वितरण में विदेशी संस्थागत निवेशकों का योगदान 33% है।
यदि उनका निवेश दोगुना हो जाए—
33 × 2 = 66
अन्य सभी निवेश पहले जैसे ही हैं।
नया कुल अनुपात—
11 + 34 + 2 + 4 + 16 + 66 = 133
अब विदेशी संस्थागत निवेशकों का नया प्रतिशत—
= (66 / 133) × 100 ≈ 49.62%
अतः निवेश दोगुना होने के बाद कुल निवेश में विदेशी संस्थागत निवेशकों का नया योगदान लगभग 49.62% होगा।
यह 66% क्यों नहीं होगा?
33% को दोगुना करने पर उसकी मात्रा का अनुपात 66 हो जाता है, लेकिन इससे कुल निवेश भी बढ़ जाता है।
नया कुल अनुपात 100 नहीं बल्कि 133 हो जाता है। इसलिए नया प्रतिशत 66 को 133 के आधार पर निकालना होगा।
नया प्रतिशत = नया भाग / नया कुल × 100 = 66 / 133 × 100 ≈ 49.62%
दिए गए प्रतिशत से वास्तविक राशि ज्ञात करना
यदि कुल राशि और किसी श्रेणी का प्रतिशत दिया हो, तो उस श्रेणी की वास्तविक राशि—
वास्तविक राशि = कुल राशि × प्रतिशत / 100
जैसे यदि कुल निवेश ₹10,000 करोड़ हो और किसी श्रेणी का योगदान 16% हो, तो सूत्र का प्रयोग—
वास्तविक राशि = कुल राशि × 16 / 100
इस प्रकार किसी भी प्रतिशत वितरण से संबंधित वास्तविक मात्रा ज्ञात की जा सकती है।
पाई चार्ट आधारित प्रश्नों की पहचान
| प्रश्न में दिया हो | क्या करें? |
|---|---|
| कुल राशि और प्रतिशत | कुल राशि × प्रतिशत / 100 |
| प्रतिशत और उसकी वास्तविक राशि | वास्तविक राशि × 100 / प्रतिशत |
| दो या अधिक श्रेणियों का योगदान | प्रतिशतों को जोड़ें |
| किसी एक भाग की मात्रा बदल जाए | नया कुल बनाकर नया प्रतिशत निकालें |
परीक्षा में लिखने योग्य मुख्य सूत्र
वास्तविक राशि = कुल राशि × प्रतिशत / 100 कुल राशि = वास्तविक राशि × 100 / प्रतिशत संयुक्त प्रतिशत = पहला प्रतिशत + दूसरा प्रतिशत + ... नया प्रतिशत = नया भाग / नया कुल × 100
हल करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
- पूरा पाई चार्ट कुल मात्रा का 100% दर्शाता है।
- दो श्रेणियों का संयुक्त योगदान निकालने के लिए उनके प्रतिशत जोड़ें।
- यदि प्रतिशत की वास्तविक राशि दी हो, तो उससे कुल राशि ज्ञात की जा सकती है।
- यदि किसी एक श्रेणी की मात्रा बदलती है, तो कुल मात्रा भी बदल सकती है।
- ऐसी स्थिति में नया प्रतिशत नए कुल के आधार पर ही निकाला जाएगा।
- पाई चार्ट का पूरा वृत्त कुल मात्रा का 100% दर्शाता है।
- कॉर्पोरेट हाउस का योगदान 34% तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों का योगदान 33% है।
- प्रवासी भारतीयों का योगदान 11% है।
- 11% निवेश = ₹4000 करोड़ होने पर कुल निवेश लगभग ₹36,363.64 करोड़ है।
- कॉर्पोरेट हाउस और विदेशी संस्थागत निवेशकों का संयुक्त योगदान 67% है।
- दोनों का संयुक्त निवेश लगभग ₹24,363.64 करोड़ है।
- प्रवासी भारतीय और विदेशी संस्थागत निवेशकों का संयुक्त योगदान 44% है।
- विदेशी संस्थागत निवेशकों का निवेश दोगुना होने पर नया कुल अनुपात 133 होगा।
- तब उनका नया प्रतिशत (66/133) × 100 ≈ 49.62% होगा।