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Home Study Material Semester 1 गणित कोण के प्रकार तथा उनकी रचना
Chapter 8 • गणित

कोण के प्रकार तथा उनकी रचना

UP DELED Semester 1 गणित विषय के इस अध्याय में पटरी और परकार की सहायता से 30°, 60°, 75°, 90° तथा 120° के कोणों की रचना, दिए गए कोण और भुजाओं से त्रिभुज की रचना तथा शून्य कोण, न्यून कोण, समकोण, अधिक कोण, ऋजु कोण, वृहत कोण और सम्पूर्ण कोण की अवधारणा एवं महत्वपूर्ण तथ्यों का अध्ययन करेंगे।

Chapter Overview

6
Topics
15
MCQs
10+
PYQs
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Notes
Topic 1 पटरी एवं परकार से 60°, 90° और 120° कोण की रचना

पटरी एवं परकार से 60°, 90° और 120° कोण की रचना

कोणों की रचना

कुछ निश्चित माप के कोणों की रचना पटरी और परकार की सहायता से बिना चाँदे के भी की जा सकती है। इस अध्याय में 60°, 90° और 120° के कोणों की रचना प्रमुख रूप से दी गई है।

60° के कोण की रचना

समबाहु त्रिभुज के प्रत्येक कोण का माप 60° होता है। इसी गुण का प्रयोग करके पटरी और परकार की सहायता से 60° का कोण बनाया जाता है।

रचना के चरण

  1. सबसे पहले रेखा PQ खींचिए।
  2. परकार को बिन्दु P पर रखकर बिन्दु Q से होकर एक चाप खींचिए।
  3. अब बिन्दु Q को केन्द्र मानकर उसी त्रिज्या से दूसरा चाप खींचिए, जो पहले चाप को R पर काटे।
  4. P को R से तथा Q को R से मिलाइए।
  5. इस प्रकार समबाहु त्रिभुज PQR प्राप्त होगा और ∠QPR = 60° होगा।
P Q R 60°

समबाहु त्रिभुज PQR में—

∠QPR = 60°

90° के कोण की रचना

90° का कोण समकोण होता है। पाठ्यपुस्तक में इसे पटरी और परकार की सहायता से निर्मित किया गया है।

रचना के चरण

  1. सबसे पहले रेखा PA खींचिए।
  2. बिन्दु P को केन्द्र मानकर एक चाप खींचिए, जो रेखा PA को Q पर काटे।
  3. अब Q को केन्द्र मानकर PQ दूरी के बराबर त्रिज्या से चाप लगाकर R प्राप्त कीजिए।
  4. R से उसी दूरी का चाप लगाकर S प्राप्त कीजिए।
  5. आवश्यक चापों की सहायता से ऊपर की ओर प्रतिच्छेदन बिन्दु T प्राप्त कीजिए।
  6. P और T को मिलाइए।
  7. PT, PA पर लम्ब होगा और ∠APT = 90° होगा।
P Q T A 90°
∠APT = 90°

90° के कोण की रचना परीक्षा में महत्वपूर्ण है और स्रोत में यह प्रश्न 2017, 2019, 2020 तथा 2023 में पूछा गया है।

120° के कोण की रचना

120° का कोण 90° से अधिक तथा 180° से कम होता है। इसलिए यह एक अधिक कोण है।

रचना के चरण

  1. रेखा AB खींचिए।
  2. A को केन्द्र मानकर किसी सुविधाजनक त्रिज्या से चाप लगाइए, जो AB को C पर काटे।
  3. C को केन्द्र मानकर उसी त्रिज्या से चाप लगाकर D प्राप्त कीजिए।
  4. D को केन्द्र मानकर उसी त्रिज्या से एक और चाप लगाकर E प्राप्त कीजिए।
  5. A तथा E को मिलाकर रेखा को F तक बढ़ाइए।
  6. इस प्रकार ∠FAB = 120° प्राप्त होगा।
A B C E F 120°
∠FAB = 120°

120° के कोण की रचना स्रोत में 2022 के प्रश्न के रूप में भी दी गई है।

तीनों प्रमुख रचनाएँ एक साथ

कोण मुख्य आधार
60° समबाहु त्रिभुज
90° लम्ब रेखा की रचना
120° समान त्रिज्या के क्रमिक चाप

परीक्षा में लिखते समय

कोण की रचना वाले प्रश्न में केवल अंतिम चित्र बनाना पर्याप्त नहीं है। रचना के चरण क्रम से लिखना तथा अन्त में प्राप्त कोण का नाम और माप लिखना चाहिए।

परीक्षा उपयोगी सारांश
  • समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60° होता है।
  • 60° के कोण की रचना समबाहु त्रिभुज के सिद्धान्त पर की जाती है।
  • 90° का कोण समकोण होता है।
  • पटरी और परकार से किसी रेखा पर लम्ब खींचकर 90° का कोण बनाया जा सकता है।
  • 120° का कोण अधिक कोण है।
  • 60° की रचना 2016, 90° की रचना 2017, 2019, 2020, 2023 तथा 120° की रचना 2022 में स्रोत में परीक्षा प्रश्न के रूप में दी गई है।

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Topic 2 30°, 75° कोण एवं त्रिभुज की रचना

30°, 75° कोण एवं त्रिभुज की रचना

30° के कोण की रचना

30° का कोण, 60° के कोण का आधा होता है।

30°
= 60° ÷ 2

इसलिए पहले 60° का कोण बनाकर उसका समद्विभाजन किया जाता है।

रचना के चरण

  1. भुजा PQ खींचिए।
  2. P को केन्द्र मानकर Q से एक चाप खींचिए।
  3. Q को केन्द्र मानकर उसी त्रिज्या से चाप लगाइए, जो पहले चाप को R पर काटे।
  4. इस प्रकार ∠QPR = 60° प्राप्त होगा।
  5. अब 60° के कोण का समद्विभाजन करने के लिए Q और R से समान त्रिज्या के चाप लगाइए, जो T पर काटें।
  6. P और T को मिलाइए।
  7. PT, 60° के कोण को दो बराबर भागों में विभाजित करेगा।
P Q R T 30° 30°
∠QPT = 30°

∠TPR = 30°

∠QPR = 60°

30° की रचना स्रोत में 2016 के प्रश्न के रूप में भी दी गई है।

75° के कोण की रचना

75° का कोण 60° और 90° के बीच स्थित होता है।

पाठ्यपुस्तक में पहले 60° तथा 90° की किरणें बनाकर उनके बीच के 30° कोण का समद्विभाजन किया गया है।

90° − 60°
= 30°

30° ÷ 2
= 15°

60° + 15°
= 75°

रचना के चरण

  1. रेखा PQ खींचिए।
  2. P पर पटरी और परकार से 60° की किरण PS बनाइए।
  3. P पर 90° की किरण PU बनाइए।
  4. PS और PU के बीच का कोण 30° होगा।
  5. इस 30° कोण का समद्विभाजन कीजिए और समद्विभाजक किरण PV खींचिए।
  6. तब PQ तथा PV के बीच का कोण 75° होगा।
75° P Q U S V
∠QPV = 75°

दी गई दो भुजाओं और एक कोण से त्रिभुज की रचना

पाठ्यपुस्तक में पटरी और परकार की सहायता से ऐसे त्रिभुजों की रचना दी गई है जिनकी दो भुजाएँ तथा उनके बीच का कोण ज्ञात हो।

उदाहरण 1

त्रिभुज ABC की रचना कीजिए, जहाँ—

AB = 5 सेमी

AC = 4.5 सेमी

∠BAC = 60°

रचना

  1. 5 सेमी लंबी भुजा AB खींचिए।
  2. A पर 60° का कोण बनाइए।
  3. 60° वाली किरण पर A से 4.5 सेमी की दूरी पर C अंकित कीजिए।
  4. C को B से मिलाइए।
  5. प्राप्त ΔABC वांछित त्रिभुज है।
60° 5 सेमी 4.5 सेमी A B C

उदाहरण 2

त्रिभुज PQR की रचना कीजिए, जहाँ—

PQ = 8 सेमी

PR = 7.5 सेमी

∠QPR = 60°
  1. 8 सेमी लंबी PQ खींचिए।
  2. P पर 60° का कोण बनाइए।
  3. इस किरण पर P से 7.5 सेमी की दूरी पर R अंकित कीजिए।
  4. R को Q से मिलाइए।

इस प्रकार ΔPQR प्राप्त होगा।

उदाहरण 3

स्रोत में इसी प्रकार—

AB = 5 सेमी

AC = 7.5 सेमी

∠CAB = 60°

दिए होने पर भी त्रिभुज ABC की रचना कराई गई है।

मुख्य नियम

यदि दो भुजाएँ तथा उनके बीच का कोण ज्ञात हो, तो—

पहली भुजा खींचें
↓
दिया गया कोण बनाएँ
↓
दूसरी भुजा की लंबाई काटें
↓
शेष शीर्षों को मिलाएँ
↓
त्रिभुज प्राप्त
परीक्षा उपयोगी सारांश
  • 30° का कोण 60° के कोण का आधा होता है।
  • 60° के कोण का समद्विभाजन करके 30° बनाया जा सकता है।
  • 60° और 90° के बीच का कोण 30° होता है और उसके समद्विभाजन से 75° प्राप्त किया जा सकता है।
  • दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण ज्ञात होने पर त्रिभुज की रचना पटरी और परकार से की जा सकती है।
  • रचना में दी गई लंबाइयों और कोण के माप का पालन आवश्यक है।
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Topic 3 शून्य कोण एवं न्यून कोण

शून्य कोण एवं न्यून कोण

कोणों के सात प्रकार

पाठ्यपुस्तक के अनुसार कोण कुल सात प्रकार के होते हैं—

  1. शून्य कोण
  2. न्यून कोण
  3. समकोण
  4. अधिक कोण
  5. ऋजु / सरल कोण
  6. वृहत कोण
  7. सम्पूर्ण कोण

शून्य कोण

यदि कोण बनाने वाली दोनों किरणों के बीच का झुकाव शून्य हो और दोनों किरणें एक-दूसरे पर पूरी तरह संपाती हों, तो ऐसा कोण शून्य कोण कहलाता है।

शून्य कोण = 0°

परीक्षा में लिखने योग्य परिभाषा

जिस कोण में प्रारम्भिक और अन्तिम भुजा एक ही स्थिति में हों तथा उनके बीच का झुकाव 0° हो, उसे शून्य कोण कहते हैं।

न्यून कोण

ऐसा कोण जो 0° से बड़ा परन्तु 90° से छोटा हो, न्यून कोण कहलाता है।

0° < न्यून कोण < 90°

जैसे—

12°, 30°, 45°, 48°,
55°, 62°, 67°, 71°, 76°
62°

न्यून कोण के दैनिक उदाहरण

पाठ्यपुस्तक में न्यून कोण को समझाने के लिए पेड़ की ओर देखने की दिशा, ढलान और दीवार से लगी सीढ़ी जैसे उदाहरण दिए गए हैं। इन स्थितियों में बनने वाला छोटा कोण 90° से कम होता है।

ऊर्ध्वाधर न्यून कोण

जब दो रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं, तो उनके आमने-सामने बनने वाले कोण ऊर्ध्वाधर कोण कहलाते हैं और उनका माप बराबर होता है।

यदि ऐसे कोण न्यून कोण हों, तो उन्हें ऊर्ध्वाधर न्यून कोण कहा जा सकता है।

75° 75°

न्यूनकोण त्रिभुज

ऐसा त्रिभुज जिसके तीनों कोण न्यून कोण हों, न्यूनकोण त्रिभुज कहलाता है।

45° 55° 80° B C A
45° < 90°

55° < 90°

80° < 90°

इसलिए इस त्रिभुज के तीनों कोण न्यून कोण हैं।

त्रिभुज का तीसरा कोण

त्रिभुज के तीनों अन्तः कोणों का योग हमेशा 180° होता है।

∠A + ∠B + ∠C
= 180°

उदाहरण — 45° और 75° दिए हों

45° + 75° + x
= 180°

120° + x
= 180°

x
= 60°

अतः तीसरा कोण 60° होगा।

उदाहरण — 65° और 39° दिए हों

65° + 39° + x
= 180°

104° + x
= 180°

x
= 76°

अतः तीसरा कोण 76° होगा।

परीक्षा में लिखने योग्य परिभाषा — न्यून कोण

0° से अधिक तथा 90° से कम माप वाले कोण को न्यून कोण कहते हैं।

परीक्षा उपयोगी सारांश
  • 0° के कोण को शून्य कोण कहते हैं।
  • शून्य कोण में दोनों किरणें एक-दूसरे पर संपाती होती हैं।
  • 0° से अधिक तथा 90° से कम कोण न्यून कोण है।
  • ऊर्ध्वाधर कोणों का माप बराबर होता है।
  • जिस त्रिभुज के तीनों कोण 90° से कम हों, वह न्यूनकोण त्रिभुज कहलाता है।
  • त्रिभुज के तीनों अन्तः कोणों का योग 180° होता है।

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Topic 5 अधिक कोण एवं अधिककोण त्रिभुज

अधिक कोण एवं अधिककोण त्रिभुज

अधिक कोण

ऐसा कोण जिसका माप 90° से अधिक तथा 180° से कम हो, अधिक कोण कहलाता है।

90° < अधिक कोण < 180°

जैसे—

105°, 116°, 120°,
135°, 150°, 170°
150°

अधिक कोण के उदाहरण

पाठ्यपुस्तक में घर की छत की आकृति, खुला हुआ लैपटॉप तथा 150° का कोण अधिक कोण को समझाने के उदाहरण के रूप में दिए गए हैं।

सम्पूरक कोण से संबंध

यदि किसी अधिक कोण के साथ ऐसा दूसरा कोण लिया जाए कि दोनों का योग 180° हो, तो दूसरा कोण न्यून कोण होगा।

जैसे—

150° + 30°
= 180°

यहाँ 150° अधिक कोण है और 30° न्यून कोण है।

अधिककोण त्रिभुज

ऐसा त्रिभुज जिसमें एक कोण 90° से अधिक तथा शेष दोनों कोण न्यून कोण हों, अधिककोण त्रिभुज कहलाता है।

अधिक कोण A B C

किसी त्रिभुज में केवल एक ही अधिक कोण हो सकता है, क्योंकि त्रिभुज के तीनों कोणों का कुल योग 180° होता है।

ऊर्ध्वाधर अधिक कोण

दो प्रतिच्छेदी रेखाओं के आमने-सामने बनने वाले ऊर्ध्वाधर कोण बराबर होते हैं।

यदि उनमें से एक अधिक कोण हो, तो उसका सामने वाला ऊर्ध्वाधर कोण भी उतने ही माप का अधिक कोण होगा।

105° 105°

कोणों की पहचान

स्रोत में निम्न कोणों की पहचान कराई गई है—

कोण प्रकार
67° न्यून कोण
116° अधिक कोण
73° न्यून कोण
150° अधिक कोण

अर्थात कोण की पहचान करते समय उसके माप की तुलना 90° और 180° से करनी चाहिए।

परीक्षा में लिखने योग्य परिभाषा

90° से अधिक तथा 180° से कम माप वाले कोण को अधिक कोण कहते हैं। जिस त्रिभुज का एक कोण अधिक कोण तथा शेष दोनों कोण न्यून कोण हों, उसे अधिककोण त्रिभुज कहते हैं।

याद रखने की सरल विधि

90° से अधिक
+
180° से कम
=
अधिक कोण
परीक्षा उपयोगी सारांश
  • अधिक कोण 90° से अधिक तथा 180° से कम होता है।
  • 150° अधिक कोण का उदाहरण है।
  • अधिक कोण का 180° तक का सम्पूरक भाग न्यून कोण होता है।
  • एक अधिककोण त्रिभुज में केवल एक अधिक कोण होता है।
  • ऊर्ध्वाधर कोण बराबर होते हैं।
  • 116° और 150° अधिक कोण हैं, जबकि 67° और 73° न्यून कोण हैं।

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Topic 6 ऋजु कोण, वृहत कोण एवं सम्पूर्ण कोण

ऋजु कोण, वृहत कोण एवं सम्पूर्ण कोण

ऋजु कोण / सरल कोण

ऐसा कोण जिसकी दोनों किरणें एक-दूसरे की विपरीत दिशा में हों और जिसका माप ठीक 180° हो, ऋजु कोण अथवा सरल कोण कहलाता है।

ऋजु कोण
= 180°
180°

ऋजु कोण से संबंधित तथ्य

  • ऋजु कोण का माप 180° होता है।
  • यह दो समकोणों के बराबर होता है।
  • 60° के तीन कोण मिलकर एक ऋजु कोण बनाते हैं।
90° + 90°
= 180°

60° + 60° + 60°
= 180°

वृहत कोण

ऐसा कोण जो 180° से बड़ा परन्तु 360° से छोटा हो, वृहत कोण कहलाता है।

180° < वृहत कोण < 360°

जैसे—

185°, 230°, 290°, 305°
230°

290° किस प्रकार का कोण है?

290° > 180°

290° < 360°

अतः 290°
= वृहत कोण

सम्पूर्ण कोण

जिस कोण का माप ठीक 360° हो, उसे सम्पूर्ण कोण कहते हैं।

एक पूर्ण चक्कर लगाने के बाद प्रारम्भिक भुजा पुनः अपनी प्रारम्भिक स्थिति में आ जाती है। इस प्रकार बना कोण सम्पूर्ण कोण कहलाता है।

सम्पूर्ण कोण
= 360°
360°

एक सम्पूर्ण कोण में कितने समकोण?

360° ÷ 90°
= 4

अतः एक सम्पूर्ण कोण में 4 समकोण होते हैं।

वृत्त की 24 तीलियों के बीच का कोण

यदि किसी चक्र में 24 तीलियाँ समान दूरी पर लगी हों, तो आसन्न तीलियों के बीच का कोण होगा—

360° ÷ 24

= 15°

अतः आसन्न तीलियों के बीच का कोण 15° होगा।

सभी सात प्रकार के कोण एक साथ

कोण का प्रकार माप
शून्य कोण
न्यून कोण 0° से अधिक, 90° से कम
समकोण 90°
अधिक कोण 90° से अधिक, 180° से कम
ऋजु कोण 180°
वृहत कोण 180° से अधिक, 360° से कम
सम्पूर्ण कोण 360°

दिए गए कोणों की पहचान

10°
→ न्यून कोण

90°
→ समकोण

170°
→ अधिक कोण

180°
→ ऋजु कोण

230°
→ वृहत कोण

360°
→ सम्पूर्ण कोण

महत्वपूर्ण सावधानी

कोणों का वर्गीकरण करते समय असमानता के चिन्ह सही रखने चाहिए—

न्यून कोण:
0° < θ < 90°

अधिक कोण:
90° < θ < 180°

वृहत कोण:
180° < θ < 360°

इस प्रकार 90°, 180° और 360° को उनके अलग-अलग निश्चित वर्गों में रखा जाता है।

परीक्षा में लिखने योग्य परिभाषाएँ

ऋजु कोण: 180° माप वाले कोण को ऋजु अथवा सरल कोण कहते हैं।

वृहत कोण: 180° से अधिक तथा 360° से कम माप वाले कोण को वृहत कोण कहते हैं।

सम्पूर्ण कोण: 360° माप वाले कोण को सम्पूर्ण कोण कहते हैं।

एक नज़र में पूरा अध्याय

0°
= शून्य कोण

0° से 90° के बीच
= न्यून कोण

90°
= समकोण

90° से 180° के बीच
= अधिक कोण

180°
= ऋजु कोण

180° से 360° के बीच
= वृहत कोण

360°
= सम्पूर्ण कोण
परीक्षा उपयोगी सारांश
  • कोण कुल सात प्रकार के बताए गए हैं।
  • 0° का कोण शून्य कोण है।
  • 0° से अधिक और 90° से कम कोण न्यून कोण है।
  • 90° का कोण समकोण है।
  • 90° से अधिक और 180° से कम कोण अधिक कोण है।
  • 180° का कोण ऋजु कोण है।
  • 180° से अधिक और 360° से कम कोण वृहत कोण है।
  • 360° का कोण सम्पूर्ण कोण है।
  • एक सम्पूर्ण कोण में चार समकोण होते हैं।
  • 60° के तीन कोण मिलकर एक ऋजु कोण बनाते हैं।
  • 24 समान तीलियों वाले चक्र में आसन्न तीलियों के बीच का कोण 15° होता है।

अभ्यास प्रश्न

अध्याय पूरा पढ़ने के बाद अपनी तैयारी जाँचने के लिए इन महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास करें।

Q 1

60° का कोण कहलाता है—

व्याख्या: 60° का माप 0° से अधिक तथा 90° से कम है, इसलिए यह न्यून कोण है।
Q 2

दो समकोणों का योग होगा—

व्याख्या: एक समकोण 90° का होता है। अतः दो समकोणों का योग 90° + 90° = 180° होगा।
Q 3

कोण कितने प्रकार के होते हैं—

व्याख्या: पाठ्यपुस्तक के अनुसार कोण सात प्रकार के होते हैं— शून्य, न्यून, सम, अधिक, ऋजु, वृहत और सम्पूर्ण कोण।
Q 4

90° से 180° के मध्य माप वाले कोण कहलाते हैं—

व्याख्या: 90° से अधिक तथा 180° से कम माप वाले कोण को अधिक कोण कहते हैं।
Q 5

दो ऋजु कोणों के माप का योग बराबर होगा—

व्याख्या: एक ऋजु कोण 180° का होता है। अतः दो ऋजु कोणों का योग 180° + 180° = 360° होगा।
Q 6

अन्य कोणों को परिभाषित करने का प्रमुख आधार है—

व्याख्या: पाठ्यपुस्तक में समकोण को अन्य कोणों के वर्गीकरण का आधार बताया गया है। समकोण का माप 90° होता है।
Q 7

एक सम्पूर्ण कोण में कितने समकोण बनेंगे—

व्याख्या: सम्पूर्ण कोण 360° तथा समकोण 90° का होता है। इसलिए 360° ÷ 90° = 4 समकोण।
Q 8

एक ऋजु कोण 60° के कितने कोणों के बराबर होगा—

व्याख्या: ऋजु कोण 180° का होता है और 180° ÷ 60° = 3। अतः एक ऋजु कोण 60° के तीन कोणों के बराबर है।
Q 9

समकोण का उदाहरण है—

व्याख्या: चौकोर मेज के कोनों पर 90° के कोण बनते हैं, इसलिए यह समकोण का सामान्य उदाहरण है।
Q 10

न्यून कोण का माप होता है—

व्याख्या: 0° से अधिक और 90° से कम माप वाले कोण को न्यून कोण कहते हैं।
Q 11

जिस कोण का माप 0° हो, उसे कहते हैं—

व्याख्या: जिस कोण में दोनों किरणों के बीच का झुकाव शून्य हो, उसका माप 0° होता है और उसे शून्य कोण कहते हैं।
Q 12

290° का कोण किस श्रेणी में आता है?

व्याख्या: 290° का माप 180° से अधिक तथा 360° से कम है, इसलिए यह वृहत कोण है।
Q 13

सम्पूर्ण कोण का माप होता है—

व्याख्या: एक पूरा चक्कर 360° का होता है। इसलिए 360° के कोण को सम्पूर्ण कोण कहते हैं।
Q 14

एक चक्र में 24 तीलियाँ समान दूरी पर हों, तो दो आसन्न तीलियों के बीच का कोण होगा—

व्याख्या: पूरा चक्र 360° का होता है। इसलिए 360° ÷ 24 = 15°।
Q 15

किसी त्रिभुज के दो कोण 65° और 39° हैं, तो तीसरा कोण होगा—

व्याख्या: त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है। इसलिए तीसरा कोण = 180° − (65° + 39°) = 76°।

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पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्न

UP D.El.Ed Semester 1 के विषय गणित के अध्याय कोण के प्रकार तथा उनकी रचना से पिछले वर्षों की परीक्षाओं में पूछे गए लघु उत्तरीय प्रश्न वर्ष सहित दिए गए हैं।

Q 1 2016

पटरी और परकार की सहायता से 60° का कोण बनाइए।

Q 2 2016

पटरी और परकार की सहायता से 30° का कोण बनाइए।

Q 3 2017, 2019, 2020, 2023

पटरी और परकार की सहायता से 90° का कोण बनाइए।

Q 4 2022

पटरी एवं परकार की सहायता से 120° का कोण बनाइए।

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Practice More Questions

इसी semester और subject के MCQ Tests तथा Previous Year Papers practice करके अपनी तैयारी को और मजबूत बनाइए।

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