परिमिति का अर्थ एवं मूल अवधारणा
परिमिति का अर्थ
किसी आकृति की बाहरी सीमा या बाहरी रेखा की कुल लंबाई को उसकी परिमिति कहते हैं। अंग्रेजी में इसे Perimeter कहा जाता है।
सरल शब्दों में, यदि किसी बन्द आकृति के चारों ओर एक पूरा चक्कर लगाया जाए, तो तय की गई कुल दूरी उस आकृति की परिमिति के बराबर होती है।
परिमिति = आकृति की बाहरी सीमा की कुल लंबाई
परिमिति कैसे ज्ञात करते हैं?
बहुभुज जैसी आकृतियों की परिमिति ज्ञात करने के लिए उनकी सभी बाहरी भुजाओं की लंबाइयों को जोड़ा जाता है।
परिमिति = सभी बाहरी भुजाओं की लंबाइयों का योग
उदाहरण — आयत
यदि किसी आयत की लंबाई 7 इकाई तथा चौड़ाई 3 इकाई हो, तो उसकी चारों भुजाओं का योग—
परिमिति = 7 + 3 + 7 + 3 = 20 इकाई
उदाहरण — पंचभुज
यदि किसी पंचभुज की प्रत्येक भुजा 3 इकाई की हो, तो उसकी पाँचों भुजाओं को जोड़कर परिमिति प्राप्त होगी।
परिमिति = 3 + 3 + 3 + 3 + 3 = 5 × 3 = 15 इकाई
वृत्त की परिमिति
वृत्त की परिमिति को उसकी परिधि कहा जाता है। यदि वृत्त की त्रिज्या r हो, तो—
वृत्त की परिधि = 2πr
परिमिति और क्षेत्रफल में अंतर
परिमिति और क्षेत्रफल दो अलग अवधारणाएँ हैं। परिमिति किसी आकृति की सीमा की कुल लंबाई बताती है, जबकि क्षेत्रफल उस आकृति द्वारा घिरे हुए भाग का माप बताता है।
| परिमिति | क्षेत्रफल |
|---|---|
| बाहरी सीमा की लंबाई | घिरे हुए भाग का माप |
| सेमी, मीटर आदि में | सेमी², मी² आदि में |
| भुजाओं/सीमा का योग | आकृति के अनुसार क्षेत्रफल का सूत्र |
एक नज़र में
बहुभुज → सभी बाहरी भुजाओं का योग वृत्त → परिधि = 2πr परिमिति → सीमा की लंबाई
- किसी आकृति की बाहरी सीमा की कुल लंबाई को परिमिति कहते हैं।
- बहुभुज की परिमिति उसकी सभी बाहरी भुजाओं के योग के बराबर होती है।
- 7 × 3 इकाई आयत की परिमिति 20 इकाई होती है।
- 3 इकाई की पाँच समान भुजाओं वाले पंचभुज की परिमिति 15 इकाई होती है।
- वृत्त की परिमिति को परिधि कहते हैं।
- वृत्त की परिधि का सूत्र 2πr है।
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विभिन्न आकृतियों की परिमिति के सूत्र
परिमिति के प्रमुख सूत्र
अलग-अलग आकृतियों की परिमिति उनके बाहरी किनारों की लंबाइयों के आधार पर ज्ञात की जाती है।
1. त्रिभुज की परिमिति
यदि त्रिभुज की तीन भुजाएँ a, b और c हों, तो—
त्रिभुज की परिमिति = a + b + c
2. वर्ग की परिमिति
वर्ग की चारों भुजाएँ बराबर होती हैं। यदि एक भुजा a हो, तो—
वर्ग की परिमिति = a + a + a + a = 4a
3. आयत की परिमिति
आयत की आमने-सामने की भुजाएँ बराबर होती हैं। यदि लंबाई l तथा चौड़ाई b हो, तो—
परिमिति = l + b + l + b = 2(l + b) = 2 × (लंबाई + चौड़ाई)
4. चतुर्भुज की परिमिति
यदि किसी चतुर्भुज की चार भुजाएँ a, b, c और d हों, तो—
चतुर्भुज की परिमिति = a + b + c + d
5. वृत्त की परिमिति
वृत्त की परिमिति को परिधि कहते हैं।
वृत्त की परिधि = 2πr
जहाँ r वृत्त की त्रिज्या है।
6. वृत्तखण्ड / Sector की परिमिति
वृत्त के किसी भाग की सीमा में दो त्रिज्याएँ तथा उनके बीच का चाप सम्मिलित होता है।
यदि केन्द्रीय कोण θ को रेडियन में लिया जाए, तो चाप की लंबाई rθ होती है। अतः—
वृत्तखण्ड की परिमिति = rθ + r + r = r(θ + 2)
यदि θ अंशों में दिया हो, तो चाप की लंबाई—
चाप की लंबाई = 2πr × θ/360°
अतः वृत्तखण्ड की परिमिति—
= 2r + 2πr × θ/360°
सूत्र सारणी
| आकृति | परिमिति |
|---|---|
| त्रिभुज | a + b + c |
| वर्ग | 4a |
| आयत | 2(l + b) |
| चतुर्भुज | a + b + c + d |
| वृत्त | 2πr |
| वृत्तखण्ड | r(θ + 2), जब θ रेडियन में हो |
एक नज़र में सूत्र
त्रिभुज = a + b + c वर्ग = 4a आयत = 2(l + b) चतुर्भुज = a + b + c + d वृत्त = 2πr वृत्तखण्ड = r(θ + 2)
- त्रिभुज की परिमिति a + b + c होती है।
- वर्ग की परिमिति 4 × भुजा होती है।
- आयत की परिमिति 2 × (लंबाई + चौड़ाई) होती है।
- चतुर्भुज की परिमिति उसकी चारों भुजाओं के योग के बराबर होती है।
- वृत्त की परिधि 2πr होती है।
- θ रेडियन में होने पर वृत्तखण्ड की परिमिति r(θ + 2) होती है।
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बहुभुज, त्रिभुज, वर्ग एवं आयत की परिमिति
अनियमित बहुभुज की परिमिति
यदि कोई आकृति नियमित न हो, तो उसकी परिमिति निकालने के लिए उसकी सभी बाहरी भुजाओं को एक-एक करके जोड़ते हैं।
उदाहरण 1 — षट्कोण
चित्र में एक अनियमित षट्कोण की छह भुजाएँ क्रमशः 6, 3, 5, 3, 3 और 2 सेमी हैं।
परिमिति = 6 + 3 + 5 + 3 + 3 + 2 = 22 सेमी
अतः षट्कोण की परिमिति 22 सेमी है।
उदाहरण 2 — त्रिभुज की भुजाएँ 6, 8 और 12 सेमी
परिमिति = 6 + 8 + 12 = 26 सेमी
अतः त्रिभुज की परिमिति 26 सेमी है।
उदाहरण 3 — आयत की लंबाई 8 सेमी और चौड़ाई 3 सेमी
परिमिति = 2(8 + 3) = 2 × 11 = 22 सेमी
अतः आयत की परिमिति 22 सेमी है।
उदाहरण 4 — आयत की लंबाई 9 सेमी और चौड़ाई 3 सेमी
परिमिति = 2(9 + 3) = 2 × 12 = 24 सेमी
अतः आयत की परिमिति 24 सेमी है। यह प्रश्न स्रोत में 2017 में पूछा गया है।
उदाहरण 5 — 5, 15 और 11 सेमी वाला त्रिभुज
परिमिति = 5 + 15 + 11 = 31 सेमी
उदाहरण 6 — आयत 12 सेमी × 15 सेमी
परिमिति = 2(12 + 15) = 2 × 27 = 54 सेमी
उदाहरण 7 — अनियमित बहुभुज
यदि किसी बहुभुज की पाँच बाहरी भुजाएँ क्रमशः 5, 4, 3, 2 और 6 सेमी हों, तो—
परिमिति = 5 + 4 + 3 + 2 + 6 = 20 सेमी
उदाहरण 8 — समलम्ब चतुर्भुज
चित्र में समलम्ब चतुर्भुज की भुजाएँ 5, 3, 4 और 8 सेमी हैं।
परिमिति = 5 + 3 + 4 + 8 = 20 सेमी
उदाहरण 9 — चित्र से त्रिभुज की परिमिति
यदि किसी त्रिभुज की भुजाएँ 5 सेमी, 4 सेमी तथा 2 सेमी हों, तो—
परिमिति = 5 + 4 + 2 = 11 सेमी
वर्ग की परिमिति से भुजा
यदि वर्ग की परिमिति दी हो, तो उसकी एक भुजा ज्ञात करने के लिए परिमिति को 4 से भाग देते हैं।
भुजा = परिमिति / 4
उदाहरण के लिए, यदि परिमिति 30 सेमी हो—
भुजा = 30 / 4 = 7.5 सेमी
आयत की परिमिति से अज्ञात भुजा
यदि आयत की परिमिति P और एक भुजा ज्ञात हो, तो—
P = 2(l + b) l + b = P/2
इसके बाद ज्ञात भुजा घटाकर दूसरी भुजा प्राप्त की जाती है।
यदि लंबाई 10 सेमी और परिमिति 30 सेमी हो—
30 = 2(10 + b) 15 = 10 + b b = 5 सेमी
कौन-सी विधि कब?
| स्थिति | विधि |
|---|---|
| अनियमित बहुभुज | सभी बाहरी भुजाएँ जोड़ें |
| त्रिभुज | तीनों भुजाएँ जोड़ें |
| वर्ग | 4 × भुजा |
| आयत | 2 × (लंबाई + चौड़ाई) |
- अनियमित बहुभुज की परिमिति उसकी सभी बाहरी भुजाओं के योग से प्राप्त होती है।
- 6, 8 और 12 सेमी भुजाओं वाले त्रिभुज की परिमिति 26 सेमी है।
- 8 सेमी × 3 सेमी आयत की परिमिति 22 सेमी है।
- 9 सेमी × 3 सेमी आयत की परिमिति 24 सेमी है।
- 5, 15 और 11 सेमी भुजाओं वाले त्रिभुज की परिमिति 31 सेमी है।
- 12 सेमी × 15 सेमी आयत की परिमिति 54 सेमी है।
- 5, 4, 3, 2 और 6 सेमी भुजाओं वाले बहुभुज की परिमिति 20 सेमी है।
- 5, 3, 4 और 8 सेमी भुजाओं वाले चतुर्भुज की परिमिति 20 सेमी है।
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वृत्त की परिधि एवं त्रिज्या से संबंधित प्रश्न
वृत्त की परिमिति को परिधि कहते हैं
वृत्त की बाहरी वक्र सीमा की कुल लंबाई उसकी परिधि कहलाती है।
वृत्त की परिधि = 2πr
जहाँ r वृत्त की त्रिज्या है।
त्रिज्या से परिधि ज्ञात करना
यदि वृत्त की त्रिज्या ज्ञात हो, तो उसे सूत्र 2πr में रखकर परिधि ज्ञात की जाती है।
उदाहरण 1 — त्रिज्या 21 सेमी
परिधि = 2πr = 2 × 22/7 × 21 = 132 सेमी
अतः वृत्त की परिधि 132 सेमी है।
उदाहरण 2 — त्रिज्या 8 सेमी
परिधि = 2 × 22/7 × 8 = 352/7 ≈ 50.28 सेमी
अतः वृत्त की परिधि लगभग 50.28 सेमी है।
परिधि से त्रिज्या ज्ञात करना
यदि वृत्त की परिधि C दी हो, तो—
C = 2πr
अतः—
r = C / 2π
उदाहरण 3 — परिधि 88 सेमी
88 = 2 × 22/7 × r r = (88 × 7) / 44 = 14 सेमी
अतः वृत्त की त्रिज्या 14 सेमी है।
π का प्रयोग
प्रश्नों में आवश्यकता के अनुसार सामान्यतः—
π = 22/7
का प्रयोग किया गया है।
परिधि और त्रिज्या का संबंध
परिधि बढ़ेगी → त्रिज्या भी बढ़ेगी C = 2πr
एक नज़र में
त्रिज्या दी हो: C = 2πr परिधि दी हो: r = C / 2π
- वृत्त की परिमिति को परिधि कहते हैं।
- वृत्त की परिधि का सूत्र 2πr है।
- 21 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त की परिधि 132 सेमी होती है।
- 8 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त की परिधि लगभग 50.28 सेमी होती है।
- 88 सेमी परिधि वाले वृत्त की त्रिज्या 14 सेमी होती है।
- परिधि ज्ञात होने पर त्रिज्या C/2π से ज्ञात की जा सकती है।
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परिमिति से जुड़े व्यावहारिक अनुप्रयोग
आयामों में परिवर्तन का प्रभाव
स्रोत में आयत की लंबाई और चौड़ाई में प्रतिशत परिवर्तन का उसके क्षेत्रफल पर प्रभाव भी समझाया गया है।
एक भुजा 25% बढ़े और दूसरी 25% घटे
यदि किसी आयत की एक भुजा 25% बढ़ा दी जाए और दूसरी भुजा 25% घटा दी जाए, तो नया क्षेत्रफल मूल क्षेत्रफल का—
(100 + 25)(100 − 25) / 100 = 125 × 75 / 100 = 93.75%
अर्थात नया क्षेत्रफल मूल क्षेत्रफल का 93.75% रह जाता है।
कमी = 100 − 93.75 = 6.25%
अतः क्षेत्रफल में 6.25% की कमी होती है।
एक भुजा 50% बढ़े और दूसरी 50% घटे
नया क्षेत्रफल = 150 × 50 / 100 = 75%
अतः—
कमी = 100 − 75 = 25%
इसलिए क्षेत्रफल में 25% की कमी होगी।
आयताकार कक्ष की चार दीवारों का क्षेत्रफल
यदि किसी आयताकार कक्ष की लंबाई l, चौड़ाई b और ऊँचाई h हो, तो उसकी चारों दीवारों का क्षेत्रफल—
चारों दीवारों का क्षेत्रफल = 2h(l + b)
यह सूत्र कमरे के आधार की परिमिति से भी समझा जा सकता है—
आधार की परिमिति = 2(l + b) चार दीवारों का क्षेत्रफल = आधार की परिमिति × ऊँचाई
उदाहरण — कमरा 10 मी × 8 मी × 4 मी
एक आयताकार कमरे की लंबाई 10 मीटर, चौड़ाई 8 मीटर और ऊँचाई 4 मीटर है।
चारों दीवारों का क्षेत्रफल = 2 × 4 × (10 + 8) = 8 × 18 = 144 मी²
यदि रंगाई की दर ₹2 प्रति वर्ग मीटर हो—
कुल खर्च = 144 × 2 = ₹288
अतः चारों दीवारों को रंगवाने का खर्च ₹288 होगा।
परिमिति का व्यावहारिक उपयोग
परिमिति की अवधारणा का उपयोग उन परिस्थितियों में होता है जहाँ किसी आकृति के चारों ओर की कुल लंबाई की आवश्यकता हो।
- किसी खेत या बगीचे के चारों ओर तार लगाने में।
- किसी आकृति की बाहरी सीमा की लंबाई ज्ञात करने में।
- कक्ष की दीवारों से संबंधित गणनाओं में।
- अनियमित बहुभुज की कुल बाहरी लंबाई ज्ञात करने में।
प्रश्न हल करने की सामान्य विधि
पहला चरण → आकृति पहचानें दूसरा चरण → ज्ञात भुजाएँ / त्रिज्या लिखें तीसरा चरण → उचित सूत्र चुनें चौथा चरण → मान रखकर गणना करें पाँचवाँ चरण → सही इकाई के साथ उत्तर लिखें
परिमिति की इकाई
परिमिति लंबाई का माप है, इसलिए इसका उत्तर सामान्य लंबाई की इकाइयों में लिखा जाता है—
सेमी मीटर किलोमीटर आदि
परिमिति को सेमी² या मी² में नहीं लिखा जाता, क्योंकि वे क्षेत्रफल की इकाइयाँ हैं।
एक नज़र में मुख्य बातें
परिमिति = बाहरी सीमा क्षेत्रफल = अंदर का भाग दीवारों का क्षेत्रफल = आधार की परिमिति × ऊँचाई एक भुजा +25% दूसरी −25% → क्षेत्रफल 6.25% कम एक भुजा +50% दूसरी −50% → क्षेत्रफल 25% कम
- परिमिति आकृति की बाहरी सीमा की कुल लंबाई है।
- परिमिति का उत्तर सेमी, मीटर आदि लंबाई की इकाइयों में दिया जाता है।
- आयत की एक भुजा 25% बढ़ाने और दूसरी 25% घटाने पर क्षेत्रफल 6.25% घटता है।
- एक भुजा 50% बढ़ाने और दूसरी 50% घटाने पर क्षेत्रफल 25% घटता है।
- आयताकार कक्ष की चार दीवारों का क्षेत्रफल 2h(l + b) होता है।
- 10 मी × 8 मी × 4 मी कक्ष की चार दीवारों का क्षेत्रफल 144 मी² है।
- ₹2 प्रति मी² की दर से उक्त दीवारों की रंगाई का खर्च ₹288 होगा।
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