वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. सूचना को स्थानान्तरित करने की प्रक्रिया को-
(a) टोपोलॉजी कहते हैं
(b) प्रयोगशाला कहते हैं
(c) संचार कहते हैं
(d) आँकड़ा कहते हैं
उत्तर: (c) : सूचना या संदेश को एक व्यक्ति अथवा स्थान से दूसरे तक पहुँचाने की प्रक्रिया को संचार (Communication) कहते हैं। संचार के प्रमुख घटक प्रेषक, संदेश, माध्यम तथा प्राप्तकर्ता हैं।
प्रश्न 2. संचार की प्रक्रिया में मूल तत्व है-
(a) सूचना स्रोत
(b) प्रसारण
(c) प्राप्ति
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) : संचार प्रक्रिया में सूचना स्रोत, प्रसारण तथा प्राप्ति सभी आवश्यक तत्व हैं। अतः सही उत्तर उपर्युक्त सभी है।
प्रश्न 3. सूचना का प्रसारण तथा प्राप्ति एक साथ सम्भव है-
(a) सिम्प्लेक्स में
(b) हाफ ड्यूप्लेक्स में
(c) फुल ड्यूप्लेक्स में
(d) उपर्युक्त सभी में
उत्तर: (c) : फुल ड्यूप्लेक्स संचार में दोनों पक्ष एक ही समय में सूचना भेज और प्राप्त कर सकते हैं। टेलीफोन पर बातचीत इसका सामान्य उदाहरण है।
प्रश्न 4. प्रसार भारती का गठन कब हुआ?
(a) 23 नवम्बर, 1987 में
(b) 23 नवम्बर, 1997 में
(c) 23 नवम्बर, 2001 में
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (b) : प्रसार भारती का गठन 23 नवम्बर, 1997 को हुआ। यह भारत का सार्वजनिक सेवा प्रसारक है, जिसके प्रमुख घटक आकाशवाणी और दूरदर्शन हैं।
प्रश्न 5. EDUSAT का पूरा नाम है-
(a) एजुकेशनल सेटअप
(b) एजुकेशनल स्टार्टअप
(c) एजुकेशनल सैटेलाइट
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (c) : EDUSAT का पूरा नाम Educational Satellite (शैक्षिक उपग्रह) है। इसे GSAT-3 भी कहा जाता है। ISRO ने इसे 20 सितम्बर, 2004 को प्रक्षेपित किया था। इसका प्रमुख उद्देश्य उपग्रह आधारित दूरस्थ शिक्षा को बढ़ावा देना था।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के कौन-कौन से साधन हैं?
उत्तर: कम्प्यूटर, इंटरनेट, मोबाइल, रेडियो, दूरदर्शन, ई-मेल तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आदि ICT के प्रमुख साधन हैं।
प्रश्न 7. प्रौद्योगिकी से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: वैज्ञानिक ज्ञान, कौशल और तकनीकों का व्यावहारिक कार्यों एवं समस्याओं के समाधान में उपयोग प्रौद्योगिकी (Technology) कहलाता है।
प्रश्न 8. कम्प्यूटर सिस्टम के अंग कौन-कौन से हैं?
उत्तर: कम्प्यूटर सिस्टम के मुख्य अंग हैं— इनपुट यूनिट, केन्द्रीय प्रक्रमण इकाई (CPU), मेमोरी/स्टोरेज तथा आउटपुट यूनिट।
प्रश्न 9. सर्च इंजन क्या है?
उत्तर: इंटरनेट पर आवश्यक वेबसाइटों और सूचनाओं को खोजने में सहायता करने वाली सेवा को सर्च इंजन कहते हैं। जैसे— Google, Bing आदि।
प्रश्न 10. शैक्षिक रेडियो को संक्षिप्त में समझाइए।
उत्तर: शिक्षा एवं ज्ञान से सम्बन्धित कार्यक्रमों के प्रसारण हेतु रेडियो के उपयोग को शैक्षिक रेडियो कहते हैं।
प्रश्न 11. टेलीकॉन्फ्रेंसिंग के कितने प्रकार हैं?
उत्तर: टेलीकॉन्फ्रेंसिंग मुख्यतः तीन प्रकार की होती है— ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तथा कम्प्यूटर कॉन्फ्रेंसिंग।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. सीडी-रोम से आपका क्या आशय है?
उत्तर: सीडी-रोम (CD-ROM) का पूरा नाम Compact Disc Read-Only Memory है। यह एक ऑप्टिकल स्टोरेज माध्यम है जिसमें पहले से संग्रहीत डेटा को पढ़ा जा सकता है, लेकिन सामान्यतः उसमें नया डेटा लिखा या मौजूदा डेटा बदला नहीं जा सकता।
सीडी-रोम की विशेषताएँ-
- इसकी सामान्य संग्रहण क्षमता लगभग 650 से 700 MB होती है।
- डेटा को ऑप्टिकल तकनीक द्वारा पढ़ा जाता है।
- यह हल्की तथा आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने योग्य होती है।
- इसे पढ़ने के लिए CD/DVD जैसे उपयुक्त ऑप्टिकल ड्राइव की आवश्यकता होती है।
- इसमें संग्रहीत डेटा केवल पढ़ने के लिए होता है।
सीडी-रोम के उपयोग-
- सॉफ्टवेयर, शैक्षिक सामग्री तथा मल्टीमीडिया सामग्री के वितरण में।
- दस्तावेज, चित्र, ऑडियो, वीडियो तथा अन्य डिजिटल डेटा के संग्रह में।
प्रश्न 13. वेब पोर्टल क्या है?
उत्तर: वेब पोर्टल (Web Portal) ऐसी वेबसाइट है जो उपयोगकर्ता के लिए विभिन्न सूचनाओं, सेवाओं, वेबसाइटों तथा ऑनलाइन संसाधनों तक पहुँच के लिए एक प्रवेशद्वार का कार्य करती है। यह सामान्यतः किसी विशेष विषय या अनेक सेवाओं से सम्बन्धित सामग्री को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराती है।
Yahoo, MSN तथा India.gov.in आदि वेब पोर्टल के उदाहरण हैं।
प्रश्न 14. डिजिटल प्रोजेक्ट विकास की आवश्यकता एवं महत्व को लिखिए।
उत्तर: डिजिटल प्रोजेक्ट विकास में डिजिटल तकनीकों की सहायता से किसी कार्य, सेवा या समस्या के समाधान के लिए डिजिटल सामग्री अथवा प्रणाली विकसित की जाती है। इसकी आवश्यकता एवं महत्व निम्नलिखित हैं-
- कार्यक्षमता में वृद्धि: डिजिटल साधनों से कार्य अधिक शीघ्र एवं व्यवस्थित रूप से किया जा सकता है।
- समय और लागत की बचत: अनेक प्रक्रियाओं के स्वचालन से समय, श्रम और व्यय कम होता है।
- सूचना की सुलभता: डिजिटल डेटा को संग्रहित, खोज और साझा करना सरल होता है।
- नवाचार: डिजिटल प्रोजेक्ट नई सेवाओं और कार्य-विधियों के विकास में सहायता करते हैं।
- बेहतर प्रबंधन: उपलब्ध आँकड़ों के आधार पर योजना, निगरानी और निर्णय लेना आसान होता है।
प्रश्न 15. ई-पुस्तकालय का उपयोग स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: ई-पुस्तकालय (E-Library) डिजिटल रूप में उपलब्ध पुस्तकों, शोध-पत्रों, पत्रिकाओं तथा अन्य अध्ययन-सामग्री का संगठित संग्रह है, जिसे कम्प्यूटर या अन्य डिजिटल उपकरणों की सहायता से प्राप्त किया जा सकता है। इसके प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं-
- अध्ययन-सामग्री को शीघ्र खोजा और प्राप्त किया जा सकता है।
- एक ही स्थान से बड़ी मात्रा में डिजिटल सामग्री उपलब्ध होती है।
- समय एवं संसाधनों की बचत होती है।
- विद्यार्थी अपनी आवश्यकता के अनुसार विषय-वस्तु का अध्ययन कर सकते हैं।
- ई-बुक, शोध-पत्र, पत्रिका तथा अन्य डिजिटल दस्तावेज आसानी से उपलब्ध होते हैं।
प्रश्न 16. ऑनलाइन परीक्षाओं के प्रमुख उद्देश्य को समझाइए।
उत्तर: ऑनलाइन परीक्षाओं के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
- परीक्षा की पहुँच बढ़ाना: डिजिटल माध्यम द्वारा विभिन्न स्थानों पर परीक्षा आयोजित करना सरल होता है।
- समय और लागत की बचत: कागज, मुद्रण तथा अनेक प्रशासनिक कार्यों की आवश्यकता कम होती है।
- शीघ्र मूल्यांकन: वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का मूल्यांकन स्वचालित रूप से किया जा सकता है और परिणाम शीघ्र प्राप्त होते हैं।
- मानकीकरण एवं सुरक्षा: प्रश्नों, समय-सीमा तथा परीक्षा प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं नियंत्रित किया जा सकता है।
- रिकॉर्ड प्रबंधन: परीक्षार्थियों के उत्तर, अंक तथा परिणाम डिजिटल रूप में सुरक्षित और व्यवस्थित रखे जा सकते हैं।
प्रश्न 17. शिकायत पोर्टल पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर: शिकायत पोर्टल ऐसा ऑनलाइन माध्यम है जिसके द्वारा नागरिक किसी विभाग या सार्वजनिक सेवा से सम्बन्धित शिकायत दर्ज कर सकते हैं तथा उसके निस्तारण की स्थिति जान सकते हैं।
भारत सरकार का CPGRAMS (Centralised Public Grievance Redress and Monitoring System) ऐसा ही ऑनलाइन शिकायत निवारण मंच है। इसके माध्यम से शिकायत सम्बन्धित मंत्रालय, विभाग या सार्वजनिक प्राधिकरण तक पहुँचाई जाती है तथा पंजीकरण संख्या के माध्यम से उसकी स्थिति देखी जा सकती है।
प्रश्न 18. यूनीफॉर्म विषयक आँकड़ों हेतु डिजिटलाइजेशन की आवश्यकता को लिखिए।
उत्तर: विद्यालयों में यूनिफॉर्म से सम्बन्धित आँकड़ों के डिजिटलीकरण से लाभार्थियों, धनराशि तथा वितरण का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा जा सकता है। इसकी आवश्यकता निम्नलिखित कारणों से है-
- यूनिफॉर्म के लिए आवश्यक कुल धनराशि का सही आकलन किया जा सकता है।
- लाभार्थी विद्यार्थियों की संख्या एवं विवरण का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा जा सकता है।
- वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है।
- दोहरी प्रविष्टि, छूटी हुई प्रविष्टि तथा अन्य रिकॉर्ड सम्बन्धी त्रुटियों को कम किया जा सकता है।
- डिजिटल आँकड़ों के आधार पर योजना, निगरानी तथा रिपोर्ट तैयार करना अधिक सरल होता है।
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